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Showing posts from December, 2018

Saal ke Shuru Mai Shani Amavasya

साल के शुरू में शनि अमावस्या ! क्या करे, कैसे बनाए जीवन को सफल, कौन की पूजा करे शनि-अमावस को.

2019 की शुरुआत ज्योतिष की दृष्टि से बहुत अच्छी हो रही है, साल का पहला दिन एकादशी रहेगी अर्थात भगवान् विष्णु की पूजा से हम सभी नए साल का स्वागत कर सकते हैं. 
वहीँ दूसरी तरफ पहले ही हफ्ते हमे शनि अमावस्या भी मिलेगी जो की पितृ दोष शांति एवं शनि शांति के लिए बहुत ही शुभ दिन होगा.

अमावस्या देखा जाए तो वैसे भी बहुत महत्त्व रखता है क्यूंकि इस दिन तंत्र साधनाए भी होती है, उतारे भी होते हैं, देवी देवताओं, पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी पूजा-पाठ होता हैं.

जिनके ऊपर शनि के ढैया या साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है उनके लिए तो साल के शुरुआत में शनि अमावस्या का पड़ना वरदान से कम नहीं है क्यूंकि शुरुआत में ही आप शनि देव को खुश कर अपने संकटों को कम कर सकते हैं.

पढ़िए नया साल का प्रभाव आपके राशि पर क्या असर होने वाला है >>
5 जनवरी २०१९ उन सभी लोगो के लिए ख़ास है जो शनि ग्रह से पीड़ित हैं, जिनको नौकरी नहीं मिल रही है, जिनका विवाह शनि के कारण बिगड़ रहा है, जिनके ऊपर काले जादू का प्रभाव हो, जिनके ऊपर साढ़े साती का…

Swapn Dosh Ka karan Aur Jyotish Samadhan

स्वप्न दोष क्या होता है, जानिए swapn dosh ka ilaaj, किनको स्वप्न दोष ज्यादा होने की संभावना रहती है, ज्योतिष समाधान.
जीवन का एक महत्त्वपूर्ण भाग होता है हमारा व्यक्तिगत जीवन. कई बार युवा अवस्था के शुरुआत में लोग स्वप्न दोष से ग्रस्त हो जाते हैं. इसका एक कारण शारीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी होते हैं. कई लोगो को कुछ ग्लानी भी महसूस होने लगता है और वे उसके समाधान के लिए प्रयास करते हैं.  क्या है स्वप्न दोष ? आइये समझते हैं इस दोष को, स्वप्न में जब सोते हुए वीर्य स्खलित हो जाए तो इस क्रिया को स्वप्न दोष के अंतर्गत लिया जाता है. अंग्रेजी में इसे WET DREAMS के नाम से जानते हैं. इस क्रिया में व्यक्ति का खुद का कोई नियंत्रण नहीं रहता है. और ये कमजोरी की भी निशानी होती है. इससे ये भी पता चलता है की व्यक्ति के पास भावनाओं को नियंत्रित करने की शक्ति अभी कम है.  स्वप्न दोष क्यों होता है? इस प्रकार की समस्या साधारणतः किशोरावस्था और युवा लोगो में ज्यादा देखने को मिलती है. कुछ विवाहित लोग भी इस समस्या से ग्रस्त देखे जाते हैं. अतः ये बात गलत है की स्वप्न दोष सिर्फ बिना शादी शुदा लोगो में ही देख…

Surya Saadhna In Hindi

सूर्य साधना hindi में , कैसे प्राप्त करे सूर्य की कृपा, कैसे बढाए सूर्य की शक्ति जीवन में ध्यान द्वारा, सूर्य साधना के लाभ, surya saadhna in hindi with the easy process. 
सूर्य एक ऐसा ग्रह है जो की जीवन में नाम, शक्ति, सकारात्मक ओरा , ज्ञान आदि के लिए जिम्मेदार है. सूरज की शक्ति के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है. सूर्य को सूरज, भास्कर आदि के नमो से भी जानते  है. अंग्रेजी में इसे Sun कहते है.

सूर्य को ग्रहों के राजा के रूप में भी जानते है. सारे ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते रहते है. जब कुंडली में सूर्य ख़राब होता है या कमजोर होता है तो विभिन्न प्रकार के समस्याओं से व्यक्ति परेशान होता है. सूर्य के कारण पितृ दोष भी उत्पन्न होता है.

सूर्य एक ऐसा ग्रह है जिसको हम रोज अपनी खुल्ली आँखों से देख सकते है. ये ग्रह हमे, प्रकाश, ऊर्जा और गर्मी देता है.

