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Showing posts from 2016

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके व…

Kaaljadu ka Samadhaan in Hindi

काले जादू का फ्री समाधान ज्योतिष द्वारा, कैसे दूर करे नकारात्मक उर्जा को, जानिए काले जादू से सुरक्षा के कुछ उपाय.

जो लोग काले जादू से परेशान है वो हमेशा इससे निजात पाने की कोशिश में लगे रहते हैं. जो लोग जीवन में लगातार फ़ैल हो रहे हैं, जो लोग लगातार काले जादू के कारण कष्ट भोग रहे हैं, वो किसी भी तरह से इससे बहार आना चाहते हैं. इस लेख में उन लोगो के लिए कुछ उपाय फ्री में दिए जा रहे है जो नकारात्मक उर्जा के कारण बहुत परेशान हो रहे हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कहाँ रहते हैं, आप क्या करते हैं, आपकी जाती क्या है , अगर आपको लगता है की आप सही मायने में किसी के द्वारा किये, कराये से परेशान है तो आपको इस लेख से कुछ मदद मिल सकती है.

परन्तु किसी भी उलझन में होने से किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श भी ले लेना चाहिए.

क्या आप जानते हैं की किस प्रकार के लोगो पर काले जादू से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा रहता है ? मेरे शोध के अनुसार मैंने पाया है की निम्न प्रकार के लोग नकारात्मक उर्जा के प्रभाव में जल्दी आते हैं –  जिनका गण राक्षस है ऐसे लोगो पर नजर दोष, नकारात्मक उर्जा का असर जल्दी होता है. जिनके कुंडल…

Janm Patrika Ka Vishleshan Hindi Me

जन्म पत्रिका का विश्लेषण, जानिए क्या कहती है आपकी जन्म-पत्रिका नए साल में, जानिए क्या लाया है नया साल जीवन में ज्योतिष द्वारा.

ये विश्लेषण व्यक्तिगत रूप से ज्योतिष द्वारा बनाया जाएगा.
इस विश्लेषण में आप पा सकेंगे ग्रहों का असर कैसे रहेगा नए साल में, व्यक्तिगत जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा, प्रेम जीवन कैसा रहेगा, स्वस्थ्य कैसा रहेगा, कम काज में क्या परिवर्तन आ सकते है, व्यापार कैसा रहेगा, आदि.

जानिए कैसे प्राप्त करे नए साल का कुंडली विश्लेषण रिपोर्ट : जन्म पत्रिका का विश्लेषण प्राप्त करना बहुत ही आसान है –
सबसे पहले आपको contactus पेज पर जाकर दिया गया फीस जमा करना है दिए गए अकाउंट में. उसके बाद रसीद के साथ अपनी जन्म की जानकारी को ईमेल करना है. आपके अगर कोई विशेष प्रश्न हो तो वो भी आप भेज सकते है. आपके किस भाषा में रिपोर्ट चाहिए ये भी साफ़ साफ़ लिख के भेजे english या फिर हिंदी में. इसके बाद आपको २ दिन में आपके जन्मपत्रिका का विश्लेषण प्राप्त होगा. आइये अब जानते हैं की आपको क्या क्या मिलेगा इस जन्मपत्रिका विश्लेषण रिपोर्ट में –आप पायेंगे जन्म पत्रिका में साधारण तौर पर …

Bed Room Kab Deta Hai Durbhagya

बेड रूम कब लता है दुर्भाग्य, शयन कक्ष में किन चीजो से उत्पन्न हो सकती है परेशानी, कैसे रखे ध्यान अपने बेड रूम का. 
बेडरूम का मतलब है शयन कक्ष जहाँ हर व्यक्ति सुकून चाहता है, शांति चाहता है. ये एक ऐसा कमरा होता है जिसमे हम अपनी ऊर्जा को वापस पाते हैं, अगर शयन कक्ष अच्छा हो तो इसमें कोई शक नहीं की हम अपने आपको ज्यादा अच्छी तरह तरो-ताजा कर सकते हैं और अपने दिन को भी अच्छा कर सकते हैं.

बेडरूम अच्छा हो तो इसमें भी कोई शक नहीं की व्यक्तिगत जीवन को भी मधुर बनता है, पति-पत्नी के संबंधो को भी मजबूत बनाता है.

परन्तु थोड़ी सी अज्ञानता के कारण व्यक्ति को बहुत परेशानी हो सकती है. बेडरूम जो की उर्जा का स्त्रोत है दुर्भाग्य भी ला सकता है , अतः ये जानना जरुरी है की कैसे बचाए शयनकक्ष को दुर्भाग्य से.

कैसे लाता है बेड रूम दुर्भाग्य ? अगर बेड रूम में देवी देवताओं के फोटो आपने लगाया है तो न चाहते हुए भी दुर्भाग्य आपको परेशान कर सकता है. अगर पितरो का फोटो भी लगाया है तो भी दुर्भाग्य जीवन को संघर्शमय कर सकता है. अगर आप बेडरूम में कोई हिंसक प्राणी का चित्र भी टांगते हैं तो भी आप दुर्भाग्य को निमंत्रण देते हैं.…

