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Showing posts from 2017

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Bandhan Dosh Kya Hota Hai Tantra Mai

बंधन दोष प्रभाव और निवारण, तंत्र बंधन से मुक्ति कैसे पायें, बंधन मुक्ति के चमत्कारी उपाय पढ़िए, काला जादू क्या है?
बंधन एक तामसिक क्रिया होती है, काले जादू के अंतर्गत जिसके अंतर्गत मंत्र शक्ति से किसी भी व्यक्ति की सफलता को रोखने के लिए उसके व्यापार को बाँध दिया जा सकता है, व्यक्ति को बाँध दिया जा सकता है, किसी की कोख को बाँध दिया जा सकता है, किसी के घर को भी बाँधा जा सकता है.  बंधन अनेक प्रकार के होते हैं जिसके अनुसार परिणाम भी अलग अलग दीखते हैं जैसे – व्यापार बंध – इस बंध के कारण जातक का व्यापार धीरे धीरे नष्ट होने लगता है, ग्राहक संतुष्ट नहीं होते और धीरे धीरे जातक घोर परेशानी में चला जाता है.   लक्ष्मी बंध – इसके अंतर्गत जातक के पास धन आने के सारे रास्ते बंद कर दिए जाते हैं. जातक किसी भी कम को करे हानि ही होती है. कोख बंध – इसके अंतर्गत महिलाओं को बच्चा होने में परेशानी होती है. सब ठीक होने के बावजूद भी बच्चा नहीं हो पाता है. शारीर बंध - इसके अंतर्गत जातक पूरी तरह से शक्तिशाली होते हुए भी काम करने में असमर्थ हो जाता है. उसे समझ नहीं आता की करना क्या है. कई लोगो के खेत भी बाँध दिए जात…

Kaalsarp ka Samadhaan in Hindi

कालसर्प का समाधान हिंदी में, कालसर्प दोष को कम करने के उपाय, कैसे दूर करे नाग दोष के दुष्प्रभाव को.  कालसर्प योग ज्योतिष में एक महत्त्वपूर्ण योग है और ज्योतिषों के इस विषय पर विभिन्न विचार पाए जाते हैं. इसे हम नाग दोष या सर्प दोष के नाम से भी जानते हैं.

अगर कुंडली में कालसर्प योग बना हुआ है तो ये जरुरी है की कुछ उपाय किया जाए जिससे इसके दुष्प्रभावो को कम किया जाए अन्यथा जीवन में कई परेशानियां उत्पन्न हो सकती है.

कालसर्प योग तब बनता है जब सभी ग्रह राहू और केतु के बीच में आ जाएँ. ऐसी मान्यता है की ऐसे जातको को जीवन में बहुत ज्यादा संघर्ष करना होता है. व्यक्ति को मेहनत के अनुसार फल प्राप्त नहीं होता है.

परन्तु ऐसा सोचना गलत होगा की कालसर्प हमेशा ही ख़राब होता है, कुछ लोग तो बहुत सफल है इस योग के होने के बावजूद भी. कुंडली में ग्रहों के बैठने के तरीके के अनुसार कालसर्प के कई प्रकार विद्वानों ने बताये जय जैसे अनंत कालसर्प योग, कुलिक कालसर्प योग, वासुकी कालसर्प योग, शंखपाल कालसर्प योग, पदम् कालसर्प योग, तक्षक कालसर्प योग, कर्कोटक कालसर्प योग, शंखचूड कालसर्प योग, घातक कालसर्प योग, विषधर कालसर्…

Kalsarp Yoga Kya Hota Hai

Kalsarp yoga kya hai, कालसर्प योग इन hindi, कैसे जाने कालसर्प योग को, क्या प्रभाव होता है कालसर्प योग का जीवन में, ज्योतिष कालसर्प योग.

वैदिक ज्योतिष में एक विशेष योग के बारे में बहस करते हुए लोगो को देखा जाता है जिसे हम कालसर्प योग के नाम से जानते हैं, लोगो के अन्दर कालसर्प को लेके बहुत दर व्याप्त रहता है कारण की इसे एक दोष के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है परन्तु वास्तव में ये एक योग है जिसके परिणाम अच्छे और बुरे दोनों हो सकते हैं. अतः जानकारी के आभाव में दर पैदा न करे.

ज्योतिष संसार के इस लेख में कालसर्प योग के विषय में जानकारी दी जा रही है जो सभी के काम आएगी.
क्या आप जानते हैं ?कुंडली में कालसर्प के विभिन्न प्रकार मिलते हैं जिसे बारीकी से अध्ययन करने पर जाना जाता है.कालसर्प के अलावा 14 प्रकार के कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण श्राप का भी वर्णन ज्योतिष शाश्त्रों में मिलता है जिनका प्रभाव इससे भी घटक हो सकता है. जैसे की पितर दोष, प्रेत दोष, ब्राह्मण दोष, मातुल दोष, पत्नी दोष, सहोदर दोष अदि.हर कालसर्प योग खतरनाक नहीं होता है.प्राण प्रतिष्ठित नाग-नागिन के जोड़े अगर विशेष धातु से बनवा के शिव मं…

