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Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

kaisa Rahega Naye Saal Ka Pahla Din

कैसा रहेगा नए साल २०१७ का पहला दिन, जानिए ग्रहों की स्थिति नए साल के रात्रि को, नए साल की प्रवेश कुंडली.
नया साल शुरू हो रहा है १ जनवरी २०१७ से और इसमें कोई शक नहीं की लोगो नए साल में प्रवेश के लिए जबरदस्त तैयारी में लगे हुए है. नए साल को मनाने के लिए लोग काफी उत्साहित रहते हैं और पूरी रात्री को आनंद मानते हैं.  जो लोग ज्योतिष का शौक रह्कते हैं वो लोग ग्रहों की स्थिति को जानने का भी प्रयास करते हैं. WWW.JYOTISHSANSAR.COM में पहले ही २०१७ का राशिफल दिया जा चुका है. अब jyotishsansar के visitors के लिए नए साल के पहले दिन का ग्रहों की स्थिति का वर्णन किया जा रहा है.
आइये जानते हैं २०१७ के प्रवेश कुंडली के बारे में : कुछ अच्छे और कुछ ख़राब योग बन रहे हैं ग्रहों की स्थिति के कारण नए साल की शुरुआत में अर्थात १ जनवरी २०१७ को.  नए साल की शुरुआत कन्या लग्न से हो रहा है जो की एक अच्छा संकेत है, लोग इस रात्रि को बहुत आनंद उठा पायेंगे और हर क्षण को कुछ ख़ास तरह से जी पायेंगे. सूर्य और बुध साथ में गोचर कुंडली में चौथे घर में बैठे है और “बुधादित्य योग ” का निर्माण कर रहे हैं. इससे अध्यात्मिक साधको के लि…

Mangal Dosh Ka Samadhan In Hindi

मंगल दोष का समाधान हिंदी में ज्योतिष द्वारा, कैसे दूर करे मांगलिक दोष के दुष्प्रभाव को, कुज दोष का कारण और समाधान.
क्या आप मंगल दोष के कारण परेशान है, अगर आप कुज दोष या भोम दोष के कारण संकट का सामना कर रहे हैं जीवन में तो ये जरुरी है की इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कुछ कुछ उपाय किये जाएँ.
मांगलिक दोष का समाधान जरुरी है अगर किसी के वैवाहिक जीवन में इसके कारण परेशानी आ रही हो.
कुज दोष का समाधान जरुरी है अगर किसी को सामाजिक जीवन में परेह्शानी का सामना करना पड़ रहा है.
भोम दोष का उपाय जरुर करे अगर आप इसके कारण आर्थिक समस्या से गुजर रहे हैं.
अगर मंगल का प्रभाव आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है तो भी इसका समाधान जरुरी है.
ज्योतिष के अनुसार अगर पहले, चोथे, सातवे, आठवे और बारहवे घर में मंगल आ जाए तो कुंडली मांगलिक कहलाती है. इसके कुछ दुष्परिणाम जातक को भोगने होते हैं अतः जीवन को सफल बनाने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए.  कुछ लोग मंगल दोष के कारण शादी नहीं कर पाते हैं.
कुछ लोगो का अपने जीवन साथी के साथ हमेशा ग़लतफ़हमी पैदा होती रहती है.
कुछ लोग अपने वैवाहिक जीवन से संतुष्ट नहीं हो पाते हैं.
क…

Kaaljadu ka Samadhaan in Hindi

काले जादू का फ्री समाधान ज्योतिष द्वारा, कैसे दूर करे नकारात्मक उर्जा को, जानिए काले जादू से सुरक्षा के कुछ उपाय.

जो लोग काले जादू से परेशान है वो हमेशा इससे निजात पाने की कोशिश में लगे रहते हैं. जो लोग जीवन में लगातार फ़ैल हो रहे हैं, जो लोग लगातार काले जादू के कारण कष्ट भोग रहे हैं, वो किसी भी तरह से इससे बहार आना चाहते हैं. इस लेख में उन लोगो के लिए कुछ उपाय फ्री में दिए जा रहे है जो नकारात्मक उर्जा के कारण बहुत परेशान हो रहे हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कहाँ रहते हैं, आप क्या करते हैं, आपकी जाती क्या है , अगर आपको लगता है की आप सही मायने में किसी के द्वारा किये, कराये से परेशान है तो आपको इस लेख से कुछ मदद मिल सकती है.

परन्तु किसी भी उलझन में होने से किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श भी ले लेना चाहिए.

क्या आप जानते हैं की किस प्रकार के लोगो पर काले जादू से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा रहता है ? मेरे शोध के अनुसार मैंने पाया है की निम्न प्रकार के लोग नकारात्मक उर्जा के प्रभाव में जल्दी आते हैं –  जिनका गण राक्षस है ऐसे लोगो पर नजर दोष, नकारात्मक उर्जा का असर जल्दी होता है. जिनके कुंडल…

Janm Patrika Ka Vishleshan Hindi Me

जन्म पत्रिका का विश्लेषण, जानिए क्या कहती है आपकी जन्म-पत्रिका नए साल में, जानिए क्या लाया है नया साल जीवन में ज्योतिष द्वारा.