Paush Amavasya Ka Mahattw In Hindi

पौष अमावस्या का महत्त्व, जानिए पौष अमावस्या में पूजा और व्रत का महत्त्व, क्या करे पोश अमावस्या को सफलता के लिए. 
पौष का महिना बहुत महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के हिसाब से क्यूंकि इस महीने में बहुत से महत्ववपूर्ण पूजाएँ होती है. हिन्दू पंचांग के हिसाब से ये महिना दसवां महिना है और इस महीने की जो अमावस्या है वो कहलाती है “पौष अमावस्या”. इस दिन को की जाने वाली पूजाएँ सफलता के रास्ते खोल देती है, पितरो को संतुष्ट करती है, धनागमन के रस्ते खोलती है, जीवन को निष्कंटक बनती है.
अतः अगर कोई जीवन में धन की सुरक्षा चाहते हो, पितृ दोष से मुक्ति चाहते हो, शनि, राहू, केतु , ग्रहण योग के दुष्प्रभाव को कम करना चाहते हो तो उनके लिए पौष अमावस्या बहुत महत्त्व रखती है.
जो लोग पौष अमावस्या को ह्रदय से प्रार्थना , पूजा पाठ करते हैं उनको पितरो का आशीर्वाद प्राप्त होता है , इसमें कोई शक नहीं है. ये अमावस्या सर्दियों में आता है और श्राद्ध और तर्पण करने के लिए एक बहुत ही अच्छा दिन है उन लोगो के लिए जो की ब्रह्मलीन हो चुके हैं. आइये जानते हैं किस प्रकार की पूजाएँ हो सकती है पौष अमावस्या को :जो लोग पितृ दोष, क…

Christmas Manaane Ke Kuch Tarike

Christmas Manaane Ke Kuch Tarike, कैसे मनाये क्रिसमस, कुछ याद रखने हेतु बाते इस त्यौहार को मनाने से पहले.
 आज से समय में क्रिसमस मानना आसान नहीं रह गया है क्यूंकि आज बड़े बड़े आयोजन होने लगे है, साधन बहुत उपलब्ध हो गए हैं. प्रोफेशनल लोग आजकल सलाह देने लगे है की कैसे क्रिसमस मनाया जाए अलग तरीके से. इस लेख में हम देखेंगे कुछ तरीके जिससे की हम घर पर ही आसानी से इस त्यौहार को मना सके.
1.    अगर आप क्रिसमस को धार्मिक तरीके से मनाना चाहते हैं तो बाइबिल पढ़के उससे सम्बंधित झांकियां बना सकते है जिससे की लोगो को प्रेरणा मिले. इससे बच्चे भी बहुत कुछ सीख पायेंगे.
2.    आप कुछ सामाजिक भलाई के कार्य कर सकते हैं जैसे जरुरतमंदो के लिए आर्थिक मदद इकटठा करना, भूखो के लिए भोजन की व्यवस्था करना, गारीब बच्चो के लिए खिलोने आदि की व्यवस्था करना.
3.    आप जीसस से जुड़े कहानियो की cds या कहानियो की किताबे भी खरीद करके बाँट सकते हैं.
4.    समाज के लोगो को एक जगह इकट्ठे करके विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन करे जिसमें अपने पूर्वजो की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करे और आशीर्वाद प्राप्त करे. 
आइये अब जानते है कुछ और नाय…

Christmas Ke Bare Mai Janiye

Christmas Ke Bare Mai Janiye, क्या है क्रिसमस, क्रिसमस का महत्तव, क्रिसमस रहस्य, कुछ महत्त्वपूर्ण बातें क्रिसमस के बारे में. एक ऐसा दिन जब हम ईश्वरीय शक्तियों का आभार करते हैं, एक ऐसा समय जब लोग अपनों के साथ समय बिताते हैं, एक ऐसा दिन जब सब एक दुसरे को उपहार देकर जीवन में एक दुसरे के होने का महत्तव बताते हैं.
क्रिसमस का इन्तेजार लोग पुरे वर्ष भर करते हैं विशेष तौर पर इसाई लोग. पूरी दुनिया में ये दिन बहुत हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन इसाई धर्म के लोग और साथ ही अन्य जन भी विभिन्न प्रकार के आयोजन करते हैं. 
क्या है क्रिसमस ?
जो लोग इशु को मानते हैं उन लोगो के लिए ये दिन बहुत महत्तव रखता है. इस दिन इशु मसीह का जन्म हुआ था जिनको की भगवान् का अवतार माना जाता है. इनके जन्मोत्सव के रूप में क्रिसमस
 मनाया जाता है. इस दिन गिरजाघरो को सजाया जाता है, विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है. सब तरफ ख़ुशी का माहोल रहता है.
ऐसी मान्यता है की जीसस का जन्म बेथलेहम के एक अस्तबल में हुआ था 25 दिसम्बर को और यही दिन क्रिसमस के रूप में पुरे विश्वभर में मनाया जाता है.
ऐसा कहा जाता है की जीसस/…

Bachho Ke Naam Ka Jyotish Mahattw

नाम और ज्योतिष, बच्चो के नाम कैसे रखे, जानिए अंक विद्या और ज्योतिष का महत्त्व नाम रखने में. किसी का नाम बहुत महत्त्व रखता है, एक अच्छा नाम भाग्योदय में सहायक है वही एक गलत नाम जीवन में उथल पुथल ला सकता है. वैदिक ज्योतिष में नाम रखने के लिए बहुत से सुझाव दिए गए है, अगर ज्योतिषीय सिद्धांतो का ध्यान रखा जाए तो जीवन को सफल बनाने में बहुत सहायता मिल सकती है.

वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नाम रखने से पहले कुछ कर्मकांड करने के नियम है , कुंडली बनाई जाती है और राशि, नक्षत्र आदि को देखने के बाद ही नाम रखा जाता है. इस प्रकार वैदिक ज्योतिष जीवन को सफल बनाने के लिए बहुत मददगार साबित होता है.

ऐसे बहुत से लोगो के बारे में हम आये दिन पढ़ते रहते है जिन्होंने ज्योतिष और अंक ज्योतिष की सहायता से नाम में बदलाव किया और सफल हो गए. अच्छा तो यही है की जन्म के तुरंत बाद ही सलाह मशवरा के बाद सही नाम रखा जाए.

कुछ लोग जो मन में आये वही नाम रख लेते हैं जो की बिलकुल सही नहीं है क्यूंकि नाम का जीवन में बहुत गहरा असर होता है. नाम रखने से पहले ज्योतिष से अच्छी तरह पूछ लेना चाहिए.  वैदिक ज्योतिष और अंक ज्योतिष को मिला के अ…

Pitar Dosh Ka Smadhan In Hindi

पितृ दोष का समाधान ज्योतिष द्वारा हिंदी में, कैसे बनता है पितृ दोष, कैसे कम करे पितृ दोष के प्रभाव को, जानिए कुछ आसान तरीके पितर दोष को कम करने के.  वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अन्दर पाए जाने वाले दोषों में से पितर दोष भी एक महत्त्वपूर्ण दोष है जिसके कारण जीवन में बहुत सारी समस्याएं पैदा हो जाती है. पितृ का मतलब है हमारे पूर्वज अतः इस दोष का मुख्य कारण पितृ होते हैं.  आइये जानते हैं की पितृ दोष से सम्बंधित मान्यताएं : पितृ का मतलब होता है हमारे पूर्वज जो अब दुनिया में नहीं है. मान्यता के अनुसार अगर हमारे पूर्वज संतुष्ट नहीं है तो हमे पितृ दोष का सामना करना होता है. अगर सही तरीके से उपाय नहीं किये जाए तो ये दोष पीढ़ी दर पीढ़ी परेशान करता रहता है.  कुछ विद्वानों का मानना ये भी है की अगर कोई आत्मा इच्छाओ से मुक्त नहीं  हो पाती है तो वो अपने वंश से अपेक्षा रखते हैं और वो पूरी नहीं होने पर समस्याएं पैदा करते हैं.  ज्योतिष में सूर्य को पिता का कारक माना जाता है अतः अगर कुंडली में सूर्य ख़राब हो तो पितृ दोष बनता है.  कुछ लोग तो राहू को भी पितृ दोष का कारण मानते हैं और कुछ ज्योतिष शनि से भी पितृ …

Nariyal Ke Fayde Janiye Hindi Me

नारियल खाने के फायदे, कैसे प्राप्त करें स्वास्थ्य प्राकृतिक तौर पे, स्वस्थ जीवन के लिए टिप्स.
आज के दौर में अच्छे स्वास्थ्य को पाना और उसे बनाए रखना बहुत मुश्किल हो गया है परन्तु सच्चाई ये है की सफल जीवन के लिए स्वास्थ्य जरुरी है. इस लेख में हम जानेंगे की कैसे नारियल स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा आहार हो सकता है.  नारियल एक जादुई फल है क्यूंकि इसमें प्राकृतिक तौर पर फाइबर होता है और साथ ही तेल भी और कई प्रकार के पौषक तत्त्व, इसीलिए वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में इसका प्रयोग बहुतायत से होता है. नारियल हमारे पाचन तंत्र के लिए भी बहुत अच्छा है अतः जो लोग पाचन के समस्या से ग्रस्त है उनको रोज नारियल का सेवन करना चाहिए. नारियल चयापचय के लिए भी श्रेष्ठ आहार है.ये हमे तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. नारियल मोटापा भी कम करता है. नारियल का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी बहुत अच्छा होता है.जो लोग सुन्दरता का बनाए रखना चाहते हैं उनके लिए भी नारियल से अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है. शोध तो ये भी बताते हैं की इसका सेवन तनाव से भी मुक्ति देती है. नारियल में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं जिसके कारण डॉक्टर भी …

Prêt Chandal Yoga Kya Hota Hai

Prêt chandal yoga kya hota hai, कैसे बनता है प्रेत चांडाल योग कुंडली में, कैसे जीवन में संघर्ष उत्पन्न होता है प्रेत चांडाल योग के कारण, जानिये कुंडली के बारा भावों में चांडाल योग का असर.
वास्तव में जब भी गुरु, राहू या केतु के साथ युति करता है कुंडली के किसी भी भाव में तो चांडाल योग का निर्माण होता है इसे ही अलग अलग लोग अलग अलग नामो से जानते हैं जैसे कोई इस योग को गुरु चांडाल योग बोलते हैं, कोई इसे प्रेत चांडाल योग बोलते हैं, कुछ इसे दरिद्र योग भी बोलते हैं आदि .
इसमें कोई शक नहीं की जब भी राहू और केतु गुरु के साथ किसी भी घर में बैठेंगे तो वो सम्बंधित कार्य को नुक्सान देंगे या फिर संघर्ष को बढ़ा देंगे. इसके कारण व्यक्ति को शादी में परेशानी आ सकती है, नौकरी में कठिनाई आ सकती है, व्यापार को स्थिर करने में समस्याए आ सकती है, समाज में एक विशेष स्थान बनाने में समस्या आ सकती है.
ग्रहों के शक्ति के अनुसार ये व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं. उदाहरण के लिए अगर शत्रु राशि के राहू केतु या गुरु की शक्ति कम हुई तो ये कम संघर्ष देंगे वही अगर इनकी शक्ति अधिक हुई तो जीवन को नरक भी बना सकते हैं.

