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Showing posts from August, 2019

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके व…

Rishi Panchmi Ka Mahattwa In Hindi

ऋषि पंचमी का महत्त्व हिंदी में , क्या करे ऋषि पंचमी को, ऋषि पंचमी की कहानी, कर्मकांड ऋषि पंचमी से जुड़े, सप्त ऋषियों के नाम. भाद्रपद के महीने में गणेश चतुर्थी के दुसरे दिन ऋषि पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है भारत में. ये दिन भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के पांचवे दिन मनाया जाता है. ये दिन बहुत महत्त्वा रखता है क्यूंकि इस दिन सप्त ऋषयो की पूजा होती है जिनके नाम है – कश्यप, अत्री, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम , जमदग्नि और वशिष्ठ. ऐसी मान्यता है की इनकी पूजा से रजस्वला दोष से मुक्ति मिल सकती है.
ऋषि पंचमी का दिन महिलाओं के लिए ख़ास महत्त्व रखता है , इस दिन महिलायें व्रत रखती है , पूजाएँ करती है ताकि रजस्वला दोष से मुक्ति मिले. रजस्वला होने पर जाने अनजाने बहुत सी भूल हो जाती है और हिन्दू संस्कृति में इससे मुक्ति का मार्ग भी है और वो है ऋषि पंचमी के दिन सही तरीके से पूजा पाठ करना जिससे पापो से मुक्ति मिलती है.
क्या आप जानते हैं की ऋषि पंचमी से २ दिन पहले हरतालिका तीज मनाया जाता है? आइये जानते हैं की क्या करना चाहिए ऋषि पंचमी को ? ये दिन पवित्रता का दिन है , पापो से मुक्ति पाने का दिन है अतः प्रा…

Hartalika Teej Ka Mahattwa In Hindi

हरतालिका तीज का त्यौहार, तीज पूजा का असान तरीका, क्या फायदे है हरतालिका तीज का , हरतालिका व्रत और कथा, क्या करे मनोकामना पूर्ण करने के लिए हरतालिका तीज को. 
भारत में भाद्रपद महीने के तृतीय तिथि को एक और महत्त्वपूर्ण त्यौहार मनाया जाता है जिसे हरतालिका तीज कहते है. ये त्यौहार कुंवारी और शादीसुदा महिलाए दोनों के लिए महत्त्व रखता है. कुंवारी कन्याएं और शादी सुदा महिलायें इस त्यौहार को बहुत ही उत्साह से मनाती है. 
ऐसी मान्यता है की इस पूजा को करने से परिवार में सुख और सम्पन्नता आती है, शादी शुदा महिलाए अपने पति की लम्बी उम्र के लिए ये पूजा करती है. कुंवारी कन्या मनपसंद पति के लिए ये पूजा करती है. इस पूजा में देवी पार्वती के साथ शिवजी की पूजा होती है.

हरतालिका तीज का व्रत बहुत कठिन होता है क्यूंकि इस दिन जल और अन्न दोनों ही मना रहता है, इस दिन धैर्य और शक्ति की परीक्षा होती है. जो महिलायें और कन्याएं ये उपवास करती है वो महान है और शक्तिशाली है. पूरी रात महिलायें और कन्याएं पूजा पाठ में ही समय बिताती है, मंत्र जप करती है, भजन करती है, कहानी सुनती है. पति भी अपनी पत्नी की सहायता करते हैं पू…