सभी जीव सूर्य से उर्जा प्राप्त करते है अतः ये सभी के लिए महत्वपूर्ण है.  सूर्य साधना का महत्तव: अगर कोई रचनात्मकता, ज्ञान, सम्मान, अच्छा स्वास्थ्य, अध्यात्मिक शक्ति चाहता है तो उसे सूर्य पूजा या सूर्य साधना जरुर करनी चाहिए. हमारे पुरानो में…

2019 Mid Night Pravesh Kundli

2019 Mid Night Pravesh Kundli, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी नए साल में प्रवेश के समय, जानिए ३१ दिसम्बर की रात्रि को ग्रहों के खेल, भविष्यवाणी.

एक और साल बीतने वाला है और हम सब अपने नए सपनो को पूरा करने की उड़ान भरने को तैयार है. नए साल के जश्न मनाने के की तैयारी में सभी लगे हुए है, नए तरकीबो को अपनाने की तैयारी चल रही है. कुछ लोग अवलोकन में भी लगे है की बीते साल कैसा रहा और अब आगे क्या करना है.

जिन्होंने अभी अभी पढ़ाई पूरी की है वो लोग नए नौकरी पाने की कोशिशो में लगे है और कुछ लोग व्यापार शुरू करने में लगे हैं, कुछ लोग जीवन साथी की तलाश में हैं.

नया साल बहुत से बदलाव लेकर आता है, पूरी दुनिया नए साल का स्वागत करने के लिए आतुर है और ग्रह-नक्षत्र भी अपना पूरा प्रभाव डाल रहे हैं.

12 राशियो पर ग्रहों का क्या असर होगा ये पढने के लिए यहाँ क्लिक करे>>
आइये देखते हैं ३१ दिसम्बर की अर्द्ध-रात्रि की कुंडली क्या कहती है? इस लेख में हम ये जानेंगे की नए साल की प्रवेश कुंडली कैसी है और कैसा रहेगा पहला दिन लोगो के लिए. ये कुंडली १ जनवरी २०१९ को रात्रि १२:०१ मिनट की है.
 हम देख सकते हैं की शुक्र शुभ …

Shiva Sadhna Dhan Prapti Ke Liye

शिव पूजा द्वारा धन प्राप्ति कैसे करे, जानिए विशेष मंत्र धन प्राप्ति के लिए.

भगवान् शिव बहुत दयालु है और शीघ्र ही प्रसन्न हो के भक्तो की परेशानियों को दूर करने के लिए प्रसिद्ध हैं. शांति और सम्पन्नता के लिए शिव साधना अति उत्तम है, भगवान् शिव के भक्त सभी जगह पाए जाते हैं.  धन एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं जीवन का और इसी के द्वारा इस भौतिक जीवन को सफलता पूर्वक जिया जा सकता है इसी कारण लोग धन की देवी लक्ष्मी जी और कुबेर जी की पूजा करते हैं. परन्तु धन प्राप्ति करवाने के लिए अन्य साधनाए भी होती है, उन्ही में से एक शिव साधना भी है.

साधारणतः लोग ख़राब ग्रहों या फिर शत्रु के द्वारा किये गए गलत प्रयोगों के कारण जीवन में परेशान रहते हैं.  इस ज्योतिष संसार के लेख में हम जानेंगे एक आसान परन्तु शक्तिशाली तरीका जो की जीवन से परेशानियों को ख़त्म करके धन प्राप्ति में मदद करता है.  कौन कर सकते हैं इस प्रयोग को? इस प्रयोग को वो हर कोई कर सकता है जो की जीवन में धन सम्बन्धी समस्या से गुजर रहा है, जिनको अत्यधिक परेशानी आ रही है.  किन चीजो की आवश्यकता है इस शिव तंत्र प्रयोग को करने के लिए? इस प्रयोग को करने के …

Dhanu Sankranti Ka Mahattw

धनु संक्रांति का महत्त्व, क्या करे जब सूर्य धनु राशी में रहे, धनु राशी में सूर्य की शक्ति को जानिए.
जब सूर्य धनु राशी में प्रवेश करता है तो उस काल को धनु संक्रांति काल कहते हैं. ये काल बहुत ही महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के अनुसार, ऐसी मान्यता है की जब भी सूर्य गुरु के किसी राशी में प्रवेश करेगा तो मल मॉस या खर मास शुरू हो जाता है.

हर साल में २ महीने खर मास या मल मास होता है क्यूंकि सूर्य धनु या फिर मीन राशि में प्रवेश करता है हर साल, अतः देखा जाए तो साल में ६० दिन मल मास के होते हैं.
जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो उस मास को धनुर्मास भी कहते हैं, मल मास भी कहते हैं, खर मास भी कहते हैं.
आइये जानते हैं की धनुर्मास में क्या – क्या काम वर्जित है ? धनु संक्रांति के बाद एक महीने तक अनेक शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं जैसे- इस समय विवाह वर्जित होता है. धनुर्मास में यज्ञोपवित वर्जित है. मुंडन कार्य भी वर्जित होता है गृह आरंभ और गृह प्रवेश भी वर्जित होता है. देवी देवता के प्राण प्रतिष्ठा के कार्य भी वर्जित माना जाता है. आइये अब जानते हैं की धनु संक्रांति में क्या करना चाहिये सफलत…

