Shukra kab uday honge 2026, शुक्र के उदय होने से क्या प्रभाव होगा, Shukra Ke Uday hone ka 12 Rashiyo par Prabhav. Shukra Kab Uday Honge: शुक्र 1 फ़रवरी 2026 रविवार को उदय होंगे मकर राशि में और मांगलिक कार्य जैसे विवाह शुरू हो जायेंगे | Shukra ke uday होने से बहुत से लोगो को खूब फायदा होने वाला है | वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों में होने वाले बदलाव के अनुसार लोगों के जीवन में भी बदलाव शुरू हो जाते हैं इसीलिए ज्योतिष प्रेमी ग्रह गोचर का अध्ययन करते रहते हैं | शुक्र ग्रह ऐशो आराम, प्रेम, रोमांस, आकर्षण शक्ति, भौतिक सुख सुविधा, धन, वैभव, सौंदर्य और सुख-समृद्धि के कारक ग्रह है अतः ऐसे में जब शुक्र उदय होंगे तो लोगो के जीवन में खुशियाँ बढेंगी | Shukra Kab Uday Honge 12 Rashi Par Prabhav आइये जानते हैं की Shukra Ke Uday होने से 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? Mesh Rashifal(Aries) : Shukra Kab Uday Honge शुक्र का मकर राशि में उदय मेष राशि वालों के करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करेगा। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों से सहयोग मिल सकता है और आपके काम की सराहना होगी। ...
ग्रहण दोष निवारण पूजा | कुंडली में ग्रहण योग का समाधान | जानिए कुछ आसान उपाय ग्रहण योग के प्रभाव को कम करने के
ग्रहण दोष निवारण पूजा बहुत जरुरी है उन पुरुष और महिलाओं के लिए जो इसके प्रभाव से ग्रस्त है. इस पूजा द्वारा ग्रहण दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन को सरल बनाया जा सकता है.
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| Grahan Shanti Pooja In Hindi |
- अगर कोई ग्रहण योग के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहा है तो ग्रहण दोष निवारण पूजा करनी चाहिए.
- अगर किसी के शादी में देरी हो रही है ग्रहण योग के कारण तो ये पूजा करनी चाहिए.
- अगर किसी को स्वास्थ्य हानि हो रही है लगातार ग्रहण योग के कारण तो भी ये पूजा करनी चाहिए.
- अगर कोई बचत नहीं कर पा रहा है और सम्पन्नता से वंचित है ग्रहण योग के कारण तो भी शांति पूजा से लाभ हो सकता है.
- अगर रोजगार में बाधा आ रही है तो भी इस पूजा से लाभ उठाया जा सकता है.
- अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही है ग्रहण दोष के कारण तो भी इस पूजा से लाभ लिया जा सकता है.
ग्रहण योग क्या होता है ?
मेरे पिछले लेख में इस विषय में जानकारी दी है अतः “ग्रहण योग क्या है"इस लेख को पढ़े.
जब भी राहू और केतु के साथ कोई ग्रह किसी भाव में बैठ जाए तो ग्रहण योग का निर्माण हो जाता है. इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए लगातार पूजा करते रहना चाहिए.
इसके कारण समाज में नाम, ख्याति, सफलता प्राप्त करने में परेशानी आती है.
आइये जानते हैं किस प्रकार की पूजाएँ की जाती है ग्रहण योग की शांति के लिए ?
चूँकि राहू और केतु के कारण ये योग बनता है तो बहुत से लोग इन्ही दो ग्रहों की पूजाए कर लेते है परन्तु ये तरीका ठीक नहीं है. कौन सी पूजाए करनी चाहिए , इसका निर्णय करने के लिए कुंडली को देखना जरुरी होता है और जिस ग्रह के कारण परेशानी आ रही है उससे सम्बंधित उपाय करने होते हैं.
आइये जानते हैं कुछ फ्री समाधान ग्रहण योग के जो आसानी से किया जा सकता है :
- अगर आप चन्द्रग्रहण योग से ग्रस्त है तो रोज शिव मंदिर में पूजा करने का नियम बना ले. रोज अभिषेक करके शिव मन्त्र का जप करना लाभदायक होता है.
- अगर आप सूर्य ग्रहण दोष से ग्रस्त है तो रोज सूर्य को अर्ध्य देके अपने सफल जीवन के लिए प्रार्थना करे.
- अगर आप गुरु ग्रहण योग से ग्रस्त है तो ब्राह्मणों और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना न भूले समय समय पर.
- गणेशजी की पूजा भी ऐसे में लाभ देती है.
- शांति पूजा के बाद कवच भी मंगवा के आप धारण कर सकते हैं.
- कुंडली दिखवा के भाग्यशाली रत्न भी धारण किया जा सकता है.
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| jyotish dwara grahan yog ka samadhan |
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