ये विश्लेषण व्यक्तिगत रूप से ज्योतिष द्वारा बनाया जाएगा.
इस विश्लेषण में आप पा सकेंगे ग्रहों का असर कैसे रहेगा नए साल में, व्यक्तिगत जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा, प्रेम जीवन कैसा रहेगा, स्वस्थ्य कैसा रहेगा, कम काज में क्या परिवर्तन आ सकते है, व्यापार कैसा रहेगा, आदि.

जानिए कैसे प्राप्त करे नए साल का कुंडली विश्लेषण रिपोर्ट : जन्म पत्रिका का विश्लेषण प्राप्त करना बहुत ही आसान है –
सबसे पहले आपको contactus पेज पर जाकर दिया गया फीस जमा करना है दिए गए अकाउंट में. उसके बाद रसीद के साथ अपनी जन्म की जानकारी को ईमेल करना है. आपके अगर कोई विशेष प्रश्न हो तो वो भी आप भेज सकते है. आपके किस भाषा में रिपोर्ट चाहिए ये भी साफ़ साफ़ लिख के भेजे english या फिर हिंदी में. इसके बाद आपको २ दिन में आपके जन्मपत्रिका का विश्लेषण प्राप्त होगा. आइये अब जानते हैं की आपको क्या क्या मिलेगा इस जन्मपत्रिका विश्लेषण रिपोर्ट में –आप पायेंगे जन्म पत्रिका में साधारण तौर पर …

Bed Room Kab Deta Hai Durbhagya

बेड रूम कब लता है दुर्भाग्य, शयन कक्ष में किन चीजो से उत्पन्न हो सकती है परेशानी, कैसे रखे ध्यान अपने बेड रूम का. 
बेडरूम का मतलब है शयन कक्ष जहाँ हर व्यक्ति सुकून चाहता है, शांति चाहता है. ये एक ऐसा कमरा होता है जिसमे हम अपनी ऊर्जा को वापस पाते हैं, अगर शयन कक्ष अच्छा हो तो इसमें कोई शक नहीं की हम अपने आपको ज्यादा अच्छी तरह तरो-ताजा कर सकते हैं और अपने दिन को भी अच्छा कर सकते हैं.

बेडरूम अच्छा हो तो इसमें भी कोई शक नहीं की व्यक्तिगत जीवन को भी मधुर बनता है, पति-पत्नी के संबंधो को भी मजबूत बनाता है.

परन्तु थोड़ी सी अज्ञानता के कारण व्यक्ति को बहुत परेशानी हो सकती है. बेडरूम जो की उर्जा का स्त्रोत है दुर्भाग्य भी ला सकता है , अतः ये जानना जरुरी है की कैसे बचाए शयनकक्ष को दुर्भाग्य से.

कैसे लाता है बेड रूम दुर्भाग्य ? अगर बेड रूम में देवी देवताओं के फोटो आपने लगाया है तो न चाहते हुए भी दुर्भाग्य आपको परेशान कर सकता है. अगर पितरो का फोटो भी लगाया है तो भी दुर्भाग्य जीवन को संघर्शमय कर सकता है. अगर आप बेडरूम में कोई हिंसक प्राणी का चित्र भी टांगते हैं तो भी आप दुर्भाग्य को निमंत्रण देते हैं.…

Paush Amavasya Ka Mahattw In Hindi

पौष अमावस्या का महत्त्व, जानिए पौष अमावस्या में पूजा और व्रत का महत्त्व, क्या करे पोश अमावस्या को सफलता के लिए. 
पौष का महिना बहुत महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के हिसाब से क्यूंकि इस महीने में बहुत से महत्ववपूर्ण पूजाएँ होती है. हिन्दू पंचांग के हिसाब से ये महिना दसवां महिना है और इस महीने की जो अमावस्या है वो कहलाती है “पौष अमावस्या”. इस दिन को की जाने वाली पूजाएँ सफलता के रास्ते खोल देती है, पितरो को संतुष्ट करती है, धनागमन के रस्ते खोलती है, जीवन को निष्कंटक बनती है.
अतः अगर कोई जीवन में धन की सुरक्षा चाहते हो, पितृ दोष से मुक्ति चाहते हो, शनि, राहू, केतु , ग्रहण योग के दुष्प्रभाव को कम करना चाहते हो तो उनके लिए पौष अमावस्या बहुत महत्त्व रखती है.
जो लोग पौष अमावस्या को ह्रदय से प्रार्थना , पूजा पाठ करते हैं उनको पितरो का आशीर्वाद प्राप्त होता है , इसमें कोई शक नहीं है. ये अमावस्या सर्दियों में आता है और श्राद्ध और तर्पण करने के लिए एक बहुत ही अच्छा दिन है उन लोगो के लिए जो की ब्रह्मलीन हो चुके हैं. आइये जानते हैं किस प्रकार की पूजाएँ हो सकती है पौष अमावस्या को :जो लोग पितृ दोष, क…