Ratna Chikitsa In Hindi For Successful Life

क्या है रत्न चिकित्सा, कैसे करे रत्न चिकित्सा, क्या फायदे हो सकते है रत्न चिकित्सा के, कैसे प्राप्त करे अच्छे रत्न, ध्यान रखने योग्य बाते. रत्न चिकित्सा भारत के अन्दर अत्यंत प्राचीनकाल से चला आ रहा है जिसके अंतर्गत दिव्य रत्नों का प्रयोग करके रोगी को ठीक किया जाता है.  ज्योतिष के अंतर्गत रत्नों का प्रयोग बहुत होता है ग्रहों को मजबूत करने के लिए, कई दोषों को दूर करने के लिए gems stones का स्तेमाल साधारणतः होता ही है. 
रत्नों को हम उसके रंग के आधार पर पहचानते है साधारणतः और तकनिकी रूप से उसे जांचने के लिए डेंसिटी टेस्ट भी किया जाता है, आज अनेक प्रकार के ऐसे इलेक्ट्रॉनिक औजार बन गए है जिनके इस्तेमाल से रत्नों को पहचाना जा सकता है. इसीलिए बड़ी कंपनीज तो सर्टिफाइड रत्न भी प्रदान करते हैं.  हालांकि सर्टिफाइड रत्न एक आम आदमी के जेब की सीमा से बहार ही होते है, इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है.  ऐसे में उपरत्नों का इस्तेमाल लाभदायक रहता है. 
ज्योतिष और रोग : ज्योतिष के अंतर्गत रोगों का उपचार भी किया जाता है ग्रहों को समझकर क्यूंकि ज्योतिष का ये मानना है की जो भी कुछ घटना घटित होती है उसके पीछ…

Kaise Paaye Hanuman Puja Dwara Safaltaa

कैसे पायें हनुमान पूजा से सफलता, कैसे प्रसन्न करे हनुमानजी को, हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का सरल उपाय.  पुरे ब्रह्माण्ड में जो राम भक्त के रूप में जाने जाते हैं, जो परम शक्तिशाली है, जो भक्तो के भक्त है, जो परम प्रतापी, परम बलशाली, परम भक्त है वो हमेशा भक्तो के कल्याण हेतु आतुर रहते हैं. हनुमान जी की पूजा से बहुत आसानी से भक्तगण भय से बाख जाते हैं, उनकी कृपा से बल, बुद्धि और विद्या से हम परिपूर्ण हो सकते हैं. 
आज के इस कलयुग में हनुमानजी एक ऐसे देवता है जो साक्षात मौजूद है ऐसी मान्यता है और लोगो के अनुभव भी है. अतः उनकी पूजा अराधना से तुरंत फल की प्राप्ति होती है इसमे कोई शक नहीं है.  चलिए देखते हैं की कैसे हम महाबलशाली की कृपा प्राप्त कर सकते हैं आसानी से परन्तु उससे पहले जानते हैं की क्या क्या सावधानी रखना चाहिए हनुमान पूजा करने के दौरान. इस पूजा में या इनके कोई भी टोटका को करने में पवित्रता का धयान जरुर रखना चाहिए. ब्रह्मचर्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इनकी पूजा में रोट का भोग लगाया जाता है , लड्डू और चूरमा भी इनको पसंद है.गूगल की धुप जरुर देना चाहिए. और पूजा से पहले श्री राम का…

Kya Daan Kare Jyotish Anusaar

क्या दान करे, जानिए कौन सी चीजे किन ग्रहों से जुड़े हैं, ग्रह शांति के लिए क्या दान करे?, क्यों मदद करे किसी की ज्योतिष अनुसार? ऐसी मान्यता है की दान हमारे परेशानियों का हल है, बहुत से फायदे होते किसी को जरुरत की चीजे देने के, क्यूंकि जब हम किसी को कुछ देते हैं तो वो हमे प्रसन्न होक आशीर्वाद देता है, हमे दुआएं देता है जो हमारे जीवन को बदलने में बहुत काम करता है.  कुछ लोग अपने भावी जीवन को सुधरने के लिए दान करते हैं?कुछ मृत्यु के बाद सद्गति के लिए दान करते हैं.कुछ प्रसन्नता के लिए दान करते हैं?कुछ ईश्वर की कृपा के लिए धन्यवाद देने हेतु दुसरो की मदद करते हैं.और कुछ ग्रह दोषों को कम करने हेतु दान करते हैं. ज्योतिष के अनुसार क्या दान करे? ये एक अति महत्त्वपूर्ण सवाल है की क्या दान करे, तो इसके बारे में ज्योतिष में उल्लेख है की जिन ग्रहों के कारण जीवन में समस्याएं आ रही है उन ग्रहों से सम्बंधित चीजो का दान हमारे जीवन के लिए शुभ होता है. हम अन्नदान, वस्त्रदान, विद्यादान, धनदान आदि कर सकते हैं अपनी और दुसरो के जरूरत अनुसार.  देते रहने से कभी कुछ घटता नहीं है, जब हम देते हैं और ईश्वर हमे और देत…

