Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Dhumawati Jayanti Ke Upaay

Dhumavati Jayanti 2024, जानिए कौन है धूमावती माता, कैसे होती है इनकी पूजा, dhumawati mata ka mantra kaun sa hai,  Dhumawati Jayanti Ke Upaay. Dhumavati Jayanti 2024:  10 महाविद्याओं में से एक हैं माँ धूमावती और ये भगवती का उग्र रूप हैं | इनकी पूजा से बड़े बड़े उपद्रव शांत हो जाते हैं, जीवन में से रोग, शोक, शत्रु बाधा का नाश होता है | माना जाता है कि धूमावती की पूजा से अलौकिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं जिससे मुसीबतों से सुरक्षा मिलती हैं, भौतिक और अध्यात्मिक इच्छाएं पूरी होती हैं| इनकी पूजा अधिकतर एकल व्यक्ति, विधवाएँ, तपस्वी और तांत्रिक करते हैं |  Dhumawati Jayanti Ke Upaay  Dhumavati Jayanti Kab aati hai ? हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को माँ धूमावती जयंती मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार , मां धूमावती धुएं से प्रकट हुई थीं और ये माता का विधवा रूप भी कहलाती है इसीलिए सुहागिन महिलाएं मां धूमावती का पूजन नहीं करती हैं, बस दूर से दर्शन करती हैं और आशीर्वाद लेती है | Read in english about Importance of Dhumawati jayanti 2024   Dhumava

Neelam Ratna Rahasya In Hindi

Neelam Ratna Rahasya In Hindi, नीलम रत्न के फायदे, कैसे प्रयोग करे नीलम का सफलता के लिए, कैसे धारण करे नीलम.

एक कठोर परन्तु सात्विक ग्रह है शनि ज्योतिष के हिसाब से और रत्न जो इसका प्रतिनिधित्व करता है वो है “नीलम”, अंग्रेजी में इसे BLUE SAPPHIRE कहते हैं. एक बहुत ही शक्तिशाली रत्न जो जीवन को बदल के रख देता है अगर कुंडली में शनि शुभ हो. धन , वैभव, सम्पन्नता, भूमि लाभ, स्वास्थ्य सभी कुछ संभव है नीलम रत्न के द्वारा. परन्तु इसे धारण करने में सावधानी रखना होता है अन्यथा नुकसान हो सकता है.
nilam ratn ke prayog in jyotish
nilam ratn aur jyotish

नीलम नौकरी पेशा लोगो को स्थाईत्व दे सकता है, एक अच्छा दिमाग दे सकता है, शारीरिक शक्ति दे सकता है, भूमि लाभ दे सकता है, साधना को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है.

शारीर के आंतरिक रोगों से छुटकारा के लिए ये शक्ति दे सकता है, आय के स्त्रोत खोल सकता है और सुखी जीवन दे सकता है.

किनके लिए नीलम शुभ हो सकता है?


शनि से सम्बन्ध होने से ये रत्न मकर और कुम्भ राशी वालो के लिए लाभदायक है, ये इनका राशि रत्न है. जिनका शनि कमजोर है कुंडली में उनके लिए भी ये लाभ दायक है. इसको धारण करके जातक शनि की कृपा प्राप्त कर सकता है.

नौकरी में तरक्की के लिए भी इसका स्तेमाल किया जा सकता है. ज्योतिष से सलाह लेके इसे धारण करना चाहिए.

क्या फायदे हो सकते हैं नीलम पहनने के?

  1. जातक इसके द्वारा नाम, पैसा, संपत्ति प्राप्त कर सकता है. 
  2. साडेसाती में ये जातक को शनि के ख़राब असर से बचा सकता है.
  3. सफलता और आय के स्त्रोत खोल सकता है. 
  4. ये नकारात्मक उर्जा और बुरी नजर से बचा सकता है.
  5. साधको के लिए भी विशेष लाभदायक है.
  6. फौजी, शल्य चिकित्सक, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं , भूमि वैज्ञानिक, वास्तु सलाहकारों आदि के लिए भी लाभदायक है.
  7. जो लोग शनि के कार्यो को करते हैं उनके लिए भी बहुत अच्छा है.
असली नीलम खरीदने हेतु यहाँ क्लिक करें

कैसे धारण करे नीलम को ?


सबसे पहले ज्योतिष से इसके वजन के बारे में पता करे फिर इसे शुभ महूरत में बनवा के शनिवार के दिन धारण करना चाहिए, पहनने से पहले पंचोपचार पूजा करे और शनि मंत्रो का जप कर ले. इसे अंगूठी या फिर पेंडेंट के रूप में धारण कर सकते हैं.