Christmas Manaane Ke Kuch Tarike

Christmas Manaane Ke Kuch Tarike, कैसे मनाये क्रिसमस, कुछ याद रखने हेतु बाते इस त्यौहार को मनाने से पहले.
 आज से समय में क्रिसमस मानना आसान नहीं रह गया है क्यूंकि आज बड़े बड़े आयोजन होने लगे है, साधन बहुत उपलब्ध हो गए हैं. प्रोफेशनल लोग आजकल सलाह देने लगे है की कैसे क्रिसमस मनाया जाए अलग तरीके से. इस लेख में हम देखेंगे कुछ तरीके जिससे की हम घर पर ही आसानी से इस त्यौहार को मना सके.
1.    अगर आप क्रिसमस को धार्मिक तरीके से मनाना चाहते हैं तो बाइबिल पढ़के उससे सम्बंधित झांकियां बना सकते है जिससे की लोगो को प्रेरणा मिले. इससे बच्चे भी बहुत कुछ सीख पायेंगे.
2.    आप कुछ सामाजिक भलाई के कार्य कर सकते हैं जैसे जरुरतमंदो के लिए आर्थिक मदद इकटठा करना, भूखो के लिए भोजन की व्यवस्था करना, गारीब बच्चो के लिए खिलोने आदि की व्यवस्था करना.
3.    आप जीसस से जुड़े कहानियो की cds या कहानियो की किताबे भी खरीद करके बाँट सकते हैं.
4.    समाज के लोगो को एक जगह इकट्ठे करके विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन करे जिसमें अपने पूर्वजो की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करे और आशीर्वाद प्राप्त करे. 
आइये अब जानते है कुछ और नाय…

Christmas Ke Bare Mai Janiye

Christmas Ke Bare Mai Janiye, क्या है क्रिसमस, क्रिसमस का महत्तव, क्रिसमस रहस्य, कुछ महत्त्वपूर्ण बातें क्रिसमस के बारे में. एक ऐसा दिन जब हम ईश्वरीय शक्तियों का आभार करते हैं, एक ऐसा समय जब लोग अपनों के साथ समय बिताते हैं, एक ऐसा दिन जब सब एक दुसरे को उपहार देकर जीवन में एक दुसरे के होने का महत्तव बताते हैं.
क्रिसमस का इन्तेजार लोग पुरे वर्ष भर करते हैं विशेष तौर पर इसाई लोग. पूरी दुनिया में ये दिन बहुत हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन इसाई धर्म के लोग और साथ ही अन्य जन भी विभिन्न प्रकार के आयोजन करते हैं. 
क्या है क्रिसमस ?
जो लोग इशु को मानते हैं उन लोगो के लिए ये दिन बहुत महत्तव रखता है. इस दिन इशु मसीह का जन्म हुआ था जिनको की भगवान् का अवतार माना जाता है. इनके जन्मोत्सव के रूप में क्रिसमस
 मनाया जाता है. इस दिन गिरजाघरो को सजाया जाता है, विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है. सब तरफ ख़ुशी का माहोल रहता है.
ऐसी मान्यता है की जीसस का जन्म बेथलेहम के एक अस्तबल में हुआ था 25 दिसम्बर को और यही दिन क्रिसमस के रूप में पुरे विश्वभर में मनाया जाता है.
ऐसा कहा जाता है की जीसस/…

Bachho Ke Naam Ka Jyotish Mahattw

नाम और ज्योतिष, बच्चो के नाम कैसे रखे, जानिए अंक विद्या और ज्योतिष का महत्त्व नाम रखने में. किसी का नाम बहुत महत्त्व रखता है, एक अच्छा नाम भाग्योदय में सहायक है वही एक गलत नाम जीवन में उथल पुथल ला सकता है. वैदिक ज्योतिष में नाम रखने के लिए बहुत से सुझाव दिए गए है, अगर ज्योतिषीय सिद्धांतो का ध्यान रखा जाए तो जीवन को सफल बनाने में बहुत सहायता मिल सकती है.

वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नाम रखने से पहले कुछ कर्मकांड करने के नियम है , कुंडली बनाई जाती है और राशि, नक्षत्र आदि को देखने के बाद ही नाम रखा जाता है. इस प्रकार वैदिक ज्योतिष जीवन को सफल बनाने के लिए बहुत मददगार साबित होता है.

ऐसे बहुत से लोगो के बारे में हम आये दिन पढ़ते रहते है जिन्होंने ज्योतिष और अंक ज्योतिष की सहायता से नाम में बदलाव किया और सफल हो गए. अच्छा तो यही है की जन्म के तुरंत बाद ही सलाह मशवरा के बाद सही नाम रखा जाए.

कुछ लोग जो मन में आये वही नाम रख लेते हैं जो की बिलकुल सही नहीं है क्यूंकि नाम का जीवन में बहुत गहरा असर होता है. नाम रखने से पहले ज्योतिष से अच्छी तरह पूछ लेना चाहिए.  वैदिक ज्योतिष और अंक ज्योतिष को मिला के अ…

Dhanu Sankranti Ka Mahattw

धनु संक्रांति का महत्त्व, क्या करे जब सूर्य धनु राशी में रहे, धनु राशी में सूर्य की शक्ति को जानिए. 
जब सूर्य धनु राशी में प्रवेश करता है तो उस काल को धनु संक्रांति काल कहते हैं. ये काल बहुत ही महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के अनुसार, ऐसी मान्यता है की जब भी सूर्य गुरु के किसी राशी में प्रवेश करेगा तो मल मॉस या खर मास शुरू हो जाता है. 
हर साल में २ महीने खर मास या मल मास होता है क्यूंकि सूर्य धनु या फिर मीन राशि में प्रवेश करता है हर साल, अतः देखा जाए तो साल में ६० दिन मल मास के होते हैं.
जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो उस मास को धनुर्मास भी कहते हैं, मल मास भी कहते हैं, खर मास भी कहते हैं.
आइये जानते हैं की धनुर्मास में क्या – क्या काम वर्जित है ?
धनु संक्रांति के बाद एक महीने तक अनेक शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं जैसे- इस समय विवाह वर्जित होता है. धनुर्मास में यज्ञोपवित वर्जित है. मुंडन कार्य भी वर्जित होता है गृह आरंभ और गृह प्रवेश भी वर्जित होता है. देवी देवता के प्राण प्रतिष्ठा के कार्य भी वर्जित माना जाता है. आइये अब जानते हैं की धनु संक्रांति में क्या करना चाहिये सफलत…

