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Papankush Ekadashi Kab Hai | Katha of पापांकुशा एकादशी

Papankush Ekadashi Kab Hai | Katha of पापांकुशा एकादशी, ekadashi ki sahi tarikh, ekadashi ke upay. हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है और उनसे पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि तथा मोक्ष की प्रार्थना की जाती है। आइए जानते हैं पापांकुशा एकादशी का महत्व, पौराणिक कथा, पूजा विधि और इससे मिलने वाली शिक्षाओं के बारे में। पापांकुशा एकादशी 2026 : एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:13 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:47 बजे तक  व्रत पारण का समय: 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को सुबह 5:51 बजे से 8:08 बजे के बीच Papankush Ekadashi Kab Hai | Katha of पापांकुशा एकादशी  पापांकुशा एकादशी का महत्व हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है। यह एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने, भगवान विष...

Ashwin amavasya Ka Mahattw

अशिवन अमावस्या का महत्त्व, कैसे दूर करे दुर्भाग्य को, क्या करे १६ अक्टूबर, शक्रवार को, क्या होगा इस दिन पूजा-पाठ, दान करने से, जानिए ज्योतिष अनुसार.

भारत में अमावस्या का बहुत महत्त्व है क्यूंकि ज्योतिष अनुसार इस दिन किया गया पूजन, दान पितरों की कृपा प्राप्त करने के सबसे अच्छा साधन होता है| तंत्र की दृष्टि से भी अमावस्या विशेष महत्त्व रखता है और इसीलिए दिवाली की रात्रि भी अमावस्या को आती है जब विशेष साधना लोग कर पाते हैं मनोकामना पूरी करने हेतु |

all about Ashwin amavasya Ka Mahattw in hindi jyotish
Ashwin amavasya Ka Mahattw

१६ अक्टूबर 2020, शुक्रवार को आश्विन मास की अमावस्या आ रही है और इसी दिन रात्रि को १:०१ मिनट पर अधिक मास ख़त्म होगा और नवरात्री शुरू हो जाएगी.

यही नहीं सूर्य भी तुला राशी में प्रवेश कर जाएगा १७ को और १ महीने तक नीच का रहेगा जिसकी पूरी जानकारी मैंने पिछले विडियो और लेख में दिया है |

१६ अक्टूबर 2020, शुक्रवार को अमावस्या सुबह ४:५३ से शुरू हो जायेगी और रात्रि १:०१ तक रहेगी|

ये अमावस्या अत्यंत महत्त्वपूर्ण है क्यूंकि इस दिन हम दुर्भाग्य को दूर करने के लिए अनेक प्रयोग कर सकते हैं साथ ही पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए भी अनेको प्रयोग कर सकते है |


Watch video here:

आइये जानते है की क्या कर सकते हैं दुर्भाग्य को दूर करने के लिए :

  1. अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो इस दिन हम पितृ शांति पूजा कर सकते  है |
  2. पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन तर्पण अवश्य करना चाहिए|
  3. अगर किसी के कुंडली में शुक्र और राहू की युति हो और इसके कारण जीवन में बहुत परेशानी आ रही हो तो इस दिन शुक्र शांति पूजा बहुत लाभदायक रहेगी अगर पूजा करवाने में सक्षम ना हो तो किसी देवी मंदिर में जाके देवी को श्रृंगार का सामान भेंट करे और कन्याओं का आशीर्वाद अवश्य ले|
  4. इस दिन अगर आप किसी तीर्थ नगरी में हो और वहां पे पवित्र नदियाँ हो जैसे गंगा, यमुना, नर्मदा, क्षिप्रा आदि तो अवश्य स्नान करे और घात पे ही पितृ तर्पण करे, अपनी शक्ति अनुसार दान धर्म भी करे |
  5. अगर आप कोई बड़ी पूजा करने में समर्थ नहीं है तो कोई बात नहीं भगवान् शिव का जल से अभिषेक करे और सभी दिवंगत आत्माओं के कल्याण हेतु प्रार्थना अवश्य करे |
  6. अगर कोई बुरी शक्तियों के कारण परेशां हो या फिर किसी शत्रु द्वारा काला जादू किये जाने के कारण परेशान हो तो आश्विन अमावस्या से देवी कवच का पाठ शुरू करे और पुरे नवरात्री में भी जरुर करे, देवी से सुरक्षा के लिए प्रार्थना करे |
  7. अगर किसी लड़के की शादी में बहुत परेशानी आ रही हो तो आश्विन अमावस्या के दिन किसी देवी मंदिर में जाके मेहंदी अर्पित करे देवी को और अपने विवाह के लिए प्रार्थना करे. इस क्रिया को पुरे नवरात्री में भी जारी रखे साथ ही कन्याओं का और नारी शक्ति का आशीर्वाद लेते रहे पुरे नवरात्री में रोज |
  8. अगर दरिद्रता पीछा ना छोड़ रही हो तो ऐसे में आश्विन अमावस्या की रात्रि को ७ प्रकार के मिठाई या पकवान , १ नारियल , एक निम्बू लेके पुरे घर से घुमा के उसे किसी चौराहे पे छोड़ के आये , लौटते समय पीछे मुडके ना देखे | जब चौराहे पे सामान रखे तो कोई देखे ना इस बात का ध्यान रखे और ये भी सोचे की आप अपनी सारी दरिद्रता यहीं छोड़े जा रहे हैं |
  9. अगर घर में खूब अशांति का माहोल हो तो राई की धुनी दे आश्विन अमावस्या को सुबह और शाम दोनों समय.

इस प्रकार हम कुछ आसान उपायों को करके अपने जीवन को सुखी कर सकते हैं , दरिद्रता दूर कर सकते हैं, संकटो से मुक्त हो सकते हैं |

अगर आप अपनी कुंडली दिखाना चाहते हैं, जानना चाहते हैं अपने भविष्य के बारे में, कामकाजी जीवन के बारे में, प्रेम जीवन के बारे में, वैवाहिक जीवन के बारे में तो संपर्क कर सकते हैं ज्योतिष मार्गदर्शन के लिए|

तो इस आश्विन अमावस्या का खूब लाभ उठाइये और रात्रि से शक्ति आराधना भी शुरू कीजिये, माँ दुर्गा की आराधना शुरू कीजिये. 

पितरो की कृपा से, देवी की कृपा से सभी के जीवन में खुशियाँ आये , यही कामना |

, अशिवन अमावस्या का महत्त्व, कैसे दूर करे दुर्भाग्य को, क्या करे १६ अक्टूबर, शक्रवार को, Ashwin amavasya What to do to remove problems, क्या होगा इस दिन पूजा-पाठ, दान करने से, जानिए ज्योतिष अनुसार.

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