Angarak Yog Ke Prabhav Vibhinn Kundli Ke Vibhinn Bhavo Me

अंगारक योग का प्रभाव कुंडली के विभिन्न भावो में, कैसे निजात पाए अंगारक योग के दुष्प्रभाव से. 
अंगारक योग ज्योतिष के अंतर्गत एक समस्या उत्पन्न करने वाला योग है जो की जिसके कुंडली में होता है उसके जीवन में विपरीत प्रभाव उत्पन्न करता. जितनी जल्दी हो सके इसके परिहार के लिए कदम उठाना चाहिए अन्यथा कामकाजी और व्यक्तिगत जीवन दोनों ही प्रभावित होता है.
ज्योतिष संसार के इस लेख में हम जानेंगे की अलग कुंडली के अलग अलग भावो में अंगारक योग क्या प्रभाव उत्पन्न करता है.
वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में मौजूद १२ भाव अलग अलग विषयो से जुड़े है इसी कारण किसी भी योग का प्रभाव में अलग अलग होता है. कुछ लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं, कुछ लोगो को स्वास्थ्य हानी होती है, कुछ लोगो को आर्थिक तंगी का सामना करना होता है, कुछ लोगो को प्रेम में परेशानी आती है कुछ लोगो को संबंधो में समस्याओं का सामना करना होता है आदि. आइये जानते हैं की अंगारक योग का प्रभाव कुछ विशेष भावो के हिसाब से क्या हो सकता है जीवन में :अगर कुंडली के पहले भाव में अंगारक योग बने तो क्या होगा – कुंडली में पहला भाव दिमाग से सम्बन्ध रखता है, संब…

Kundli Me Shubh Aur Ashubh Yog In Hindi

कुंडली में शुभ और अशुभ योग, जानिए कुछ शुभ और अशुभ योगो का जीवन पर प्रभाव ज्योतिष द्वारा. कुंडली हमारे जीवन का दर्पण है और ज्योतिष कुंडली को पढ़कर हमे मार्गदर्शन कर सकता है की क्या करना चाहिए और क्या नहीं. कुंडली में ग्रह विभिन्न प्रकार से विभिन्न भावों में बैठते हैं जिससे की भिन्न –भिन्न प्रकार के योगो का निर्माण होता है. ये जरुरी नहीं की सभी कुंडली में कोई न कोई योग बने. किसी योग के न होने से शुभ या अशुभ होने का निर्णय नहीं लिया जा सकता है. अतः योगो पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए. परन्तु यहाँ जानकारी के लिए कुछ शुभ और अशुभ योगो का वर्णन किया जा रहा है. किसी भी निर्णय पर पहुचने से पहले अच्छे ज्योतिष से परामर्श अवश्य ले. आइये अब जानते है कुछ कुंडली में बनने वाले कुछ शुभ योगो के बारे में – वज्र योग – यदि सभी शुभ ग्रह लग्न और सप्तम भाव में विराजमान हो या फिर सभी पाप ग्रह चतुर्थ और दशम भाव में विराजमान हो तो वज्र योग का निर्माण कुंडली में होता है. इस योग के प्रभाव से जातक सुखी, शूर-वीर, सुन्दर होता है. ऐसे जातक पुलिस या सेना में भी सफलता पुर्वक काम करते हैं.यव योग – यदि समस्त पाप ग्रह लग्न…