Pitar Dosh Ka Smadhan In Hindi

पितृ दोष का समाधान ज्योतिष द्वारा हिंदी में, कैसे बनता है पितृ दोष, कैसे कम करे पितृ दोष के प्रभाव को, जानिए कुछ आसान तरीके पितर दोष को कम करने के.  वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अन्दर पाए जाने वाले दोषों में से पितर दोष भी एक महत्त्वपूर्ण दोष है जिसके कारण जीवन में बहुत सारी समस्याएं पैदा हो जाती है. पितृ का मतलब है हमारे पूर्वज अतः इस दोष का मुख्य कारण पितृ होते हैं.  आइये जानते हैं की पितृ दोष से सम्बंधित मान्यताएं : पितृ का मतलब होता है हमारे पूर्वज जो अब दुनिया में नहीं है. मान्यता के अनुसार अगर हमारे पूर्वज संतुष्ट नहीं है तो हमे पितृ दोष का सामना करना होता है. अगर सही तरीके से उपाय नहीं किये जाए तो ये दोष पीढ़ी दर पीढ़ी परेशान करता रहता है.  कुछ विद्वानों का मानना ये भी है की अगर कोई आत्मा इच्छाओ से मुक्त नहीं  हो पाती है तो वो अपने वंश से अपेक्षा रखते हैं और वो पूरी नहीं होने पर समस्याएं पैदा करते हैं.  ज्योतिष में सूर्य को पिता का कारक माना जाता है अतः अगर कुंडली में सूर्य ख़राब हो तो पितृ दोष बनता है.  कुछ लोग तो राहू को भी पितृ दोष का कारण मानते हैं और कुछ ज्योतिष शनि से भी पितृ …

Grahan Shanti Pooja In Hindi

ग्रहण दोष निवारण पूजा | कुंडली में ग्रहण योग का समाधान | जानिए कुछ आसान उपाय ग्रहण योग के प्रभाव को कम करने के  ग्रहण दोष निवारण पूजा बहुत जरुरी है उन पुरुष और महिलाओं के लिए जो इसके प्रभाव से ग्रस्त है. इस पूजा द्वारा ग्रहण दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन को सरल बनाया जा सकता है.  अगर कोई ग्रहण योग के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहा है तो ग्रहण दोष निवारण पूजा करनी चाहिए. अगर किसी के शादी में देरी हो रही है ग्रहण योग के कारण तो ये पूजा करनी चाहिए. अगर किसी को स्वास्थ्य हानि हो रही है लगातार ग्रहण योग के कारण तो भी ये पूजा करनी चाहिए. अगर कोई बचत नहीं कर पा रहा है और सम्पन्नता से वंचित है ग्रहण योग के कारण तो भी शांति पूजा से लाभ हो सकता है. अगर रोजगार में बाधा आ रही है तो भी इस पूजा से लाभ उठाया जा सकता है. अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही है ग्रहण दोष के कारण तो भी इस पूजा से लाभ लिया जा सकता है. ग्रहण योग क्या होता है ?
मेरे पिछले लेख में इस विषय में जानकारी दी है अतः “ग्रहण योग क्या है"  इस लेख को पढ़े. जब भी राहू और केतु के साथ कोई ग्रह किसी भाव में बैठ जाए तो …

Grhan Yog Kya Hota Hai Jyotish Me

ग्रहण योग क्या होता है , कैसे बनता है ग्रहण योग कुंडली में, जानिए ग्रहण योग के जीवन में प्रभाव, कैसे बचाए अपने आपको ग्रहण योग के दुष्प्रभाव से.
ज्योतिष में ग्रहण योग एक महत्त्वपूर्ण योग है जिसका असर जीवन में बहुत होता है. जिस जातक के कुंडली में ग्रहण योग होता है वो स्वयं ही इसे महसूस कर सकता है. परन्तु ऐसे भी बहुत से लोग है जो जीवन में परेशान तो बहुत है परन्तु उन्हें ये नहीं पाता की क्यों परेशान है. 
ग्रहण योग के कारण न सिर्फ भौतिक जीवन में परेशानी पैदा होती है बल्कि अध्यात्मिक जीवन में भी सफलता में समस्या पैदा होने लगता है. अतः ये जरुरी है की हम इस योग के बारे में जानकारी ले और जीवन को सुखी करे. 
क्या होता है ग्रहण योग, कैसे बनता है कुंडली में ग्रहण योग? इसे साधारण तरीके से समझिये. जब भी कुंडली के किसी भाव में राहू और केतु के साथ कोई दूसरा ग्रह बैठ जाता है तो ग्रहण योग का निर्माण हो जाता है. दुसरे जब राहू और केतु के महादशा या अन्तर्दशा में कोई दूसरा ग्रह आता है तो भी ग्रहण योग का निर्माण होता है.  ये एक ऐसा योग है जिसके कारण जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्य की प्रा…

