सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hindi Jyotish Website

Hindi astrology services || jyotish website in hindi|| Kundli reading || Birth Chart Calculation || Pitru Dosha Remedies || Love Life Reading || Solution of Health Issues in jyotish || Career Reading || Kalsarp Dosha Analysis and remedies || Grahan Dosha solutions || black magic analysis and solutions || Best Gems Stone Suggestions || Kala Jadu|| Rashifal || Predictions || Best astrologer || vedic jyotish || Online jyotish || Phone jyotish ||Janm Kundli || Dainik Rashifal || Saptahik Rashifal || love rashifal

Vastu Me Khaat Mahurth Kya Hota Hai

वास्तु में खात मुहूर्त क्या है ?, जानते हैं फायदे इसके, कैसे कर सकते हैं निर्माण बिना किसी दिक्कत के?, क्या होगा अगर इसका ध्यान ना रखा जाए?

all about khaat mahurat in vastu construction in hindi
Vastu Me Khaat Mahurth Kya Hota Hai

क्या होता है खात मुहूर्त ?

जब भी कोई निर्माण कार्य शुरू होता है तो एक विशेष दिशा में सबसे पहले २ फीट का गड्ढा खोद के वहां पे पूजन किया जाता है और वहां पर कुछ चीजो को रखके उसपे ईंटो को चुनवा दिया जाता है उसके बाद ही उस जगह पर निर्माण कार्य शुरू होता है| इसे ही खात मुहूर्त कहा जाता है |

खात मुहूर्त वास्तव में शेष नाग से जुड़ा हुआ है, शाश्त्रो में ऐसा बताया गया है की शेषनाग जी हर ३ महीने में अपनी स्थिति बदलते हैं और जिस तरफ उनका मूंह या पूँछ हो वहां पर कभी भी खात मुहूर्त नहीं करना चाहिए अन्यथा भयंकर हानि उठानी पड़ती है |

इसीलिए ये जरुरी है की अच्छे जानकार ज्योतिष और वास्तु विद से सही तरीके से परामर्श लेके और मुहूर्त निकलवा के ही निर्माण कार्य शुरू करवाएं |

सामान्य तौर पे खात मुहूर्त में पञ्च रत्न और ताम्बे के लौटे में गंगा जल भर के फिर उनकी पूजा करके रख दिया जाता है और उसके ऊपर ईंट चुनवा दिया जाता है |

आइये जानते हैं की कौन से पांच रत्न रखने चाहिए ?

  1. पुखराज
  2. मोती
  3. पन्ना
  4. हीरा
  5. माणिक

ज्योतिष और वास्तुविद क्या क्या देखते हैं ख़त मुहूर्त निकालने के समय ?

जब भी निर्माण शुरू करने के लिए मुहूर्त निकलवाना हो तो ऐसे में ज्योतिष खात मुहूर्त निकालके उस समय की कुंडली भी बनाते हैं और फिर ये जानते हैं की निर्माण फलदाई होगा या नहीं , कौन कौन से समस्या उत्पन्न हो सकती है और उसके लिए क्या किया जाना चाहिए | इसीलिए निर्माण कार्य शुरू करवाने से पहले अच्छे और अनुभवी ज्योतिष और वास्तु सलाहकार से परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए | लाखो करोड़ो रूपए लगते हैं किसी बड़े निर्माण कार्य को करने में ऐसे में एक गलती बहुत नुक्सान दे सकता है और एक सही परामर्श जीवन भर का फायदा दे सकता है |

Watch Video here:

आइये अब जानते हैं की कब किस दिशा में रहता है शेषनाग का मूंह:

  1. फाल्गुन, चैत्र और वैशाख महीने में नाग का मुंह पश्चिम दिशा में रहता है अतः इस दिशा में खात मुहूर्त नहीं होगा |
  2. ज्येष्ठ, अषाढ़ और श्रावन महीने में शेषनाग का मूंह उत्तर दिशा में होता है अतः इस समय अगर निर्माण कार्य शुरू करना हो तो उत्तर दिशा में खात नहीं करना चाहिए |
  3. भाद्रपद, अषाढ़ और कार्तिक मास में नाग का मुंह पूर्व दिशा में होता है अतः इस दिशा से खुदाई की शुरुआत नहीं करना चाहिए |
  4. मार्गशीर्ष, पौष और माग महीने में शेषनाग का मूंह दक्षिण दिशा में रहता है अतः इस समय अगर निर्माण कार्य शुरू करना होतो इस दिशा से खुदाई नहीं करना चाहिए |

आइये अब जानते हैं की गलत दिशा में खात कर दिया जाए तो क्या हानि हो सकती है निर्माण करता को?

