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February mai kaun se grah badlenge raashi

February Grah Gochar 2026, february planetary transit 2026, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि फ़रवरी 2026 में, Masik Rashifal 12 राशियों का,  February  horoscope 2026. February 2026 Grah Gochar :  फरवरी 2026 में गोचर कुंडली में बहुत महत्त्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं जिसका असर हमे सभी तरफ देखने को मिलेगा | देश और दुनिया में राजनिति में, मौसम में, प्रेम जीवन में, कारोबार में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे  |  February 2026 mai kaun se grah badlenge rashi आइये जानते हैं की फ़रवरी 2026 में गोचर कुंडली में क्या बदलाव होंगे ?: 1 February ko Shukra Uday Honge . 3 फरवरी 2026 को बुध ग्रह का गोचर कुम्भ राशि में होगा. Check Rashifal 6 फ़रवरी को शुक्र कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे.  सूर्य 13 फरवरी को कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं.  मंगल 23 फ़रवरी को कुम्भ राशि में  प्रवेश करेंगे.  26 फरवरी 2026 को बुध वक्री होंगे और 21 मार्च 2026 तक वक्री रहेंगे  इस माह 23 फ़रवरी से कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति हो जायेगी. आइये ...

Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se

Mahashivratri kab hai 2026 mai, क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान महाशिवरात्रि मे.

Mahashivratri 2026: हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है, साधनाओ को करने हेतु महाशिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. भौतिक इच्छाओं को पूरी करना हो या फिर अध्यात्मिक, शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण समय होता है अनुष्ठानो को करने के लिए |

ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि में की गई पूजा से  हजारो वर्षों की पूजा का फल मिलता है |
सन 2026 में महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी रविवार को है, चतुर्दशी तिथि 15 तारीख को शाम में लगभग 05:07 बजे से शुरू हो जायेगी और 16 तारीख को शाम में लगभग 5:35 बजे तक रहेगी |


Mahashivratri 2025 mai, क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, महाशिवरात्रि के लिए उपाय
Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se

  • यह दिव्य रात्रि पुरुष, स्त्री, प्रेमी, रोगी सभी के लिए उपयोगी है क्योंकि शिवरात्रि को हम अपनी किसी भी मनोकामना के लिए अनुष्ठान कर सकते हैं।
  • शिवरात्रि की रात पूजा और ध्यान करने से पापों का नाश संभव है।
  • इस रात को भगवान शिव और देवी पार्वती का आह्वान करने से मनोकामना पूरी होती है।
  • शिवरात्रि की रात पूजा करने से हम श्रापों से मुक्त हो सकते हैं।
  • शिवरात्रि की रात शक्तिशाली अनुष्ठान करके व्यक्ति आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के रास्ते खोल सकता है।
  • व्यक्ति जन्म कुंडली में मौजूद दोषों से दूर हो सकता है और कुंडली में मौजूद ग्रहों के बुरे प्रभाव से भी दूर हो सकता है। Mahashivratri 2026 
महाशिवरात्रि से जुड़ी 2 मान्यताएं हैं :
  1. फाल्गुन मास की चतुर्दशी को शिव, अग्नि स्तंभ के रूप में विष्णु और ब्रह्मा के सामने प्रकट हुए।
  2. इस दिन शिव और पार्वती का विवाह हुआ था।
Mahashivratri 2026: अगर पुरे विश्वास और श्रद्धा से शिवरात्रि को साधना की जाती है तो निश्चय ही सफलता कदम चूमती है. साधारणतः हमे किसी भी साधना को करने हेतु विशेष समय की जरुरत होती है. परन्तु शिवरात्रि तंत्र की दृष्टि से भी एक प्रबल रात्रि मानी गई है जब किसी भी प्रकार की साधना को किया जा सकता है. हिन्दू ग्रंथो मे भी इस विषय पर बहुत कुछ उल्लेख मिलता है जिससे इस रात्रि का महत्त्व पता चलता है.

काश्मीर शैवैज्म मे उल्लेख है की पूरा विश्व भगवान् शिव का ही प्रकटीकरण है, इस विश्व मे ऐसा कुछ नहीं जो शिव नहीं.


शिवरात्रि को शिव की कृपा का अनुभव हर भक्त कर सकते है. इस दिन और रात्रि को पुरे विश्व मे शिव भक्त शिव पूजा मे लगे रहते हैं जिससे की वातावरण शिवमय हो जाता है. शिवजी का मंदिर साधारणतः हर जगह पाया जाता है.