Surya Vrischik Rashi Me

सूर्य वृश्चिक राशी में, आइये जानते है वृश्चिक संक्रांति का महत्त्व, क्या करे सफलता के लिए. 
जब सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है गोचर में तो उसे वृश्चिक संक्रांति कहते हैं. ये एक महत्त्वपूर्ण दिन होता है क्यूंकि इससे पहले सूर्य अपने नीच राशि तुला में होता है जिसके कारण बहुत परेशानिया आती है. वृश्चिक संक्रांति से लोगो को थोडा आराम मिलना शुरू होता है.
हिन्दू धर्म में वृश्चिक संक्रांति का काफी महत्त्व है , ये एक पवित्र दिन है जब लोग सूर्य भगवान् की पूजा करते हैं जीवन को सफल बनाने के लिए. लोग जरुरतमंदों को दान भी देते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. पितरो को खुश करने के लिए भी इस दिन पूजाए की जाती है. 
राशी चक्र में वृश्चिक का आठवां स्थान होता है और इसका स्वामी मंगल होता है. सूर्य वृश्चिक राशि में शुभ प्रभाव उत्पन्न करता है. इसके पहले सूर्य तुला राशि में होता है जिससे की सूर्य नीच का होता है और जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है परन्तु वृश्चिक राशि में आने से लोगो को परेशानियों से राहत मिलना शुरू होता है. अतः ये संक्रांति ख़ुशी लाता है, तरक्की लाता है, सफलता के रास्ते खोलता…

Kundli Me Shubh Aur Ashubh Yog In Hindi

कुंडली में शुभ और अशुभ योग, जानिए कुछ शुभ और अशुभ योगो का जीवन पर प्रभाव ज्योतिष द्वारा. कुंडली हमारे जीवन का दर्पण है और ज्योतिष कुंडली को पढ़कर हमे मार्गदर्शन कर सकता है की क्या करना चाहिए और क्या नहीं. कुंडली में ग्रह विभिन्न प्रकार से विभिन्न भावों में बैठते हैं जिससे की भिन्न –भिन्न प्रकार के योगो का निर्माण होता है. ये जरुरी नहीं की सभी कुंडली में कोई न कोई योग बने. किसी योग के न होने से शुभ या अशुभ होने का निर्णय नहीं लिया जा सकता है. अतः योगो पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए. परन्तु यहाँ जानकारी के लिए कुछ शुभ और अशुभ योगो का वर्णन किया जा रहा है. किसी भी निर्णय पर पहुचने से पहले अच्छे ज्योतिष से परामर्श अवश्य ले. आइये अब जानते है कुछ कुंडली में बनने वाले कुछ शुभ योगो के बारे में – वज्र योग – यदि सभी शुभ ग्रह लग्न और सप्तम भाव में विराजमान हो या फिर सभी पाप ग्रह चतुर्थ और दशम भाव में विराजमान हो तो वज्र योग का निर्माण कुंडली में होता है. इस योग के प्रभाव से जातक सुखी, शूर-वीर, सुन्दर होता है. ऐसे जातक पुलिस या सेना में भी सफलता पुर्वक काम करते हैं.यव योग – यदि समस्त पाप ग्रह लग्न…

Achhi Sehat Paayen Sharir Vastu Urja Se

अच्छी सेहत के लिए शारीर वास्तु उर्जा को कैसे बनाए रखे, जानिए फ्री टिप्स शारीर के उर्जा को बनाए रखने के लिए, स्वस्थ और संपन्न जीवन के लिए शारीर वास्तु को जानिए.
वास्तु दोष को हटाने का सबसे आसान तरीका होता है की वास्तु की साफ़ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए रोज इसी कारण ये सलाह दी जाती है की रोज अपने घर, ऑफिस आदि को साफ़ रखे. 
अगर हम अपने वास्तु को साफ़ रखेंगे तो इसमें कोई शक नहीं की सम्पन्नता जीवन में प्रवेश करेगी इसी प्रकार अगर हम अपने शारीर को साफ़ सुथरा रखेंगे तो हम एक स्वस्थ जीवन जी पायेंगे. इस लेख में हम यही जानेंगे की किस प्रकार शारीर वास्तु का प्रभाव हमारे जीवन में पड़ता है. 
साधारणतः जब हम नहाते हैं तो रोजमर्रा के काम होने के कारण हम इसे ज्यादा महत्त्व नहीं देते हैं परन्तु इस लेख को पढ़ के हम जरुर शारीर के हर अंग को महत्त्व देना शुरू कर देंगे. 
आइये जानते है शारीर का महत्त्व:  शरीर का बहुत महत्त्व है , अध्यात्मिक रूप से इस शारीर में आत्मा का वास है, संत जन तो ये भी कहते हैं की ये शारीर मंदिर है जिसमे भगवान् का निवास है, अतः सभी दृष्टी से देखें तो शारीर को ठीक रखना जरुरी है सफल जीवन जीने…

