Mangal Ka Shatbhisha Nakshatra Mai Pravesh Ka Fal, Jyotish Updates, Mangal Gochar, Mangal kab badlenge nakshatra. Mangal Shatbhisha Nakshatra Mai : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 3 मार्च से 20 मार्च तक मंगल (मंगल ग्रह) शतभिषा नक्षत्र में रहेंगे । शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु है और अभी राहु और मंगल की युति कुंभ राशि में स्थित है। यह नक्षत्र रहस्य, तकनीक, अनुसंधान, विद्रोह, अचानक घटनाओं और “गुप्त रोगों के उपचार” से जुड़ा है। मंगल यहाँ ऊर्जा, आक्रामकता, साहस और त्वरित निर्णय की प्रवृत्ति को बढ़ाता है। यह समय छिपी हुई समस्याओं को उजागर कर सुधार की दिशा में ले जा सकता है, लेकिन साथ ही अचानक विवाद और अस्थिरता भी ला सकता है। Mangal Ka Shatbhisha Nakshatra Mai Pravesh Ka Fal समग्र वैश्विक प्रभाव तकनीकी क्षेत्र में अचानक बड़े परिवर्तन संभव है. साइबर हमलों और डेटा लीक की संभावना बढ़ जायेगी. राजनीतिक बदलाव और जनआंदोलन भी देखने को मिलेंगे. शेयर बाजार में अस्थिरता देखने को मिलेगा. वैज्ञानिक और चिकित्सा अनुसंधान में नई खोजें संभव है. 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा Mangal Ke Shatbhi...
Katyayni Puja For successful marriage in hindi, शीघ्र विवाह हेतु कात्यायनी पूजा, क्या करे विवाह की बाधाओं को हटाने हेतु, ज्योतिष द्वारा जानिए विवाह परेशानियों का कारण और समाधान.
माँ दुर्गा का एक शक्तिशाली अवतार है माँ दुर्गा का, ऐसा भी माना जाता है की गोपियों ने कृष्ण को अपने पति रूप में पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा की थी और तभी से कन्याएं इच्छित पति को पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा करती आ रही हैं.
मार्गशीर्ष महिना इस पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है परन्तु सच्चाई ये है की महाशक्ति हर क्षण हर जगह मौजूद है अतः करने वाले अच्छा महुरत देखके इस पूजा को शुरू कर सकते हैं, या फिर किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श करके भी इस पूजा को शुरू कर सकते हैं.
माँ दुर्गा का एक शक्तिशाली अवतार है माँ दुर्गा का, ऐसा भी माना जाता है की गोपियों ने कृष्ण को अपने पति रूप में पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा की थी और तभी से कन्याएं इच्छित पति को पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा करती आ रही हैं.
मार्गशीर्ष महिना इस पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है परन्तु सच्चाई ये है की महाशक्ति हर क्षण हर जगह मौजूद है अतः करने वाले अच्छा महुरत देखके इस पूजा को शुरू कर सकते हैं, या फिर किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श करके भी इस पूजा को शुरू कर सकते हैं.
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| Katyayni Puja For Successful Marriage In Hindi |
आइये जानते हैं की कन्याओं के कुंडली में कौन से समस्याएं होती हैं:
कुछ के कुंडली में मंगल दोष होता है, कुछ को कालसर्प होता है, कुछ के कुंडली के सातवें भाव में समस्याएं होती है, कुछ को अंगारक योग के कारण परेशानी आती हैं, कुछ को विष योग के कारण भी विवाह में देरी होती है, आदि. और इन दोषों को दूर करने के लिए विभिन्न पूजाओ का उल्लेख मिलता है शाश्त्रों में परन्तु ये भी सच है की अगर कोई देवी की भक्त है तो उनके कुंडली के सभी दोष नष्ट होने लगते हैं और देवी की कृपा से वो एक सफल जीवन व्यतीत करती हैं. अतः माँ कात्यायनी की पूजा एक सरल तरीका है शीघ्र विवाह और सफल जीवन जीने का.
आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते माँ कात्यायनी के बारे में:
- ये माँ दुर्गा का छठा रूप मानी जाती हैं.
- ये ऋषि कात्यायन की पुत्री के रूप में जन्मी थी.
- नवरात्री के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा होती है.
- ये भक्त के सभी समस्याओं का समाधान कर सकने में समर्थ हैं.
आइये अब जानते हैं की कात्यायनी पूजा का सरल तरीका :
- इस पूजा के लिए लाल चन्दन की माला का प्रयोग करना चाहिए.
- बैठने के लिए लाल आसन का प्रयोग करना चाहिए.
- मंत्र का सवालाख जप करना चाहिए.
- कात्यायनी साधना के लिए मार्गशीर्ष का महिना शुभ है या फिर इसे नवरात्री में भी शुरू कर सकते हैं.
- किसी अच्छे ज्योतिष से भी महूरत निकलवा सकते हैं इस पूजा को शुरू करने के लिए.
- पूर्व मुखी होक साधना करना चाहिए.
- ४० दिन तक इस साधना को करना चाहिए और फिर मनोकामना पूरी न होने पर फिर से शुरू करना चाहिए.
- अनुष्ठान पूरा करने के बाद 9 कन्याओं को, ब्राह्मण को दक्षिणा, वस्त्र, भोजन आदि देकर संतुष्ट करके आशीर्वाद लेना चाहिए.
आइये जानते हैं कात्यायनी देवी का मंत्र:
।।ॐ ह्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ।। ।। ह्रीं श्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ।।शीघ्र विवाह हेतु कात्यायनी मंत्र :
ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीस्वरि ।नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः ।।Katyayni Puja For successful marriage in hindi, शीघ्र विवाह हेतु कात्यायनी पूजा, क्या करे विवाह की बाधाओं को हटाने हेतु, ज्योतिष द्वारा जानिए विवाह परेशानियों का कारण और समाधान.

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