🌸 संतान सप्तमी व्रत — कब है? संतान सप्तमी का व्रत 18 सितंबर को रखा जाएगा। 📅 सप्तमी तिथि विवरण समय सप्तमी तिथि प्रारंभ 17 सितंबर, सुबह लगभग 10:48 बजे सप्तमी तिथि समाप्त 18 सितंबर, दोपहर लगभग 1:01 बजे व्रत का दिन उदया तिथि के अनुसार 18 सितंबर Santan Saptmi Ka Vrat Kab Hai | Katha 🪔 संतान सप्तमी पूजा का शुभ समय संतान सप्तमी की पूजा दिन में तथा प्रदोष काल में की जा सकती है। ☀️ दिन का पूजा मुहूर्त दोपहर 12:08 बजे से 12:57 बजे तक 🌅 प्रदोष काल शाम 5:39 बजे से 7:09 बजे तक ⚠️ राहु काल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक इसलिए दिन में पूजा करते समय राहु काल का ध्यान रखें। प्रदोष काल में भी पूजा की जा सकती है। 🙏 संतान सप्तमी की पूजा के खास नियम देवता संतान सप्तमी पर मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। 🧵 सात गांठ वाला कलावा 7 गा...
साल के शुरू में शनि अमावस्या ! क्या करे, कैसे बनाए जीवन को सफल, कौन की पूजा करे शनि-अमावस को. 2019 की शुरुआत ज्योतिष की दृष्टि से बहुत अच्छी हो रही है, साल का पहला दिन एकादशी रहेगी अर्थात भगवान् विष्णु की पूजा से हम सभी नए साल का स्वागत कर सकते हैं. Saal ke Shuru Mai Shani Amavasya वहीँ दूसरी तरफ पहले ही हफ्ते हमे शनि अमावस्या भी मिलेगी जो की पितृ दोष शांति एवं शनि शांति के लिए बहुत ही शुभ दिन होगा. अमावस्या देखा जाए तो वैसे भी बहुत महत्त्व रखता है क्यूंकि इस दिन तंत्र साधनाए भी होती है, उतारे भी होते हैं, देवी देवताओं, पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी पूजा-पाठ होता हैं. जिनके ऊपर शनि के ढैया या साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है उनके लिए तो साल के शुरुआत में शनि अमावस्या का पड़ना वरदान से कम नहीं है क्यूंकि शुरुआत में ही आप शनि देव को खुश कर अपने संकटों को कम कर सकते हैं. पढ़िए नया साल का प्रभाव आपके राशि पर क्या असर होने वाला है >> 5 जनवरी २०१९ उन सभी लोगो के लिए ख़ास है जो शनि ग्रह से पीड़ित हैं, जिनको नौकरी नहीं मिल रही है, जिनका विवाह शनि के कारण बिगड़ रहा है,...