Janmashtmi Mahattw In Hindi and Jyotish

Janmashtmi Mahattw in hindi, 2019 जन्माष्टमी का क्या महत्तव है, क्या करे सफलता के लिए कृष्णा जन्माष्टमी पर, ज्योतिष और जन्माष्टमी, घर में जन्माष्टमी मनाने का आसान तरीका. कृष्ण जन्माष्टमी एक ऐसा उत्सव है जो की सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु संसार के कई देशो में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है. इसका कारण ये है की कृष्ण भक्त पुरे संसार में फैले हुए हैं. जन्माष्टमी वह दिन हैं जब कृष्ण जी ने धरती पर जन्म लिया था. कृष्ण जी को भगवान् विष्णु का अवतार माना जाता है और उनके अवतार लेने की दिव्या घटना अष्टमी की रात्री को घटी थी हिन्दू पंचांग के हिसाब से. अतः तभी से जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाने लगा. इस दिन लोग पूरी रात लोग नाम संकीर्तन , कृष्ण मंत्र का जप आदि किया करते हैं. कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव: इस रात्रि का इन्तेजार भक्त लोग पुरे साल करते हैं, पूरी रात भक्तगण कृष्ण नाम के साथ झूमते हैं , गाते हैं, जगह जगह झांकियां सजाई जाती हैं, लोग घरो में भी झांकियां सजाते हैं और उत्सव मानते हैं. झूला लगाया जाता है, उसमे बालगोपाल की मूर्ती रखी जाती है, रात्रि को लोग ह्रदय से बड़े हर्ष और उल्लास के साथ पूजन करते ह…

Rajyog Jyotish Mai, राजयोग को जानिए

Rajyog in hindi Jyotish Mai, राजयोग को जानिए,  कुंडली में राजयोग, ग्रहों की स्थिति राज योग में, कैसे जाने कुंडली में राजयोग को. 
कुंडली में मौजूद योगो को जानने की लालसा सभी को रहती है, जिन लोगो को ज्योतिष में रूचि होती है वो ये जानना चाहते हैं की उनके कुंडली में राज योग है की नहीं. इस लेख में इसी विषय पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्या होता है राज योग, क्यों लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं. क्या करे अगर राज योग न हो कुंडली में, कैसे जीए एक सुखी और सफल जीवन. राजयोग के बारे में गलत धारणा : लोग साधारणतः ऐसा सोचते हैं की राज योग सिर्फ एक ही प्रकार का होता है और इसमे सिर्फ एक ही प्रकार से ग्रहों की स्थिति होती है. परन्तु ये सरासर गलत धरना होती है. राज योग अलग अलग प्रकार के होते हैं और सभी में ग्रहों की स्थिति अलग अलग प्रकार के होते हैं. एक अच्छा और अनुभवी ज्योतिष आपकी कुंडली को देखके इसके बारे में सही जानकारी दे सकता है. क्या है राज योग ? राजयोग का अर्थ होता है कुंडली में ग्रहों का इस प्रकार से मौजूद होना की जीवन में सफलताओं को आसानी से व्यक्ति प्राप्त कर सकता हो. अगर कुंडली में राज योग होता…

Tarpan Kya Hota Hai

Tarpan kya hota hai, जानिए हिंदी में तर्पण के बारे में, कैसे मुक्ति पायें पितृ दोष से, कैसे पायें सफलता जीवन में, कैसे पायें पितरो से आशीर्वाद. ऐसा देखा जाता है की कुंडली में पितृ दोष होने के कारण लोग बहुत परेशान रहते हैं, जीवन में हर कदम पर परेशानी आती रहती है. व्यक्तिगत जीवन और काम-काजी जीवन में हद से जयादा परेशानी आती है. और कितनी भी कोशिश करे , परेशानी ख़त्म नहीं हो पाती है. पितृ दोष को अगर सही तरीके से समझ जाएँ तो इससे मुक्ति पाई जा सकती है, इस लेख में पितृ दोष से मुक्ति के लिए एक विशेष प्रयोग की जानकारी दी जा रही है जिसे तर्पण कहते हैं.

