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Showing posts from 2019

Rashifal 2020 In hindi jyotish

राशिफल 2020 vedic ज्योतिष के अनुसार, क्या कहते हैं नए साल के सितारे, वर्षफल, जानिए नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और पारिवारिक जीवन से जुड़ी भविष्यवाणी, पढ़िए ग्रहों की चाल के बारे में ।

नया साल का मालाब है नई ख्वाहिशे, नए सपने, नई उंचाइयो को छूने के लिए नए प्रयास. आने वाला वर्ष क्या ख़ास लाने वाला है ये जानने की उत्सुकता सभी ज्योतिष प्रेमियों को होती है. हर वर्ष कुछ बड़े बदलाव जीवन में लेके आता है, कुछ लोगो के जीवन में चुनौतियाँ बढ़ जाती है, कुछ लोगो को अपार सफलता मिलती है, कुछ राशी में शनि के प्रभाव् के कारण बहुत उथल पुथल भी होता है. ये सब हम जानेगे इस लेख में.

पढ़िए २०२० में परिवारिक सुख के बारे में, प्रेम विवाह के बारे में, व्यवसाय के बारे में, विवाह आदि के बारे में. हमे ये भी जानेंगे की 2020 को खुशहाल बनाने के लिए मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ मीन राशी वालो को क्या करना चाहिए. आइये सबसे पहले वर्ष फल को जानते हैं:इस वर्ष के राजा बुध है.मंत्री चन्द्र है.बुध ग्रह के कारण चंचलता दिखने को मिलती है अतः इस नए वर्ष में बहुत ज्यादा उथल पुथल दिखने को मिल सकती है रा…

Varshfal Jyotish Dwara In Hindi

जानिए नए वर्ष का वर्षफल, ज्योतिष द्वारा कुंडली का विवरण, 2020 में क्या कहते हैं सितारे.
क्या होता है वर्ष फल ?
वर्षफल का अर्थ है का साल भर के लिए कुंडली का विवरण. इसके अंतर्गत कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखा जाता है बारीकी से और जाना जाता है की पुरे साल में स्वास्थ्य कैसा रहेगा, संपत्ति की क्या स्थिति बनेगी, प्रेम के क्या योग बन रहे हैं, नक्षत्रो का क्या असर जीवन में होने वाला है, कामकाज कैसा रहेगा और क्या करना चाहिए सुखी जीवन के लिए. जानिए ज्योतिष(www.jyotishsansar.com) से अपने कुंडली के वर्षफल के बारे में.
कुंडली का अध्ययन बहुत महत्त्वपूर्ण होता है क्यूंकि अगर किसी ख़राब ग्रह के कारण परेशानी चल रही हो या आने वाली हो तो पता चल जाता है और हम पहले से तैयार हो जाते हैं साथ ही कुछ उपाय भी कर सकते हैं ग्रहों के ख़राब प्रभाव को कम करने के लिए.  वर्षफल सभी के लिए बहुत महत्त्व रखता है. यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की साधारण राशिफल को पढने के बजाय ज्योतिष से अपनी खुद की कुंडली दिखा के उसके बारे में जानना ज्यादा महत्त्व रखता है. जानिए नए साल में आपकी कुंडली क्या कहती है विभिन्न विषयो के बारे में:…

Rukmani Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

रुक्मणी अष्टमी का महत्त्व , कौन है रुक्मणी हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, क्या करे इस दिन सफलता के लिए, कब मनाया जाता है रुक्मणी अष्टमी?

हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष महीने में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ रुक्मणी अष्टमी मनाई जाती है. भक्तगण इस कृष्ण और रुक्मणी जी की विशेष पूजा अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

मान्यता के अनुसार रुक्मणी जी माता लक्ष्मी का अवतार थी और भगवान् कृष्ण जो की विष्णु जी के अवतार थे  की पहली पत्नी थी. रुक्मणी अष्टमी के दिन हम कृष्ण मंदिरों में , इस्कोन मंदिरों में, मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन आदि में भक्तो की भीड़ को देख सकते हैं.