महा शिवरात्रि को अनेक प्रकार की पूजाएँ हो सकती है : Mahashivratri 2026

इस दिव्य और शक्तिशाली रात्रि को विभिन्न प्रकार के पूजाए की जाती है ग्रह दोषों और नकारात्मक उर्जाव से सुरक्षा हेतु. कई प्रकार के समाधान आसानी से इस रात्रि को हो जाते हैं. 
  1. अगर कुंडली मे कालसर्प दोष हो तो इस रात्रि को समाधान हेतु पूजा होती है.
  2. ग्रहण योग का समाधान भी शिवरात्रि को किया जा सकता है.
  3. नकारात्मक उर्जा से सुरक्षा हेतु भी शिवरात्रि को पूजाए होती है.
  4. तंत्र सिद्धि हेतु भी ये रात्रि उपयुक्त है.
  5. अध्यात्मिक साधक भी इस रात्रि को शिव की कृपा प्राप्त करते हैं.
  6. रोगों से छुटकारे हेतु भी इस दिन पूजा की जा सकती है.
  7. ग्रह दोषों से छुटकारे हेतु भी शिवरात्रि शुभ होती है.
  8. काले जादू से बचाव हेतु भी इस दिन उपाय किये जा सकते हैं.
  9. विवाह समस्याओं का समाधान हेतु भी इस रात्रि को पूजा होती है.
  10. अगर आप रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं तो इस रात को पूजा करके पहन सकते हैं |

सिद्धि हेतु शुभ और शक्तिशाली रात्रि :

इस रात्रि को सिद्धि हेतु साधना की जाती है अतः जो लोग मंत्र सिद्धि , तंत्र सिद्धि करना चाहते है वो इस रात्रि को गुरु के सानिध्य मे साधना करते हैं. इसमे कोई शक नहीं की गुरु और शिव कृपा से सिद्धि अवश्य मिलती है.
  • इस दिव्य रात्री की पूजा जीवन को बदलने, गुण, धन, ज्ञान और समग्र सफलता प्राप्त करने में मदद करती है।
  • भगवान शिव के आशीर्वाद से भौतिकवादी सफलता मिल सकती है |
  • जो लोग आध्यात्मिक मार्ग में आगे बढ़ना चाहते हैं, वे भी शिवरात्रि की रात ध्यान, पूजा-अर्चना कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
  • महाशिवरात्रि की रात अनुष्ठान करने से व्यक्ति बुरी नजर के प्रभाव, काले जादू के डर से दूर हो सकता है और सुरक्षा प्राप्त कर सकता है।
  • अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए इस दिन पूजा करना चाहिए |
  • भगवान शिव के आशीर्वाद से मन की शांति प्राप्त होती है |
  • भगवान शिव और देवी पार्वती के आशीर्वाद से रिश्तों में सफलता मिल सकती है। Mahashivratri 2026

शिवरात्रि की महान रात्रि पर शिवलिंग का अभिषेक करने के 11 शक्तिशाली लाभ:

  1. अगर कोई बीमारी या किसी प्रकार के सर्प संबंधी श्राप से पीड़ित है तो शिवरात्रि के दिन दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना अच्छा रहता है।
  2. अगर किसी दंपत्ति को संतान संबंधी समस्या आ रही है तो दिव्य शिवरात्रि पर दही से शिवलिंग का अभिषेक करना अच्छा रहता है।
  3. अगर कोई भक्त मोक्ष चाहता है तो शुद्ध गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक करना अच्छा रहता है।
  4. अगर किसी को बोलने की शक्ति चाहिए और विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान चाहिए तो शहद से शिवलिंग का अभिषेक करना अच्छा रहता है।
  5. अगर किसी को शांति और शांतिपूर्ण वातावरण चाहिए तो शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करना अच्छा रहता है।
  6. यदि कोई मांगलिक है या शत्रुओं से पीड़ित है तो उसे गन्ने के रस से शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।
  7. पंचगव्य यानी 5 सामग्रियों (दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर) के मिश्रण से अभिषेक करना सभी पापों को दूर करने के लिए सर्वोत्तम है।
  8. पंचामृत जल समृद्धि और प्रचुरता को बढ़ाने के लिए अच्छा है।
  9. अगर किसी को कर्ज या आर्थिक समस्या से छुटकारा पाना है तो चावल के चूर्ण से शिवलिंग का अभिषेक करना अच्छा रहता है।
  10. अगर किसी को मृत्यु का भय सता रहा है तो नींबू के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  11. अगर किसी को स्वास्थ्य और धन चाहिए तो शिवरात्रि पर चंदन के लेप से शिवलिंग का अभिषेक करें। 
जानिए नीलकंठ स्त्रोत्रम पाठ के फायदे |

आइये जानते हैं की महाशिवरात्रि को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी ?

