|| श्री कृष्णकाली १०८ मंत्र ||
शक्ति और प्रेम का दिव्य समन्वय
🔱 श्री कृष्णकाली के १०८ नामावली का महत्व
श्रीकृष्णकाली की १०८ नामावली अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। यह नामावली शक्ति और प्रेम के अद्वितीय समन्वय का प्रतीक है, जिसमें कृष्ण जी के काली रूप की आराधना की जाती है । कृष्ण -काली का मंदिर वृन्दावन में आज भी मौजूद है और नवरात्रों में यहाँ विशेष पूजन अर्चन होता है. मान्यता है की अयन नाम के गोप को भगवान् कृष्ण ने काली के रूप में दर्शन दिया था. इन नामों का जप साधक के भीतर आत्मबल, श्रद्धा, भक्ति और आंतरिक जागरण उत्पन्न करता है।
यह साधना मन, बुद्धि और चित्त को शुद्ध करती है तथा साधक को सांसारिक बंधनों से ऊपर उठाकर आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करती है। १०८ नामों का नियमित और श्रद्धापूर्वक जप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संरक्षण और दिव्य कृपा का संचार करता है।
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| Shree Krishna Kali Ke 108 Mantra |
✨ प्रमुख महत्व बिंदु
- 🌸 आध्यात्मिक उन्नति
- 🌸 मानसिक शांति
- 🌸 भय और नकारात्मकता का नाश
- 🌸 आत्मबल और आत्मविश्वास की वृद्धि
- 🌸 भक्ति और प्रेम की वृद्धि
- 🌸 चित्त की एकाग्रता
- 🌸 तांत्रिक एवं योगिक जागरण
- 🌸 वाक्-सिद्धि एवं ज्ञान प्राप्ति
- 🌸 सर्वकामना पूर्ति
- 🌸 मोक्ष और परम शांति की प्राप्ति
|| श्री कृष्णकाली : १०८ नामावली ||
1. ॐ कालिकामन्त्रस्वरूपिण्यै नमः
2. ॐ रासेश्वर्यै नमः
3. ॐ तामसीरूपिण्यै नमः
4. ॐ कालकण्ठ्यै नमः
5. ॐ श्यामसुन्दर्यै नमः
6. ॐ राधावल्लभायै नमः
7. ॐ कृष्णकालीश्वर्यै नमः
8. ॐ व्रजरम्यायै नमः
9. ॐ योगिन्यै नमः
10. ॐ त्रिनेत्रायै नमः
11. ॐ कृष्णप्रियायै नमः
12. ॐ चन्द्रमण्डलवासिन्यै नमः
13. ॐ कालमातृरूपिण्यै नमः
14. ॐ नटनारायणरम्यायै नमः
15. ॐ श्यामगात्रायै नमः
16. ॐ महाभयहारिण्यै नमः
17. ॐ वज्रदेहायै नमः
18. ॐ कालिकेयै नमः
19. ॐ नागकुण्डलधारिण्यै नमः
20. ॐ रासविलासिन्यै नमः
21. ॐ महाताण्डविन्यै नमः
22. ॐ कृष्णरक्तसंगतायै नमः
23. ॐ शक्तिचक्रेश्वर्यै नमः
24. ॐ महामोहविनाशिन्यै नमः
25. ॐ सर्वज्ञायै नमः
26. ॐ परात्परायै नमः
27. ॐ प्रेमस्वरूपिण्यै नमः
28. ॐ रसेश्वरी नमः
29. ॐ श्रीकृष्णशक्त्यै नमः
30. ॐ रासवत्यै नमः
31. ॐ ललितारूपायै नमः
32. ॐ वृन्दावनवासिन्यै नमः