रुक्मणी जी राजा भिश्मिका जो की विधर्भ पर राज करते थे की पुत्री थी. उनको श्री कृष्ण से प्रेम हो गया था और वो उनसे विवाह करना चाहती थी , उनके माता पिता भी तैयार थे परन्तु भाई राजी नहीं थे. अतः कृष्ण जी ने उन्हें मंदिर से ही अपने साथ ले गए. आइये जानते हैं रुक्मणी अष्टमी का महत्त्व : ऐसी मान्यता है की रुक्मणी जी का जन्म पौष महीने में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को हुआ था अतः माता लक्ष्मी के अवतार…

Shakambhari Navratri , शाकम्भरी नवरात्री

Shakambhari Navratri Ka Mahattw Hindi Mai, क्या है शाकम्भरी नवरात्री, क्या करे सफलता के लिए.
माता शाकम्भरी शक्ति का ही रूप है और इन्ही की पूजा के लिए विशेष दिन है “शाकम्भरी नवरात्री ’. भक्तगण इन दिनों अपनी मनोकामना सिद्धि हेतु माता की आराधना करते हैं.

शाकम्भरी नवरात्री गुप्त नवरात्रियो में से एक है इसीलिए ज्यादा विख्यात नहीं है साधारण लोगो में परन्तु तांत्रिक और साधक गण इससे परिचित हैं और इस समय का पुरे साल इन्तेजार करते हैं. तंत्र, मंत्र के साधक और अध्यात्म की बढ़ने के उत्सुक लोग भी इन दिनों का इन्तेजार करते हैं.

शाकम्भरी नवरात्री को “बाणशंकरी नवरात्री” भी कहते हैं. मान्यता के अनुसार माता शाकम्भरी का सम्बन्ध हरी सब्जियों, पत्ते, फल आदि से है. इनका अवतरण भूखों को भोजन देने के लिए हुआ था.

अतः ऐसा विश्वास है की इनकी पूजा से घर मैं भोजन की कमी नहीं रहती है.
शाकम्भरी गुप्त नवरात्री का समय कब होता है?
शाकम्भरी नवरात्री हर साल पौष महीने के अष्टमी पर शुरू होता है और पूर्णिमा को ख़त्म होता है. ये नवरात्री मात्र ८ दिनों के लिए होती है. आखरी दिन को शाकम्भरी पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है.
आइ…

Panchak Ka Mahattwa Jyotish Mai, पंचक

Panchak Ka Mahattwa Jyotish Mai, पंचक क्या होते हैं, पंचक का महत्तव, क्या किये जाते हैं, क्या नहीं क्या जाता है पंचक में मान्यता के अनुसार.
वैदिक ज्योतिष में पंचक का बहुत महत्तव है, हिन्दू लोग किसी भी कार्य को करने में पंचक तिथियों का विशेष ध्यान रखते हैं. महूरत निकलने में भी पंचक तिथियों का ध्यान विशेषतः रखा जाता है. लोग साधारणतः पाचक तिथियों में कोई भी महत्त्वपूर्ण कार्यो को करना टालते हैं. इस लेख में हम पंचक को समझने का प्रयास करेंगे.

आइये जानते हैं पंचक से सम्बंधित कुछ तथ्य:अगर पंचक के समय कोई परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होती है तो ऐसा माना जाता है की परिवार के अन्य 5 सदस्यों पर भी संकट रहता है.अगर कोई आत्मा पंचक में शारीर छोड़ता है तो उसे शांति प्राप्त नहीं होती है.अगर कोई व्यक्ति पंचक तिथियों में कोई भी कार्य शुरू करता है तो उसे उस कार्य को 5 बार करना होता है.पंचक में दक्षिण की और यात्रा करने को मना किया जाता है.इन तिथियों में जमीन खरीदने बेचने को भी मना किया जाता है.फर्नीचर भी लेना या बनवाना मना किया जाता है पंचक में.किसी प्रकार का निर्माण कार्य भी शुरू करना मना किया जाता है…

Shani Ki Drishti 2020 Me in Hindi Jyotish

शनि साड़े साती २०२० , शनि ढैय्या का असर किन राशियों पर रहेगा, शनि पीड़ा से मुक्ति के उपाय, कैसे करे शनि देव को खुश, ज्योतिष द्वारा कुंडली विवेचन.

