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Budh ka Kark Rashi Mai Gochar Ka Fal

Budh ka kark rashi mai gochar kab hoga, बुध का कर्क राशी में गोचर का क्या प्रभाव होगा 12 राशियों पर budh Ke Gochar Ka August 2026. Budh ka gochar kark rashi mai: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 5 August को बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, संचार, शिक्षा और तर्क के कारक हैं, जबकि कर्क राशि चंद्रमा की भावुक, संवेदनशील और पारिवारिक ऊर्जा से जुड़ी है। इस गोचर के दौरान निर्णयों में भावनाएं अधिक प्रभावी रहेंगी और लोगों की सोच व्यावहारिकता से अधिक संवेदनशीलता की ओर झुक सकती है। आइए जानते हैं चंद्र राशि के अनुसार इसका प्रभाव। बुध कन्या राशि में उच्च के होते हैं और मीन राशि में नीच के होते हैं |  5 August 2026 Budhwar को बुध  ग्रह रात्री में लगभग 7:41  बजे कर्क राशि में गोचर करेंगे | यहाँ ध्यान रखने वाली बात ये है की कर्क राशी में बुध शत्रु के हो जाते हैं अतः बहुत से लोगो के जीवन में काफी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे |  Budh ka gochar kark rashi mai Budh ka Kark Rashi Mai Gochar Ka Fal आइये जानते हैं की 12 राशियों पर बुध के कर्क राशि में गोचर का क्या...

Ujjain Panchkoshi Yatra Ka Mahattw aur Tarikh

Ujjain Panchkoshi Yatra Ka Mahattw aur Tarikh, kab se shuru hogi panchkosi yatra 2025, जानिए ख़ास बातें उज्जैन के पंचकोशी यात्रा के बारे में.     

Ujjain panchkosi yatra 2025: 23 april 2025 से उज्जैन में शुरू होगी पंचकोशी यात्रा जिसमे की श्रद्धालुगण ११८ किलोमीटर की यात्रा करते हैं पैदल वो भी 5 दिन में. इस यात्रा की शुरुआत उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर से होती है जहाँ से भक्त बल लेते हैं और फिर अमावस्या के दिन शिप्रा नदी में स्नान करके इस यात्रा को समाप्त करते हैं. यात्रा के दौरान प्रमुख पड़ाव पिंगलेश्वर, करोहन, अंबोदिया, जैथल और उंडासा होते हैं. 

Ujjain Panchkoshi Yatra Ka Mahattw aur Tarikh, kab se shuru hogi panchkosi yatra 2025, जानिए ख़ास बातें उज्जैन के पंचकोशी यात्रा के बारे में.
Ujjain panchkosi yatra 2025


आइये जानते हैं ख़ास बातें उज्जैन के पंचक्रोशी यात्रा के बारे में :

  1. ये यात्रा हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने में होती है. 
  2. ये यात्रा वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि से शुरू होकर अमावस्या को समाप्त होती है. 
  3. इस यात्रा के समय सूर्य अपने उच्च राशि मेष में राहते हैं. 
  4. ये यात्रा 5 कोस की रहती है. Ujjain panchkosi yatra 2025
  5. ये यात्रा पटनी बाजार स्थित नागचंद्रेश्वर से दर्शन करके शुरू होती है. 
  6. ये यात्रा सुख और सम्पन्नता के लिए की जाती है. 
  7. ग्रामीण लोग इस यात्रा को उत्तम खेती के लिए करते हैं. 
  8. ये यात्रा 14वीं शताब्दी से चलती आ रही है. 

स्कंद पुराण के अवंति खंड में पंचकोसी यात्रा का वर्णन मिलता है। ये यात्रा वैशाख मास में कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि से शुरू होक अमावस्या तक चलती है. Ujjain panchkosi yatra 2025

इस यात्रा के दौरान उज्जैन में बाबा महाकाल के 4 द्वारपालों की विशेष पूजा होती है जो की हैं पूर्व में पिंगलेश्वर, दक्षिण में कायावरूणेशवर, पश्चिम में बिल्केश्वर और उत्तर में दुर्दुरेश्वर महादेव. 

पढ़िए उज्जैन के ८४ महादेव के बारे में 

Ujjain Panchkoshi Yatra Ka Mahattw aur Tarikh, kab se shuru hogi panchkosi yatra 2025, ujjain kaalbhairav, जानिए ख़ास बातें उज्जैन के पंचकोशी यात्रा के बारे में.   

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