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Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

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ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

vastu kya hai || वास्तु क्या है

Kya hai vastu, वास्तु क्या है, क्या फायदे होते हैं वास्तु के सिद्धांतो को प्रयोग करने से, दिशा और देवो का वास.
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vastu kya hai 

भारतीय स्थापत्य वेद के अंतर्गत वास्तु का विवरण प्राप्त होता है. स्थापत्य वेद अथर्व वेद का एक भाग है. वास्तु विज्ञान का सम्बन्ध उस जगह की उर्जा से है जहा व्यक्ति काम करता है, रहता है, खेलता है, सोता है, खाना बनता है आदि. पूरा विश्व पञ्च तत्वों के कारण ही अस्तित्व में है जिसमे की अग्नि, वायु, जल, आकाश और धरती शामिल है. इन पञ्च तत्त्वों का असर इस दुनिया पर हर वस्तु पर  रहता है अतः पञ्च तत्त्व के बिना विश्व की कल्पना नहीं की जा सकती है. वास्तु शास्त्र में जो सिद्धांत दिए गए हैं वो इन्ही पांच तत्त्वों से जुड़े हैं. अगर किसी जगह में पञ्च तत्त्वों की उर्जा को बराबर कर दिया जाए तो वहां सफलता के रास्ते खुल जाते हैं. 
अगर आपका ऑफिस, घर, फैक्ट्री, सही वास्तु के नियमो से बनाया गया है तो ये निश्चित है की सफलता आपके कदम चूमेगी और आपका भविष्य सुखमय होगा. परन्तु इसके विपरीत अगर वास्तु दोष बहुत है तो जीवन में संघर्ष बढता जाएगा. 

हम समाज में देख सकते हैं की कई घरो में लोग बीमार ही रहते हैं, किसी फैक्ट्री में मजदूर टिकते ही नहीं हैं, कुछ इंडस्ट्रीज में उत्पादन अपेक्षित नहीं होता साधन के बावजूद, कुछ परिवारों में बच्चो का विकास नहीं हो पता है, कुछ घरो में शादियाँ समय पर नहीं हो पाती हैं अतः इन सब कारणों का एक कारण वास्तु दोष भी हो सकता है. 
वास्तु विज्ञान का स्तेमाल करने पर हम किसी भी जगह पर पञ्च तत्त्वों की उर्जाओं को संतुलित कर सकते हैं और इस प्रकार एक सफल जीवन जीने के लिए रास्ते खुल जाते हैं. 

वास्तु के नियमो का पालन करके हम अपने कामकाजी जीवन को सुखी कर सकते हैं. 
वास्तु नियमो का पालन करके हम अपने व्यक्तिगत जीवन को सुखी कर सकते हैं. 
वास्तु नियमो का पालन करके हम अपने सामाजिक जीवन को भी बेहतर कर सकते हैं.

वास्तु में हर दिशा में शक्तियों का वास माना जाता है जिसकी जानकारी भी नीचे दी जा रही है –

1. उत्तर- पूर्व दिशा में भगवान् शिव का वास माना जाता है.
2. पूर्व दिशा में सूर्य का वास माना जाता है.
3. दक्षिण – पूर्व दिशा में अग्नि का स्थान माना जाता है.
4. दक्षिण दिशा में यम का वास माना जाता है.
5. दक्षिण-पश्चिम दिशा में पितरों का वास माना जाता है.
6. पश्चिम दिशा में वरुण देव का वास माना जाता है.
7. उत्तर-पश्चिम दिशा में वायु देव का वास माना जाता है. 
8. उत्तर में कुबेर जी का निवास माना जाता है.
9. केंद्र में ब्रह्मा जी का निवास माना जाता है. 
Kya hai vastu, वास्तु क्या है, क्या फायदे होते हैं वास्तु के सिद्धांतो को प्रयोग करने से, दिशा और देवो का वास 

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