] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Santan Saptmi Ka Vrat Kab Hai | Katha

🌸 संतान सप्तमी व्रत — कब है? संतान सप्तमी का व्रत 18 सितंबर को रखा जाएगा। 📅 सप्तमी तिथि विवरण समय सप्तमी तिथि प्रारंभ 17 सितंबर, सुबह लगभग 10:48 बजे सप्तमी तिथि समाप्त 18 सितंबर, दोपहर लगभग 1:01 बजे व्रत का दिन उदया तिथि के अनुसार 18 सितंबर Santan Saptmi Ka Vrat Kab Hai | Katha  🪔 संतान सप्तमी पूजा का शुभ समय संतान सप्तमी की पूजा दिन में तथा प्रदोष काल में की जा सकती है। ☀️ दिन का पूजा मुहूर्त दोपहर 12:08 बजे से 12:57 बजे तक 🌅 प्रदोष काल शाम 5:39 बजे से 7:09 बजे तक ⚠️ राहु काल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक इसलिए दिन में पूजा करते समय राहु काल का ध्यान रखें। प्रदोष काल में भी पूजा की जा सकती है। 🙏 संतान सप्तमी की पूजा के खास नियम देवता संतान सप्तमी पर मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। 🧵 सात गांठ वाला कलावा 7 गा...

Shatru Se Suraksha Ke Liye Vastu Samadhan

Shatru Se Suraksha Ke Liye Vastu Samadhan, शत्रुओ के प्रकार और वास्तु समाधान, कैसे करे वास्तु की सुरक्षा शत्रुओ से.
शत्रुओ की समस्या एक गंभीर मसला है आज के इस इलेक्ट्रॉनिक युग में भी. अगर शत्रु शक्तिशाली है तो ये चिंता का विषय होता है. इससे जीवन में बहुत परेशानियां आ सकती है. शत्रु के कारण जीवन नरक जैसा महसूस होने लगता है. एक डर हमेशा दिमाग में छाया रहता है. इसके कारण स्वास्थ्य पर भी ख़राब असर होता है.

vastu samadhan shatru se bachne ke liye
Shatru Se Suraksha Ke Liye Vastu Samadhan
अगर बिना किसी कारण के शत्रु बढ़ रहे हो जीवन में, अगर बिना किसी कारण के जीवन में संघर्ष बढ़ रहे है, वाद विवाद बढ़ रहे है तो जल्द ही सही कदम उठा लेने चाहिए.
कभी कभी वास्तु में समस्या के कारण भी जीवन में शत्रु बढ़ने लगते हैं, अतः इस लेख में हम जानेंगे वास्तु के समस्याओं के बारे में और ये की कैसे बचाएं शत्रुओ से.
आइये जानते हैं शत्रुओ के प्रकार के बारे मे:
  1. शत्रु का पहला प्रकार में हम किसी व्यक्ति विशेष को ले सकते हैं जो की हमे नुक्सान पहुचाना चाहता हो.
  2. दुसरे प्रकार में हम नकारात्मक उर्जाव को लेंगे जो की वास्तु के गलत तरीके से बनाने के कारण उत्पन्न होते हैं.
  3. तीसरे प्रकार में शारीर के अन्दर मौजूद रोगाणुओं को लेंगे जिनसे की शारीर में रोग उत्पन्न होते हैं.
  4. चोथे प्रकार में हम लेंगे काले जादू को , इसका स्तेमाल विरोधी कई बार करते हैं नुक्सान पहुचाने के लिए.
इसके अलावा भी और भी कई प्रकार के शत्रु हो सकते हैं जिनसे हमे नुक्सान हो सकता है. परन्तु इस लेख में हम सिर्फ वास्तु समस्या के बारे में जानेंगे.


आइये जानते हैं कुछ वास्तु समस्या जिनके कारण शत्रु से परेशानी बढ़ सकती है :

  • अगर वास्तु के दक्षिण- पश्चिम कोने में कोई समस्या हो तो ये पक्का मान लीजिये की पितृ दोष बढेगा, छुपे शत्रुओ से खतरा बढेगा अतः ये जरुरी है की इस कोने के दोष को कम किया जाए.
  • अगर वास्तु के दक्षिण-पूर्व कोने में कोई दोष हो तो ऊर्जा को प्रभावित करता है. ये कोना आग्नेय कोण कहलाता है, ये कोना है उर्जा का. अतः इस कोने में दोष होने के कारण स्वास्थ्य की हानि होती है, घर के सदस्यों में उर्जा की कमी मिल सकती है. इस कोने में दोष होने के कारण घर के महिलाओं के स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा असर होता है.
  • अगर वास्तु के उत्तर-पूर्व कोने में कोई रुकावट हो तो इससे सकारात्मक उर्जा की रोक होती है और इसके कारण ये संभव है की आपको सालता के लिए बहुत ज्यादा संघर्ष करना पड़े.
  • अगर वास्तु की उत्तर-पश्चिम दिशा में कोई समस्या हो तो व्यक्ति को बचत करने में समस्या हो सकती है.
  • अगर वास्तु में घुसने का मुख्य द्वार गलत दिशा में हो तो इससे भी शत्रु बल बढ़ता है.
  • अगर आप कोई कारखाना चला रहे हैं तो मशीनों को भी सही दिशा में लगाना चाहिए अन्यथा इससे भी समस्या उत्पन्न हो सकती है.
  • दक्षिण पश्चिम दिशा में समस्या हो तो कानूनी अडचने परेशान कर सकती है .

आइये अब जानते हैं की कैसे बचाएं अपने आप को वास्तु दोषों से और शत्रुओ से :

किसी भी प्रकार के वास्तु समाधान को जानने के लिए सबसे पहले हमे वास्तु में मौजूद दोषों का पता लगा लेना चाहिए. हर समस्या के लिए अलग समाधान होता है जो की सही ज्योतिष या वास्तु विद बता सकते हैं.
  1. अगर वास्तु में कोई नकारात्मक उर्जा हो तो सही उतारा करने की जरुरत होती है.
  2. उतारे के बाद सही सिद्ध यन्त्र को लगा दिया जाता है जिससे नकारात्मक उर्जाव से वास्तु की सुरक्षा होती है.
  3. किसी कोने में वास्तु दोष हो तो वहां पर बनावट में बदलाव करके या फिर यन्त्र को लगा के बदलाव किया जा सकता है.
  4. वास्तु में समय समय पर विशेष यज्ञ करके भी दोषों को दूर रखा जा सकता है.
अगर आप को भी कोई वास्तु समस्या हो तो आप ज्योतिष और वास्तु विद से समाधान प्राप्त कर सकते हैं.



और सम्बंधित लेख पढ़े:
वास्तु क्या है?
कैसे काम करती है वास्तु ऊर्जा?
वास्तु का महतत्व
VAstu Remedies For Enemies Protection

Shatru Se Suraksha Ke Liye Vastu Samadhan, शत्रुओ के प्रकार और वास्तु समाधान, कैसे करे वास्तु की सुरक्षा शत्रुओ से.

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...