शनि जहाँ अच्छे कर्मो के परिणाम स्वरूम अपने भक्तो को कृपा पात्र बना लेते हैं वहीँ उनके बुरे कर्मो के लियर दण्ड देने से भी नहीं चूकते इसीलिए जनसाधारण में उनके लिए भय देखने को मिलता है. सही मायने में देखा जाए तो शनि देव एक न्यायप्रिय देवता है. 
जीवन में कष्ट और सुख के समय को जानने के लिए जन्म पत्रिका में शनि का अध्ययन जरुरी होता है. शनि पत्रिका के कौन से घर में बैठा है, उसकी दृष्टि कहा पर है, शनि की स्थिति क्या है आदि का अध्ययन देखा जाता है ज्योतिष द्वारा.

ज्योतिष में शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है और और ये एक राशि में ढाई वर्ष रहते हैं क्यूंकि इनकी चाल बहुत धीरे है.

शुभ शनि सादे साती के दौरान जहाँ शुभ फल प्रदान करते हैं वहीँ शुभ शनि जातक को खूब लाभ प्रदान करते हैं. कुछ लोग सादे साती के दौरान घोर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट से निकलते हैं.  आइये जानते हैं की गोचर अनुसार शनि साड़े साती और धैया कैसे निर्धारित होता हैं ज्योतिष में ?शनि गोचर में जिस…

Ravi Pushya Ka Mahatwa In Hindi

Ravi  pushya ka mahatwa in hindi jyotish, क्या करे रवि पुष्य के दिन सफलता के लिए, टोटके सफलता के लिए, क्या ख़रीदे रवि पुष्य को सम्पन्नता के लिए. १५ दिसम्बर २०१९ को रवि पुष्य योग है 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र सबसे महत्वपूर्ण नक्षत्र है और जब पुष्य नक्षत्र रविवार को आता है तो वो दिन बहुत ही पुण्यशाली बन जाता है, इसे कहते हैं रवि पुष्य योग. ये दिन किसी भी नए कार्य को करने के लिए शुभ होता है, कुछ नया खरीदने के लिए शुभ होता है, अध्यात्मिक साधना करने वालो के लिए भी बहुत महत्व रखता है, आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने के लिए भी अच्छा दिन होता है, तंत्रोक्त प्रयोगों को करने के लिए भी उपयुक्त दिन होता है.  साधारणतः लोग इस दिन सोने के गहने खरीदना पसंद करते हैं, ऐसी मान्यता है की रवि पुष्य के दिन अगर कोई अच्छा कार्य करे तो निश्चित ही सम्पन्नता जीवन मे आती है, ख़ुशी आती है, सफलता आती है. रवि पुष्य जब भी आये तो इस दिन कुछ प्रयोग जरुर करना चाहिए अपने जीवन को सफल बनाने के लिए.  आइये देखते हैं कुछ ख़ास और आसान उपाय जो की हम कर सकते हैं रवि पुष्य को:इस सिद्ध मुहुर्त में सिद्ध यन्त्र स्थापित करना चाहिए सु…

Krodh Ka Jivan Par Asar क्रोध को जानिए

Krodh Ka Jivan Par Asar क्रोध को जानिए, क्रोध और ज्योतिष, क्यों नहीं करना चाहिए गुस्सा.

जब हमे गुस्सा आता है तो कई प्रकार के नकारात्मक विचार हमारे अन्दर प्रकट होने लगते है, इनका एक कारण किसी प्रकार की निराशा भी हो सकती है, किसी प्रकार की मानसिक कमजोरी या डर भी हो सकता है.

ये स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. कभी कभी व्यक्ति खुद अपने लिए भी हानिकारक हो जाता है और दुसरो के लिए भी.