33. ॐ काल्यै नमः
34. ॐ शक्त्यात्मिकायै नमः
35. ॐ राधेश्वर्यै नमः
36. ॐ सौन्दर्यलहरीरूपिण्यै नमः
37. ॐ कृष्णकण्ठसमाश्रितायै नमः
38. ॐ पीठनायिकायै नमः
39. ॐ वेदगुह्यान्तर्भूतायै नमः
40. ॐ कालीकृष्णैक्यरूपिण्यै नमः
41. ॐ महात्रिपुरासुन्दर्यै नमः
42. ॐ रासपीठाधिष्ठातृदेव्यै नमः
43. ॐ श्यामरूपिण्यै नमः
44. ॐ वैराग्यप्रदायै नमः
45. ॐ रुण्डमालालंकारायै नमः
46. ॐ मुरलीधारिण्यै नमः
47. ॐ घण्टायुधधारिण्यै नमः
48. ॐ अघोररूपायै नमः
49. ॐ चक्रिण्यै नमः
50. ॐ सर्वरक्षणकर्त्र्यै नमः
51. ॐ योगमायायै नमः
52. ॐ चामुण्डायै नमः
53. ॐ द्वैतात्मविनाशिन्यै नमः
54. ॐ अमृतकलशायै नमः
55. ॐ सर्वकामप्रदायिन्यै नमः
56. ॐ वशीकरणमातृकायै नमः
57. ॐ मन्मथमोहिन्यै नमः
58. ॐ यमदमनायै नमः
59. ॐ श्रीमद्विह्वलायै नमः
60. ॐ आत्मारमायै नमः
61. ॐ नीलवर्णायै नमः
62. ॐ चन्द्रशेखरायै नमः
63. ॐ गोपीसंगमदायिन्यै नमः
64. ॐ रुक्मिणीप्रेयसीकायै नमः
65. ॐ श्यामा राधिकायै नमः
66. ॐ गिरिजायै नमः
67. ॐ रत्नमालाविभूषितायै नमः
68. ॐ कौलिनीपरिपूजितायै नमः
69. ॐ वीर्यप्रदायै नमः
70. ॐ भूतनाथसंगमायै नमः
71. ॐ कालग्निनाशिन्यै नमः
72. ॐ कालारात्र्यै नमः
73. ॐ महिषमर्दिन्यै नमः
74. ॐ रुद्रकान्तायै नमः
75. ॐ चिदानन्दमयीशक्त्यै नमः
76. ॐ शृङ्गाररसनिपुणायै नमः
77. ॐ व्रजरसिकेश्वर्यै नमः
78. ॐ ललनारूपिण्यै नमः
79. ॐ नवकिंकिनीयुक्तायै नमः
80. ॐ दीपशिखारूपिण्यै नमः
81. ॐ कालविलासिन्यै नमः
82. ॐ चण्डिकायै नमः
83. ॐ महामाया महाकाली कृष्णेति द्विरूपिण्यै नमः
84. ॐ कृष्णरूपायै नमः
85. ॐ राधाशक्त्यै नमः
86. ॐ रसबिन्दुप्रकाशिन्यै नमः
87. ॐ सप्तचक्रनिवासिन्यै नमः
88. ॐ कुण्डलिन्यै नमः
89. ॐ नादरूपायै नमः
90. ॐ ललनावत्यै नमः
91. ॐ महात्रासहरायै नमः
92. ॐ मनोनियंत्रिकायै नमः
93. ॐ वाक्सिद्धिप्रदायिन्यै नमः
94. ॐ कृष्णचक्रेश्वर्यै नमः
95. ॐ तिरोभावसम्बन्धिन्यै नमः
96. ॐ रसामृतसारिण्यै नमः
97. ॐ गोविन्दवक्षःस्थलनिलयायै नमः
98. ॐ नटराजविलासिन्यै नमः
99. ॐ सर्वलोलुपमोहिन्यै नमः
100. ॐ प्रेमैकनिष्ठायै नमः
101. ॐ नित्यरूपायै नमः
102. ॐ कालसिद्धिप्रदायै नमः
103. ॐ गोपीभावदीपायै नमः
104. ॐ महासंकल्परूपिण्यै नमः
105. ॐ करालवक्त्रायै नमः
106. ॐ शान्तिदायिन्यै नमः
107. ॐ शिवशक्तिस्वरूपायै नमः
108. ॐ कृष्णकाल्यै नमः ॥

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