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Kanya Vivaah Ke Liye Jyotish Samadhan

कन्या विवाह के लिए ज्योतिष समाधान, लडकियों के शादी में कौन सी बाधाएं आती है, किन कारणों से कन्या के विवाह में देरी हो सकती है, जानिए कन्या विवाह और ज्योतिष के बारे में.
कन्या विवाह के लिए ज्योतिष समाधान, लडकियों के शादी में कौन सी बाधाएं आती है, किन कारणों से कन्या के विवाह में देरी हो सकती है, जानिए कन्या विवाह और ज्योतिष के बारे में.
कन्या विवाह के लिए ज्योतिष समाधान
 कन्या का विवाह परिवार के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण आयोजन होता है. लड़की की शादी हिन्दू परिवारों में पुण्य का कार्य माना जाता है. ये वो आयोजन है जब माता पिता अपने ह्रदय के टुकड़े को किसी और परिवार को सौंपते हैं. ये जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अवसर होता है इसीलिए परिवार वाले अपने लाडली के शादी में सबसे अच्छा करने की कोशिश करते हैं.
हर माता पिता इस पुण्यशाली अवसर की प्रतीक्षा करता है. परन्तु कभी कभी कुंडली में ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लड़की की शादी में देरी होती है. सभी गुण होने के बावजूद भी कन्या के विवाह में देरी होती है, सही लड़का नहीं मिलता है. कभी कभी तो लड़की का विवाह परिवार में बहुत गंभीर विषय बन जाता है.
इस लेख के माध्यम से लोग जान पाएंगे की कौन से कारण विवाह में देरी करते हैं, क्या करे शीघ्र विवाह के लिए.

आइये जानते हैं कुंडली में कौन से योग कन्या के विवाह में देरी करा सकते हैं:

भारतीय ज्योतिष में या वैदिक ज्योतिष में बहुत से योगो का वर्णन मिलता है जिनके कारण कन्या के विवाह में देरी हो सकती है.
  • मंगल दोष – ये एक बहुत ही सामान्य कारण है जिसके कारण कन्या के विवाह में देरी हो सकती है. इस योग के कारण साथी के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है इसी कारण एक मांगलिक कन्या के लिए मांगलिक वर ही ढूँढा जाता है और इसी कारण विवाह में देरी होती है. यहाँ ये जानना जरुरी है की हर मंगल ख़राब नहीं होता है अतः कुंडली का बारीकी से अध्ययन करना जरुरी होता है , कई बार हम अनजाने में अच्छा रिश्ता भी छोड़ देते हैं. एक अनुभवी ज्योतिष ही आपको सही जानकारी दे सकता है.
  • विवाह स्थान पर दूषित ग्रहों का प्रभाव – ये भी एक महत्त्वपूर्ण दोष होता है जब कोई ख़राब ग्रह विवाह स्थान में बैठ जाता है. इसके कारण कन्या का विवाह टालता जाता है. कई बार तो ऐसा भी होता है की जिनके कुंडली में विवाह स्थान ख़राब है उनके विवाह के बाद भी कन्या को बहुत परेशानी होती है. अतः ऐसे में ग्रह शान्ति पूजा करवाना चाहिए ज्योतिष से परामर्श लेके.
  • ग्रहण योग – ये भी अति महत्त्वपूर्ण योग है अगर कुंडली में ग्रहण योग हो तो कन्या को काफी दिक्कतों का सामना करना होता है और विवाह के बाद भी जीवन सुखी नहीं हो पाता है. अतः विवाह से पहले शान्ति पूजा करना जरुरी है.
  • कालसर्प योग – कुंडली में कालसर्प योग के कारण भी बहुत परेशानी होती है. अतः शांति पूजा जरुरी है. कालसर्प शांति के लिए अंगूठी भी आती है, यंत्र भी आता है, शांति पूजा भी होती है.
  • विष दोष : कुछ लडकियों के कुंडली में विष योग होता है जिसके कारण भी बहुत समस्या आती है शादी में. सही गुण वाला वर नहीं मिल पाता. इस अवस्था में भी शांति पूजा सहायक होती है.
  • गलत रत्न धारण करना – कुछ लड़कियां बिना ज्योतिष के परामर्श के ही रत्न धारण कर लेते हैं ऐसे में भी बाधाएं उत्पन्न होती है और कन्या के विवाह में देरी होती रहती है.
  • बिना परामर्श के व्रत या उपवास करना : भारत में ये भी अक्सर देखा गया है की लड़कियां कोई भी उपवास करने लग जाती हैं जिनकी जरुरत भी नहीं होती है. कभी कभी जिन उपवासों की जरुरत नहीं होती है उनको करने से भी समस्या उत्पन्न हो सकती है.
  • पितृ दोष – कुंडली में पितृ दोष भी विवाह समस्या पैदा कर सका है, इसके कारण अच्छा वर नहीं मिलता है, अतः इसके उपाय करने चाहिए.
इनके अलावा भी कुंडली में अन्य कारण हो सकते हैं जो की समस्या उत्पन्न करते हैं. अतः किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए.

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