क्रोध को गुस्सा भी कहा जाता है, ये एक प्रकार का उग्र रूप होता है हमारे व्यक्तित्व का. परन्तु गुस्सा हमेशा खतरनाक नहीं होता है. अगर कोई सोच समझकर सामंजस्य के साथ इसका प्रयोग करता है तो इसके द्वारा बहुत से कार्य को करवाया जा सकता है.

हम अक्सर देखते है की कोई गुस्से से अपना मोबाइल फेक देता है, कोई घर की चीजो को फोड़ने लगता है और बाद मे उन्हे भान होता है की उनसे गलती हो गई है. इसके कारण न सिर्फ आर्थिक नुक्सान होता है बल्कि स्वास्थ्य हानि भी होती है. इस लेख मे हम देखेंगे शोध क्या बताते है क्रोध या गुस्सा के बारे मे : अगर कोई व्यक्ति लगातार गुस्सा करता है तो उसे सर दर्द की शिकायत हो सकती है क्यूंकि गुस्सा करने से सर मे ऑक…

Dattatray Jayanti Ka Mahattw in Hindi

दत्त जयंती का महत्त्व हिंदी में, गुरु दत्तात्रय जन्मदिन, दत्त पूर्णिमा को क्या करते हैं भक्त सफलता के लिए.

इस महत्त्वपूर्ण और पवित्र दिन में भक्त विशेष पूजा अर्चना करते हैं और जीवन में गुरु कृपा का आवाहन करते हैं. हर साल दिसम्बर महीने में जो पूर्णिमा आती है उसे दत्त पूर्णिमा/दत्त जयंती भी कहा जाता हैं. गुरु दत्तात्रय में ३ भगवानो की शक्ति समाहित है – ब्रह्मा, विष्णु और महेश.  इनको अवधूत और दिगंबर भी कहा जाता है. आज भी लोग भगवान् दुत्तात्रय की उपस्थिति का अनुभव प्राप्त करते हैं.

भारत के महाराष्ट्र में गुरु दत्त की पूजा बहुत ज्यादा होती है.

साधारण लोग ही नहीं अपितु तांत्रिक भी उनकी विशेष रूप से पूजा करते हैं क्यूंकि ऐसी मान्यता है की तंत्र क्रियाओं में सफलता के लिए उनकी पूजा जरुरी होती है. आइये जानते हैं दत्त भगवान् से जुडी कथा : दात्तात्रय्जी अत्री ऋषि और उनकी अर्धांगिनी अनुसिया के पुत्र हैं. ऐसी कथा प्रचलित है की अनुसिया जी ने कठोर तप किया और एक ऐसी पुत्र की कामना की जिसमे ब्रह्मा विष्णु और महेश तीनो के गुण हो. तब तीनो भगवानो ने साधू का वेश धारण करके उनकी परीक्षा लेने के लिए उनसे अपने…

Disha Shool Kya Hota Hai | ज्योतिष में दिशा शूल

Disha Shool Kya Hota Hai, ज्योतिष में दिशा शूल, दिशा शूल क्या होता है, यात्रा करते हुए किन बातो का ध्यान रखना चाहिए ज्योतिष के हिसाब से, कैसे बनाए अपने यात्रा को सफल, यात्रा में शकुन विचार.

क्या आप यात्राओं के दौरान परेशानियों का सामना करते हैं, क्या आपकी यात्रा सफल नहीं होती, क्या आप अपने व्यापारिक यात्रा को सफल बनाना चाहते हैं तो इस लेख को पढ़कर आप कुछ लाभ ले सकते हैं.

अगर आपको यात्रा करते समय भय रहता है, संशय रहता है की आपकी यात्रा सफल होगी की नहीं और आप ये जानना चाहते हैं की यात्रा को सफल कैसे करे तो आपको दिशा शूल के बारे में जानना चाहिए. इससे आप अपने यात्रा को सफल बना सकते हैं.
क्या होता है दिशा शूल ?
वैदिक ज्योतिष के हिसाब से दिशा शूल का मतलब होता है की किसी विशेष दिन किसी विशेष दिशा में यात्रा करने से होने वाली परेशानी का आना. हर वार और नक्षत्र का अपना एक दिशा शूल होता है अर्थात उन वारो में उन दिशा की तरफ यात्रा करने के लिए शाश्त्रो में मन किया जाता है और अगर व्यक्ति उस दिशा की तरफ यात्रा करता है तो अनावश्यक संकतो का सामना करना होता है.