Swapn Dosh Ka karan Aur Jyotish Samadhan

स्वप्न दोष क्या होता है, जानिए swapn dosh ka ilaaj, किनको स्वप्न दोष ज्यादा होने की संभावना रहती है, ज्योतिष समाधान. जीवन का एक महत्त्वपूर्ण भाग होता है हमारा व्यक्तिगत जीवन. कई बार युवा अवस्था के शुरुआत में लोग स्वप्न दोष से ग्रस्त हो जाते हैं. इसका एक कारण शारीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी होते हैं. कई लोगो को कुछ ग्लानी भी महसूस होने लगता है और वे उसके समाधान के लिए प्रयास करते हैं.  क्या है स्वप्न दोष ? आइये समझते हैं इस दोष को, स्वप्न में जब सोते हुए वीर्य स्खलित हो जाए तो इस क्रिया को स्वप्न दोष के अंतर्गत लिया जाता है. अंग्रेजी में इसे WET DREAMS के नाम से जानते हैं. इस क्रिया में व्यक्ति का खुद का कोई नियंत्रण नहीं रहता है. और ये कमजोरी की भी निशानी होती है. इससे ये भी पता चलता है की व्यक्ति के पास भावनाओं को नियंत्रित करने की शक्ति अभी कम है.  स्वप्न दोष क्यों होता है? इस प्रकार की समस्या साधारणतः किशोरावस्था और युवा लोगो में ज्यादा देखने को मिलती है. कुछ विवाहित लोग भी इस समस्या से ग्रस्त देखे जाते हैं. अतः ये बात गलत है की स्वप्न दोष सिर्फ बिना शादी शुदा लोगो में ही देख…

Swapn Me Uttar Paane Ke liye Mantra

कैसे पायें स्वप्न में प्रश्नों का उत्तर, स्वप्न सिद्धि का मंत्र, दुर्गा जी का स्वप्न सिद्धि हेतु मंत्र. सपने तो हम सभी रोज देखते हैं, ये हमारे जीवन का एक भाग है. बिना सपनो के नींद की कल्पना नहीं की जा सकती है. ये बात अलग है की कुछ लोगो को सपने याद रहते हैं और कुछ लोगो को सपने याद नहीं रहते हैं. शुभ सपनो को देखने से व्यक्ति को बड़ा अच्छा लगता है परन्तु किसी डरावने सपने को देखके मन में भय और अस्थिरता का भाव उदित हो जाता है.  स्वप्नों पर हमारा कोई अधिकार नहीं होता है परन्तु विज्ञान के अनुसार हमारे सूक्ष्म मन में जो विषय रहते हैं वही सपनो में नजर आते हैं.  भारतीय शाश्त्रो में कई प्रकार के विद्याओं के गूढ़ विद्याओं की जानकारी दी गई है जिनमे से एक विद्या है स्वप्न में अपने प्रश्नों का उत्तर पाने की साधना. दुर्गा शप्तशती में इस मंत्र का उल्लेख मिलता है.  ये मंत्र माँ दुर्गा का एक शक्तिशाली मंत्र है और  जो पूर्ण भक्ति भाव से इसका जप करता है उसे स्वप्न में माँ की कृपा से मार्ग दर्शन प्राप्त होता है.  मंत्र का प्रयोग करने से पहले इसे नवरात्री, दिवाली की रात्रि, ग्रहण के समय में जप लेना चाहिए.  आइय…

Swapn Aur Jyotish| सपनो के अर्थ

Swapn Aur Jyotish, सपनो के अर्थ, कैसे जाने सपने अच्छे हैं या बुरे, ज्योतिष द्वारा स्वप्न फल जाने, स्वप्न विज्ञान.

सोना किसे पसंद नहीं होता, एक अच्छी नींद शारीर को उर्जा से भर देती है और दुसरे दिन हम अच्छी तरह से काम कर सकते हैं. जब हम सोते हैं तो हमे बहुत से दृष्टांत होते हैं जिसे हम सपने कहते हैं. रोज हर कोई ना ना प्रकार के सपने देखते हैं. ज्योतिष सपनो को देखकर भी संभावित घटनाओं के बारे में जाना जाता है. परन्तु ये इतना भी आसान नहीं होता है क्यूंकि बहुत से सपने तो हम उठते ही भूल जाते हैं.
कुछ सपने भाग्योदय का संकेत देते हैं और कुछ संकटों का संकेत देते हैं.
इस लेख में हम जानेंगे किस प्रकार से सपने क्या अर्थ बताते हैं.

आइये जानते हैं कुछ शुभ सपनो के बारे में :

सूर्य का सपने में दिखना ये बताता है की जल्दी ही किसी संत या फिर अध्यात्मिक व्यक्ति से मुलाकात होने वाली है और आशीर्वाद प्राप्त होने वाला है.अगर स्वप्न में बादल नजर आये तो खुश होना चाहिए क्यूंकि ये व्यापार में वृद्धि के संकेत है.अगर सपने में घोड़े की सवारी करते देखे तो भी ये तरक्की के संकेत हैं.अगर कोई अपने आपको कांच में देखे सपने में…