जब भी कोई व्यक्ति शारीर का त्याग करता है तो उसकी मुक्ति के लिए कुछ विशेष पूजाओ का जिक्र हमारे ग्रंथो में किया गया है , इन क्रियाओं को करने से आत्मा क्षण भंगुर संसार के मोह को त्याग कर मुक्ति हो जाती है और इसका पुण्य क्रिया करने वाले को मिलता है.

ऐसी मान्यता है की अगर मृत्यु के पश्चात कर्मो को ठीक ढंग से नहीं किया जाता है तो आत्मा मुक्त नहीं होती है और इधर उधर भटकती रहती है. इससे पितृ दोष, प्रेत दोष आदि की उत्पत्ति होती है और ज्योतिष में इसे कुंडली…

Akasmik Dhan Prapti Yoga Jyotish Mai

Akasmik Dhan Prapti Yoga Jyotish Mai, कुंडली में कुछ योग जो बनाते हैं धनवान, जानिए कौन से ग्रह बनायेंगे करोड़पति.  धन की आवश्यकता सभी को होती है और इसके लिए हम सभी मेहनत करते रहते हैं, परन्तु भाग्य से भी कभी कभी आकस्मिक धन प्राप्ति संभव है जिसे ज्योतिष के माध्यम से जाना जा सकता है. हमने ऐसा बहुत सुना है और देखा भी होगा की किसी को चलते चलते सोना मिला, किसी को लाटरी खुल गई, किसी को किसी ने उपहार स्वरुप संपत्ति दे दी या किसी को खुदाई करते हुए गड़ा धन प्राप्त हुआ, आदि | ये तभी होता है जब कुंडली में आकस्मिक धन प्राप्ति योग हो.  कुंडली या जन्म पत्रिका में ग्रह विभिन्न भावो में बैठते हैं अलग अलग राशियों के साथ और विभिन्न प्रकार के योगो का निर्माण करते हैं. कुछ योग आकस्मिक धन प्राप्ति करवाने में सहायता करते हैं. आइये जानते हैं की आकस्मिक धन प्राप्ति में क्या क्या आ सकता है? अगर भाग्य में अचानक से धन लाभ या संपत्ति लाभ हो तो जातक को गुप्त धन की प्राप्ति हो सकती है, लोटरी लग सकती है, स्कालरशिप मिल सकती है, कोई वसीयत नाम कर सकता है, कोई भेंट में संपत्ति या धन दे सकता है आदि. आइये जानते हैं की अचान…

Rakshabandhan Mahurat in Hindi

Rakshabandhan Mahurat 2019 in Hindi, क्या खास बात है 2019 के रक्षाबंधन में, ग्रहों की दशा जानिए ७  अगस्त 2019 को., ज्योतिषीय महत्तव रक्षाबंधन का.
एक पवित्र त्यौहार है रक्षा बंधन, एक महत्त्वपूर्ण उत्सव है रक्षाबंधन जो की समर्पित है भाई और बहनों को. भाई कहीं भी हो पर रक्षाबंधन के दिन वो जरुर से कोशिश करते हैं की घर पर आये और अपनी प्यारी बहन से राखी बंधवाये और उसे कुछ उपहार दे. 
जो धागा बहन अपने भाई को बांधती है वो कोई साधारण धागा नहीं होता अपितु एक रक्षा कवच की तरह काम करता है जो की व्यक्ति के भाग्वोदय में सहायक होता है. जहाँ बहन भाई की रक्षा के लिए पवित्र धागा बांधती है वही भाई भी बहन की रक्षा करने का वादा करते हैं और विश्वास दिलाते हैं की जीवन भर जब भी जरुरत पड़ेगी तो वो बहन की रक्षा करेंगे.  आइये जानते हैं की 2019 के रक्षाबंधन की क्या ख़ास बात है : 15 अगस्त 2019 को दिन है रविवार और पूर्णिमा तिथि है. इस दिन ग्रहों की स्थिति अच्छी और ख़राब दोनों बन रहा है, आइये देखते हैं –
चन्द्रमा स्व राशी का रहेगा जो की इस त्यौहार को बल देगा.गुरु अपने मित्र राशि में रहेगा जिससे इस दिन की शुभता बढ़ेगी.बुध भ…

