Dev Shayani Ekadashi kab hai 2026 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति . Devshayani Ekadashi 2026: अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि. Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष 2026 मे हरी शयनी एकादशी 25 जुलाई को है| एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:14 बजे एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच मान्यता के अनुसार पद्मा एकादश...
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.
मुलेठी हर जगह आसानी से पंसारी के दूकान पे उपलब्ध होने वाली वस्तु है. इसका प्रयोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति मे बहुत होता है और घरो मे भी लोग इसका प्रयोग आसानी से कर लेते हैं.
मुलेठी एक जड़ है जो की प्राकृतिक तौर पर मिठास लिए होती है. अंग्रेजी मे इसे licorice कहते हैं और पेट रोग, श्वास रोग, अलसर, त्वचा रोग आदि मे इसका प्रयोग होता है.
मुलेठी एक जड़ है जो की प्राकृतिक तौर पर मिठास लिए होती है. अंग्रेजी मे इसे licorice कहते हैं और पेट रोग, श्वास रोग, अलसर, त्वचा रोग आदि मे इसका प्रयोग होता है.
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| Mulethi Ke Fayde In Hindi मुलेठी के फायदे |
आइये जानते है मुलेठी के कुछ प्रयोग:
- ये वैकल्पिक औषधि के रूप मे प्रयोग होती है.
- मुलेठी पेट के अन्दर के घावों को भी ठीक करने मे मदद करता है अगर किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन मे लिया जाए.
- गैस्ट्रिक अल्सर और छोटी आंत के अलसर को ठीक करने मे भी इसका स्तेमाल होता है.
- सर्दी खांसी मे भी इसका स्तेमाल किया जाता है घरेलु इलाज के रूप मे.
- ज्यादा खांसी होने पर मुलेठी के चूर्ण को शहद मे मिला के चाटा जाता है. इसके टुकड़े को भी लेके चूसा जा सकता है.
- त्वचा समस्या समाधान मे भी इसका प्रयोग होता है.
- श्वास सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए भी इसका प्रयोग बहुत अच्छा होता है.
- अपच समस्या को दूर करने मे भी इसका प्रयोग होता है.
आइये अब जानते हैं मुलेठी के प्रयोग मे क्या सावधानियां रखना चाहिए:
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.हालांकि इसका प्रयोग देशी इलाज के तौर पर किया जाता है फिर भी कुछ सावधानियां रखना अच्छा होता है.
- शोध बताते है की इसके ज्यादा स्तेमाल से सेक्स की शक्ति घटती है अतः ध्यान रखना चाहिए.
- मुलेठी का ज्यादा स्तेमाल किडनी पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है.
- अगर किसी को ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो उसे भी मुलेठी का स्तेमाल नहीं करना चाहिए या फिर चिकित्सक के मार्गदर्शन मे ही करे.
- जिन महिलाओं ने गर्भ धारण किया हो उनको भी इसका स्तेमाल नहीं करना चाहिए.
- ह्रदय सम्बंधित रोग से कोई ग्रस्त हो तो भी मुलेठी का स्तेमाल पूछ कर ही करना चाहिए.
अतः मुलेठी एक आसान उपाय है कई रोगों के लिए और घरेलु इलाज के तौर पर इसका स्तेमाल आसानी से किया जा सकता है.
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.

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