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Latest Astrology Updates in Hindi

Yogini Ekadashi Ka Mahattw In Hindi

Yogini Ekadashi Kab hai, योगिनी एकादशी 2026, क्या फायदा होगा योगिनी एकादशी व्रत से, क्या करे सफलता के लिए, yogini ekadashi ki katha. हिन्दू पंचांग के हिसाब से जब अषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष का ग्यारहवां दिन आता है तब एक महत्त्वपूर्ण उपवास लोग करते हैं जिसको की योगिनी एकादशी के उपवास के नाम से जाना जाता है. इस उपवास को करने से लोग पापों और बीमारियों से मुक्ति पाते हैं. 2026 में 11 July को Yogini Ekadashi का व्रत रखना शुभ रहेगा    और व्रत का पारण 12 तारीख को प्रातः 5:32 से 8:18 के बीच करना शुभ रहेगा  Yogini Ekadashi Ka Mahattw In Hindi एकादशी को ग्यारस के नाम से भी जानते हैं और ये दिन भगवान् विष्णु के पूजा को समर्पित होता है. इस दिन पीपल पूजा भी विशेष फलदाई होती है.  जब हम बात करते हैं योगिनी एकादशी की तो बताना चाहेंगे की ये दिन बहुत ही पुण्यशाली, पवित्र और शक्तिशाली है, हिन्दू पौराणिक कथाओं से पता चलता है की योगिनी एकादशी के व्रत को करके एक यक्ष को कोढ़ रोग से मुक्ति मिली थी फिर वो पूरी जिन्दगी अच्छी तरह से रहा. इसी कारण योगिनी एकादशी का महत्तव बहुत माना जात...

Stree shraap ke kaaran aur samadhan

 Stree shraap ke kaaran aur samadhan, स्त्री श्राप के परिणाम क्या होते हैं, कैसे बचें स्त्री श्राप से |

स्त्री श्राप अगर किसी के जीवन पर असर डालता है तो ऐसा जातक जीवन भर सुखी जीवन के लिए तरसता रहता है इसीलिए ये जानना आवश्यक है की कौन से संकेत बताते हैं की हमारा जीवन स्त्री श्राप के कारण अस्त व्यस्त हो रहा है | 

अनुक्रमणिका :

Stree shraap ke kaaran aur samadhan, स्त्री श्राप के संकेत,  किस कारण से लगता है स्त्री दोष?, जन्म कुंडली से स्त्री श्राप, stree shraap ke upay
Stree shraap ke kaaran aur samadhan

Read in English about 11 Signs indicating the women curse and remedies

स्त्री श्राप को बताने वाले संकेत :

  1. स्त्री श्राप के कारण जातक के जीवन में प्रेम की कमी रहती है |
  2. व्यक्तित्त्व में आकर्षण शक्ति का अभाव होता है |
  3. जातक को सही समय पर समझदार और प्रेम करने वाली स्त्री की प्राप्ति नहीं हो पाती है |
  4. व्यक्ति को प्रेम जीवन में धोखा मिलता रहता है |
  5. जन्म कुंडली में मंगल दोष उत्पन्न होता है जिससे उसे सही जीवन साथी मिलने में समस्या आती है |
  6. विवाह के बाद जीवन साथी के साथ मन मुटाव बना रहता है जिससे वैवाहिक जीवन बर्बाद हो जाता है | Stree shraap ke kaaran aur samadhan
  7. जातक को रोगी और शक करने वाली पत्नी की प्राप्ति होती है जिससे उसका सुख चैन सब ख़त्म हो जाता है |
  8. पत्नी की मृत्यु जल्दी हो सकती है जिससे वो आगे का जीवन बिना स्त्री सुख के गुजारता है |
  9. विवाह के बाद बच्चों की प्रजनन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती है |
  10. परिवार में कलह बना रहता है|
  11. किसी न किसी महिला या कन्या के कारण करियर या व्यापर बर्बाद हो जाता है |
पढ़िए ज्सयोतिष में सर्प श्राप के कारण और निवारण 

किस कारण से लगता है स्त्री दोष?