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi, श्वेतार्क गणपति रहस्य, कैसे प्रयोग करे स्वेतार्क गणपति का, कहा से प्राप्त करे स्वेतार्क गणपति .
श्वेतार्क गणपति को लेके समाज में बहुत भ्रम फैला हुआ है और इसीलिए jyotishsansar.com के इस लेख में अपने पाठको को इस रहस्यमय वास्तु के बारे में जानकारी दी जा रही है.
स्वेतार्क गणपति का प्रयोग वनस्पति तंत्र के अंतर्गत मिलता है. ये वास्तु अति प्रभावशाली होती है और सफलता दिलाने में सहायक होती है. ये वास्तव में एक पौधे की जड़ होती है. मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के जंगलो में साधारणतः ये पाई जाती है.
ज्योतिष भी स्वेतार्क गणपति की पूजन के लिए बताते हैं कुछ लोगो को , ऐसी मान्यता है की इसमे गणेशजी की कृपा होती है.
आइये जानते हैं क्या है स्वेतार्क गणपति ?
एक पौधा पाया जाता है जिसे hindi में आक या मदार के नाम से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे कालोत्रोपिस के नाम से जानते हैं. इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में भी होता है.
साधारणतया आक के पौधे 2 प्रकार के होते हैं एक वो जिसमे की सफ़ेद फूल आते हैं और दूसरा वो जिसमे नीले फूल आते हैं. स्वेतार्क गणपति सफ़ेद फूल देनेव…

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. 
इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है. 
आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे.श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास.श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पासश्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर.श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास.श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर.श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया के पास.श्री कर्कोतेश्वर महादेव - हरसिद्धि मंदिर के प्रांगण मे श्री सिद्ध…

Dhyan Ke Liye Vastu Dhyan Labhdayak Ho Sakta hai

कैसे बढ़ाये एकाग्रता, कैसे पायें अंदरूनी ताकत, फ्री मे जानिए ध्यान की आसान विधी. ध्यान या फोकस सफलता के लिए अति आवश्यक है, बिना एकाग्रता के सफलता के चरम को जल्दी छूना आसान नहीं है. अतः कुछ अभ्यास करना जरुरी होता है जिससे की एकाग्रता बढे.  धयान करने वाले अक्सर ऐसा कहते है की आँखे बंद करते ही विचार आने लगते है इसीलिए ध्यान नहीं लगता है, ध्यान नहीं कर पाता हूँ पर ऐसे लोगो को ये बताना चाहेंगे की विचारो का आना ही ये बताता है की हम कुछ कर रहे है, अतः इससे परेशान होके अभ्यास नहीं चोदना चाहिए.  प्राम्भिक ध्यान करने वालो के लिए विचारो से मुक्ति आसान नहीं होती है अतः इसके लिए “वास्तु ध्यान” करना चाहिए. इससे निश्चित ही जल्दी एकाग्रता को हासिल किया जा सकता है. 
आइये क्या होता है वास्तु ध्यान? इसके अंतर्गत हम किसी बिंदु, फोटो, दिए की लौ, बीज मन्त्र आदि पर ध्यान करते हैं खुली आँखों से. इससे विचार जल्दी ही चले जाते हैं .
आइये अब जानते हैं की वास्तु ध्यान कैसे करे? १.इसके लिए एक शांत जगह होना जरुरी है.  २.अपने मोबाइल को बंद कर दे अभ्यास समय के दौरान. ३.किसी भी सुखासन पर बैठे जिससे की आप ज्यादा देर तक बै…

Mission Safalta Ke Rahasya Ko Bhaag-1

Mission Safalta Janiye Safalta Ke Rahasya Ko, अगर सफलता आपका लक्ष्य है , अगर सफलता के लिए आप लालाइत हैं तो फिर ये लेख आपके लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा.
जानिए ! किस प्रकार आप पा सकते हैं – एक प्रभावी व्यक्तित्त्व ................. एक प्रतिष्ठित सामाजिक जीवन .............................. धन, मान सम्मान .................... एक खुशहाल जीवन ......................
Mission सफलता : सफलता कौन नहीं चाहता है ? क्या हम सफलता नहीं चाहता , क्या हमारे मित्र सफलता नहीं चाहते, क्या मेरे भाई सफलता नहीं चाहते, क्या हमारे पड़ोसी सफलता नहीं चाहते, क्या हमारे पूर्वज सफलता नहीं चाहते थे और क्या हमारे आने वाली पीढ़ी सफलता नहीं चाहेगी. 
जी हाँ ! हर कोई सफलता चाहता था, चाहता है और चाहता रहेगा. परन्तु यहाँ प्रश्न ये है की आखिर ये सफलता है क्या? क्यूँ इसे हर कोई पसंद करता है, क्यों इसके लिए व्यक्ति दिन रात मेहनत करता रहता है. क्यों इसके बिना जीवन अर्थहीन हो जाता है. 
सफलता ! क्या ये एक भावना है?, क्या ये एक अहसास है ?, क्या ये एक स्त्री है ? , क्या ये एक पुरुष है?, क्या ये एक रूपया है, क्या मान-सम्मान है?.
आइये समझते…

