Skip to main content

Hindi Jyotish Website

Hindi astrology services || jyotish website in hindi|| Kundli reading || Birth Chart Calculation || Pitru Dosha Remedies || Love Life Reading || Solution of Health Issues in jyotish || Career Reading || Kalsarp Dosha Analysis and remedies || Grahan Dosha solutions || black magic analysis and solutions || Best Gems Stone Suggestions || Kala Jadu|| Rashifal || Predictions || Best astrologer || vedic jyotish || Online jyotish || Phone jyotish ||Janm Kundli || Dainik Rashifal || Saptahik Rashifal || love rashifal

Rashi Anusaar Mantra Safalta Ke Liye

१२ राशियों से सम्बंधित मंत्र, ज्योतिष के अनुसार १२ राशियों के लिए बीज मंत्र, जानिए राशी मंत्र को जपने के फायदे. 

हम सभी जानते हैं की वैदिक ज्योतिष के हिसाब से १२ राशियाँ होती है और हर व्यक्ति की कोई न कोई राशि होती है जिसका प्रभाव उसके जीवन में पड़ता ही है. ये १२ राशियाँ हैं (मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन).

bara rashiyo ke mantra in hindi jyotish
१२ राशियों से सम्बंधित मंत्र

हर राशि का कोई न कोई मंत्र भी है और अगर अपने राशि के अनुसार मंत्र का जप करे तो बहुत फायदे होते हैं और सफलता के रास्ते खुलते हैं.
 
मंत्रो का जप सबसे अच्छा तरीका है किसी भी शक्ति की कृपा को पाने के लिए और जीवन को बेहतर बनाने के लिए.

आइये जानते हैं राशि मंत्रो का महत्त्व :

ज्योतिष के हिसाब से अगर कोई अपनी राशि से सम्बंधित मन्त्र का जप करता है तो उसके जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. राशी मंत्रो के जप से धन, ऐश्वर्या, स्वास्थ्य, सम्पन्नता को जीवन में लाया जा सकता है.
  • राशी मंत्र जप से धनागमन होता है.
  • राशी मंत्र जप से काम धंधा भी अच्छा चलता है.
  • राशी मन्त्र के जप से सामाजिक जीवन भी बेहतर हो सकता है.
  • राशी मंत्र जप से व्यक्तिगत जीवन भी सफल हो सकता है.
  • देखा जाय तो ये स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है.
  • राशी मन्त्र का जप नव ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम करके जीवन को सफल बनाता है
Read in english about 12 zodiacs spell for success

राशी मंत्रो का जप कितना करना चाहिए ?

ये एक महत्त्वपूर्ण सवाल है , मै यहाँ ये कहना चाहूँगा की जितना ज्यादा से ज्यादा संभव हो जप करे परन्तु कम से कम १ माला और अगर १० माला जप करे तो बहुत अच्छा है.

आइये जानते हैं कुछ महत्त्वपूर्ण बाते मंत्र जप को लेके

  • मंत्र जप के दौरान ध्वनि और गति को एक जैसा बनाए रखे.
  • ज्यादा जल्दी न करे मंत्र जप करते समय
  • अपने तीसरी आँख के जगह पर पूरा ध्यान लगाके मंत्र जप करे और मंत्र को वहां पर देखने की कोशिश करे और मंत्र की दुनिया में खो जाए.
  • ऐसा महसूस करे की पूरा शरीर और मन दिव्य कृपा से भर रहा है और जीवन बेहतर हो गया है.
  • हमेशा ऊनि आसन पर बैठकर ही मन्त्र जप करे.
  • अगर संभव हो तो दीपक या मोमबत्ती जला के ही मंत्र जप शुरू करे और शक्तियों से सफलता के लिए प्रार्थना करे.