  • ऐसे में निर्माणकरता को गंभीर रोग हो सकता है |
  • निर्माण के कार्य में अनेक प्रकार के बाधाएं आ सकती है |
  • निर्माण के दौरान दुर्घटनाएं हो सकती है जिससे बाधा उत्पन्न होगी |
  • माता पिता को कष्ट हो सकता है |
  • कई बार निर्माण कार्य चलते चलते आधुरे ही रुक सकता है |
  • कई बार निर्माण करता के परिवार में मृत्यु भी हो जाती है |
  • रोग और शौक से बाधाएं उत्पन्न होने लगती है |

आइये अब जानते हैं की खात मुहूर्त करते समय किन बातो का विशेष ध्यान रखना चाहिए ?

निर्माण कार्य या तो रहने के लिए करवाया जाता है या फिर व्यापार करने के लिए ऐसे में हमारे शाश्त्रो में बताये गए बातो का अगर ध्यान रखा जाए तो इसमें कोई शक नहीं की हम एक सुखी और संपन्न जीवन जी सकते हैं | खात मुहूर्त के समय हमे कई बातो का ध्यान रखना चाहिए जैसे –

  1. अगर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जाते समय कोई अपशकुन हो जाए तो उस दिन को टाल देना चाहिए |
  2. सामग्री उसी सदस्य से डलवानी चाहिए जिसका चन्द्र बल अच्छा हो उस समय |
  3. जिस समय का मुहूर्त निकला हो उस समय की कुंडली बनवाना चाहिए फिर जाके अंतिम निर्णय लेना चाहिए की उस समय निर्माण कार्य शुरू करवाना चाहिए या नहीं |
  4. निर्माण कार्य शुरू करवाने से पहले ब्राह्मण का , घर के बड़ो का आशीर्वाद लेना ना भूले |
  5. पूजन के समय सभी संतुष्ट हो , इस बात का विशेष ध्यान रखे |

इसके अलावा भी बहुत अन्य बाते होती है जिसका निर्णय स्थान, स्थिति और समय को देखते हुए देखा जाता है अतः बड़े कार्यो से पहले अच्छे ज्योतिष और वास्तु विद से परामर्श अवश्य ले लेना चाहिए |

आइये जानते हैं उन फायदों को जो की होता है अगर सही मुहूर्त में निर्माण कार्य शुरू किया जाए ?

  • निर्माण करता को बिना परेशानी के निर्माण पूरा करने में मदद मिलने लगती है |
  • निर्माण के दौरान दुर्घटनाएं होने असार ख़त्म हो जाते हैं |
  • निर्माण सामग्री की पूर्ति बिना किसी परेशानी की होती रहती है |
  • निर्माण कार्य समय पर होता है या फिर समय से पहले ही हो जाता है |
  • अगर कमर्शियल प्रोजेक्ट हो तो मुनाफा जल्दी और जायदा होने की सम्भावना बढ़ जाती है |
  • धनागमन के रास्ते खुलते हैं |
  • स्वास्थ्य और सम्पन्नता आने लगती है |

अगर आप भी मकान, दूकान, काम्प्लेक्स आदि बनाने जा रहे हैं तो वास्तु परामर्श जरुर ले और पूरा फायदा उठायें |

जानिए ज्योतिष एवं वास्तुविद से की :

  1. कब शुरू करना चाहिए निर्माण कार्य |
  2. कैसा रहेगा निर्माण कार्य |
  3. किन यंत्रो की स्थापना करे वास्तु में |
  4. कैसे बढायें उर्जा को वास्तु में ?
  5. कौन से रत्न जगायेंगे भाग्य को ?
  6. कैसे बचाएं वास्तु को बुरी शक्तियों से ?

वास्तु में खात मुहूर्त क्या है ?, जानते हैं फायदे इसके, what is khaat mahurat in vastu, कैसे कर सकते हैं निर्माण बिना किसी दिक्कत के?, क्या होगा अगर इसका ध्यान ना रखा जाए?