Mission Safalta Ke Rahasya Ko Bhaag-2

Mission सफलता के पहले भाग मे हमने देखा की सफलता क्या है , क्या करे सही मायने मे सफलता प्राप्त करने के लिए, इस लेख मे उसी के आगे का भाग आप पढेंगे. अगर आपने मिशन सफलता भाग 1 नहीं पढ़ा है तो उसे पहले पढ़े, कुछ छोटी पर महत्त्वपूर्ण बाते सफलता के लिए.
साहस : हमारे पास भले ही रचनात्मकता हो, संपर्क हो, प्रचुर मात्र मे धन हो , कराय करने की क्षमता हो परन्तु साहस न हो तो हम अपनी योजनाओं को , विचारों को क्रियान्वित नहीं कर सकते. जैसे किसी की आवाज बहुत अछि हो और वह एक प्रसिद्द गायक बनना चाहता हो परन्तु अगर वह मंच पर जाने का साहस न करे तो वह अपने सपनो को साकार नही कर सकता . अतः अगर सफलता चाहते हैं तो सही कार्यों को करने का साहस पैदा करिये.  स्वामी विवेकानन्द कहते हैं – “क्या तुम पर्वताकार विघ्न बाधाओं को लांघकर कार्य करने के लिए तैयार हो ? यदि सारी दुनिया हाथ मे नंगी तलवार लेकर तुम्हारे विरोध में खड़ी हो जाए तो भी क्या तुम जिसे सत्य समझते हो उसे पूरा करने का साहस करोगे? यदि तुम्हारे पुत्र कलत्र तुम्हारे प्रतिकुल हो जाए , भाग्य लक्ष्मी तुमसे रूठकर चली जाए , नाम कीर्ति भी तुम्हारा साथ छोड़ दे, तो भी क्या …

Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi

देव शयनी एकादशी का महत्त्व, पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए. 

अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि. इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष २०१६ मे हरी शयनी एकादशी १५ जुलाई को आ रही है, दिन रहेगा शुक्रवार. मान्यता के अनुसार पद्मा एकादशी की शुरुआत राजा मानदाता से जुडी है. इन्होने अंगीरा ऋषि के कहने से अषाढ़ मास के ग्यारस को व्रत और विशेष पूजा की जिससे की इनके राज्य मे वर्षा हुई और सम्पन्नता आई. तभी से लोग भी इस दिन को मनाने लगे.
आइये जानते है क्या करे देव शयनी एकादशी को अच्छे जीवन के लिए :

Mulethi Ke Fayde In Hindi मुलेठी के फायदे

मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.
मुलेठी हर जगह आसानी से पंसारी के दूकान पे उपलब्ध होने वाली वस्तु है. इसका प्रयोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति मे बहुत होता है और घरो मे भी लोग इसका प्रयोग आसानी से कर लेते हैं.
मुलेठी एक जड़ है जो की प्राकृतिक तौर पर मिठास लिए होती है. अंग्रेजी मे इसे licorice कहते हैं और पेट रोग, श्वास रोग, अलसर, त्वचा रोग आदि मे इसका प्रयोग होता है. 
आइये जानते है मुलेठी के कुछ प्रयोग:
१.    ये वैकल्पिक औषधि के रूप मे प्रयोग होती है.
२.    मुलेठी पेट के अन्दर के घावों को भी ठीक करने मे मदद करता है अगर किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन मे लिया जाए.
३.    गैस्ट्रिक अल्सर और छोटी आंत के अलसर को ठीक करने मे भी इसका स्तेमाल होता है.
४.    सर्दी खांसी मे भी इसका स्तेमाल किया जाता है घरेलु इलाज के रूप मे.
५.    ज्यादा खांसी होने पर मुलेठी के चूर्ण को शहद मे मिला के चाटा जाता है. इसके टुकड़े को भी लेके चूसा जा सकता है.
६.    त्वचा समस्या समाधान मे भी इसका प्रयोग होता है.
७.    श्वास सम्बन्धी समस्याओं को दूर…

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi, जानिए गंगा दुशहेरा के विषय में, क्यों मनाते हैं गंगा दुष्मी, २०१६ के गंगा दशेरा का महत्तव .
भारत में एक विशेष त्यौहार हर साल बड़े जोश से मनाया जाता है माँ गंगा की याद में. हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गंगा एक पवित्र नदी है जो की पापों से लोगो को मुक्त करती है. इसे पापनाशिनी कहा गया है शास्त्रों में.
हिन्दुओं का ये अटूट विश्वास है की इस पवित्र दिन में अगर कोई गंगा में स्नान और दुबकी लगता है साथ ही पूजा करता है तो वो समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और मुक्ति प्राप्त करता है.
गंगा दुशहरा को गंगा दशमी के नाम से भी जानते हैं और ये ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि को मनाया जाता है.
इस दिन गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था भागीरथ जी के अथक प्रयास के कारण, इसी कारण गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है.
जहां जहां गंगा नदी बहती है वहां लोग गंगा घाट पर इकटठा होते हैं और पवित्र स्नान के बाद पूजा पाठ करते हैं, सिर्फ यही नहीं जहा अन्य नदियाँ है वहां भी लोग माँ गंगा का स्मरण करके स्नान और पाठ पूजा करते हैं.
धार्मिक तीर्थ स्थल जैसे हरिद्वार, वाराणसी, ऋषिकेश, अल्लाह…