हम यात्रा किसी ख़ास कारणों से करते हैं जैसे…

Kalsarp Yog Se Mukti Ke Liye Totke, कालसर्प दूर करने के लिए टोटके

Kalsarp Yog Se Mukti Ke Liye Totke, कालसर्प दूर करने के लिए टोटके, जन्म कुंडली में कालसर्प योग बनने के कारण क्या समस्यायें उत्पन्न होती हैं, क्या कालसर्प वाकई खतरनाक होता है, जानिए कुछ आसान टोटके कालसर्प योग से बचने के लिए hindi में, Hindi Jyotish website.

वास्तव में कालसर्प योग से जायदा डरने की जरुरत नहीं है क्यूंकि ऐसे दुसरे भी बहुत से योग कुंडली में पाए जाते हैं जो की इससे भी ज्यादा घटक होते हैं.

कालसर्प योग से तात्पर्य है 7 ग्रहों का राहू और केतु के बीच में आ जाना उदाहरण के लिए सूर्य, चन्द्र , मंगल, बुध, गुरु शुक्र, शनि अगर राहू और केतु के बीच में आ जाते हैं तो कालसर्प योग का निर्माण हो जाता है जन्म कुंडली में.

ये योग एक प्रकार का रोक पैदा करता है अर्थात जातक को कार्यो को करने में मेहनत ज्यादा करना होता है और उसका फल कम मिलता है. जिसके कारण उदासीनता, क्रोध, विषाद आदि आ जाते हैं, सही कार्य नहीं मिल पता, सही पारिश्रमिक नहीं मिल पाता है,  . सही जीवन साथी सही समय पर नहीं मिल  पाता है, विद्यार्थी सही नंबर नहीं ला पाते है, संतान समस्या उत्पन्न होती है आदि.

अतः इस लेख में कुछ आसान टोटके …

Karj Nivaran Prayog Hetu Rinmochak Strotram In Hindi

Karj Nivaran Prayog Hetu Rinmochak Strotram In Hindi, क्या होता है ऋणमोचक प्रयोग, कैसे कर्ज से बहार आये, आर्थिक परेशानी को दूर करने हेतु प्रयोग.

इस समय एक साधारण समस्या जिससे अधिकतर लोग परेशान है वो है धन को नहीं बचा पाना और आवश्यकता से अधिक खर्च होना. महंगाई के बढ़ते जाने के कारण जीवन को सरलता से जीना मुश्किल होता जा रहा है, कर्जा/ऋण बढ़ता जाता है.

धन का होना जरुरी है, बिना धन के जीवन जीना नामुमकिन है इसीलिए इस भौतिक जगत में धन को भगवान् जैसा माना जाता है. हर कोई धनोपार्जन के लिए संघर्ष कर रहा है जिससे की एक स्वस्थ और संपन्न जीवन जिया जा सके. कुछ लोगो के पास इतना धन होता है की संभाल नहीं पा रहे है और कुछ लोग अपनी जरुरत भी पूरा नहीं कर पा रहे है.
www.jyotishsansar.com के इस लेख में आप जान पायेंगे की किस प्रकार हम ऋण से बाहर आ सकते हैं और किस प्रकार हम एक अच्छा जीवन जीने का मार्ग खोल सकते हैं. क्या होता है ऋण मोचक स्तोत्र? ये एक ख़ास प्रकार का स्त्रोत है जिसका उल्लेख स्कन्द पूरण में मिलता है. इसके नित्य पाठ से हम अपने जीवन को सुगम बना सकते हैं. इसमें भगवान् मंगल के शक्ति की व्याख्या की …

Katyayni Puja For Successful Marriage In Hindi

Katyayni Puja For successful marriage in hindi, शीघ्र विवाह हेतु कात्यायनी पूजा, क्या करे विवाह की बाधाओं को हटाने हेतु, ज्योतिष द्वारा जानिए विवाह परेशानियों का कारण और समाधान. 