टिप्पणियाँ

Follow on Facebook For Regular Updates

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rinmukteshwar mahadev mantra Ke fayde

कर्ज मुक्ति के लिए महादेव का शक्तिशाली मंत्र |  Rin Mukteshwar Mahadev Mantra | spell to overcome from debt, कहाँ पर है ऋण मुक्तेश्वर मंदिर ?, कर्ज बढ़ने के ज्योतिषीय कारण | ये मंत्र आर्थिक समस्याओं को दूर करने में बहुत मददगार है, किसी भी प्रकार के ऋण से छुटकारा दिलाने में मदद करता है, भगवान् शिव की कृपा को आकर्षित करने का बहुत ही सशक्त और सरल माध्यम है | अगर आपके ऊपर कर्जा बढ़ता जा रहा हो तो ऐसे में ऋणमुक्तेश्वर महादेव की पूजा बहुत लाभदायक है |  Rinmukteshwar mahadev mantra Ke fayde Read in english about Benefits Of RINMUKTESHWAR MANTRA हर महीने जब लेनदार पैसे मांगने आते हैं तो अच्छा नहीं लगता है , स्थिति तब और ख़राब होती है जब की देने के लिए धन नहीं होता है | कर्जा सिर्फ उस व्यक्ति को ही परेशां नहीं करता है जिसने लिया है अपितु पुरे परिवार को शर्मनाक स्थिति से गुजरने के लिए मजबूर करता है अतः जितना जल्दी हो सके कर्जे से बाहर आने की कोशिश करना चाहिए |  आज के इस युग में हर व्यक्ति दिखावटी जीवन जीना चाहता है और इसी कारण एक अंधी दौड़ में शामिल हो गया है | सुख सुविधाओं को एकत्र करने की चाह

Kala Jadu Ko Janiye

काला जादू क्या है, kala jadu ke prakaar, कैसे किया जाता है शैतानी जादू, भारत मे काला जादू, कैसे दूर करे काला जादू?. Kala Jadu Ko Janiye ब्लैक मैजिक या फिर काला जादू को सैतानी जादू भी कहा जाता है. इसके अंतर्गत किसी भी तरह से इच्छाओं को पूरा करने के लिए अलौकिक शक्तियों का उपयोग किया जाता है. काला जादू का सम्बन्ध है भूत प्रेतों और इसी प्रकार की शक्तियों को जगाने से है और इनके द्वारा इच्छाओ को पूरा किया जाता है. इस प्रकार के कर्म काण्ड का उपयोग साधारणतः शत्रुओं को परास्त करने के लिए किया जाता है. कुछ लोग काला जादू का प्रयोग शत्रु के व्यापार को नष्ट करने के लिए करते हैं, कुछ लोग शत्रु के आय के स्त्रोत को ख़त्म करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं. कुछ लोग स्वास्थ्य हानि के लिए भी प्रयोग करते हैं, कुछ लोग दुश्मन के फसल को नुक्सान पहुंचाने के लिए भी प्रयोग करते हैं, कुछ लोग सामने वाले के इच्छा के विरुद्ध प्रेम करने के लिए भी इस विद्या का प्रयोग करते हैं.  कुछ स्वार्थी लोगो का मानना है की काला जादू देविक शक्तियों से ज्यादा तेज काम करता है. और इसी कारण ये लोग इसका प्रयोग करते हैं.

Tantroktam Devi suktam Ke Fayde aur lyrics

तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम्‌ ॥ Tantroktam Devi Suktam ,  Meaning of Tantroktam Devi Suktam Lyrics in Hindi. देवी सूक्त का पाठ रोज करने से मिलती है महाशक्ति की कृपा | माँ दुर्गा जो की आदि शक्ति हैं और हर प्रकार की मनोकामना पूरी करने में सक्षम हैं | देवी सूक्तं के पाठ से माता को प्रसन्न किया जा सकता है | इसमें हम प्रार्थना करते हैं की विश्व की हर वास्तु में जगदम्बा आप ही हैं इसीलिए आपको बारम्बार प्रणाम है| नवरात्री में विशेष रूप से इसका पाठ जरुर करना चाहिए | Tantroktam Devi suktam  Ke Fayde aur lyrics आइये जानते हैं क्या फायदे होते हैं दुर्गा शप्तशती तंत्रोक्त देवी सूक्तं के पाठ से : इसके पाठ से भय का नाश होता है | जीवन में स्वास्थ्य  और सम्पन्नता आती है | बुरी शक्तियों से माँ रक्षा करती हैं, काले जादू का नाश होता है | कमजोर को शक्ति प्राप्त होती है | जो लोग आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं उनके आय के स्त्रोत खुलते हैं | जो लोग शांति की तलाश में हैं उन्हें माता की कृपा से शांति मिलती है | जो ज्ञान मार्गी है उन्हें सत्य के दर्शन होते हैं | जो बुद्धि चाहते हैं उन्हें मिलता है | भगवती की क