शनि पुष्य में भी इसे धारण करना शुभ होता है.

नीलम धारण करने से पहले निम्न बातो का ध्यान रखे:

  • इसमें कोई दाग या दरार न हो इस बात का ध्यान रखे.
  • सर्टिफाइड रत्न ख़रीदे जिससे कोई संशय न हो
  • सोने में या फिर अष्ट धातु में बनवाएं.
  • अच्छे समय में ही धारण करे.

नीलम के विकल्प:

बिच्छू पौधे की जड़ , जामुनिया, कला हकिक, आदि को नीलम के विकल्प के रूप में प्रयोग किया जाता है.

अगर आप शनि ग्रह से परेशान है , अगर शनि के कारण नौकरी या व्यपार में परेशानी आ रही है , अगर आपके व्यक्तिगत जीवन में परेशानी आ रही है तो घबराने की बात नहीं है, आप सलाह ले सकते हैं ज्योतिष से अभी.



और सम्बंधित लेख पढ़े :
Neelam Ratna Rahasya In Hindi, नीलम रत्न के फायदे, कैसे प्रयोग करे नीलम का सफलता के लिए, कैसे धारण करे नीलम.

Comments

Popular posts from this blog

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है.  84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे. श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास. श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पास श्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर. श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास. श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर. श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया

om kleem kaamdevay namah mantra ke fayde in hindi

कामदेव मंत्र ओम क्लीं कामदेवाय नमः के फायदे,  प्रेम और आकर्षण के लिए मंत्र, शक्तिशाली प्रेम मंत्र, प्रेम विवाह के लिए सबसे अच्छा मंत्र, सफल रोमांटिक जीवन के लिए मंत्र, lyrics of kamdev mantra। कामदेव प्रेम, स्नेह, मोहक शक्ति, आकर्षण शक्ति, रोमांस के देवता हैं। उसकी प्रेयसी रति है। उनके पास एक शक्तिशाली प्रेम अस्त्र है जिसे कामदेव अस्त्र के नाम से जाना जाता है जो फूल का तीर है। प्रेम के बिना जीवन बेकार है और इसलिए कामदेव सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका आशीर्वाद जीवन को प्यार और रोमांस से भरा बना देता है। om kleem kaamdevay namah mantra ke fayde in hindi कामदेव मंत्र का प्रयोग कौन कर सकता है ? अगर किसी को लगता है कि वह जीवन में प्रेम से वंचित है तो कामदेव का आह्वान करें। यदि कोई एक तरफा प्रेम से गुजर रहा है और दूसरे के हृदय में प्रेम की भावना उत्पन्न करना चाहता है तो इस शक्तिशाली कामदेव मंत्र से कामदेव का आह्वान करें। अगर शादी के कुछ सालों बाद पति-पत्नी के बीच प्यार और रोमांस कम हो रहा है तो इस प्रेम मंत्र का प्रयोग जीवन को फिर से गर्म करने के लिए करें। यदि शारीरिक कमजोरी

Mrityunjay Sanjeevani Mantra Ke Fayde

MRITYUNJAY SANJEEVANI MANTRA , मृत्युंजय संजीवनी मन्त्र, रोग, अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाला मन्त्र |  किसी भी प्रकार के रोग और शोक से बचाता है ये शक्तिशाली मंत्र |  रोग, बुढ़ापा, शारीरिक कष्ट से कोई नहीं बचा है परन्तु जो महादेव के भक्त है और जिन्होंने उनके मृत्युंजय मंत्र को जागृत कर लिए है वे सहज में ही जरा, रोग, अकाल मृत्यु से बच जाते हैं |  आइये जानते हैं mrityunjaysanjeevani mantra : ऊं मृत्युंजय महादेव त्राहिमां शरणागतम जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः।। Om mriyunjay mahadev trahimaam sharnagatam janm mrityu jara vyadhi peeditam karm bandanah || मृत्युंजय संजीवनी मंत्र का हिंदी अर्थ इस प्रकार है : है कि हे मृत्यु को जीतने वाले महादेव मैं आपकी शरण में आया हूं, मेरी रक्षा करें। मुझे मृत्यु, वृद्धावस्था, बीमारियों जैसे दुख देने वाले कर्मों के बंधन से मुक्त करें।  Mrityunjay Sanjeevani Mantra Ke Fayde आइये जानते हैं मृत्युंजय संजीवनी मंत्र के क्या क्या फायदे हैं : भोलेनाथ दयालु है कृपालु है, महाकाल है अर्थात काल को भी नियंत्रित करते हैं इसीलिए शिवजी के भक्तो के लिए कु