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Latest Astrology Updates in Hindi

Shravan Mahine Ki Kalashtmi Kab Hai

Shravan Mahine Ki Kalashtmi Kab Hai, Kalashtmi ko kya kare, Kalashtmi ko kinki pooja hoti hai. श्रावण मास की पावन कालाष्टमी हिंदू धर्म में प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव के उग्र एवं रक्षक स्वरूप भगवान काल भैरव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। वर्ष 2026 में 5 अगस्त, बुधवार को श्रावण मास की कालाष्टमी पड़ रही है। श्रावण मास स्वयं भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस माह की कालाष्टमी का आध्यात्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी 5 अगस्त 2026 को रात में लगभग  8:44 बजे अष्टमी तिथि समाप्त होगी 6 अगस्त 2026 को शाम में लगभग  6:53 बजे Shravan Mahine Ki Kalashtmi Kab Hai  कालाष्टमी का धार्मिक महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान काल भैरव, भगवान शिव के ही एक दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप हैं। वे समय (काल), न्याय, धर्म और सुरक्षा के अधिष्ठाता माने जाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि कालाष्टमी के दिन उनकी पूजा करने से भय, नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं और जीवन की बाधाओं से रक्षा होती है...

Ratno Ki Gunwatta Ke Baare Mai Kaise Jaane

Ratno Ki Gunwatta Ke Baare Mai Kaise Jaane, रत्नों की गुणवत्ता का महत्तव, अच्छे और शुभ रत्नों की पहचान क्या हो सकता है, नकली और असली रत्न.

अगर आप कभी रत्न खरीदने गए है तो निश्चित ही आपको सही रत्न खरीदने में परेशानी आई होगी, इसका कारण है की रत्नों के इतने प्रकार आ गए है आज के दौर में की असली कौन सा है और नकली कौनसा , ये समझ नहीं आता है. कुछ लोग नकली रत्न को असली रत्नों के कीमत में बेच देते हैं, कुछ तो सीधे ही नकली दे देते हैं, रोज लोग नकली रत्नों को खरीद के धोखे के शिकार हो रहे हैं. अतः ये बहुत जरुरी है की हमे रत्नों के बारे में कुछ जानकारी हो. इस लेख में हम रत्नों के के रहस्य को जानने की कोशिश करेंगे.
jyotish me ratno ki gunwatta ko janiye
Ratno Ki Gunwatta Ke Baare Mai Kaise Jaane

  • ज्ञान और जागरूकता ही हमे सुरक्षित रख सकता है इस कलयुग में.
  • ऐसे कुछ परिक्षण होते हैं जो की हम आँखों और हाथो से कर सकते हैं परन्तु कुछ परिक्षण के लिए लैब की जरुरत होती है. आइये जानते हैं रत्नों के गुणवत्ता के बारे में.
  • कुछ ऐसे परिक्षण जो की आँखों और हाथो से संभव है जैसे रत्नों के रंगों की पहचान, पारदर्शिता, चिकनापन, रत्नों के अन्दर में किसी प्रकार के धब्बे आदि.
  • कुछ ऐसे परिक्षण जिनके लिए लैब जरुरी है जैसे वजन, घनत्व, सही रत्न आदि.

हमेशा इस बात का ध्यान रखे की सर्टिफाइड रत्न ही ख़रीदे जिसमे की हमे निम्न जानकारियां मिल जाती है –

  1. रत्न का वजन :
  2. रत्न का घनत्व :
  3. रत्न की पहचान :
  4. रत्न का माप आदि.

रत्नों से सम्बंधित एक कड़वा सच :

ये एक सच्चाई है की सभी के लिए उच्च गुणवत्ता के असली रत्न धारण करना संभव नहीं है क्यूंकि इनकी कीमत लाखो में होती है, उनके लिए यही सलाह है की निम्न गुणवत्ता के रत्न भी धारण किये जा सकते हैं हालांकि परिणाम में थोडा बहुत अंतर पड़ेगा.

निम्न गुणवत्ता के रत्न में सर्टिफाइड मिलते हैं अगर आप अच्छी जगह से ख़रीदे.

इस बात का ध्यान रखना चाहिए की कुछ रत्न पारदर्शी होते हैं और कुछ नहीं अतः गलत जानकारी के साथ कुछ न ढूंढे अन्यथा धोखा खा सकते हैं.

आइये अब जानते हैं की रत्नों के रंग कैसे होते हैं :

Ratno Ki Gunwatta Ke Baare Mai Kaise Jaane, रत्नों की गुणवत्ता का महत्तव, अच्छे और शुभ रत्नों की पहचान क्या हो सकता है, नकली और असली रत्न.
  • माणिक्य गुलाबी रंग लिए होता है और इसका सम्बन्ध सूर्य ग्रह से होता है.
  • मोती सफ़ेद रंग का होता है परन्तु कुछ मोती क्रीम कलर का शेड लिए भी होता है और ये चन्द्रमा से सम्बन्ध रखता है.
  • मूंगा लाल और नारंगी लाल में उपलब्ध होता है और इसका सम्बन्ध मंगल ग्रह से होता है.
  • पन्ना हरे रंग का होता है और इसका सम्बन्ध बुध ग्रह से होता है.
  • पिला पुखराज पिला रंग लिए होता है और इसका सम्बन्ध गुरु ग्रह से होता है.
  • हीरा चमकता हुआ पत्थर होता है और इसका सम्बन्ध शुक्र ग्रह से होता है.
  • नीलम का सम्बन्ध नील रंग से होता है और ये शनि ग्रह से सम्बन्ध रखता है.
  • गोमेद काले रंग का शेड लिए होता है और इसका सम्बन्ध राहू से होता है.
  • लह्सुनिये का सम्बन्ध केतु से होता है और इसके बीच में एक रेखा होती है.
ये संभव है की हमे रत्न में धब्बे, रेखा आदि नजर आये अगर हम माध्यम दर्जे की रत्न खरीदते हैं. परन्तु अगर किसी में ज्यादा समस्या दिखे तो उस रत्न को त्याग देना चाहिए अन्यथा उर्जा के संचार में समस्या उत्पन्न होगी.
  • रत्नों की कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के आधार पर बदलती रहती है. 
  • रत्न अलग अलग देशो से मंगवाए जाते हैं जैसे कुछ रत्न ब्राजील देश से आते हैं, कुछ रत्न श्रीलंका से आते हैं , कुछ कोलंबिया से आते हैं, कुछ जापान से तो कुछ इटली से आते हैं. 
  • रत्न हमेशा विश्वसनीय स्थान से ही खरीदने चाहिए और विश्वसनीय व्यक्ति से.


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