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi

Rambha Vrat Ka Mahatwa In Hindi, रम्भा तीज का महत्तव, कौन है देवी रम्भा, कैसे प्रसन्न करें अप्सरा रम्भा को, सुन्दरता और सफलता के लिए पूजा .
हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन एक विशेष त्यौहार मनाया जाता है जिसका नाम है रम्भा तीज या रम्भा तृतीय, ये उत्सव उत्तर भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है अप्सरा रम्भा की याद में और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए. 
महिलायें इस दिन उपवास रखके अप्सरा रम्भा की पूजा करती है और उनसे सुन्दरता, समृद्धि आदि की कामना करती है.  ऐसी मान्यता है की समुद्र मंथन के दौरान देवी रम्भा का प्रकटीकरण हुआ था. 
आइये जानते है की कौन है रम्भा ? हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवलोक की अति सुन्दर अप्सरा जो की नृत्य कला में कुशल है, वाद्यों का प्रयोग करने में कुशल है साथ ही जो किसी भी तपस्वी की तपस्या भंग करने में कुशल है , वो है अप्सरा रम्भा. मान्यता के अनुसार देवराज इन्द्र किसी भी तपस्वी की परीक्षा लेने इन्ही को भेजते हैं. रम्भा धन के देवता कुबेर के पुत्र नालकुवर की पत्नी भी है. 
आइये अब जानते हैं रम्भा तीज उपवास के बारे में:

Jyotish Mai 12 Rashiyo Ko Janiye Bhag 3

हम ये देख चुके है की ज्योतिष का महत्त्व क्या है, महीनो को वैदिक भाषा मे क्या कहते हैं, तत्त्वों का ग्रहों से क्या सम्बन्ध है आदि. अब इस तीसरे भाग मे हम जानेंगे की १२ राशियाँ कौन सी हैं और उनका स्वभाव क्या है. 
कुंडली मे राशियों के लिए अंक लिखे होते हैं. ज्योतिष उन अंको को देख कर राशी बता देते हैं.  इससे ये भी जान लेते हैं की कौन से भाव मे कौन सी राशि है. उदाहरण के लिए १ अंक मेष राशी को बताता है, ४ अंक कर्क को बताता है, 9 धनु को बताता है, १२ मीन राशी को बताता है आदि. इस पाठ मे आप इनके बारे मे पूर्ण जानकारी पायेंगे. 
राशि चक्र मे हर राशी का अपना एक विशेष स्थान है और उसके लिए हम उसके डिग्री का अध्ययन करते हैं. इस पाठ मे हम इसके बारे मे भी पढेंगे. 
हर राशी का एक स्वामी होता है जिसके बारे मे जानना भी आवश्यक है अगर कुंडली को पढना है. इससे भी बहुत कुछ पता चल जाता है. 
यही नहीं हर राशि का अपना रंग, लिंग और वर्ण भी होता है. इन सभी के बारे मे हम ज्योतिष सीखिए के पाठ ३ मे पढेंगे. 
हमारा स्वभाव राशि पर निर्भर करता है अतः ज्योतिष राशि को जानकार स्वभाव के बारे मे भी जान जाते हैं. इस पाठ को पढ़कर आप…

Bhartiya Jyotish Aur Mahine Bhag 2

हम ज्योतिष के महत्त्व को पहले अध्याय मे पढ़ चुके है अब दुसरे पाठ मे हम जानेंगे महीनो के बारे मे, महीनो के वैदिक नाम आदि. 
इसके अलावा अगर आप 9 ग्रहों के बारे मे जानना चाहते हैं तो भी आप यहाँ जान सकते हैं. ग्रहों को कौन सी उपाधि प्राप्त है इसे भी आप इस पाठ मे जानेंगे अर्थात कौन सा ग्रह राजा है, कौन मंत्री है आदि. 
कुंडली को पढने के समय ग्रहों का तत्त्वों से सम्बन्ध भी ध्यान रखना पड़ता है. इसे भी आप यहाँ जान पायेंगे, ५ तत्त्व होते हैं वायु, अग्नि, प्रथ्वी, आकाश और जल, हर ग्रह का सम्बन्ध किसी न किसी तत्त्व से होता है. इसके आधार पर उसका प्रभाव भी होता है. 
सूर्य पुरे साल मे १२ राशियों से गुजरता है और इसी के आधार पर उत्तरायण और दक्षिणायन होता है, इसको भी हम जानेंगे इस अध्याय मे. महुरत निकालने मे इनकी जरुरत पड़ती है. 
ज्योतिषी सीखिए के अध्याय 2 को पढने के बाद आप जान पायेंगे १२ महीनो के बारे मे, महीनो के वैदिक नाम, ग्रह तत्त्वो का सम्बन्ध, उत्तरायण और दक्षिणायन.
ये एक मजेदार विज्ञान है जिससे जितना जाना जाता है रस्य खुलते जाते हैं.  पढ़िए ज्योतिष के पाठ 2 को यहाँ क्लिक करिए 