Disha Shool Kya Hota Hai | ज्योतिष में दिशा शूल

Disha Shool Kya Hota Hai, ज्योतिष में दिशा शूल, दिशा शूल क्या होता है, यात्रा करते हुए किन बातो का ध्यान रखना चाहिए ज्योतिष के हिसाब से, कैसे बनाए अपने यात्रा को सफल, यात्रा में शकुन विचार.
क्या आप यात्राओं के दौरान परेशानियों का सामना करते हैं, क्या आपकी यात्रा सफल नहीं होती, क्या आप अपने व्यापारिक यात्रा को सफल बनाना चाहते हैं तो इस लेख को पढ़कर आप कुछ लाभ ले सकते हैं. 
अगर आपको यात्रा करते समय भय रहता है, संशय रहता है की आपकी यात्रा सफल होगी की नहीं और आप ये जानना चाहते हैं की यात्रा को सफल कैसे करे तो आपको दिशा शूल के बारे में जानना चाहिए. इससे आप अपने यात्रा को सफल बना सकते हैं. 
क्या होता है दिशा शूल ? वैदिक ज्योतिष के हिसाब से दिशा शूल का मतलब होता है की किसी विशेष दिन किसी विशेष दिशा में यात्रा करने से होने वाली परेशानी का आना. हर वार और नक्षत्र का अपना एक दिशा शूल होता है अर्थात उन वारो में उन दिशा की तरफ यात्रा करने के लिए शाश्त्रो में मन किया जाता है और अगर व्यक्ति उस दिशा की तरफ यात्रा करता है तो अनावश्यक संकतो का सामना करना होता है. 
हम यात्रा किसी ख़ास कारणों से करते हैं जै…

Janiye Bhavishyawani Jyotish Sansar Se

भविष्यवाणी  का अर्थ है पूर्वानुमान करना अर्थात किसी अनिश्चित घटना के बारे में कुछ कहना पहले ही. भविष्यवाणी  साधारणतः ज्योतिष, भविष्यवक्ताओ, अंक विद्या के जानकार आदि के द्वारा किया जाता है. ज्योतिषगण कुंडली को पढके बताते हैं, साइकिक रीडर्स अन्तः प्रेरणा के द्वारा कहते हैं, अंक शाष्त्री अंको का स्तेमाल करके भविष्यवाणी करते हैं. किसी भी व्यक्ति का अनुभव और ज्ञान बहुत महत्त्व रखता है भविष्यवाणी करते हुए.
आइये जानते हैं की पूर्वानुमान का महत्त्व क्या होता है:
दशको से लोग भविष्यवाणी  का प्रयोग करते आ रहे हैं महत्त्वपूर्ण निर्णयों को लेने के लिए. सिर्फ ज्योतिष ही नहीं अपितु वित्तीय क्षेत्र में भी भविष्यवाणी का प्रयोग होता आया है, कॉर्पोरेट दुनिया में भी पूर्वानुमानो का प्रयोग होता आया है. मौसम की भविष्यवाणी भी हम रोज सुनते हैं जो की एक्सपर्ट्स के द्वारा बताया जाता है.
अतः भविष्यवाणी को सुनके लोग और महत्त्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग बड़े बड़े फैसले लेते हैं. लोग पूर्वानुमानो के आधार पर निवेश करने का निर्णय लेते हैं. लोग नए कार्यो को शुरू करने का भी निर्णय लेते हैं. भविष्यवाणी  के आधार पर लोग अपने…

Badha Nivaran Ke Liye Shabar Mantra

शाबर मंत्र प्रयोग बेल पत्र के साथ, जानिए विशेष मंत्र जिसके द्वारा पूरी कर सकते हैं मनोकामना, पूरी करे इच्छाएं शिव पूजा और शाबर मंत्र से.  ऐसा कहा जाता है की कलयुग में शाबर मंत्र बहुत ज्यादा प्रभावशाली होते हैं, इनके द्वारा मनोकामना बहुत जल्दी और आसानी से पूरी होती है. यहाँ आपके लिए एक आसान प्रयोग दे रहे हैं जो जीवन में से समस्याओं को ख़त्म करके जीवन को सफल बनाने में मदद करती है.  किसी भी शाबर मंत्र का प्रयोग करने से पहले उसका जप ग्रहण काल में या फिर दिवाली की रात्रि को या फिर नवरात्रियो में कर लेना चाहिए. इसके अलावा शाबर सिद्धि के विधि विधानों को भी अपनाना चाहिए किसी योग्य गुरु के सानिध्य में.  शाबर मंत्र: “ॐ ह्रीं श्रीं ठं ठं ठं नमो भगवते
मम कार्य कार्याणि साधय साधय
मां रक्ष रक्ष शीघ्रनां
धनिनं कुरु कुरु हुं
फट श्रियम देहि, प्रज्ञां देहि,
ममापत्तिम निवारय निवारय स्वाहा |”
उपर्युक्त शाबर मंत्र की प्रयोग विधि:

Vedic Jyotish Me Uch Aur Neech Grah

ज्योतिष में उच्च और नीच ग्रह, उच्च और नीच ग्रह का प्रभाव और महत्त्व वैदिक ज्योतिष में, जानिए कब कोई ग्रह नीच का या फिर उच्च का होता है. कुंडली का अध्ययन करने के समय एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण बात याद रखना होता है और वो है कुंडली में मौजूद उच्च और नीच ग्रह की मौजूदगी जिसका असर जीवन पर बहुत ज्यादा पड़ता है.

उच्च को अंग्रेजी में exalted कहते हैं और नीच को अंग्रेजी में debilitated कहते हैं.

ज्योतिष में ऐसा माना जाता है की अगर कोई ग्रह उच्च का हो जाए तो वह जातक को बहुत फायदा देता है वहीँ अगर कोई ग्रह नीच का हो जाए तो उससे जातक को नुक्सान होता है. साधारण भाषा में हम ऐसे समझ सकते हैं की उच्च का अर्थ है सकारात्मक ग्रह, अच्छा ग्रह, और नीच ग्रह का अर्थ है नकारात्मक या ख़राब ग्रह.

परन्तु किसी भी निर्णय पर पंहुचने से पहले ये भी ध्यान रखना चाहिए की उस ग्रह की शक्ति कितनी है क्यूंकि शक्तिहीन ग्रह का असर जातक पर बहुत कम होता है.

नीचे देखिये कैसे और कब कौन सा ग्रह उच्च या नीच का होता है?

उच्च नीच ग्रह तालिकाग्रहकिस राशि में उच्च काकिस राशि में नीच कासूर्य मेषतुलाचन्द्रमावृषभवृश्चिकमंगलमकरकर्कबुधकन्या मीनगुर…

Vakri Grah Ka Jivan Par Pravah

कुंडली में वक्री ग्रह का प्रभाव, क्या होता है वक्री का मतलब ज्योतिष मे, अशुभ वक्री ग्रह के प्रभाव जानिए.  ज्योतिष में जब कुंडली बनती है तो हमे कुछ ग्रह वक्री भी मिल सकते हैं. ज्योतिष प्रेमी लोगो को वक्री ग्रह के प्रभाव को जानने का भी बहुत मन होता है. परन्तु इस विषय पर विभिन्न मत मौजूद है जिसके कारण अलग अलग ज्योतिष अलग अलग भविष्यवाणी करते हैं और उस आधार पर उपाय भी अलग अलग देते हैं.  वक्री ग्रह क्या होता है? हर ग्रह सामान्य तौर पर आगे की और चलते हैं अर्थात पहले मेष राशी में रहेगा फिर वृषभ पर फिर मिथुन पर आदि. परन्तु जब कोई ग्रह आगे जगह पीछे की तरफ चलने लग जाए तो इस चाल को वक्री गति कहा जाता है ज्योतिष में. जैसे की मिथुन के बाद कर्क राशि में जाना चाहिए परन्तु कोई अगर मिथुन के बाद वृषभ में जाए तो इसका मतलब है की वो ग्रह वक्री हो गया है.  इसी लिए कई बार हम ज्योतिष में सुनते हैं की इस समय शनि वक्री है, इस समय बुध वक्री है आदि. 
कौन से ग्रह सदा वक्री रहते हैं? राहू और केतु सदा ही कुंडली में वक्री रहते हैं. कौन से ग्रह कुंडली में कभी भी वक्री नहीं हो सकते हैं? सूर्य और चन्द्रमा कभी भी किसी के क…

Share Bazaar Aur Jyotish

शेयर बाजार धन कमाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है. जिसका भाग्य शेयर बाजार में साथ दे दे वो बहुत ही जल्द करोड़ पति बन जाता है और जिसका भाग्य शेयर मार्केट में साथ न दे वो जल्दी ही सब कुछ गंवा भी देता है.  ऐसा कहा जाता है की शेयर बाजार में बहुत ही कम लोग सफल हो पाते हैं क्यूंकि इसमें भाग्य के साथ साथ गहन अध्ययन की भी जरुरत होती है.  ज्योतिष के द्वारा हम ये जान पाते हैं की कोई व्यक्ति शेयर बाजार से कम पायेगा या नहीं और क्यों. इस संसार में हर व्यक्ति वास्तु आदि पर ग्रहों और नक्षत्रो का प्रभाव रहता है. इसी के कारण समय समय पर ग्रहों की दिशा और अवस्था के बदलने के साथ ही बाजार भी ऊपर और नीचे होता है. अगर हम अपने कुंडली में मौजूद ग्रहों के बारे में जान जाएँ तो ये भी जान सकते हैं की शेयर बाजार से कमा पायेंगे की नहीं. क्या आप जानते है की कौन लोग शेयर बाजार से कमा पाते हैं?जो लोग तुरंत निर्णय लेने में माहिर होते हैं वो लोग शेयर बाजार में सफलता प्राप्त कर लेते हैं क्यूंकि कभी कभी बाजार अचानक से बदल जाता है और उस समय त्वरित निर्णय की जरुरत होता है.जो लोग चील की निगाह बाजार पर रख सकते हैं वो लोग भ…

Varshfal Jyotish Dwara In Hindi

जानिए नए वर्ष का वर्षफल, ज्योतिष द्वारा कुंडली का विवरण, 2018 में क्या कहते हैं सितारे. क्या होता है वर्ष फल ?
वर्षफल का अर्थ है का साल भर के लिए कुंडली का विवरण. इसके अंतर्गत कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखा जाता है बारीकी से और जाना जाता है की पुरे साल में स्वास्थ्य कैसा रहेगा, संपत्ति की क्या स्थिति बनेगी, प्रेम के क्या योग बन रहे हैं, नक्षत्रो का क्या असर जीवन में होने वाला है, कामकाज कैसा रहेगा और क्या करना चाहिए सुखी जीवन के लिए.

जानिए ज्योतिष(www.jyotishsansar.com) से अपने कुंडली के वर्षफल के बारे में. कुंडली का अध्ययन बहुत महत्त्वपूर्ण होता है क्यूंकि अगर किसी ख़राब ग्रह के कारण परेशानी चल रही हो या आने वाली हो तो पता चल जाता है और हम पहले से तैयार हो जाते हैं साथ ही कुछ उपाय भी कर सकते हैं ग्रहों के ख़राब प्रभाव को कम करने के लिए.  वर्षफल सभी के लिए बहुत महत्त्व रखता है. यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की साधारण राशिफल को पढने के बजाय ज्योतिष से अपनी खुद की कुंडली दिखा के उसके बारे में जानना ज्यादा महत्त्व रखता है.

जानिए नए साल में आपकी कुंडली क्या कहती है विभिन्न विषयो के बारे में:
ज…

Rukmani Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

रुक्मणी अष्टमी का महत्त्व , कौन है रुक्मणी हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, क्या करे इस दिन सफलता के लिए, कब मनाया जाता है रुक्मणी अष्टमी?
हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष महीने में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ रुक्मणी अष्टमी मनाई जाती है. भक्तगण इस कृष्ण और रुक्मणी जी की विशेष पूजा अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. 
मान्यता के अनुसार रुक्मणी जी माता लक्ष्मी का अवतार थी और भगवान् कृष्ण जो की विष्णु जी के अवतार थे  की पहली पत्नी थी. रुक्मणी अष्टमी के दिन हम कृष्ण मंदिरों में , इस्कोन मंदिरों में, मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन आदि में भक्तो की भीड़ को देख सकते हैं.
रुक्मणी जी राजा भिश्मिका जो की विधर्भ पर राज करते थे की पुत्री थी. उनको श्री कृष्ण से प्रेम हो गया था और वो उनसे विवाह करना चाहती थी , उनके माता पिता भी तैयार थे परन्तु भाई राजी नहीं थे. अतः कृष्ण जी ने उन्हें मंदिर से ही अपने साथ ले गए.
आइये जानते हैं रुक्मणी अष्टमी का महत्त्व :
ऐसी मान्यता है की रुक्मणी जी का जन्म पौष महीने में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को हुआ था अतः माता लक्ष्मी के अवत…

Kale Jadu Ko Dur Karne Ke Prachin Tarike

Kale jadu ko dur karne ke prachin tarike, kaise bach sakte hain kale jadu ke prayogo se, janiye kuch tarike. आज के इस प्रतियोगी युग में लोग किसी भी हालत में अपने सपनो को पूरा करना चाहते हैं और इसके लिए वे सब तरह के हथकंडे अपनाते हैं. कुछ नकारात्मक विचारधारा  से ग्रस्त लोग तो काला जादू करने से भी नहीं चूकते हैं. कौन लोग प्रयोग करते हैं काले जादू का:कुछ लोग जो अवसाद ग्रस्त रहते हैं और फिर अचानक से जल्दी सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, ऐसे लोग काले जादू के चक्कर में फंस जाते हैं.कुछ लालची लोग सांसारिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए भी काले जादू का प्रयोग करने लगते है बिना ये जाने की इसका आगे का परिणाम क्या हो सकता है. कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें दुसरो की ख़ुशी सहन नहीं होती और वे उनको बर्बाद करने के लिए बुरी शक्तियों का सहारा लेते हैं.कुछ अपने प्रतिद्वंदियों को नीचा दिखाने के लिए भी गलत तरीको का सहारा लेते हैं. जानिए vyapar ko kaise bachaaye kaale jadu seकुछ लोग धन संपत्ति के लिए इतने पागल हो जाते हैं की वे इन्हें पाने के लिए काले जादू के तरीको का स्तेमाल करने लगते हैं. आज के इस डिजिटल युग में भ…

Kala Jadu Hone Par Bachne Ke Upaay in Jyotish

Kala Jadu Hone Par Bachne Ke Upaay jyotish Mai: क्या काला जादू आपके जीवन को ख़राब कर रहा है, क्या आपका व्यक्तिगत जीवन जादू टोना, या तंत्र बाधा से ग्रस्त है, क्या किसी के कुछ करने के कारण आप बीमार रहते हैं, क्या आपका व्यापार व्यवसाय जादू से बंद कर दिया गया है तो ये लेख आपकी मदद करेगा. यहाँ आप जानेंगे की काला जादू होने पर कैसे उससे बचा जाए. कैसे बहार आयें तंत्र बाधा, मंत्र बाधा से. कैसे तोड़े काले जादू के असर को. जो लोग बहुत तेजी से उन्नति करते हैं और जिन लोगो से जलने वाले बहुत है, ऐसे लोगो को खतरा रहता है टोना टोटका का. क्यूंकि इनके जलने वाले लोग इनके तरक्की को रोकने के लिए ऐसा प्रयोग कर सकते हैं.जिन लोगो के शत्रु बहुत होते है, ऐसे लोगो को भी हानी पहुंचाने के लिए शत्रु काले जादू का प्रयोग कर सकते हैं अतः सावधान रहना चाहिए.जो लोग दुसरो से फायदा उठाने के लिए काले जादू का सहारा लेते हैं, उन्हें खुद को भी बुरी शक्तियों से खतरा रहता है. इसमें कोई शक नहीं की जो लोग पूजा पाठ, दान-धर्म आदि करते रहते हैं उनकी रक्षा भगवान् करते हैं परन्तु कुछ शक्तिशाली प्रयोगों के घेरे में कोई भी आ सकता है और उनसे…