पिछले जन्म में किसी महिला पर अत्याचार और क्रूरता करने के कारण स्त्री श्राप लगता है |  यदी कोई किसी स्त्री को धोखा देता है, उसे अपमानित करता है तो ऐसे में स्त्री श्राप लगता है और जीवन बर्बाद हो जाता है |

अगर पिछले जन्म में किसी स्त्री की हत्या की गई हो तो भी स्त्री श्राप लगता है | Stree shraap ke kaaran aur samadhan

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आइये जानते हैं की जन्म कुंडली देखके कैसे पता चलता है की जातक को स्त्री श्राप है ?

  1. अगर जन्म कुंडली में शुक्र नीच राशि या शत्रु राशि में हो तो ऐसे में स्त्री श्राप को बताता है |
  2. अगर शुक्र की युति राहू या केतु के साथ हो जाए तो स्त्री श्राप को बताता है |
  3. शुक्र की युति मंगल के साथ हो जाए तो भी जातक का व्यक्तिगत जीवन स्थिर नहीं रह पाता है |
  4. जन्म कुंडली में चन्द्रमा का नीच होना भी स्त्री श्राप को बताता है |
  5. चन्द्रम की युति अगर राहू या केतु के साथ हो जाए तो भी स्त्री दोष की और इशारा करता है |
  6. चन्द्रमा अगर जन्म कुंडली में शत्रु राशि में हो तो स्त्री दोष की और इशारा करता है | Stree shraap ke kaaran aur samadhan
पढ़िए पितृ श्राप का निवारण

स्त्री श्राप निवारण के उपाय कौन से हैं ?

दुखों का निवारण, समृद्धि, सफलता और रिश्तों में खुशियाँ लाने के लिए अनेक प्रकार के उपाय किये जा सकते हैं जैसे -

  • देवी अराधना के द्वारा हम स्त्री श्राप से मुक्ति पा सकते हैं | 
  • माँ भद्रकाली की पूजा की जा सकती है |
  • माँ कामाख्या की पूजा से स्त्री श्राप से मुक्ति पाई जा सकती है |
  • सुहासिनी पूजा अर्थात सुहागिनों की पूजा करके भी स्त्री श्राप से मुक्ति पाई जा सकती है |
  • कन्या पूजन करके भी स्त्री श्राप से मुक्ति पाई जा सकती है |
  • इसके अलावा शुक्र और चन्द्र ग्रह की शांति समय समय पर करवा के भी दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है | Stree shraap ke kaaran aur samadhan

आइये जानते हैं की देवी आराधना से क्या क्या फायदे हो सकते हैं ?

  1. Stree shraap से बचने के लिए देवी आराधना सबसे उत्तम उपाय है क्यूंकि स्त्री देवी का ही रूप हैं अतः अगर किसी देवी की कृपा हो जाय तो जीवन सफल हो जाता है |
  2. देवी शक्ति की आराधना से नकारात्मक ऊर्जाओं को ख़त्म किया जा सकता है |
  3. विवाह में आने वाली बाधाओं का नाश होता है |
  4. प्रेम जीवन की समस्याएं समाप्त होती हैं |
  5. संतान होने में जो समस्याएं होती हैं वो भी समाप्त होती है | Stree shraap ke kaaran aur samadhan
  6. किसी भी प्रकार के श्राप के कारण जीवन में जो कष्ट हैं उन्हें समाप्त किया जा सकता है | 
  7. दुर्घटनाओं, दुर्भाग्य और बुरी नज़र से बचा जा सकता है | 
  8. पिछले जन्म के बुरे कर्मों और पापों से मुक्त हुआ जा सकता है | 
  9. नकारात्मकता, तनाव और संघर्षों को दूर करने में मदद मिलती है |
  10. काले जादू, जादू टोना और बुरी नज़र से सुरक्षा मिलती है |
  11. नवग्रह दोष को दूर करने में मदद मिलती है |
  12. जीवन की प्रगति में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती है |
  13. घरेलू विवाद और वित्तीय संकट दूर होते हैं | Stree shraap ke kaaran aur samadhan
  14. किसी भी प्रकार का भय दूर होता है |
  15. जीवन में बाधाओं और चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलती है |
  16. दीर्घायु, मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है |
  17. सौभाग्य प्राप्त होता है |
  18. स्त्री से प्राप्त होने वाले दुखो को दूर किया जा सकता है |

Stree shraap ke kaaran aur samadhan, स्त्री श्राप के परिणाम क्या होते हैं, कैसे बचें स्त्री श्राप से |

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