Rakshabandhan aur Hindi Jyotish

रक्षा बंधन और हिंदी ज्योतिष, क्या महत्त्व है रक्षा बंधन का, क्या करे सुख और सम्पन्नता के लिए रक्षा बंधन को ज्योतिष समाधान.
रक्षा बंधन और ज्योतिष: रक्षाबंधन जिसे राखी के नाम से भी जानते हैं भारत में मनाया जाता है. ये भाई और बहनों का त्यौहार है और हर बहन इस त्यौहार का इन्तेजार करती है हर साल. राखी के दिन बहन अपने भाई को सुन्दर सा धागा बांधती है जो की उसके प्रेम का प्रतिक है, इससे वो ये भी कहती है की जीवन भर रक्षा करना और प्रेम बनाए रखना. दशको से भारत में ये त्यौहार मानता आ रहा है. राखी का त्यौहार श्रावण मॉस के पूर्णिमा को मानाया जाता है हिन्दू पंचांग के अनुसार.  नोट: राखी कभी भी भद्रा काल में नहीं बांधना चाहिए, इस काल की जानकारी अखबारों और टीवी चैनल पर बताया जाता है समय आने पर.  ज्योतिष के हिसाब से श्रावण महीने की पूर्णिमा बहुत ही महत्त्वपूर्ण होती है. अगर इस दिन कोई दान करे, पूजा पाठ करे तो भाग्योदय होता है. इसीलिए भी ये दिन काफी उत्साह से मानाया जाता है.  इस दिन बहन अपने भाई के कलाई में राखी बांधती है और भाई अपनी प्यारी बहन को उपहार देता है और दोनों ही एक दुसरे के अच्छे जीवन की कामना क…

Swapn Aur Jyotish| सपनो के अर्थ

Swapn Aur Jyotish, सपनो के अर्थ, कैसे जाने सपने अच्छे हैं या बुरे, ज्योतिष द्वारा स्वप्न फल जाने, स्वप्न विज्ञान.
सोना किसे पसंद नहीं होता, एक अच्छी नींद शारीर को उर्जा से भर देती है और दुसरे दिन हम अच्छी तरह से काम कर सकते हैं. जब हम सोते हैं तो हमे बहुत से दृष्टांत होते हैं जिसे हम सपने कहते हैं. रोज हर कोई ना ना प्रकार के सपने देखते हैं. ज्योतिष सपनो को देखकर भी संभावित घटनाओं के बारे में जाना जाता है. परन्तु ये इतना भी आसान नहीं होता है क्यूंकि बहुत से सपने तो हम उठते ही भूल जाते हैं.
कुछ सपने भाग्योदय का संकेत देते हैं और कुछ संकटों का संकेत देते हैं.
इस लेख में हम जानेंगे किस प्रकार से सपने क्या अर्थ बताते हैं.
आइये जानते हैं कुछ शुभ सपनो के बारे में :सूर्य का सपने में दिखना ये बताता है की जल्दी ही किसी संत या फिर अध्यात्मिक व्यक्ति से मुलाकात होने वाली है और आशीर्वाद प्राप्त होने वाला है.अगर स्वप्न में बादल नजर आये तो खुश होना चाहिए क्यूंकि ये व्यापार में वृद्धि के संकेत है.अगर सपने में घोड़े की सवारी करते देखे तो भी ये तरक्की के संकेत हैं.अगर कोई अपने आपको कांच में देखे सपने मे…

Swapn Me Uttar Paane Ke liye Mantra

कैसे पायें स्वप्न में प्रश्नों का उत्तर, स्वप्न सिद्धि का मंत्र, दुर्गा जी का स्वप्न सिद्धि हेतु मंत्र.