Rashi Ratna Aur Unke Rang Jyotish Mai

राशी रत्न, जानिए कौन से ग्रह से कौन सा रत्न सम्बन्ध रखता है, कौन से रंग के होते हैं रत्न ज्योतिष के हिसाब से, कब कौन सा रत्न पहने.
राशी के हिसाब से रत्नों की जानकारी होना आवश्यक होता है उन लोगो के लिए जिन्हें ज्योतिष में रूचि है. कुछ लोग जानकारी के आभाव में गलत रत्न धारण कर लेते हैं. कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें अपने जन्म तारिक, जन्म स्थान, जन्म समय की जानकारी नहीं है जिसके कारण उनकी कुंडली नहीं बन पाती है. ऐसे लोग अपने नाम राशि के हिसाब से रत्न धारण करना चाहते हैं. इस लेख में आप ज्योतिष से जानेंगे की कौन सा रत्न किस रंग का होता है और कौन सी राशि वालो को धारण करना चाहिए और कब. अपने राशि से सम्बंधित रत्न को जानने के लिए सही राशि चुनिए दिए गए विकल्प में से -
चुनिए अपनी सही राशिमेष राशि रत्नवृषभ राशि रत्न मिथुन राशि रत्न कर्क राशि रत्न सिंह राशि रत्न कन्या राशि रत्न तुला राशि रत्नवृश्चिक राशी रत्नधनु राशि रत्न मकर राशि रत्नकुम्भ राशि रत्नमीन राशि रत्न


ऊपर हमने देखा की कौन से राशी के कौन से रत्न है और उस राशि रत्न का रंग क्या है और उसे कब धारण किया जाता है.
नोट: अगर आपके पास आपकी जन्म तारी…

Anisht Shanti Pooja Ke Fayde

Anisht Shanti Prayog, काला जादू का समाधान, ख़राब ग्रहों से मुक्ति का उपाय, जानिए अनिष्ट शांति पूजा के फायदे. Anisht Shanti Pooja: जीवन में अनेक समस्याएं बनी रहती है, कुछ का समाधान आसानी से हो जाता है परन्तु कुछ समस्याओं का समाधान अनेक जातन करने पर भी नहीं हो पाता है. अलग अलग समस्याओं के लिए अलग अलग समाधान का उल्लेख मिलता है.
परन्तु हम यहाँ पर एक विशेष पूजा के बारे में बताने वाले हैं जो की अनेक समस्याओं को हल करने में हमारी मदद करता है. अगर आपका जीवन शत्रु द्वारा किये गए प्रयोग के कारण समस्या में फंस गया है तो अनिष्ट शांति प्रयोग आपको लाभ दे सकता है. अगर विवाह में आपको बहुत समस्या आ रही है तो अनिष्ट शांति प्रयोग आपको लाभ दे सकता है.अगर आपको क़ानूनी अड़चन बहुत अधिक आ रही है तो भी अनिष्ट शांति प्रयोग आपको लाभ दे सकता है.अगर व्यापार को बाँध दिया गया है तो भी आप ये पूजा करवा सकते हैं. अगर किसी ने काले जादू का प्रयोग आपके ऊपर किया है तो भी आप इसके निवारण के लिए अनिष्ट शांति प्रयोग करवा सकते हैं. अगर किसीने आपके काम को बाँध दिया है तो भी आप ये प्रयोग करवा सकते हैं. अगर सेहत लगातार गिर रहा है तो …

Surya Ka Vrischik Rashi Me Ane Ka Fal

सूर्य का वृश्चिक राशि में आने से क्या प्रभाव होगा राशियों पर, जानिए कैसे सूर्य का राशी बदलना शुभता लाएगा. ज्योतिष से जानिए भविष्यवाणी. सूर्य गृह अति महत्त्वपूर्ण ग्रह है हमारे लिए. सूर्य अगर किसी के कुंडली में शुभ हो तो जातक को मान सम्मान, तरक्की, समाज में विशिष्ट स्थान आसानी से दिला देता है वही अगर सूर्य ग्रह कुंडली में ख़राब हो जाए तो जातक को विभिन्न प्रकार की परेशानियाँ देता है.  गोचर में भी सूर्य समय समय पर राशि बदलता रहता है. इसे ही ज्योतिष में संक्रांति कहा जाता है. १६ नवम्बर २०१७ को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा अतः इस दिन को वृश्चिक संक्रांति कहा जायेगा. सूर्य देव का सम्बन्ध ज्योतिष के अनुसार पिता से है, आत्मा से है, समाज में मान सम्मान से है, यश, कीर्ति, प्रसिद्धि से है. इसका अर्थ ये है की सूर्य की स्थिति का असर हमारे जीवन में उपर लिखये विषयो पर होता है.  आपके कुंडली में सूर्य की स्थिति क्या है ये तो एक अच्छा ज्योतिष ही बता सकता है. और उसी के आधार पर ये हमारे जीवन को प्रभावित करता है.  सूर्य का वृश्चिक में गोचर का असर क्या होगा: इस लेख में हम जानेंगे की १६ नवम्बर को सूर्…