माँ दुर्गा का एक शक्तिशाली अवतार है माँ दुर्गा का, ऐसा भी माना जाता है की गोपियों ने कृष्ण को अपने पति रूप में पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा की थी और तभी से कन्याएं इच्छित पति को पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा करती आ रही हैं.

मार्गशीर्ष महिना इस पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है परन्तु सच्चाई ये है की महाशक्ति हर क्षण हर जगह मौजूद है अतः करने वाले अच्छा महुरत देखके इस पूजा को शुरू कर सकते हैं, या फिर किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श करके भी इस पूजा को शुरू कर सकते हैं.
आइये जानते हैं की कन्याओं के कुंडली में कौन से समस्याएं होती हैं: कुछ के कुंडली में मंगल दोष होता है, कुछ को कालसर्प होता है, कुछ के कुंडली के सातवें भाव में समस्याएं होती है, कुछ को अंगारक योग के कारण परेशानी आती हैं, कुछ को विष योग के कारण भी विवाह में देरी होती है, आदि. और इन दोषों को दूर करने के लिए विभिन्न पूजाओ का उल्लेख मिलता है शाश्त…

Mokshda Ekadashi ka Mahattw in Hindi

मोक्षदा एकादशी का महत्त्व हिंदी ज्योतिष में, क्या फायदे होते हैं जानिए, क्यों करे mokshda ekadashi ka vrat, व्रत और आसान पूजा विधि. अगर कुंडली में पितृ दोष है या फिर स्वप्न में पितरो के दर्शन हो रहे हैं, या फिर जीवन में बार बार रूकावटो के कारण समस्याएं आ रही है तो मोक्षदा एकादशी के दिन व्रत रखके पूजन करने से बहुत लाभ होते हैं.  ऐसी मान्यता है की इस व्रत के पुण्य से पितरो के लिए मोक्ष का रास्ता खुल जाता है और जीवन से पितृ दोष के कारन जो समस्याएं आ रही हो वो भी हट जाती है.

इस दिन श्रद्धा और भक्ति से विष्णु आराधना करने से पापो से मुक्ति मिलती है.

ऐसी मान्यता है की मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण के मुख से श्रीमदभगवद् गीता (Shrimad Bhagwat Geeta) का जन्म हुआ था. इसीलिए मोक्षदा एकादशी के दिन ही गीता जयंती (Gita Jayanti) भी मनाई जाती है.

इस दिन विष्णुजी की पूजा-पाठ और नामजप करने से पाप का नाश होता है. इसीलिए इस दिन पापों को नष्ट करने और पितरों के लिए मोक्ष के द्वार खोलने के लिए श्री हरि की तुलसी की मंजरी और धूप-दीप से पूजा की जाती है. आइये जानते हैं मोक्षदा एकाद…

Chandan Ke Gun Aur Faayde In Hindi

Chandan Ke Gun Aur Faayde, चन्दन क्या है और इसके कुछ प्रयोग, चन्दन और ज्योतिषीय प्रयोग, सुन्दरता के लिए चन्दन का प्रयोग.

चन्दन के नाम से हम सभी परिचित है, अंग्रेजी में इसे sandalwood के नाम से जानते हैं. चन्दन अपने विशेष गुणों के कारण बहुत प्रसिद्द है और असली चन्दन की मांग भी बहुत है. आपनी मांग और श्रेष्ठ गुणों के कारण चन्दन महंगा भी बहुत मिलता है.
चन्दन क्या है? वास्तव में चन्दन के पेड़ होते हैं , इन्ही को काट के इसमे से चन्दन निकला जाता है. इस पेड़ के ताने के अन्दर सही मायने में फायदेमंद चन्दन प्राप्त होता है जिसकी मांग बहुत है. चन्दन की तासीर ठंडी है और ये स्वस्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है, इसमे से भीनी भीनी खुसबू आती है जिसके कारण लोग इसे बहुत पसंद करते हैं, इसका प्रयोग पूजा-पाठ, दवाई बनाने, इतर बनाने आदि में किया जाता है. इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं चन्दन के कुछ सरल प्रयोग जिससे सभी स्वस्थ शारीर और सुन्दर त्वचा प्राप्त कर सकते हैं. चन्दन के कुछ ख़ास सरल प्रयोग:अगर आप कील मुहांसों से परेशान है या फिर कील मुहांसों के दाग आपकी सुन्दरता में कमी ला रहे हैं तो परेशान न हो ये करे. आधा च…

Ratno Ki Gunwatta Ke Baare Mai Kaise Jaane

Ratno Ki Gunwatta Ke Baare Mai Kaise Jaane, रत्नों की गुणवत्ता का महत्तव, अच्छे और शुभ रत्नों की पहचान क्या हो सकता है, नकली और असली रत्न.

अगर आप कभी रत्न खरीदने गए है तो निश्चित ही आपको सही रत्न खरीदने में परेशानी आई होगी, इसका कारण है की रत्नों के इतने प्रकार आ गए है आज के दौर में की असली कौन सा है और नकली कौनसा , ये समझ नहीं आता है. कुछ लोग नकली रत्न को असली रत्नों के कीमत में बेच देते हैं, कुछ तो सीधे ही नकली दे देते हैं, रोज लोग नकली रत्नों को खरीद के धोखे के शिकार हो रहे हैं. अतः ये बहुत जरुरी है की हमे रत्नों के बारे में कुछ जानकारी हो. इस लेख में हम रत्नों के के रहस्य को जानने की कोशिश करेंगे.

ज्ञान और जागरूकता ही हमे सुरक्षित रख सकता है इस कलयुग में.ऐसे कुछ परिक्षण होते हैं जो की हम आँखों और हाथो से कर सकते हैं परन्तु कुछ परिक्षण के लिए लैब की जरुरत होती है. आइये जानते हैं रत्नों के गुणवत्ता के बारे में.कुछ ऐसे परिक्षण जो की आँखों और हाथो से संभव है जैसे रत्नों के रंगों की पहचान, पारदर्शिता, चिकनापन, रत्नों के अन्दर में किसी प्रकार के धब्बे आदि.कुछ ऐसे परिक्षण जिनके लिए लैब जर…

Shivling Pooja Dwara Manorath Siddhi

Shivling Pooja Dwara Manorath Siddhi, कौन से शिवलिंग की पूजा से सफलता प्राप्त करे, कैसे दूर करे समस्याओं को शिव पूजा द्वारा, शिव लिंगों का रहस्य hindi में.

एक अमर दिव्य शक्ति जो पुरे विश्व को चला रही है वो है शिव, जो सर्वशक्तिमान है वो है भगवान् शिव, जो सर्वज्ञ है, वो है भगवान् शिव और जो सभी जगह विद्यमान है वो है शिव. इसी कारण दशको से लोग शिव पूजा में लगे हुए है और संसार सागर को पार कर रहे हैं. शिव से जुड़े ग्रंथों में भी शिवलिंग पूजा का विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है, शिवलिंग शिव का ही प्रतिक है. शिवलिंग अनादी और अनंत का प्रतिक है.

जीवन के परेशानियों से छुटकारे का सबसे सरल रास्ता है शिव पूजा, सफलता प्राप्त करने का सबसे अच्छा माध्यम है शिव पूजा. कोई भी व्यक्ति विशेष प्रकार के शिवलिंग की पूजा करके अपने समस्याओं से निजात पा सकता है. ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं शिवलिंग के रहस्य को.
क्या आप जानते हैं ?शिवलिंग अलग अलग वस्तुओं से बनाया जा सकता है.शिवलिंग के अभिषेक किये हुए जल को पीने से व्यक्ति उसी क्षण कई पापों से मुक्त हो जाता है.अगर कोई व्यक्ति किसी शिवलिंग के सामने ब…