Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai. 6 मार्च 2026: चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व Chaitra Mahine Ki Chauth: हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह तिथि मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai तिथि और समय चतुर्थी तिथि 6 मार्च, शुक्रवार को शाम 5:54 बजे से प्रारंभ होगी और 7 मार्च 2026 को शाम 7:18 बजे तक रहेगी। हालांकि तिथि दो दिनों तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का निर्धारण चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है। इसी कारण इस बार चतुर्थी व्रत और पूजा का मुख्य दिन 6 मार्च 2026, शुक्रवार रहेगा। चंद्रोदय का महत्व चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, दिनभर व्रत रखने के बाद रात्र...
Shree Krishna Kali Ke 108 Mantra, Kya fayde hain श्री कृष्णकाली के १०८ मंत्रो के जप के, krishn kali mantra. || श्री कृष्णकाली १०८ मंत्र || शक्ति और प्रेम का दिव्य समन्वय 🔱 श्री कृष्णकाली के १०८ नामावली का महत्व श्रीकृष्णकाली की १०८ नामावली अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। यह नामावली शक्ति और प्रेम के अद्वितीय समन्वय का प्रतीक है, जिसमें कृष्ण जी के काली रूप की आराधना की जाती है । कृष्ण -काली का मंदिर वृन्दावन में आज भी मौजूद है और नवरात्रों में यहाँ विशेष पूजन अर्चन होता है. मान्यता है की अयन नाम के गोप को भगवान् कृष्ण ने काली के रूप में दर्शन दिया था. इन नामों का जप साधक के भीतर आत्मबल, श्रद्धा, भक्ति और आंतरिक जागरण उत्पन्न करता है। यह साधना मन, बुद्धि और चित्त को शुद्ध करती है तथा साधक को सांसारिक बंधनों से ऊपर उठाकर आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करती है। १०८ नामों का नियमित और श्रद्धापूर्वक जप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संरक्षण और दिव्य कृपा का संचार करता है। Shree Krishna Kali Ke 108 Mantra ✨ प्रमुख महत्व बिंदु ...