Gupt navratri kab se shuru hogi 2026, माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, Gupt Navratri Ke upay. Gupt Navratri 2026: हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण दिन शुरू हो जाते है. इस साल गुप्त नवरात्री 19 जनवरी सोमवार से शुरू होंगे और 27 जनवरी तक रहेंगे . ये 9 दिन साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखते है. प्रतिपदा तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 1:23 बजे शुरू हो जाएगी. Magh Mahine Ki Gupt Navratri Kab se hai गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है? Gupt Navratri 2026 गुप्त नवरात्री साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं | अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं | कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है | अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता ...
कैसे पायें हनुमान पूजा से सफलता, कैसे प्रसन्न करे हनुमानजी को, हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का सरल उपाय.
पुरे ब्रह्माण्ड में जो राम भक्त के रूप में जाने जाते हैं, जो परम शक्तिशाली है, जो भक्तो के भक्त है, जो परम प्रतापी, परम बलशाली, परम भक्त है वो हमेशा भक्तो के कल्याण हेतु आतुर रहते हैं. हनुमान जी की पूजा से बहुत आसानी से भक्तगण भय से बाख जाते हैं, उनकी कृपा से बल, बुद्धि और विद्या से हम परिपूर्ण हो सकते हैं.
आज के इस कलयुग में हनुमानजी एक ऐसे देवता है जो साक्षात मौजूद है ऐसी मान्यता है और लोगो के अनुभव भी है. अतः उनकी पूजा अराधना से तुरंत फल की प्राप्ति होती है इसमे कोई शक नहीं है.
चलिए देखते हैं की कैसे हम महाबलशाली की कृपा प्राप्त कर सकते हैं आसानी से परन्तु उससे पहले जानते हैं की क्या क्या सावधानी रखना चाहिए हनुमान पूजा करने के दौरान.
- इस पूजा में या इनके कोई भी टोटका को करने में पवित्रता का धयान जरुर रखना चाहिए.
- ब्रह्मचर्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
- इनकी पूजा में रोट का भोग लगाया जाता है , लड्डू और चूरमा भी इनको पसंद है.
- गूगल की धुप जरुर देना चाहिए.
- और पूजा से पहले श्री राम का ध्यान और आवाहन भी करना उचित होता है.
- भक्ति से की गई साधना अवश्य सफल होती है.
- आसन के बिना कोई भी पूजा न करे.
आइये देखते है की कैसे आसानी से हम हनुमानजी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं :
- हनुमान चालीसा का पाठ अगर रोज किया जाए विधिवत तो निश्चय ही सफलता प्राप्त होती है.
- बजरंग बाण का पाठ आवश्यक होने पर ही करना ठीक रहता है.
- इसी प्रकार हनुमान अष्टक के साथ हनुमान चालीसा का पाठ बहुत ही अच्छा मन जाता है.
- बहुत अधिक कष्ट होने पर हनुमान जी के मंदिर में दीपक जला के फिर उनकी 108 परिक्रमा करने पर शीघ्र ही शुभ फल की प्राप्ति संभव है.
- शनि की अधिक पीड़ा होने पर शनिवार को हनुमानजी को चोला चढ़ा के १०० बार हनुमान चालीसा का पाठ बहुत बड़े विध्नो से भी छुटकारा दिला देता है.
- हनुमान जी के मंदिर मई सुन्दर काण्ड का पाठ करना भी बहुत शुभ मन जाता है .
- जहां पर नित्य हनुमानजी की पूजा अराधना होती है वह पर कभी भी कोई अशुभता प्रवेश नहीं करती है , इसमे कोई संशय नहीं है.
- अगर नकारात्मक उर्जा बहुत परेशान कर रही हो तो उस समय उतारा करके सिद्ध हनुमान कवच धारण करना बहुत लाभदायक होता है.
- पीपल के पत्तो की माला बनाकर अगर हनुमानजी को अर्पित किया जाए तो भी मनोकामनाए शीघ्र सिद्ध होती है.
हनुमानजी पर किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं होता है अतः उनकी कृपा से कोई भी भक्त अपनी रक्षा कर सकता है.
जो स्वयं ज्ञान के भण्डार है , जिनमे विश्व की तमाम शक्तियां समाहित है, जो भक्तो के भक्त है, जो महाबली है, जो भक्तो का उद्धार करने के लिए तत्पर रहते है उन श्री राम की कृपा सबको प्राप्त हो
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