षट्तिला एकादशी कब है, Shattila Ekadashi का ज्योतिष महत्त्व, kya kare sattila ekadashi ko safalta ke liye, शट्तिला एकादशी vrat kaise kare. Shattila Ekadashi: षट्तिला एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र व्रत तिथि है। यह माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है और खासकर तिल के छह प्रकार के उपयोग के कारण इसे षट्तिला नाम से जाना जाता है। इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है। Shattila Ekadashi Kab hai 📅 षट्तिला एकादशी 2026 — तारीख और तिथि वर्ष 2026 में षट्तिला एकादशी बुधवार, 14 जनवरी 2026 को है। हिंदू पंचांग के अनुसार: एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 जनवरी 2026, दोपहर लगभग 3:19 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 14 जनवरी 2026, शाम लगभग 5:53 बजे Shattila Ekadashi व्रत का मुख्य दिन/उदया तिथि: 14 जनवरी 2026 (बुधवार) पारण (व्रत खोलने का शुभ समय): 15 जनवरी 2026, प्रातः लगभग 7:15 बजे से 9:21 बजे तक Shat tila Ekadashi Ka Mahattw: षट्तिला एकादशी को भगवान विष्णु की विशेष कृपा का दिन माना जाता है। यह व्र...
ज्वेलरी व्यापार और ज्योतिष सलाह, कैसे बाधाएं अपने व्यापार को, ग्राहो का प्रभाव कैसा पड़ता है.
गहनों का व्यापार प्राचीन समय से चला आ आ रहा है और हमेशा रहेगा भी. विभिन्न धर्म के लोगो में विभन्न प्रकार के ज्वेलरी पहनने का रिवाज है. लोग अपने घर के देवी देवता को भी आभुशनों से सजाते हैं.
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| Jewelry Vyapaar Aur Jyotish |
ज्योतिषीय उपाय ज्वेलरी व्यापार के लिए:
हालांकि ऐसा देखा जाता है की सुनार लोग बहुत धनी रहते हैं परन्तु ये बात सभी पर लागू नहीं होती है. ग्रहों का असर सभी पर पड़ता है और उसी आधार पर कुछ बहुत ज्यादा सफल होते हैं सुनारी में और कुछ असफल भी होते हैं.
एक सफल ज्वेलर उसे कह सकते हैं जो की बाज़ार में बदलाव के हिसाब से लोगो को गहने बना के दे और जिनके पास नए नए ग्राहक आते रहे.
सुनारी का व्यापार सट्टे से भी जुड़ा होता है क्यूंकि सोने का भाव रोज बदलता है कब क्या हो जाए इस बात की कोई जानकारी नहीं रहती है, कुछ को बहुत फायदा होता है और कुछ लोगो को बहुत घाटा हो जाता है. ऐसा भी देखा जाता है की बाजार के सही चलने पर भी कोई बहुत घाटा खाता रहता है , इसका कारण कुंडली में मौजूद खराब ग्रह होते हैं या फिर ख़राब ग्रह की दशा का असर भी हो सकता है.
अतः ये जरुरी है की अपनी कुंडली समय समय पर दिखवाते रहे और उपाय करते रहे.
अनुभव के आधार पर मैंने कई प्रकार के समस्याओं को पाया है सुनारों में जैसे :
- कई बार ग्रहनो का व्यापार बिना कारण के ही बंद होने की कगार पर आ जाता है.
- कुछ अभुशनो के व्यापारी किसी प्रतिद्वंदी द्वारा काले जादू के प्रयोग के कारण बर्बाद हो जाते हैं.
- कुछ ज्वेलरी शोरूम इसीलिए नहीं चल पाते हैं की उनके पास सही कर्मचारी नहीं रहते हैं और ग्राहक संतुष्ट नहीं हो पाते हैं.
- बहुत से ज्वेलर इसीलिए परेशान रहते हैं की लोग उनके पास से आभूषण , नग आदि खरीद के असंतुष्ट ही रहते हैं और बार बार शिकायत करते हैं.
ज्वेलरी व्यापार से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण बाते:
- ये व्यापार ग्लेमर की दुनिया से जुड़ा हुआ है.
- ये शौक़ीन लोगो के साथ जुड़ा हुआ है.
- लोग ज्वेलरी अपने स्टेटस के लिए भी खरीदते हैं.
- कुछ लोगो इसीलिए भी ज्वेलरी रखते हैं की जीवन में कठिन समय पर मदद मिल सके.
- इस व्यापार में लोगो का भरोसा बहुत महत्त्व रखता है.
- जेवेलरी व्यापार के साथ शुक्र ग्रह का बहुत घनिष्ट सम्बन्ध है.
ज्योतिष और गहनों का व्यापार:
- अगर आपके कुंडली में शुक्र मजबूत है तो इस में कोई शक नहीं की आप आसानी से इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
- अगर आपके कुंडली में शुक्र कमजोर हो तो आप उसे मजबूत करके भी लाभ बढ़ा सकते हैं.
- अगर कुंडली में वीनस ग्रह ख़राब हो तो इसकी शांति के उपाय अवश्य करे.
- अगर पत्रिका में राहू शुक्र के साथ बैठा हो तो ग्रहण योग का निर्माण करेगा और आपको नुक्सान देगा, अतः ऐसा होने पर ज्योतिष से सलाह जरुर ले.
- आपको किसी भी हालत में गंदगी से दूर रहना चाहिए अन्यथा राहू का प्रभाव बढेगा.
ज्वेलरी व्यापारियों के लिए कुछ सलाह:
- आपको माता लक्ष्मी और धन कुबेर जी की मूर्ति अपने दूकान पे रखना चाहिए और रोज धुप दीप दिखाना चाहिए.
- आप सिद्ध श्री यन्त्र को स्थापित करके भी अपने दूकान को समृद्ध बना सकते हैं.
- आपको हर अमावस्या को तर्पण करना चाहिए.
- रोज गजलक्ष्मी का पूजन करना भी आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा.
- अगर आपको अपने व्यापारिक स्थल पर कोई अजीबोगरीब गंध मिले तो उस समय अंडे या निम्बू आदि से उतरा करना चाहिए.
- अगर आपको लगता है की आपके ऊपर काले जादू का असर है तो ज्योतिष से संपर्क करके सुरक्षा के उपाय करना चाहिए.
ज्वेलरी व्यापार और ज्योतिष सलाह, कैसे बाधाएं अपने व्यापार को, ग्राहो का प्रभाव कैसा पड़ता है.

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