Nariyal Ke Fayde Janiye Hindi Me

नारियल खाने के फायदे, कैसे प्राप्त करें स्वास्थ्य प्राकृतिक तौर पे, स्वस्थ जीवन के लिए टिप्स.
आज के दौर में अच्छे स्वास्थ्य को पाना और उसे बनाए रखना बहुत मुश्किल हो गया है परन्तु सच्चाई ये है की सफल जीवन के लिए स्वास्थ्य जरुरी है. इस लेख में हम जानेंगे की कैसे नारियल स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा आहार हो सकता है.  नारियल एक जादुई फल है क्यूंकि इसमें प्राकृतिक तौर पर फाइबर होता है और साथ ही तेल भी और कई प्रकार के पौषक तत्त्व, इसीलिए वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में इसका प्रयोग बहुतायत से होता है. नारियल हमारे पाचन तंत्र के लिए भी बहुत अच्छा है अतः जो लोग पाचन के समस्या से ग्रस्त है उनको रोज नारियल का सेवन करना चाहिए. नारियल चयापचय के लिए भी श्रेष्ठ आहार है.ये हमे तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. नारियल मोटापा भी कम करता है. नारियल का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी बहुत अच्छा होता है.जो लोग सुन्दरता का बनाए रखना चाहते हैं उनके लिए भी नारियल से अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है. शोध तो ये भी बताते हैं की इसका सेवन तनाव से भी मुक्ति देती है. नारियल में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं जिसके कारण डॉक्टर भी …

Prêt Chandal Yoga Kya Hota Hai

Prêt chandal yoga kya hota hai, कैसे बनता है प्रेत चांडाल योग कुंडली में, कैसे जीवन में संघर्ष उत्पन्न होता है प्रेत चांडाल योग के कारण, जानिये कुंडली के बारा भावों में चांडाल योग का असर.
वास्तव में जब भी गुरु, राहू या केतु के साथ युति करता है कुंडली के किसी भी भाव में तो चांडाल योग का निर्माण होता है इसे ही अलग अलग लोग अलग अलग नामो से जानते हैं जैसे कोई इस योग को गुरु चांडाल योग बोलते हैं, कोई इसे प्रेत चांडाल योग बोलते हैं, कुछ इसे दरिद्र योग भी बोलते हैं आदि .
इसमें कोई शक नहीं की जब भी राहू और केतु गुरु के साथ किसी भी घर में बैठेंगे तो वो सम्बंधित कार्य को नुक्सान देंगे या फिर संघर्ष को बढ़ा देंगे. इसके कारण व्यक्ति को शादी में परेशानी आ सकती है, नौकरी में कठिनाई आ सकती है, व्यापार को स्थिर करने में समस्याए आ सकती है, समाज में एक विशेष स्थान बनाने में समस्या आ सकती है.
ग्रहों के शक्ति के अनुसार ये व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं. उदाहरण के लिए अगर शत्रु राशि के राहू केतु या गुरु की शक्ति कम हुई तो ये कम संघर्ष देंगे वही अगर इनकी शक्ति अधिक हुई तो जीवन को नरक भी बना सकते हैं.

Shaadi Karwane Wala Patthar

क्या पत्थर उठाने से शादी हो सकती है, चमत्कारी शादी करवाने वाला पत्थर भारत में . भारत में अनुको ऐसे परम्पराएं मौजूद है जिसके पीछे के वैज्ञानिक पहलु को जितना समझने की कोशिश करे उतना ही उलझन बन जाती है. ऐसी ही एक विचित्र परंपरा सिवनी में देखने को मिलती है. सिवनी, मध्य प्रदेश में आज के डिजिटल युग में भी एक विचित्र परंपरा मौजूद है. यहाँ एक विशेष दिन ११ लोग ६० किलो वजनी पत्थर उठाते है.

हर साल पोला त्यौहार यहाँ मनाया जाता है , इसके दुसरे दिन इस पत्थर उठाओ कार्यक्रम का आयोजन होता है. पहले पत्थर को कुंवारे लड़के पीठ पर उठाते हैं. और बाद में ११ शादी सुदा लोग अपने १-१ ऊँगली लगा के पत्थर को उठाते हैं.
ये प्रथा ५०० साल पुरानी है और आज भी लोगो को विश्वास है की ऐसा करने से विवाह हो जाता है. आश्चर्य की बात ये है की –
जहाँ शादी सुदा लोग इस पत्थर को १ -१ ऊँगली से आसानी से उठा लेते हैं वहीँ कुंवारे लोगो को इसे पीठ पे उठाने में भी पसीने आ जाते हैं.  आइये जानते हैं की ये चमत्कारी पत्थर है कहाँ :

Swastik Rahasya In Hindi

kya hai swastik, swasik rahasya in hindi, kaise prayog kare swastik ka, स्वास्तिक  क्या है, कैसे प्रयोग करे स्वस्तिक  सफलता के लिए. 
हिन्दू संस्कृति के प्राचीन ऋषियों ने अपने धर्म के आध्यात्मिक अनुभवों के आधार पर कुछ विशेष चिन्हों की रचना की, ये चिन्ह मंगल भावों को प्रकट करती है , ऐसा ही एक चिन्ह है “स्वास्तिक“.
स्वस्तिक मंगल चिन्हों में सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त है और पुरे विश्व में इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता है. इसी कारण किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले स्वस्तिक का चिन्ह बनाया जाता है. 
स्वस्तिक 2 प्रकार का होता है – एक दाया और दुसरा बांया . दाहिना स्वस्तिक नर का प्रतिक है और बांया नारी का प्रतिक है. वेदों में ज्योतिर्लिंग को विश्व के उत्पत्ति का मूल स्त्रोत माना गया है. 
स्वस्तिक की खड़ी रेखा सृष्टि के उत्पत्ति का प्रतिक है और आड़ी रेखा सृष्टि के विस्तार का प्रतिक है तथा स्वस्तिक का मध्य बिंदु विष्णु जी का नाभि कमल माना जाता है जहाँ से विश्व की उत्पत्ति हुई है. स्वस्तिक में प्रयोग होने वाले 4 बिन्दुओ को 4 दिशाओं का प्रतिक माना जाता है. 