Bhartiya Jyotish Aur Ma…

Jyotish Kya Hai Janiye Bhag 1 Mai

|| वक्र तुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ  निर्विघ्नं कुरुमे देवो सर्व कार्येशु सर्वदा ||
पूरी दुनिया मे ज्योतिष का अपना ही प्रभाव है, सारी दुनिया मे लोग वैदिक ज्योतिष को सीखना चाहते हैं और और बहुत से जिज्ञासु तो दूर देश की यात्रा करके भारत आते हैं इसे सीखने के लिए. ज्योतिष संसार के पाठक गण अब जान पायेंगे ज्योतिष को और ज्यादा क्यूंकि यहाँ पर अब शुरू कर रहे है ज्योतिष सीखने के लिए फ्री पाठ. अलग अलग अध्यायों मे अलग अलग विषयो को शामिल गिया जाएगा. 
अगर आपको ज्योतिष मे दिलचस्पी है, अगर आप ज्योतिष सीखना चाहते है, अगर आप वैदिक ज्योतिष को जानना चाहते है तो ये ज्योतिषीय पाठ आपकी मदद कर सकते है. 
जानिए ज्योतिष के बारे मे कुछ मुख्या बाते ऑनलाइन.
कुछ बातो को हमेशा याद रखना चाहिए : ज्योतिष सीखने वाले को धैर्य रखना जरुरी है क्यूंकि ज्योतिष के सिद्धांत आसान नहीं होते है अध्ययन के साथ साथ शोध जरुरी है. इस विषय पर भरोसा होना चाहिए. उपरी शक्तियों पर भी भरोसा होना चाहिए.आडम्बर की जरुरत नहीं है. कोई पाठ समझ मे न आने पर उसे बार बार पढना चाहिए, धीरे धीरे चीजे साफ़ होती है. जीवन भर सीखते रहिये. वेदों मे ज्योतिष का …

Vaishakh Snan Ka Mahattw, वैशाख स्नान

वैशाख महीने को हिन्दू धर्म के अनुसार बहुत पवित्र माना जाता है पूजा पाठ, आध्यात्मिक अभ्यास हेतु, हवन, तर्पण आदि के लिए. हिन्दू ग्रंथो के अनुसार कार्तिक, वैशाख, श्रवण और माघ महिना बहुत महत्त्वपूर्ण होता है. इन महीनो मे लोग पूजा पाठ करते है जिससे की देवी देवताओं को खुश करके सुगम जीवन जिया जा सकता है.  २०१६ मे सिंहस्थ भी उज्जैन मे वैशाख महीने मे शुरू हो रहा है जिसमे की साधक और भक्तगण पवित्र स्नान करेंगे. 
२२ अप्रैल से वैशाख स्नान शुरू होगा. ये पूर्णिमा का दिन है जब साही स्नान होगा.  हालांकि जो लोग जिस पवित्र नदी के समीप है, वे लोग वही पवित्र स्नान का लाभ भी लेते ही हैं. नर्मदा नदी मे भी वैशाख महीने मे स्नान का बहुत महत्त्व होता है.  आइये अब जानते है कुछ महत्त्वपूर्ण बाते वैशाख स्नान को लेके : १.ये महिना भगवान् विष्णु की पूजा के लिए जाना जाता है अतः भक्तगण वैशाख महीने मे पवित्र स्नान करके विष्णु पूजा करते है.  २.इस महीने मे मंत्र जप, तपस्या, दान आदि का महत्त्व बहुत बढ़ जाता है.  ३.ये गर्मी की शुरुआत है अतः लोग पुण्य कमाने हेतु पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं.  ४.ऐसी मान्यता है की सुबह ब्र…

Krodh Ka Jivan Par Asar क्रोध को जानिए

Krodh Ka Jivan Par Asar क्रोध को जानिए, क्रोध और ज्योतिष, क्यों नहीं करना चाहिए गुस्सा. 
जब हमे गुस्सा आता है तो कई प्रकार के नकारात्मक विचार हमारे अन्दर प्रकट होने लगते है, इनका एक कारण किसी प्रकार की निराशा भी हो सकती है, किसी प्रकार की मानसिक कमजोरी या डर भी हो सकता है.  ये स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. कभी कभी व्यक्ति खुद अपने लिए भी हानिकारक हो जाता है और दुसरो के लिए भी. 
क्रोध को गुस्सा भी कहा जाता है, ये एक प्रकार का उग्र रूप होता है हमारे व्यक्तित्व का. परन्तु गुस्सा हमेशा खतरनाक नहीं होता है. अगर कोई सोच समझकर सामंजस्य के साथ इसका प्रयोग करता है तो इसके द्वारा बहुत से कार्य को करवाया जा सकता है. 
हम अक्सर देखते है की कोई गुस्से से अपना मोबाइल फेक देता है, कोई घर की चीजो को फोड़ने लगता है और बाद मे उन्हे भान होता है की उनसे गलती हो गई है. इसके कारण न सिर्फ आर्थिक नुक्सान होता है बल्कि स्वास्थ्य हानि भी होती है. 
The 2 paksha in a montha are following: इस लेख मे हम देखेंगे शोध क्या बताते है क्रोध या गुस्सा के बारे मे :
अगर कोई व्यक्ति लगातार गुस्सा करता है तो उसे सर दर्द की शिक…

Janiye Mahakal Ke Shahar Ke Bare Mai

कैसे पहुचे उज्जैन, उज्जैन पहुचने के लिए मार्गदर्शन हिंदी मे, बस द्वारा उज्जैन, ट्रेन द्वारा उज्जैन, अवंतिका शहर मे कहा रहे.  अगर आप उज्जैन आना चाहते हैं और यहाँ के दिव्य वातावरण का लाभ लेना चाहते हैं, अगर आप सिंहस्थ मे यहाँ आना चाहते हैं और यहाँ के कार्यक्रमों मे भाग लेना चाहते है तो ये लेख आपकी मदद करेगा. इन जानकारियों से आप अपनी यात्रा को सुगम बना सकते हैं.