  • सूर्य अपने शत्रु राशि कुम्भ में रहेंगे |
  • चन्द्रमा अपने सम राशि मकर में रहेंगे |
  • मंगल अपने शत्रु राशि मिथुन में रहेंगे |
  • बुध अपने सम राशि कुम्भ में रहेंगे |
  • बृहस्पति अपने शत्रु राशि वृषभ में रहेंगे |
  • शुक्र अपने उच्च राशि मीन में रहेंगे |
  • शनि स्व राशि कुम्भ में रहेंगे |
  • राहू और केतु अपने मित्र राशि में रहेंगे |
  • गोचर कुंडली में बुधादित्य योग बना रहेगा |
  • इस बार शनि और सूर्य दोनों पिता पुत्र की युति बनी रहेगी |

कुछ सावधानियां जो की शिवरात्रि को रखनी चाहिए :

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ये रात्री साधना के लिए है और इस दिन और रात को लोग विभिन्न प्रकार की पूजाएँ, टोटके आदि करते हैं अतः कुछ सावधानियां रखनी चाहिए. जहा लोग सबकी भलाई के लिए प्रयोग करते हैं वही कुछ नकारात्मक विचारधारा के लोग गलत प्रयोग करने से भी नहीं चुकते हैं. अतः सावधानी ही सुरक्षा है.
  • अगर कुंडली मे ग्रहों की स्थिति कमजोर है तो घर से इस रात्रि को नहीं निकलना चाहिए और शिव-आराधना करनी चाहिए.
  • अगर कुंडली मे ग्रहण योग हो किसी प्रकार का तो भी इस रात्रि को भटकना नहीं चाहिए.
  • अगर कुंडली मे अंगारक योग हो तो भी इस रात्री को पूजा पाठ मे समय बिताना चाहिए.
  • इस रात्रि को मांस – मदीरा का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
  • इस दिन सेक्स भी नहीं करना चाहिए.
  • अगर आपके शत्रु अधिक है तो इस रात्रि को घुमने के  बजाय शिव आराधना करना चाहिए.
  • किसी भी हालत मे काले जादू का सहारा नहीं लेना चाहिए अन्यथा भोगना होता है.
शिवरात्रि एक पवित्र रात्रि है जब की कोई भी शिव कृपा प्राप्त करने हेतु साधना कर सकता है. इस रात्रि को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए.

अपनी सफलता हेतु शिव पूजा करे, अपने पूर्वजो की उन्नति हेतु शिव आराधना करे, अपने परिवार के कल्याण हेतु प्रार्थना करे.

ऐसा माना जाता है की शिवजी को प्रसन्न करना आसान है , वो बहुत भोले होते हैं अतः जो भी उन्हें ह्रदय से पुकारता है , वो उनकी अवश्य सुनते हैं.

“ॐ नमः शिवाय ” मंत्र के द्वारा आसानी से उनका स्मरण किया जा सकता है. जीवन मे शुभता लाने हेतु ये मंत्र ही काफी है. Mahashivratri 2026 

शिवरात्रि के लिए 3 शक्तिशाली मंत्र :

1. Aghor Mantra Sadhna/अघोर मन्त्र साधना :

ॐ अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो घोर घोर तरेभ्यः

सर्वेभ्यस् सर्व सर्वेभ्यो नमस्तेऽस्तु रुद्र रूपेभ्यः

ॐ नमः शिवाय महादेवाय नीलकंठाय आदि रुद्राय अघोरमंत्राय अघोर रुद्राय अघोर भद्राय सर्वभयहराय मम सर्वकर्यफल प्रदाय हन हनाय ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ टं टं टं टं टं घ्रीं घ्रीं घ्रीं घ्रीं घ्रीं हर हराय सर्व अघोररुपाय त्र्यम्बकाय विरुपाक्षाय ॐ हौं हः हीं हः ग्रं ग्रं ग्रं हां हीं हूं हैं हौं हः क्षां क्षीं क्षूं क्षैं क्षौं क्षः ॐ नमः शिवाय अघोरप्रलयप्रचंड रुद्राय अपरिमितवीरविक्रमाय अघोररुद्रमंत्राय सर्वग्रहोच्चाटनाय सर्वजनवशीकरणाय सर्वतोमुख मां रक्ष रक्ष शीघ्रं हूं फट् स्वाहा ।

