Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, shani ka naskhatra parivartan kab hoga, shani nakshatra gochar 2026. Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Gochar: 20 जनवरी को धीमी गति से चलने वाला कर्मफलदायक ग्रह शनि (Shani) नक्षत्र परिवर्तन करते हुए उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र अधिपत्य के अनुसार उत्तराभाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है जिससे शनि और शक्तिशाली हो जायेंगे, अतः यह गोचर विशेष रूप से प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है। Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh आइये शनि के नक्षत्र गोचर को समझते हैं : ग्रह: शनि (Shani) प्रवेश नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (जो 17 मई 2026 तक रहेगा) नक्षत्र का स्वामी: शनि (नक्षत्राधिपति नियम अनुसार) शनि की वर्तमान राशि: मीन (Pisces) शनि अनुशासन, कर्म, न्याय, धैर्य और दीर्घकालिक परिणामों का प्रतीक है, जबकि उत्तराभाद्रपद आत्मिक जागरण, स्थिरता, गहराई एवं आध्यात्मिकता से जुड़ा है। यह संयोजन आत्मचिंतन, कर्मिक शुद्धि और जीवन के पुनर्गठन को प्रोत्साहित करता ह...
Kalajadu Samadhan Shivratri Mai, शिवरात्रि मे काले जादू से रक्षा, कुछ सरल उपाय नकारात्मक उर्जाव से बचाव हेतु.
शिवरात्रि एक ख़ास दिन है जो की शिवजी की कृपा प्राप्त करने हेतु श्रेष्ठ माना जाता है, भक्तगण, साधक गण इस रात्रि को साधना मे बिताते हैं जैसे मंत्र जप, भजन, ध्यान और अन्य कर्म काण्ड.
शिवरात्री बहुत ज्यादा शक्तिशाली रात है और इसी कारण कुछ नकारात्मक विचारधारा से ग्रस्त लोग इस दिन शक्तियों का गलत स्तेमाल करने से भी बाज नहीं आते हैं. ऐसा माना जाता है की शिवजी इस रात्रि को सभी की इच्छा पूरी करते हैं.
शिवरात्री बहुत ज्यादा शक्तिशाली रात है और इसी कारण कुछ नकारात्मक विचारधारा से ग्रस्त लोग इस दिन शक्तियों का गलत स्तेमाल करने से भी बाज नहीं आते हैं. ऐसा माना जाता है की शिवजी इस रात्रि को सभी की इच्छा पूरी करते हैं.
अगर कोई भी व्यक्ति काले जादू या नकारात्मक उर्जाव से परेशान हो और समाधान चाहते हैं तो उन्हें शिवरात्रि को भगवान् शिव की शरण मे जाना चाहिए. इस पवित्र रात्री को अगर सही माध्यम से सही साधना करी जाए तो निश्चित ही लाभ होता है.
ये रात्री मुसीबत मे फंसे व्यक्ति को काले जादू से बचाती है, नजर दोष से रक्षा करती है अगर सही तरीके से समर्पित होक साधना की जाए.
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आइये जानते हैं कुछ ख़ास और आसान उपाय जो की आपको बचा सकती है नकारात्मक उर्जाओं से शिवरात्री को :
- शिवरात्रि को उपवास करे और अपने आपको शिवजी को समर्पित करे.
- इस दिन नहाने के पानी मे तुलसी दल और बेल पत्र डाले फिर उससे स्नान करे शिव मंत्रो का जप करते हुए.
- स्नान के पश्चात शिव और शक्ति की आराधना करे , मंत्रो का जप करे.
- सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
- इस रात्रि को कुछ विशेष उतारे होते हैं जिसके बारे मे आप अपने ज्योतिष से पूछ सकते हैं.
- इस मंत्र का जप भी बहुत लाभदायक हो सकता है “ॐ ह्रीं नमः शिवाय ”
- पारद का शिवलिंग स्थापित करे और उसकी पूजा करे, ऐसा माना जाता है की इसकी पूजा से सभी नकारात्मकता का शमन होता है.
- शिव कवच का पाठ करे.
- शिव अघोर मन्त्र का जप कर सकते हैं |
आइये अब जानते हैं कुछ सावधानियां जो की रखनी चाहिए शिवरात्री को :
- अगर ग्रह आपके कुंडली मे कमजोर हो तो ज्यादा मत घूमिये इस रात्री को
- अगर कुंडली मे ग्रहण योग हो या अन्य कोई हानिकारक योग हो तो इस दिन किसी कार्य को शुभारम्भ न करे.
- जिन्होंने गर्भ धारण किया हो उनको इस रात्री को घूमना नही चाहिए और शिव पूजा मे ही अपना समय लगाना चाहिए.
- शिव पंचाक्षरी मन्त्र का जप लगातार करते रहिये.
- किसी भी चौराहे और बहार पड़े किसी भी संधिग्ध वास्तु को हाथ न लगाए.
- मांस- मदिरा का प्रयोग न करे.
अतः कुछ सावधानियां रखके हम अपने आपको नकारात्मक उर्जाव से बचा सकते हैं, सावधानी ही बचाव है. शिवजी की कृपा से कोई भी जीवन मे सफलता को आकर्षित कर सकता है अतः निर्भय होक साधना करना चाहिए, पूर्ण विश्वास से साधना करना चाहिए, पुरे विश्वास से शिव पूजा करना चाहिए.
जो शिव –शक्ति सर्वव्यापी है , सर्वशक्तिमान है, सर्वज्ञ है वो सभी और से हमारे रक्षा करे.
ॐ नमः शिवाय
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