कुछ विद्वान् इसे गणेश जी क…

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi, श्वेतार्क गणपति रहस्य, कैसे प्रयोग करे स्वेतार्क गणपति का, कहा से प्राप्त करे स्वेतार्क गणपति .
श्वेतार्क गणपति को लेके समाज में बहुत भ्रम फैला हुआ है और इसीलिए jyotishsansar.com के इस लेख में अपने पाठको को इस रहस्यमय वास्तु के बारे में जानकारी दी जा रही है.
स्वेतार्क गणपति का प्रयोग वनस्पति तंत्र के अंतर्गत मिलता है. ये वास्तु अति प्रभावशाली होती है और सफलता दिलाने में सहायक होती है. ये वास्तव में एक पौधे की जड़ होती है. मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के जंगलो में साधारणतः ये पाई जाती है.
ज्योतिष भी स्वेतार्क गणपति की पूजन के लिए बताते हैं कुछ लोगो को , ऐसी मान्यता है की इसमे गणेशजी की कृपा होती है.
आइये जानते हैं क्या है स्वेतार्क गणपति ?
एक पौधा पाया जाता है जिसे hindi में आक या मदार के नाम से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे कालोत्रोपिस के नाम से जानते हैं. इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में भी होता है.
साधारणतया आक के पौधे 2 प्रकार के होते हैं एक वो जिसमे की सफ़ेद फूल आते हैं और दूसरा वो जिसमे नीले फूल आते हैं. स्वेतार्क गणपति सफ़ेद फूल देनेव…

Nakshatra Vatika Kya Hai

नक्षत्र वाटिका क्या है, नक्षत्रो के अनुसार पेड़ , राशी अनुसार पेड़, बगीचे के फायदे.


ज्योतिष के अनुसार २७ नक्षत्र होते हैं और १२ रशियां होती है और ज्योतिष ग्रंथो में हर नक्षत्र का सम्बन्ध एक विशेष प्रकार के पेड़ से भी माना जाता है. इसी प्रकार हर राशि के लिए भी एक पेड़ या पौधा माना गया है. अगर व्यक्ति अपने नक्षत्र या राशि के अनुसार पेड़ या पौधे का पोषण और पूजा करे तो भी अनेक लाभ देखे जाते हैं, जीवन सफल हो जाता है. 
बहुत से लोग अपने घर या खाली जगह में नक्षत्र वाटिका या राशी वाटिका बनाते हैं जिससे की नवग्रहों की कृपा मिले और जीवन सुगम हो जाए. 
वैसे भी पेड़ पौधे लगाना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, हर पेड़ या पौधे में कोई न कोई औषधि गुण होता है अतः समय समय पर पौधे लगते रहना चाहिए.  अगर किसी के पास खाली जगह हो तो पेड़-पौधे लगाएं अगर घर में या फ्लैट में बालकनी हो तो वहां भी पौधे लगाए जा सकते हैं.अगर छत भी खाली हो तो भी गमलो में पौधे लगाए जा सकते हैं और बगीचा भी बनाया जा सकता है. इससे शुद्ध हवा मिलती है और सभी के लिए अच्छा होता है. आइये जानते हैं बगीचे के लाभ:
रोज अपने बगीचे में कुछ समय बिता…

Jyotish Mai Yog Kya Hote Hai

ज्योतिष मे योग क्या होते हैं, वैदिक ज्योतिष मे योग की शक्ति, जानिए योगो के फायदे और शक्ति ज्योतिष से. ज्योतिष मे रूचि रखने वाले लोगो को योगो मे भी बहुत रूचि होती है. वे जानना चाहते है की कुंडली मे या जन्म पत्रिका मे कौन से योग बन रहे है. कुछ योग शुभ होते हैं और कुछ अशुभ होते हैं. हालांकि किसी भी नतीजे पर पहुचने से पहले कुंडली का अच्छी तरह से विश्लेषण कर लेना चाहिए और सिर्फ एक ही योग पर भरोसा नहीं करना चाहिए. क्या होते हैं योग ज्योतिष मे ? योग तब बनते हैं जब १ से अधिक ग्रह कुछ विशेष अवस्था मे कुछ विशेष भावो मे बैठते है कुंडली मे. कुण्डली मे उनकी स्थिति के अनुसार वे जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. कुछ योग जीवन मे पूरा प्रभाव दिखाते हैं और कुछ कम, ये निर्भर करता है ग्रहों की शक्ति और स्थिति पर.

अगर योग बनाने वाले ग्रह शुभ हो , शक्तिशाली हो तो इसमे शक नहीं की जातक को उसके बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे, अगर ग्रह खराब स्थिति मे हो, शत्रु राशी के हो या नीच के हो तो जातक को इसके विपरीत परिणाम भी मिल सकते हैं.