Pratiyogi Parikshaao Mai Safalta Kaise Payen

प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए क्या करे, कैसे ज्योतिष मदद करता है प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए, कौन सी पूजा करनी चाहिए.  प्रतियोगी परीक्षा उन सभी के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है जो कुछ ख़ास करना चाहते हैं, कोई विशेष पड़ प्राप्त करना चाहते हैं सरकारी नौकरी में | किसी भी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए कुछ लोग बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं परन्तु कुछ लोग ऐसे भी है जो कम मेहनत करके आसानी से परीक्षा में पास हो जाते हैं और नौकरी भी उन्हें आसानी से मिल जाती है.  अब सवाल ये है की कुछ लोगो को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता आसानी से कैसे मिल जाती है?क्यों बहुत जायदा पढने वाला व्यक्ति परीक्षा में असफल हो जाता है?क्यों कभी कभी ना काबिल व्यक्ति भी आसानी से नौकरी प्राप्त कर लेता है?क्यों कोई व्यक्ति हमेशा परीक्षा के समय बीमार पड़ जाता है?क्यों कोई एग्जाम में जाए प्रश्नों के उत्तर भूल जाता है?क्यों कोई सिर्फ १ नंबर से रह जात है? ज्योतिष में भाग्य को बहुत महत्त्व दिया जाता है, अगर किस्मत साथ दे तो व्यक्ति को आसमान छूने में देर नहीं लगती, और अगर बदकिस्मती साथ हो तो ऊंट पे बैठे को भी कुत्ता काट खा…

Kaal Bhairav Ujjain Ki Yatra Ka Rahasya, कालभैरव

Kaal Bhairav Ujjain Ki Yatra Ka Rahasya, कालभैरव कौन हैं, उज्जैन के कालभैरव, क्यों दर्शन करना चाहिए भैरव बाबा के.  भूत प्रेतों और शिव गणों के नियंत्रणकर्ता है बाबा भैरव जो की दयालु है, कृपालु है और भक्तो को नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. ऐसी भी मान्यता है की कलयुग में सबसे आसान भैरव पूजा होती है. कलयुग में इनको प्रसन्न करना सबसे आसान होता है.

जब व्यास ऋषि सनत्कुमारो से कालभैरव तीर्थ के बारे में प्रश्न करते हैं तो उन्होंने इस रहस्य को उन्हें बताया. सनत्कुमारो ने कहा की कालभैरव तीर्थ एक शक्तिशाली जगह है, एक पवित्र स्थल है, एक जागृत स्थल है जहा भक्तगण अपनी मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं. ये तीर्थ स्थली पवित्र शिप्रा नदी के किनारे उज्जैनी में स्थित है.

कोई भी अपने दुःख और दर्द से छुटकारा पा सकता है भगवान् कालभैरव के दर्शन करके. कालभैरव मंदिर शिप्रा नदी के उत्तर दिशा में स्थित है और भक्तो को सभी प्रकार की सांसारिक सुक देने में समर्थ है. इस जगह पूजा करके हम अपने जीवन को सफल कर सकते हैं. कालभैरव पूजा का विशेष समय: हिन्दू पंचांग के हिसाब से अषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष में इनकी पूजा का विशेष समय…

Grahan Shanti Pooja In Hindi

ग्रहण दोष निवारण पूजा | कुंडली में ग्रहण योग का समाधान | जानिए कुछ आसान उपाय ग्रहण योग के प्रभाव को कम करने के  ग्रहण दोष निवारण पूजा बहुत जरुरी है उन पुरुष और महिलाओं के लिए जो इसके प्रभाव से ग्रस्त है. इस पूजा द्वारा ग्रहण दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन को सरल बनाया जा सकता है.
अगर कोई ग्रहण योग के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहा है तो ग्रहण दोष निवारण पूजा करनी चाहिए. अगर किसी के शादी में देरी हो रही है ग्रहण योग के कारण तो ये पूजा करनी चाहिए. अगर किसी को स्वास्थ्य हानि हो रही है लगातार ग्रहण योग के कारण तो भी ये पूजा करनी चाहिए. अगर कोई बचत नहीं कर पा रहा है और सम्पन्नता से वंचित है ग्रहण योग के कारण तो भी शांति पूजा से लाभ हो सकता है. अगर रोजगार में बाधा आ रही है तो भी इस पूजा से लाभ उठाया जा सकता है. अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही है ग्रहण दोष के कारण तो भी इस पूजा से लाभ लिया जा सकता है.  ग्रहण योग क्या होता है ? मेरे पिछले लेख में इस विषय में जानकारी दी है अतः “ग्रहण योग क्या है"इस लेख को पढ़े. जब भी राहू और केतु के साथ कोई ग्रह किसी भाव में बैठ जाए तो ग्र…