आइये अब जानते हैं १२ राशियों के मंत्रो को :

Watch video here:

मेष राशी मंत्र :

राशी चक्र में मेष राशी का स्थान पहला है और ये अग्नि तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक चर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में काफी उर्जा होती है जिसका अगर सही स्तेमाल करे तो अपार सफलता प्राप्त कर सकते हैं |
अगर मेष राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ऎं कलीं सौः(Om Aim Kleem Sauh)  मेष राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए 
Or
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायणाय नम:(Om hreem shreem laxminaraynaay namah)

वृषभ राशि मंत्र:

राशी चक्र में वृषभ राशी का स्थान दूसरा है और ये पृथ्वी तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक स्थिर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में रचनात्कामकता पाई जाती है जिसका स्तेमाल करके वृषभ राशि के लोग जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं  |

अगर वृषभ राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ऎं क्लीं श्रीं (Om aim kleem shreem) वृषभ राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए 
or
ॐ गौपालाय उत्तर ध्वजाय नम:(om gopalaay uttardhwajaay namah)

मिथुन राशि मंत्र:

राशी चक्र में मिथुन राशी का स्थान तीसरा है और ये वायु तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक द्विस्वभाव राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में अपना काम निकालने की कला होती है जिसका स्तेमाल करके मिथुन राशि के लोग जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं  |

अगर मिथुन  राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ क्लीं ऎं सौः  (om kleem aim sauh) मिथुन राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
Or
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः (om kleem krishnaay namah)

कर्क राशि मंत्र:


राशी चक्र में कर्क राशी का स्थान चौथा है और ये जल तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक चर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोग काफी भावनात्मत्क होते हैं साथ ही अच्छे साथी साबित होते हैं | इनके साथ से दुसरो को काफी लाभ मिलता है  और ऐसे लोग सही मायने में अपनों को ऊपर उठते हुए देखना चाहते हैं |

अगर कर्क राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ऎं क्लीं श्रीं  (om aim kleem shreem) कर्क राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरुपिणे नमः(Om hiranaygarbhaay avyaktrupine namah)

सिंह राशि मंत्र:



राशी चक्र में सिंह राशी का स्थान पांचवा है और ये अग्नि तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक स्थिर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार, और इस राशी के लोगो में जबरदस्त नेतृत्त्व क्षमता होती है, साहस होता है जिसके बल पे सिंह राशि के लोग जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं  |

अगर सिंह राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ह्रीं श्रीं सौः(Om hreem shreem sauh) सिंह राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ क्लीं ब्रह्मणे जगदाधाराय नमः(Om kleem brahamane jagadadharaay namah)

कन्या राशि मंत्र:

राशी चक्र में कन्या राशी का स्थान छठा है और ये पृथ्वी तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक द्विस्वभाव राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,  इस राशी के लोगो में अपना काम निकालने की कला होती है जिसका स्तेमाल करके कन्या राशि के लोग जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं  |

अगर कन्या राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

or
ॐ नमः पीं पीताम्बराय नमः(Om namah peem pitambraay namah)

तुला राशि मंत्र:

राशी चक्र में तुला राशी का स्थान सातवां है और ये वायु तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक चर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में रचनात्मकता काफी होती है जिसका सही स्तेमाल करके तुला राशी वाले सफलता प्राप्त कर सकते हैं |

अगर तुला राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं (Om Hreem kleem shreem) तुला राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ तत्वनिरञ्जनाय नमः(Om tattwniranjanaay namah)

वृश्चिक राशि मंत्र:

राशी चक्र में वृश्चिक राशी का स्थान आठवां है और ये जल तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक स्थिर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में काफी उर्जा होती है जिसका अगर सही स्तेमाल करे तो अपार सफलता प्राप्त कर सकते हैं |

अगर वृश्चिक राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

or
ॐ नारायणाय सुरसिंघाय नमः (Om Naraynaay sursinghaay namah)

धनु राशि मंत्र:



राशी चक्र में धनु राशी का स्थान नवां है और ये अग्नि तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक द्विस्वभाव राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में दिमागी और शारीरिक काम करने की शक्ति होती जिसके कारण ये अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करते हैं |

अगर धनु राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ह्रीं क्लीं सौः(Om hreem Kleem Sauh) धनु राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ श्रीं देवकृष्णाय उर्ध्वदन्ताय नमः(Om Shreem Devkrishnaay urdhvdantaay namah)

मकर राशि मंत्र:

राशी चक्र में मकर राशी का स्थान दसवां है और ये पृथ्वी तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक चर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में काफी मेहनती होते हैं और इमानदार भी |

