Pitra Moksha Amavasya 2026 Date, पितृ मोक्ष अमावस्या का महत्तव, क्या है सर्वपितर अमावस्या, कैसे प्राप्त करे पितरों की कृपा, श्राद्ध अमवस्या की तारीख क्या है 2026 में . Pitra Moksha Amavasya 2026: हर साल हिन्दू लोग 16 दिन तक विशेष पूजा पाठ करते हैं अपने पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए, ये सोलह दिन श्राद्ध पक्ष कहलाते हैं, पितर पक्ष कहलाते हैं , कुछ जगह पर इसे महालय भी कहते हैं. भारतीय संतो ने ये दिन निकाले थे जिससे की लोग अपने जीवन को सुखमय कर सके और अपने साथ साथ अपने पूर्वजो का कल्याण भी कर सके. पितृ पक्ष की समाप्ति पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ होती है. सन 2026 में 10 October Shaniwar को श्राद्ध अमवस्या का दिन होगा | पितृ मोक्ष अमावस्या वास्तव में ये हमारा कर्त्तव्य है की हम अपने पूर्वजो को पितरो को समय समय पर याद करे और उनकी कृपा के लिए उनका धन्यवाद दे. क्यूंकि हम इस सुन्दर धरती पर अगर है तो उनके कारण. हिन्दू शाश्त्रो में पितरो को पूजने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं जिससे की लोग सुखी और संपन्न जीवन जी सके. हिन्दू पंचांग के हिसाब से आश्विन माह में ये सोलह दिन आते हैं ज...
Shukra Ka Dhani Rashi Mai Praves Hoga 29 Jan Ko, कैसे रहेगा शुक्र का धनु राशि में प्रवेश, जानिए वैदिक ज्योतिष से. शुक्र ग्रह को अंग्रेजी में वीनस कहते है, गोचर कुंडली में अभी तक शुक्र वृश्चिक राशि में चल रहा था परन्तु २९ जनवरी की रात्रि को ये धनु राशी में प्रवेश करेगा जिसके कारण जीवन में बहुत से बदलाव देखने को मिल सकते हैं, आइये देखते हैं की कैसे प्रभावित करेगा शुक्र का धनु राशी परिवर्तन. hindi jyotish me shukra ke rashi parivartan ka fal ज्योतिष के हिसाब से शुक्र ग्रह का सम्बन्ध व्यक्तिगत जीवन से ज्यादा है जैसे प्रेम, भौतिक सुख साधन, मनोरंजन आदि. अतः देखा जाए तो शुक्र का धनु राशि में आना बहुत ही सकारात्मक बदलाव लेके आ सकता है क्यूंकि धनु राशी का शुक्र मित्र का होता है जिससे लोगो में सुख प्राप्त करने की लालसा बढ़ेगी और उसके साधन भी प्राप्त होंगे. हालांकि शुक्र राशी परिवर्तन करके शनि और चन्द्रमा के साथ बैठेगा जिससे त्रिग्रही योग का निर्माण भी होगा. परन्तु देखा जाए तो शुक्र और शनि भी मित्र ही है जिससे की कोई नुक्सान नहीं करेगा. पढ़िए कमजोर शुक्र का जीवन पर प्रभाव...