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March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

मार्च 2026 का मीन राशि में अमावस्या: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों पर प्रभाव मार्च 2026 में मीन राशि में होने वाली अमावस्या वैदिक ज्योतिष के अनुसार अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा लेकर आती है। मीन राशि जल तत्व की राशि है और यह अंतर्ज्ञान, करुणा, कल्पना तथा आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़ी होती है। जब अमावस्या इस रहस्यमयी राशि में होती है, तो यह एक नए चक्र की शुरुआत का संकेत देती है जो आत्मचिंतन, भावनात्मक उपचार और नए संकल्पों के लिए अनुकूल समय बनाती है। यह चंद्र चरण हमें अपने भीतर झांकने, पुरानी भावनाओं को छोड़ने और रचनात्मकता तथा आध्यात्मिक विकास को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अमावस्या का प्रभाव प्रत्येक राशि पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav अमावस्या का 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह अमावस्या बारहवें भाव को सक्रिय करती है, जो आध्यात्मिकता, अवचेतन मन और पुराने अध्यायों के समापन से जुड़ा होता है। इस समय आप अपने जीवन की गति को थोड़ा धीमा करना चाहेंगे और एकांत में समय बिताने की इ...

Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai

Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai.

6 मार्च 2026: चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व

Chaitra Mahine Ki Chauth: हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह तिथि मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai
Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai


तिथि और समय

चतुर्थी तिथि 6 मार्च, शुक्रवार को शाम 5:54 बजे से प्रारंभ होगी और 7 मार्च 2026 को शाम 7:18 बजे तक रहेगी।

हालांकि तिथि दो दिनों तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का निर्धारण चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है।

इसी कारण इस बार चतुर्थी व्रत और पूजा का मुख्य दिन
6 मार्च 2026, शुक्रवार रहेगा।

चंद्रोदय का महत्व

चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, दिनभर व्रत रखने के बाद रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। चंद्रोदय के समय भगवान गणेश की पूजा कर उनसे सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। Chaitra Mahine Ki Chauth


व्रत और पूजा विधि

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  3. धूप, दीप, पुष्प, दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
  4. गणेश मंत्रों का जप करें — विशेष रूप से
    “ॐ गं गणपतये नमः”
  5. चंद्रमा के उदय के बाद अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें। Chaitra Mahine Ki Chauth

आध्यात्मिक लाभ

  • विघ्नों और बाधाओं का नाश
  • मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि
  • परिवार में सुख-समृद्धि
  • कार्यों में सफलता

चतुर्थी का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। अतः 6 मार्च 2026, शुक्रवार को पड़ने वाली यह चतुर्थी विशेष फलदायी मानी जाएगी।

श्रद्धा, संयम और विश्वास के साथ किया गया व्रत निश्चित ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। 🙏
Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai.

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