Tanaav Ke Upaay Jyotish Me

तनाव के उपाय ज्योतिष के हिसाब से, आइये जानते हैं तनाव के प्रभाव, क्या करे टेंशन से बाहर आने के लिए. 
तनाव एक बहुत ही आम बात है लोगो में परन्तु जब तनाव रोज रहने लगे तो ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और जीवन के हर पहलु को प्रभावित करता है. अतः ये जरुरी है की इसे कम करने के लिए कदम उठाया जाए.
तनाव कई कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं जैसे कोई गलत कार्य करना, किसी ख़ास विषय की चिंता होना, नकारात्मक विचार होना, किसी कार्य में निराशा हाथ लग्न, संबंधो में तनाव उत्पन्न होना, वित्तीय समस्या, रोजगार की समस्या, प्रेम से समस्या आदि.
ज्योतिष के द्वारा जीवन के बहुत से पहलुओं के बारे में जाना जा सकता है परन्तु इसके लिए कुंडली को पढ़ना जरुरी होता है. इस लेख में हम जानेंगे तनाव के ज्योतिषीय कारण और उपाय.
आइये जानते हैं तनाव के कुछ प्रभाव:तनाव के कारण सुन्दरता भी कम होने लगती है.इसके कारण याददाश्त भी कमजोर होती है.संपत्ति का नुकसान भी होता है तनाव के कारण.तनाव के कारण मानसिक शान्ति भी कम होने लगती है.संबंधो में भी तनाव उत्पन्न होने लगता है.व्यक्ति काम भी ढंग से नहीं कर पाता है. आइये अब जानते हैं तन…

Gurunanak Jayanti Ka Mahattwa

गुरुनानक जयंती का महत्त्व, गुरुनानक जी के जन्म का ज्योतिष महत्त्व, जानिए गुरुनानकजी की कुछ सिखावनियां  
गुरुनानक देव जी ने सिख धर्म की स्थापना की थी और वे ही इनके पहले गुरु थे. इनका जन्म अप्रैल १४६९ को ननकाना साहिब में हुआ था जो की पाकिस्तान में है, उन्होंने इस संसार से २२ सितम्बर १५३९ को को विदा लिया, आखरी समय में वे करतारपुर, पाकिस्तान में थे. गुरुनानक जी की पत्नी का नाम माता सुलखनी था और उनके बछो के नाम थे श्री चाँद और लखमी दास. उनके पिता का नाम था श्री मेहता कालू और माता का नाम था माता तृप्ता. गुरुनानक देव जी का जन्मदिन हमेशा कार्तिक पूर्णिमा को ही मनाया जाता है. तारीख को लेके विभिन्न मतभेद रहे हैं अतः कार्तिक पूर्णिमा को सभी ने स्वीकार किया है और पूरे विश्व में इस दिन सिख समाज बहुत उत्साह के साथ इनका जन्मदिन मनाता है.  गुरुनानक जी बहुमुखी प्रतिभा के धनि थे. वे एक दार्शनिक थे, वे सिद्ध योगी थे, एक सफल गृहस्थ थे, वे एक समाजसुधारक भी थे, ओजस्वी कवि थे, देशभक्त थे आदि. गुरुनानकजी के सिद्धांत इतने सरल और स्पष्ट हैं की सिख धर्म के अलावा अन्य धर्म के लोग भी उनके सिखावनियो को अपना कर अपन…

Kartik Poornima Ka Mahattw In Hindi

जानिए कार्तिक पूर्णिमा का महत्त्व, क्या करे कार्तिक पूनम को सफलता के लिए, कैसे प्राप्त करे स्वास्थ्य और सम्पन्नता.
कार्तिक पक्ष की पूर्णिमा एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है जब हम स्वास्थ्य और सम्पन्नता के लिए पूजा पाठ कर सकते हैं. इस पवित्र दिन में भक्त भगवान् विष्णु और माता तुलसी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सफल बना सकते हैं.  इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और घाटो पर पूजा-पाठ करते हैं.  कार्तिक पूर्णिमा को लोग बहुत अलग अलग तरह के विधि विधान करते दीखते हैं जिससे की जीवन को निष्कंटक बनाया जा सके. कुछ लोग तुलसी और शालिग्राम का विवाह करते हैं. भक्तगण नदी तटो पर दीप दान भी करते हैं. ऐसी मान्यता है की कार्तिक पूनम की शाम को दीप दान करने वाले को अश्वमेघ यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है. इस पवित्र दिन को लोग “त्रिजटा लक्ष्मी ” की पूजा भी करते हैं. ऐसा कहा जाता है की त्रिजटा लक्ष्मी जी ने माता सीता को अशोक वाटिका में बचाया था. विशेषरूप से कन्याएं त्रिजटा लक्ष्मी की पूजा अपने मनपसंद जीवन साथी को पाने के लिए करती है. भक्तगण इस दिन तुलसी का पौधा भी वितरित करते हैं. कुछ …