अगर कोई खराब योग कुंडली मे बन रहा हो और ग्रह शक्तिशाली हो तो जातक को जीवन मे बहुत शंघर्…

Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को. आज के दौर मे देखा जा रहा है की मांगलिक दोष के कारण बहुत लोग परेशान है परन्तु यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की हर मांगलिक कुंडली खराब नहीं होती, कई बार ऐसा भी होता है की समस्या किसी और ग्रह के कारण होती है और व्यक्ति सिर्फ मंगल के उपायों को करता रहता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना जरुरी होता है.  मंगल दोष को कुज दोष या भौम दोष के नाम से भी जाना जाता है.  अगर कुंडली मांगलिक हो और मंगल अशुभ हो तो जातक को जीवन में बहुत अधिक परेशानी होती है.

आइये अब जानते हैं की कुंडली मे मंगल कब माना जाता है ? कुंडली मई १२ भाव होते हैं परन्तु इनमे से प्रथम भाव, चौथा भाव, सातवा भाव, आठवां भाव, और बारहवे का मंगल की मांगलिक दोष को जन्म देता है. ऐसी कुंडली मांगलिक कुंडली कहलाती है.  मांगलिक दोष का प्रयोग साधारणतः विवाह मे ही महत्त्व रखता है, जब कुंडली मिलान होता है तो ऐसी मान्यता है की मांगलिक वर को मांगलिक वधु ही चाहिए, अगर गुण मिलान हो रहे हो और कोई एक मांगलिक हो तो भी विवाह उपयुक्त नहीं माना जात…

भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

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ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।   किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।   ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

ज्योतिष एक भविष्य कहने वाला विज्ञानं  है परन्तु लोगो को गलत फहमी येहो जाती है कि इसके द्वारा भाग्य बदला जा सकता है।   
महत्त्वपूर्ण बात ये है कि इस विषय के…

Haldi Ke Totke Safalta Ke Liye

हल्दी के टोटके, ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए हल्दी के टोटके, वास्तु दोषों से मुक्ति के लिए हल्दी के टोटके, सुख और सम्पन्नता के लिए हल्दी के टोटके, janiye kaise haldi badal sakta hai kismet ko.  हमारे आस पास रोजमर्रा में उपयोग में आने वाली बहुत सी चीजो को बहुत आसानी से प्रयोग किया जा सकता है स्वस्थ एवं संपन्न जीवन जीने के लिए. जरुरत है सिर्फ जानकारी होना की कैसे किस वास्तु का प्रयोग किया जाए. ऐसी ही एक वास्तु है हल्दी जो की हर घर में पाई जाती है और आश्चर्य की बात ये है की हल्दी के प्रयोग से ग्रह दोषों से मुक्ति मिल सकती है हल्दी के प्रयोग से वास्तु दोष से मुक्ति मिल सकती है हल्दी के प्रयोग से नकारात्मक उर्जा से मुक्ति मिल सकती हैहल्दी के प्रयोग से धन की समस्या से निजत पाई जा सकती है हल्दी के प्रयोग से रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है हल्दी में औषधि गुण होने के साथ साथ कुछ अन्य शक्तियां भी मौजूद है इसी कारण हिन्दू धर्म में इसका प्रयोग पूजा-पाठ में भी किया जाता है. आइये जानते हैं हल्दी के कुछ विशेष टोटके:  ज्योतिष के अनुसार पिली हल्दी का सम्बन्ध गुरु ग्रह से होता है. अतः पिली हल्दी को धारण क…

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. 
इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है. 
आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे.श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास.श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पासश्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर.श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास.श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर.श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया के पास.श्री कर्कोतेश्वर महादेव - हरसिद्धि मंदिर के प्रांगण मे श्री सिद्ध…

Dhyan Ke Liye Vastu Dhyan Labhdayak Ho Sakta hai

कैसे बढ़ाये एकाग्रता, कैसे पायें अंदरूनी ताकत, फ्री मे जानिए ध्यान की आसान विधी. ध्यान या फोकस सफलता के लिए अति आवश्यक है, बिना एकाग्रता के सफलता के चरम को जल्दी छूना आसान नहीं है. अतः कुछ अभ्यास करना जरुरी होता है जिससे की एकाग्रता बढे.  धयान करने वाले अक्सर ऐसा कहते है की आँखे बंद करते ही विचार आने लगते है इसीलिए ध्यान नहीं लगता है, ध्यान नहीं कर पाता हूँ पर ऐसे लोगो को ये बताना चाहेंगे की विचारो का आना ही ये बताता है की हम कुछ कर रहे है, अतः इससे परेशान होके अभ्यास नहीं चोदना चाहिए.  प्राम्भिक ध्यान करने वालो के लिए विचारो से मुक्ति आसान नहीं होती है अतः इसके लिए “वास्तु ध्यान” करना चाहिए. इससे निश्चित ही जल्दी एकाग्रता को हासिल किया जा सकता है. 
आइये क्या होता है वास्तु ध्यान? इसके अंतर्गत हम किसी बिंदु, फोटो, दिए की लौ, बीज मन्त्र आदि पर ध्यान करते हैं खुली आँखों से. इससे विचार जल्दी ही चले जाते हैं .
आइये अब जानते हैं की वास्तु ध्यान कैसे करे? १.इसके लिए एक शांत जगह होना जरुरी है.  २.अपने मोबाइल को बंद कर दे अभ्यास समय के दौरान. ३.किसी भी सुखासन पर बैठे जिससे की आप ज्यादा देर तक बै…