Vivah Ke Baad Anaitik Sambandh Aur Jyotish

विवाह के बाद अनैतिक सम्बन्ध क्यों बनते हैं, जानिए क्या ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं अनैतिक संबंधो के, Extra marital affair ke jyotishiy karan.

आज के इस युग में असंतोष होने के कारण या फिर ज्यादा चाह की इच्छा के कारण अनैतिक सम्बन्ध बहुत बन रहे है जिनके कारण तलक के मुद्दे भी बढ़ते जा रहे हैं.
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Vivah Ke Baad Anaitik Sambandh Aur Jyotish

शादी के बाद यदि कोई दूसरा सम्बन्ध बना रहा है तो इसका मतलब है की उसके किसी इच्छा की पूर्ति नहीं हो रही है और उस इच्छा को पूरा करने के लिए वो दुसरे की तलाश करता है और सम्बन्ध बनाता है या बनाती है.
आज अवैध संबंधो के कारण बहुत से क्राइम भी हो रहा है.
आज अनैतिक संबंधो के कारण बहुत से तलाक भी हो रहे है.
आज इसके कारण कई परिवार रोज अलग हो रहे है.

आइये जानते हैं कुछ आम कारण अनैतिक संबंधो के लिए:

  1. विवाह के बाद सम्बन्ध का एक कारण विवाह से पहले का प्रेम भी हो सकता है जिसे लड़का या लड़की भुला नहीं पा रहे हो.
  2. कुछ लोग विवाह के बाद भी किसी और से प्रेम कर बैठते हैं और सम्बन्ध बन जाते हैं.
  3. कुछ लोग अपने रोजाना की जिन्दगी से ऊब जाते हैं और इससे बाहर आने के लिए दूसरा सम्बन्ध बनाते हैं.
  4. कुछ दंपत्ति शादी के बाद भी एक दुसरे से भावनापूर्ण सम्बन्ध नहीं बना पाते हैं और दुसरे सम्बन्ध बना लेते हैं.
  5. कुछ दंपत्ति में आपसी समझ की कमी होती है जिससे वे दुसरे सम्बन्ध बना बैठते हैं.
  6. कुछ लोग अपने साथी के साथ सेक्स में संतुष्ट नहीं हो पाते हैं और दुसरे से सम्बन्ध बनाते हैं.
  7. कुछ लोग तो अपने माता पिता की मर्जी से मज़बूरी में शादी करते हैं और बाद में भी किसी और से सम्बन्ध बना लेते हैं.
  8. कुछ लोग अपने अकेलेपन से छुटकारे के लिए अनैतिक सम्बन्ध बना लेते हैं.
  9. आज कल तो कुछ लोग अपने जॉब में उन्नति के लिए भी उच्च अधिकारियों से सम्बन्ध बनाने लगे हैं पर ऐसा सिर्फ कामकाजी लोगो के साथ होता है.
अतः विवाह बाद संबंधो के लिए कोई भी कारण हो सकता है परन्तु सच ये है की इससे पारिवारिक जीवन खतरे में पड़ जाता है अतः इससे निकलना जरुरी है.

आइये अब जानते हैं Extra Marital Affairs के कुछ ज्योतिषीय कारण :

ग्रहों का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव रहता है अतः हम ज्योतिषीय पहलु को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. कुंडली में कुछ ग्रह या कुछ योग ऐसे होते हैं जिसके कारण जातक के एक से अधिक सम्बन्ध बन सकते हैं.
  • कुंडली में मंगल अगर शक्तिशाली हो तो जातक को सेक्स संतुष्टि के लिए भी शक्तिशाली साथी की जरुरत होती है अगर ऐसा न हो तो जातक अपने सेक्स की संतुष्टि के लिए दूसरा सम्बन्ध बना सकता है.
  • ऐसा भी देखा गया है की अगर मंगल और शुक्र साथ में कुंडली में बैठे हो विशेषकर सप्तम या अष्टम भाव में तो जातक विवाह के बाद भी दूसरा सम्बन्ध बना लेता है.
  • अगर विवाह भाव कुंडली में दूषित हो तो जातक अपने विवाह से असंतुष्ट रहता है और फिर कुछ समय बाद दूसरा साथ ढूँढने लगता है.
  • शक्तिशाली शुक्र भी कभी जातक को दुसरे सम्बन्ध बनाने में मदद करता है.
  • राहू और शुक्र की युति भी जातक के पारिवारिक जीवन को बिगड़ सकता है.
अतः विवाह बाद संबंधो के बहुत से ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं. इसके समाधान के लिए अनुभवी ज्योतिष से संपर्क करना चाहिए जिससे पारिवारिक जीवन को बचाया जा सके.

आइये एक विडियो देखते हैं विवाह बाद संबंधो के कारणों पर -

 
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