Tulsi Pooja Ka Mahattw

तुलसी पूजा का महत्त्व, कैसे प्राप्त करे सफलता तुलसी पूजा से, Dev uthni gyaras ko tulsi viavah ka maahttw, jyotishiy salaah. तुलसी विवाह भारत में बहुत ही उत्साह से किया जाता है और ये पूजा देव उठनी एकादशी को किया जाता है कार्तिक महीने में. देव उठनी एकादशी के बाद शुभ कार्यो जैसे विवाह आदि की शुरुआत हो जाती है. ऐसी मान्यता है की देव उठनी एकादशी को भगवान् अपनी योग निद्रा से जागते ४ महीने बाद.  ये दिन दिवाली जैसे ही मनाई जाती है. अगर कोई दिवाली पर पूजा नहीं कर पाया है तो वो देवउठनी एकादशी को भी पूजा करके सम्पन्नता को आकर्षित कर सकते हैं.  भगवान् विष्णु और तुलसी जी का सम्बन्ध दिव्य है और विचित्र भी. तुलसी का पूजन भारत में हर जगह किया जाता है. तुलसी का एक नाम “वृंदा” भी है. आइये जानते हैं तुलसी और शालिग्राम के पीछे की कहानी : ऐसा कहा जाता है की तुलसी का विवाह एक जालंधर नाम के राक्षस से हुआ था और तुलसी के तप के प्रभाव से कोई भी जालंधर को हरा नहीं पा रहा था. इसी के समाधान के लिए देवतागण भगवान् विष्णु के पास गए और प्रार्थना की. तब भगवान् विष्णु ने तुलसी के पति का रूप धरा और तुलसी के पास गए जिससे…

Dev Uthni Gyaras Ka Mahattw || देव उठनी एकादशी महत्तव

Dev Uthni Gyaras Ka Mahattw, देव उठनी एकादशी महत्तव,  क्या करे प्रबोधिनी एकादशी को सफलता के लिए.
एक ऐसा दिन जिसका हिन्दुओ के लिए बहुत अधिक महत्तव है और वो दिन हैं कार्तिक शुक्ल पक्ष की ग्यारस. इस दिन को प्रबोधिनी एकादशी या फिर देव उठनी ग्यारस भी कहा जाता है. भारत में इस दिन को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है.
ऐसा माना जाता है की भगवान् विष्णु आशाद शुक्ल पक्ष की ग्यारस को क्षीर सागर में विश्राम करने चले जाते हैं और 4 महीने बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की ग्यारस को उठते हैं इसी लिए इस दिन को देव उतनी ग्यारस कहा जाता है. जब विष्णुजी सोते है तो उस समय विवाह आदि शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं और देव उठनी ग्यारस से विवाह आदि के महूरत फिर से शुरू हो जाते हैं.
प्रबोधिनी एकादशी को तुलसी विवाह का भी प्रचलन है जो की विवाह के शुरू होने के संकेत है. अलग अलग प्रान्त में अलग अलग तरीके के रीती रिवाज देखने को मिलते हैं.  आइये जानते है किस प्रकार आसानी से देव उठनी ग्यारस को पूजन कर सकते हैं :इस दिन जल्दी उठके दैनिक कार्यो से मुक्त हो जाना चाहिए.अगर कोई पवित्र नदी के आस पास रहते हैं तो उन्हें पवित्र…

Talaak Samasya Ka Jyotish Samadhan

तलाक समस्या का ज्योतिष समाधान, कैसे दूर करे तलाक की समस्या को, वैवाहिक जीवन समस्या समाधान. तलाक वैवाहिक जीवन के समस्याओं का आखरी समाधान है. ये शादी के बाद समस्याओं के चरम स्थिति का परिणाम होता है. इन दिनों तलाक की समस्याएं बढती जा रही है और इसके अनेको कारण है. परन्तु सही बात ये है की तलाक किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है. तलाक लेने से पहले कुछ प्रश्नों के उत्तर को जान लेने चाहिए खुद से जैसे की – क्या सिर्फ अपने अहंकार को संतुष्ट करने के लिए तलाक लेना ठीक है?अगर हम अपने साथी के साथ निभा नहीं पा रहे है तो क्या सिर्फ तलाक ही समाधान है?क्या तलाक रूपी महत्त्वपूर्ण फैसले को जल्द बाजी में लेना सही है?क्या आप इतने कमजोर है की अपने साथी के विचारों को बदल नहीं पा रहे हैं सफल जीवन जीने के लिए ?क्या आपकी समस्या वाकई में बहुत बड़ी है या आपने इसे बना रखा है.क्या आपको लगता है की आप अपने साथी के बिना पूरा जीवन सुख पूर्वक निकाल पायेंगे.क्या आप सोचते हैं की तलाक एक आखरी रास्ता बचा है?कहीं कोई नकारात्मक उर्जा या नकारात्मक विचार तो आपको तलाक लेने को मजबूर नहीं कर रहा है? तलाक सही मायने में कोई समाध…