अगर मकर राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ऎं क्लीं ह्रीं श्रीं सौः(Om Aim Kleem Hreem Shreem Sauh) मकर राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ श्रीं वत्सलाय नमः(om Shreem vatsalaay namah)

कुम्भ राशि मंत्र:

राशी चक्र में कुम्भ राशी का स्थान ग्यारहवां है और ये वायु तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक स्थिर राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में काफी ईमानदार और मेहनती होते हैं  |

अगर कुम्भ राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ह्रीं ऎं क्लीं श्रीं (Om hreem aim kleem shreem) कुम्भ राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः(Om Shreem Upendraay Achutaay Namah)

मीन राशि मंत्र:


राशी चक्र में मीन राशी का स्थान बारहवां है और ये जल तत्त्व से सम्बन्ध रखता है, ये एक द्विस्वभाव राशी है वैदिक ज्योतिष के अनुसार,और इस राशी के लोगो में काफी विद्वान होते हैं और अपने गुणों के कारण समाज में जाने जाते हैं |

अगर मीन राशि के लोग निम्न में से कोई एक मन्त्र का 108 या 1008 जप करे रोज सुबह या फिर किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले तो निश्चित ही सफलता मिलेगी |

ॐ ह्रीं क्लीं सौः (Om hreem kleem sauh) मीन राशी के मन्त्र को youtube में सुनिए
or
ॐ आं क्लीं उध्दृताय नमः (Om Aanm kleem Udhdritay Namah )

ऊपर १२ राशियों के मंत्र दिए गए हैं, इनका जप अपने हिसाब से कभी भी कर सकते हैं.
  • हम राशी मंत्र का जप कोई भी नए कार्य की शुरुआत से पहले कर सकते हैं.
  • हम राशी मंत्रो का जप प्रातः काल दिन की शुरुआत के समय कर सकते हैं.
  • हम राशी मन्त्र का जप किसी भी परीक्षा या इंटरव्यू में जाने से पहले कर सकते हैं.
  • हम किसी भी यात्रा को शुरू करने से पहले राशी मन्त्र का जप कर सकते हैं 
ज्योतिषीय परामर्श और मार्गदर्शन के लिए ज्योतिष से संपर्क करे 



१२ राशियों से सम्बंधित मंत्र, ज्योतिष के अनुसार १२ राशियों के लिए बीज मंत्र, जानिए राशी मंत्र को जपने के फायदे.

Comments

Popular posts from this blog

om kleem krishnaay namah mantra ka mahattw

om kleem krishnaya namah benefits in hindi, ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र के लाभ और अर्थ, ॐ क्लीं नमः का जाप कैसे करे, क्लीं बीज का रहस्य वशीकरण मंत्र ॐ क्लीं कृष्णाय नमः का रहस्य.  क्लीं बीज मंत्र काली देवी से संबंधित है और बहुत शक्तिशाली है। इस मंत्र के जाप से एक दिव्य आभा और आकर्षण शक्ति विकसित होती है जो दैवीय ऊर्जाओं के साथ-साथ भौतिक सुखों को आकर्षित करने में मदद करती है।  श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं और महान व्यक्तित्व, प्रेम, ज्ञान और बुद्धि के प्रतीक हैं। om kleem krishnaay namah mantra ka mahattw " ॐ क्लीं कृष्णाय नमः " एक अद्भुत मंत्र है जो जप करने वाले को सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है और इसलिए भक्तों द्वारा दशकों से इसका उपयोग किया जाता रहा है। यह मंत्र देवी दुर्गा के साथ-साथ कृष्ण की भी शक्ति रखता है और इसलिए यह उन सभी के लिए एक दिव्य मंत्र है जो जीवन में जल्द ही सफलता चाहते हैं। "ॐ क्लीं कृष्णाय नमः" एक शक्तिशाली मंत्र है जो आंतरिक आध्यात्मिक ऊर्जा का आह्वान करता है जिसका लगातार जप किया जाता है इसलिए जो लोग आध्यात्मिक विकास चाहते हैं उनके लिए

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog , pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है. सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है. Suar Ke Daant Ke Totke सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए : इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है. किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे. वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है. इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए. कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है.  84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे. श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास. श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पास श्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर. श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास. श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर. श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया