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Showing posts from February, 2019

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपक…

Bhagwan Shiv Ka Mahattw

शिव महिमा, शिवजी की पूजा का महत्त्व, क्या वस्तुएं प्रयोग होती है शिव पूजा में, कौन हैं भगवन भोलेनाथ, जानिए भोलेनाथ के परिवार को.

भारत भूमि दिव्य है और यहाँ पर विभिन्न देवी देवताओं की पूजा होती है. भारत भूमि का पुण्य इतना ज्यादा है की भगवान् भी अवतार के लिए इसी देश को चुनते आये हैं. देविक शक्तियों में से एक है भगवान् शिव जो सदेव संसार के कल्याण हेतु साधनारत रहते हैं. भगवन शिव निराकार है इसीलिए उनकी पूजा लिंग के रूप में की जाती है. ब्रह्माण्ड की उत्पाती से पहले भी शिव ही थे और उत्पत्ति के बाद भी वही है और विनाश के बाद भी वही रहेंगे.ये पूरा विश्व सिर्फ शिव का ही रूप है. हिन्दू मान्यता के अनुसार शिवरात्रि को भगवान् शिव का विवाह हुआ था इसीलिए ये दिन बहुत उल्लास के साथ मनाया जाता है.
भक्तो ने भगवान् शिव की मूर्ति को कल्पना से बनाया है और उसकी पूजा करते हैं जिसमे उनकी जटाएं हैं, हाथ में त्रिशूल है, गले में नाग की माला है, चन्द्रमा भी उनके मुकुट की शोभा बढ़ाते हैं. शिव ही ऐसी शक्ति है जो की जहर को भी पचा लेते हैं.  आइये जानते हैं की भगवान् शिव की पूजा में किन चीजो का प्रयोग होता है: दूध, दही, …

Shadi Ki Rukawat Dur Kare Shivratri Ko

Shadi Samasya Samadhan Shivratri Mai, शिवरात्रि मे विवाह समस्याओं का समाधान, विवाह हेतु कुछ फ्री टोटके . अगर आप एक अच्छे दिन की तलाश मे है जब विवाह समस्याओं का समाधान आसानी से हो सकता हो तो शिवरात्री एक शुभ और शक्तिशाली दिन है जब हम भगवान् शिव की कृपा प्राप्त करके अपने जीवन को निष्कंटक कर सकते हैं.
अगर कुंडली मे मंगल दोष हो, ग्रहण दोष हो, कालसर्प दोष हो, जिसके कारण विवाह मे देरी हो रही हो या फिर वैवाहिक जीवन मे परेशानी हो रही हो तो शिवरात्रि को पूजाए करके जीवन से परेशानियों को कम किया जा सकता है. शिवजी को अनेक नामो से जाना जाता है जैसे महादेव, त्रिनेत्रधारी, महाकाल आदि और उनकी कृपा से बड़े से बड़े समस्याओं का समाधान हो जाता है. अतः अगर कोई पुरे समर्पित हो के शिवजी की आराधना करता है तो इसमे कोई शक नहीं की जीवन से परेशानियों का वेग कम होने लगता है. शिवरात्रि मे मंगल दोष निवारण हेतु भी पूजा किया जा सकता है.शिवरात्रि मे कालसर्प दोष निवारण हेतु भी पूजाए होती है.ग्रहण योग समाधान हेतु भी इस दिन पूजा होती है.नवग्रह दोष निवारण हेतु भी लोग शिवरात्रि को पूजा करते हैं. आइये अब जानते हैं कुछ टोटके वि…

Bhagwaan Shiv Se Judi Vastuo Ka Mahattw

मानसिक शांति, सांसारिक सफलता, अध्यात्मिक उच्च अवस्था को पाने का सबसे सरल तरीका है शिव पूजा. हिन्दू धर्म ग्रंथो के हिसाब से भगवान् शिव कण कण मे मौजूद है. शिवजी के मंदिर संसार मे सब जगह मिल जाते हैं, शिव भक्त भी पुरे विश्व मे मौजूद है. 
भक्तगण शिव को अनेक नामो से पुकारते है जैसे भूतनाथ, रूद्र, नीलकंठ, मृत्युंजय, अघोरी आदि. सोमवार, शिवरात्रि, चौदस, अमावस्या आदि को इनकी विशेष पूजा की जाती है. 
शिव पूजा मे कई प्रकार के वस्तुओ का प्रयोग होता है जैसे बिल्व पात्र, दूध, जल, धतुरा, शहद आदि.
इसी प्रकार कई वस्तुए इनसे जुडी हुई है जैसे कड़ा, मृगछाल रुद्राक्ष, नाग, खप्पर, डमरू, गंगा, चन्द्रमा. इन सबका अपना ही महत्त्व है.  आइये जानते हैं भगवान् शिव से जुडी वस्तुओ का महत्त्व:बिल्वपत्र :इसमे औषधीय गुण पाए जाते हैं, ये जठराग्नि को भी पोषित करता है, पाचन क्रिया मे सहायक है और बहुत अच्छा शोधक है. शिव हमेशा ही समाधि मे रहते हैं अतः भक्त उनक बेलपत्र अर्पित करते हैं.मृगछाल : ऐसा माना जाता है की ये ध्यान के लिए बहुत अच्छा होता है, ये शरीर के उर्जा को धरती मे जाने से रोकता है अतः साधक को अच्छी ऊर्जा प्राप्त …

Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se

क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान शिवरात्रि मे.

शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार, साधनाओ को करने हेतु शिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. अगर को भौतिक इच्छाओं को पूरी करना चाहता है तो भी शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण मानी गई है.
अगर पुरे विश्वास और श्रद्धा से शिवरात्रि को साधना की जाती है तो निश्चय ही सफलता कदम चूमती है. साधारणतः हमे किसी भी साधना को करने हेतु विशेष समय की जरुरत होती है. परन्तु शिवरात्रि तंत्र की दृष्टि से भी एक प्रबल रात्रि मानी गई है जब किसी भी प्रकार की साधना को किया जा सकता है. हिन्दू ग्रंथो मे भी इस विषय पर बहुत कुछ उल्लेख मिलता है जिससे इस रात्रि का महत्त्व पता चलता है.

काश्मीर शैवैस्म मे उल्लेख है की पूरा विश्व भगवान् शिव का ही प्रकटीकरण है, इस विश्व मे ऐसा कुछ नहीं जो शिव नहीं.

शिवरात्रि को शिव की कृपा का अनुभव हर भक्त कर सकता है. इस दिन और रात्रि को पुरे विश्व मे शिव भक्त शिव पूजा मे लगे रहते हैं जिससे की वातावरण शिवमय हो जाता है. शिवजी …

2019 Shivratri aur Jyotish

2019 में शिवरात्रि का ज्योतिष महत्त्व, क्या करे भगवन शिव को प्रसन्न करने के लिए, राशि अनुसार शिव पूजा कैसे करे.

शिवरात्री फाल्गुन महीने के चौदस को आता है हर साल, ऐसा माना जाता है की इस रात्री को शिव और पारवती का विवाह हुआ था. इसी कारण भक्तगण इस दिन और रात को व्रत रखते हैं, शिव मंत्र का जप करते हैं , कीर्तन करते हैं.  ज्योतिष के अनुसार राशि अनुसार भी लोग पूजाए कर सकते हैं. साधारणतः पंचामृत और अकड़े के फूल से पूजा आसानी से किया जा सकता है. कुछ लोग काले तिल से स्नान करके भी शिव पूजा करते हैं इस दिन.

2019 में शिवरात्रि का ज्योतिष महत्त्व: इस साल शिव-रात्रि ४ मार्च , सोमवार को मानेगी जिसके कारन इसका महत्त्व और बढ़ जाता है क्यूंकि सोमवार का सम्बन्ध भी शिवजी से है.  ग्रहों का भी बहुत साथ मिल रहा है इस बार जिसके कारण साधको को मनोकामना पूरी करने में मदद मिलेगी-- गुरु अपने शुभ राशि में रहेगा शिवरात्रि को जिसके कारण साधना के लिए उपयुक्त माहोल बनेगा. मंगल भी शुभ का रहेगा. केतु भी शुभ का रहेगा जिससे जिज्ञासुओ को लाभ होगा. शुक्र भी शुभ रहेगा जिससे भौतिक साधनों के लिए पूजा करने वालो के लिए भी ये शिव रात…

Kalajadu Samadhan Shivratri Mai

Kalajadu Samadhan Shivratri Mai, शिवरात्रि मे काले जादू से रक्षा, कुछ सरल उपाय नकारात्मक उर्जाव से बचाव हेतु.  शिवरात्रि एक ख़ास दिन है जो की शिवजी की कृपा प्राप्त करने हेतु श्रेष्ठ माना जाता है, भक्तगण, साधक गण इस रात्रि को साधना मे बिताते हैं जैसे मंत्र जप, भजन, ध्यान और अन्य कर्म काण्ड.  शिवरात्री बहुत ज्यादा शक्तिशाली रात है और इसी कारण कुछ नकारात्मक विचारधारा से ग्रस्त लोग इस दिन शक्तियों का गलत स्तेमाल करने से भी बाज नहीं आते हैं. ऐसा माना जाता है की शिवजी इस रात्रि को सभी की इच्छा पूरी करते हैं. 
अगर कोई भी व्यक्ति काले जादू या नकारात्मक उर्जाव से परेशान हो और समाधान चाहते हैं तो उन्हें शिवरात्रि को भगवान् शिव की शरण मे जाना चाहिए. इस पवित्र रात्री को अगर सही माध्यम से सही साधना करी जाए तो निश्चित ही लाभ होता है.  ये रात्री मुसीबत मे फंसे व्यक्ति को काले जादू से बचाती है, नजर दोष से रक्षा करती है अगर सही तरीके से समर्पित होक साधना की जाए.  आइये जानते हैं कुछ ख़ास  और आसान उपाय जो की आपको बचा सकती है नकारात्मक उर्जाओं से शिवरात्री को :शिवरात्रि को उपवास करे और अपने आपको शिवजी को स…