सपने तो हम सभी रोज देखते हैं, ये हमारे जीवन का एक भाग है. बिना सपनो के नींद की कल्पना नहीं की जा सकती है. ये बात अलग है की कुछ लोगो को सपने याद रहते हैं और कुछ लोगो को सपने याद नहीं रहते हैं. शुभ सपनो को देखने से व्यक्ति को बड़ा अच्छा लगता है परन्तु किसी डरावने सपने को देखके मन में भय और अस्थिरता का भाव उदित हो जाता है.

स्वप्नों पर हमारा कोई अधिकार नहीं होता है परन्तु विज्ञान के अनुसार हमारे सूक्ष्म मन में जो विषय रहते हैं वही सपनो में नजर आते हैं.  भारतीय शाश्त्रो में कई प्रकार के विद्याओं के गूढ़ विद्याओं की जानकारी दी गई है जिनमे से एक विद्या है स्वप्न में अपने प्रश्नों का उत्तर पाने की साधना. दुर्गा शप्तशती में इस मंत्र का उल्लेख मिलता है.  ये मंत्र माँ दुर्गा का एक शक्तिशाली मंत्र है और  जो पूर्ण भक्ति भाव से इसका जप करता है उसे स्वप्न में माँ की कृपा से मार्ग दर्शन प्राप्त होता है.  मंत्र का प्रयोग करने से पहले इसे नवरात्री, दिवाली की रात्रि, ग्रहण के समय में जप लेना चाहिए.  आइय…

Sheegra Vivaah Ke Liye Ye Kare

शीघ्र विवाह के लिए टोटके, कैसे दूर करे विवाह में देरी की समस्या को, जानिए शबर मंत्र शादी के लिए, यन्त्र प्रयोग शादी के लिए.  विवाह में देरी उन लोगो के लिए बहुत परेशानी का कारण होता है जो जीवन साथी के साथ अपना जीवन जीना चाहते हैं. कुंडली में मे मौजूद ख़राब ग्रह या किसी अन्य कारणों से कुछ लोगो के विवाह में देरी होती जाती है और वे लोग वैवाहिक सुख से वंचित रहते हैं.  इस लेख में हम जानेंगे कुछ विशेष टोटके और शबर मंत्र जिनके प्रयोग से शादी में देरी की बाधा को दूर किया जा सकता है. नोट: किसी भी प्रयोग को करने से पहले अच्छे ज्योतिष को कुंडली भी दिखा देना चाहिए और कुंडली अनुसार उपाय भी कर लेना चाहिए. शीघ्र विवाह हेतु पहला प्रयोग: निचे दिए गए यन्त्र को पहले किसी शुभ महूरत में भोज पत्र पर केसर की स्याही से बना लेना चाहिए और सही तरीके से पूजा करना चाहिए कम से कम 3 दिन. पूजन के बाद दिए गए मंत्र का १००८ जप करना चाहिए. तीसरे दिन पूजन के बाद यन्त्र को ताबीज में डाल के धारण करना चहिये. इसे तब तक पहने जब तक विवाह ना हो जाए. साथ ही मंत्र का जप रोज करना चाहिए.  विवाह के लिए मंत्र : "ॐ कुंडली नमः " …

Nagchandreshwar Mandir Saal Me Ek Baar Hi Kyu Khulta Hia ?

उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर : क्यों खुलता है सिर्फ साल में एक दिन? इस सवाल का जवाब हर भक्त जानना चाहता है, बहुतो को तो मालूम है पर अधिकतर लोगो को इसकी जानकारी नहीं है.  हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है। भारत में नागों के अनेक मंदिर हैं, इन्हीं में से एक मंदिर है उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर का,जो की उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी खास बात यह है कि यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही दर्शनों के लिए खोला जाता है। ऐसी मान्यता है कि नागराज तक्षक स्वयं मंदिर में रहते हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर में 11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा है, इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है। पूरी दुनिया में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान भोलेनाथ सर्प शय्या पर विराजमान हैं। मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति में शिवजी, गणेशजी और…