अगर आप वायु मार्ग से उज्जैन आना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले इंदौर आना होगा  जो की मात्र ५५ किलोमीटर की दूरी पर है उज्जैन से. वहा से आप टैक्सी लेके आसानी से उज्जैन आ सकते हैं. अगर आप ट्रेन की यात्रा का आनंद लेना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत आसान है क्यूंकि उज्जैन एक जंक्शन है और हर बड़े शहर से यहाँ सीधे ट्रेने आती है. जैसे की मुंबई, दिल्ली, जबलपुर, चेन्नई, जम्मू, गोरखपुर, अहमदाबाद, बरोदा, पुणे, बिलासपुर, हरिद्वार, देहरादून आदि. और समय समय पर हॉलिडे एक्सप्रेस भी चलाई जाती है. सिंहस्थ पर तो विशेष ट्रेने चलेंगी जिससे की लोग आसानी से यहाँ आ सके. अगर आप अपने खुद के वाहन से उज्जैन आना चाहते हैं तो कोई दिक्कत की बात नहीं है, सड़के अच्छी है, ह…

Shiv Panchakshari Mantra Sadhna in Hindi

Shiv Panchakshari Mantra Sadhna in Hindi, क्या है शिव पंचाक्षरी मंत्र, जानिए शिव पंचाक्षरी मंत्र का महत्तव, किस विधि से जपे शिव मंत्र, FREE Download Shiv panchakshari sadhna.
अगर आप भक्त है शिवजी के , अगर आप शिवजी के मूल मंत्र का जप करते हैं, अगर आप शिव कृपा प्राप्त करने के इच्छुक है , अगर आप शिवजी के पंचाक्षरी मंत्र को जपने की विधि जानना चाहते हैं तो ये लेख आपको जानकारी देगा.
जीवन को सफल बनाने के लिए एक बहुत ही अच्छा तरीका है और वो है मंत्र साधना, मंत्र तो अनेक है परन्तु भगवान् शिव के पंचाक्षरी मंत्र की महीमा अपरम्पार है, इसका जप कोई भी कभी भी बिना संकोच के कर सकता है.  भगवान् शिव जीवन और मृत्यु के भी अधिपति है अतः उनके मंत्र का जप बड़े बिमारियों से भी हमारी रक्षा करता है इसमे कोई शक नहीं.
जीवन की कई समस्याओं का समाधान है शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप.  सिद्ध शिव पंचाक्षरी यन्त्र या फिर शिवलिंग की स्थापना के बाद अगर मंत्र अनुष्ठान किया जाए तो शीघ्र ही असर मालुम होते हैं.  अगर आप शांति और सुख की खोज में है तो अपनी इच्छाओ को पूरी करने के लिए शिव मंत्र एक अच्छा माध्यम हो सकता है. 
क्या है शिव…

चुनिए रंग और जानिए भाग्य हिंदी मे|Color Chunkar Janiye Bhagya

चुनिए रंग और जानिए भाग्य हिंदी मे|Color Chunkar Janiye Bhagya रंग हमारे जीवन मे महत्त्वपूर्ण है, बिना रंगों के हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं इसी कारन ज्योतिष मे भी भविष्यवाणी के लिए कई ज्योतिष रंगों का भी इस्तेमाल करते हैं. ज्योतिष संसार मे प्रस्तुत है आपके लिए एक ख़ास रंगों का खेल जिसका स्तेमाल करके आप रोज जान सकते हैं अपने भाग्य को . आपको करना सिर्फ ये है की आपको एक रंग चुनना है और फिर क्या आप जानेंगे आपका आज का भाग्य.
निचे बटन को क्लिक करे और जानिए आज का भाग्य रंगों के माध्यम से 

Ratna Kaise Kaam Karte Hain

Ratn kaise kaam karte hain, रत्नों के शक्ति का रहस्य, राशी और रत्न.
हम ये अक्सर देखते हैं की लोग किसी न किसी प्रकार के रत्न की अंगूठी या पेंडेंट धारण करते हैं और इसके पीछे उनका विश्वास है की ये ऊर्जा के स्त्रोत होते हैं और भाग्य को भी जगा देते हैं. ये रत्न महंगे भी होते हैं साथ ही दशको से प्रयोग किये जा रहे हैं. ये सिर्फ हमारे शारीर का सजाने के ही काम नहीं आते अपितु इनको पहनना समाज में भी एक अलग पहचान दिलाता है. हमे रत्नों के शक्ति के पीछे के रहस्य को जानना चाहिए. क्यों रत्न पुरे दुनिया में प्रचलित हैं और क्यों लोग रत्न पहनने के पीछे दीवाने हैं.

रत्नों का प्रयोग ज्योतिष में उपायों के लिए भी बहुत प्रयोग किया जाता है. साधारणतः 9 रत्न प्रचलित हैं और ये हैं माणिक्य, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया और ये 9 ग्रहों से सम्बन्ध रखते हैं और वो है सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू और केतु.

इनके अलावा ये रत्न 12 राशियों से भी सम्बन्ध रखते हैं और वो हैं मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला वृश्चिक, धनु , मकर, कुम्भ मीन.

शोध के अनुसार पाया गया है की ह…