ॐ क्षां क्षीं क्षूं क्षैं क्षौं क्षः ॐ हां हीं हूं हैं हौं हः स्वर्गमृत्यु पाताल त्रिभुवन सच्चरित देव ग्रहाणां दानव ग्रहाणां ब्रह्मराक्षस ग्रहाणां सर्ववातग्रहाणां सर्ववेतालग्रहाणां शाकिनीग्रहाणां डाकिनीग्रहाणां सर्वभूतग्रहाणां कमिनीग्रहाणां सर्वपिंडग्रहाणां सर्वदेषग्रहाणां सर्वपस्मारग्रहाणां हन हन हन भक्षय भक्षय भक्षय विरूपाक्षाय दह दह दह हूं फट् स्वाहा ॥


अघोर मंत्र साधना के लाभ:

  • बुरी शक्तियों से छुटकारा मिलता है ।
  • हh अपनी भौतिकवादी और आध्यात्मिक इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं |
  • शत्रुओं के भय से मुक्ति मिलती है |
  • रिश्तों की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है |
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर कर सकते हिं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं |
  • प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ की बाधाएं दूर कर सकते हैं |
  • मोक्ष प्राप्ति में भी सहायक है इस रात्रि की पूजा |
  • भूत, प्रेत, बुरी नजर प्रभाव काले जादू से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं |
  • मुकदमेबाजी और अदालती मामलों में जीत हासिल करने का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं महादेव से |
  • छिपे या अनदेखे खतरों और नकारात्मक ताकतों के खिलाफ ढाल विकसित कर सकते हैं शिव रात्रि को पूजन करके |
  • अगर किसी ने मारण, मोहन, वशीकरण, उच्चाटन प्रयोग किया हो तो बचा जा सकता है shivrati को पूजन करके |  Mahashivratri 2026

2. रुद्र मंत्र साधना :

दूसरा शक्तिशाली मंत्र है रूद्र मंत्र |
|| ॐ नमो भगवते रुद्राय ||

3. मृत्युंजय मंत्र साधना :

तीसरा चमत्कारी मंत्र है भगवन शिव का महामृत्युंजय मन्त्र |

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।

शिवरात्रि पर ग्रहों का प्रभाव, kaisa rahega 2026 shivratri 12 rashiyo ke liye, shivratri ke upay 12 rashiyo ke liye.

आइये जानते हैं की महाशिवरात्रि को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी ?

इस बार गोचर कुंडली में बुधादित्य योग बना रहेगा, शनि और सूर्य की युति भी रहेगी कुम्भ राशि में, शुक्र अपने उच्च राशि मीन में रहेंगे| 
सूर्य, मंगल और बृहस्पति अपने शत्रु राशि में रहेंगे | 

आइये जानते हैं की १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा शिवरात्रि और क्या उपाय करना चाहिए ?

  1. मेष राशि : शिवरात्रि पर मेष राशि वालों के लिए यह समय कर्म और आत्मसंयम का है। दशम भाव में मंगल का उच्च होना कार्यक्षेत्र में साहस, नेतृत्व और परिश्रम का फल देगा। सूर्य-बुध-शुक्र-राहु का एकादश भाव में गोचर आय, मित्रों और सामाजिक संपर्कों को मजबूत करेगा, परंतु अहंकार से बचना आवश्यक है। चंद्रमा का दशम भाव में होना मानसिक रूप से काम के दबाव को बढ़ा सकता है। शिव उपासना से क्रोध और असंतुलन में कमी आएगी।
  2. वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों के लिए शिवरात्रि भाग्य को जागृत करने वाली है। नवम भाव में चंद्रमा और मंगल का प्रभाव धर्म, यात्रा और गुरु-कृपा का संकेत देता है। एकादश भाव में ग्रहों की अधिकता से आय के नए स्रोत बन सकते हैं। गुरु का द्वितीय भाव में होना वाणी और पारिवारिक मामलों में संयम की सीख देता है। शिव पूजन से आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति मिलेगी |
  3. मिथुन राशि : इस शिवरात्रि मिथुन राशि वालों को आत्ममंथन और परिवर्तन के संकेत मिलते हैं। गुरु का आपकी ही राशि में होना ज्ञान और सीख को बढ़ाएगा, पर निर्णय लेने में भ्रम भी दे सकता है। अष्टम भाव में मंगल और चंद्रमा अचानक घटनाओं की ओर संकेत करते हैं, इसलिए जोखिम से बचें। कुम्भ में ग्रहों का गोचर नवम भाव को सक्रिय करेगा, जिससे आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा। शिव जप विशेष लाभ देगा। |
  4. कर्क राशि : कर्क राशि के लिए यह शिवरात्रि संबंधों और साझेदारी पर केंद्रित है। सप्तम भाव में मंगल उच्च होकर ऊर्जा और कभी-कभी टकराव भी दे सकता है। चंद्रमा का सप्तम भाव में होना भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ाएगा। अष्टम भाव में कुम्भ राशि के ग्रह जीवन में गहरे परिवर्तन ला सकते हैं। शिव उपासना से दांपत्य जीवन में संतुलन और मानसिक स्थिरता आएगी |
  5. सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए यह समय सेवा, स्वास्थ्य और अनुशासन का है। षष्ठम भाव में मंगल और चंद्रमा शत्रुओं पर विजय दिला सकते हैं, पर स्वास्थ्य का ध्यान आवश्यक है। सप्तम भाव में सूर्य-बुध-शुक्र-राहु संबंधों में अपेक्षाएँ बढ़ा सकते हैं। केतु का लग्न में होना वैराग्य और आत्मचिंतन की ओर ले जाएगा। शिवरात्रि व्रत से मानसिक शुद्धि होगी | 
  6. कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों के लिए शिवरात्रि रचनात्मकता और संतान पक्ष को मजबूत करने वाली है। पंचम भाव में मंगल का उच्च होना बुद्धि, प्रतियोगिता और प्रेम में सफलता देता है। चंद्रमा भी पंचम भाव में होने से भावनाएँ गहरी होंगी। षष्ठम भाव में ग्रहों की अधिकता कार्यभार बढ़ा सकती है। शिव पूजन से एकाग्रता और निर्णय क्षमता बढ़ेगी |  
  7. तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए यह शिवरात्रि गृह, परिवार और भावनात्मक संतुलन की है। चतुर्थ भाव में मंगल-चंद्रमा से भूमि, वाहन या घर से जुड़े निर्णय संभव हैं, पर जल्दबाज़ी न करें। पंचम भाव में कुम्भ राशि के ग्रह प्रेम और शिक्षा में नए अवसर देंगे। गुरु का नवम भाव में होना भाग्य को सहारा देगा। शिव आराधना से पारिवारिक शांति मिलेगी |
  8. वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के लिए यह समय साहस, संवाद और प्रयास का है। तृतीय भाव में मंगल उच्च होकर आत्मविश्वास बढ़ाएगा। चंद्रमा का साथ भावनात्मक उतार-चढ़ाव ला सकता है। चतुर्थ भाव में ग्रहों की स्थिति घरेलू जिम्मेदारियाँ बढ़ाएगी। गुरु का अष्टम भाव में होना गूढ़ विषयों की ओर आकर्षण देगा। शिव ध्यान से भय और संशय दूर होंगे | 
  9. धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए यह शिवरात्रि धन और वाणी से जुड़ी है। द्वितीय भाव में मंगल-चंद्रमा से आर्थिक निर्णयों में सक्रियता आएगी। तृतीय भाव में ग्रहों का समूह साहस और संपर्क बढ़ाएगा। गुरु सप्तम भाव में संबंधों में मार्गदर्शन देगा। शिव पूजन से वाणी में मधुरता और धन में स्थिरता आएगी| 
  10. मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए यह शिवरात्रि आत्मबल और नई शुरुआत की है। लग्न में मंगल उच्च होकर अद्भुत ऊर्जा और निर्णय क्षमता देगा। चंद्रमा भी लग्न में होने से भावनाएँ तीव्र होंगी। द्वितीय भाव में ग्रहों की अधिकता धन और परिवार पर ध्यान केंद्रित कराएगी। शिव आराधना से अहंकार नियंत्रित होगा और सही दिशा मिलेगी |
  11. कुम्भ राशि : कुम्भ राशि वालों के लिए यह शिवरात्रि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई ग्रह आपकी ही राशि में हैं। लग्न में सूर्य-बुध-शुक्र-राहु आत्मविश्वास, आकर्षण और नए विचार देंगे, पर मानसिक अस्थिरता भी संभव है। द्वादश भाव में मंगल-चंद्रमा खर्च और एकांत की ओर ले जा सकते हैं। शिव जप से मानसिक शांति और स्पष्टता प्राप्त होगी | 
  12. मीन राशि: मीन राशि के लिए यह शिवरात्रि लाभ और सामाजिक पहचान की है। एकादश भाव में मंगल-चंद्रमा से आय और लक्ष्य पूर्ति के संकेत हैं। द्वादश भाव में कुम्भ राशि के ग्रह आध्यात्मिकता और दान की प्रेरणा देंगे। शनि का लग्न में होना जिम्मेदारियाँ बढ़ाएगा। शिव उपासना से धैर्य और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी | 
आप सभी को शिवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं |




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