Saraswati Sadhna In Hindi Vidya Prapti Ke liye

Saraswati saadhna dwara safalta, kaun hai mata saraswati, saraswati sadhna ke fayde, jivan ko safal banaane ke upaay, आसान  सरस्वती साधना के बारे में जानिए. माँ सरस्वती जगत प्रसिद्ध है विद्या देने के लिए, इनकी पूजा से साधक को विद्या प्राप्त होती है विभिन्न विषयों की, व्यक्ति को सही मायने में दिमागी शक्ति प्राप्त होती है वाक् शक्ति प्राप्त होती है, साथ ही व्यक्ति अपनी विद्या का सही ढंग से प्रयोग कर सकता है.  सरस्वती माता की पूजा का सबसे अच्छा दिन बसंत पंचमी माना जाता है. अगर कोई विद्यार्थी पढाई में कमजोर हो, अगर दिमाग सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा हो, अगर कोई अपनी विद्या का प्रयोग करने में सक्षम न हो तो ऐसे में सरस्वती साधना बहुत लाभदायक सिद्ध होती है.  सरस्वती साधना के लिए तांत्रिक और वैदिक दो प्रकार के मंत्र उपलब्ध हैं ग्रंथो में, साधक के प्रकृति और जरुरत के हिसाब से मंत्रो का चयन किया जाता है.  आइये जानते है सरस्वती पूजा का आसान तरीका:Saraswati saadhna dwara safalta, kaun hai mata saraswati, saraswati sadhna ke fayde, jivan ko safal banaane ke upaay, आसान  सरस्वती साधना के बारे मे…

Basant Panchmi Ka Mahattw

भारत में बसंत पंचमी का त्यौहार, जानिए क्या महत्त्व है बसंत पंचमी का, क्या करे सफलता के लिए. 

हिंदी पंचांग के हिसाब से माघ महीने के शुक्ल पक्ष में पांचवे दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. ये बहुत ही आनंद का दिन होता है क्यूंकि ये दिन बहुत ही शानदार मौसम का संकेत होता है.  इस दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है मुख्यतः, माँ सरस्वती विद्या की देवी है इसी कारण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्व रखती है. ऐसा माना जाता है की माँ सरस्वती का जन्म इसी दिन हुआ था इसी कारण माता के जन्म दिवस के रूप में भी ये दिन मनाया जाता है.

बसंत के मौसम में खेत पीले रंग से आच्छादित हो जाता है क्यूंकि सरसों के फूल खिल जाते हैं. इस दृश्य का लोग खूब आनंद लेते हैं.  आइये जानते हैं की लोग इस दिन क्या करते हैं:लोग पीले कपड़े पहनते हैं. भक्तगण पीले फूल माता को अर्पित करते हैं. भोग में पिला भोजन बनाया जाता है जैसे खिचड़ी.पीले मीठे चावल बनाने का भी रिवाज है इस दिन जिसमे केसर भी डाला जाता है.पाठशालाओं में विद्यार्थि और गुरुजन मिलके माँ सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना करते हैं.  पिला रंग अध्यात्म, ज्ञान, रचनात्मकता का प…

Magh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw

माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व ज्योतिष के हिसाब से, क्या करे जीवन को आसान और साल बनाने के लिए गुप्त-नवरात्री में.

५ फरवरी २०१९, मंगलवार से गुप्त नवरात्री शुरू हो रही है जो की साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए साधना के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखता है.

हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और देविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण है.  गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है?५ फरवरी से गुप्त नवरात्री की शुरुआत बहुत ही शक्तिशाली योग में हो रही है जो इसके महत्त्व को और बढ़ा देती है. इस बार गुप्त-नवरात्री ५ फरवरी को शुरू हो रही है और इसी दिन शाम को ६:४५ पे पंचक भी शुरू हो रहा है. ज्योतिष की ऐसी मान्यता है की पंचक में फल ५ गुना बढ़ जाता है अतः इस बार गुप्त नवरात्रि का महत्त्व 5 गुना ज्यादा रहेगा. इन ९ दिनों में 3 सर्वार्थ सिद्धि योग भी आ रहे हैं जिसके कारण साधको को और ज्यादा लाभ मिलेगा साधना का.  अतः और कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है इस गुप्त नवरात्री के बारे में.  पढ़िए नवरात्री के अचूक प्रयोग >> क्या करे सफलता…