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Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal

Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal, मंगल वृषभ राशी में  कब जायेंगे, मंगल के गोचर का फल, mangal gochar  june 2026. Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar July 2026: ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह का सम्बन्ध साहस, शक्ति, कुछ कर गुजरने का जज्बा, भूमि, उर्जा आदि से होता है इसीलिए अगर कुंडली में मंगल शुभ और शक्तिशाली हो जाए तो जातक बहुत सफल दिखाई देता है, उसे मान, प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है |  मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं मंगल | मकर राशि में ये उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं |  मंगल ग्रह के गुणों को देखते हुए उन्हें सेनापति का दर्जा मिला हुआ है |  मंगल ग्रह 21 June २०२६ को तडके लगभग 12:22 बजे वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल के राशि परिवर्तन का 12 राशियों पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है | Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal Read in English about Mars Transit In Taurus Impacts on 12 zodiacs आइये जानते हैं राशिफल : Mesh Rashifal (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ): मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर दूसरे भाव में ह...

Madhurashtkam Lyrics in Sanskrit With Meaning in Hindi

मधुराष्टकम के बोल, Meaning of madhurashtakam in hindi, Lyrics in Sanskrit|

भगवन श्री कृष्ण के परमप्रिय भक्त महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्य जी मधुराष्टकं की रचना की है | इसमें 8 श्लोक है इसीलिए इसे अष्टकम की श्रेणी में रखा गया है | इसमें श्रीकृष्ण के बालरूप का वर्णन किया गया है। श्रीकृष्ण के प्रत्येक अंग, गतिविधि एवं क्रिया-कलाप मधुर है, और उनके संयोग से अन्य सजीव और निर्जीव वस्तुएं भी मधुरता को प्राप्त कर लेती हैं। 

तो आइये इसका आनंद लेते हैं madhurashtkam का |

मधुराष्टकम के बोल, Meaning of madhurashtakam in hindi, Lyrics in Sanskrit|
Madhurashtkam Lyrics in Sanskrit With Meaning in Hindi


Lyrics of MADHURASHTKAM:

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं ।

हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥


वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं ।

चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥

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वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ ।

नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥


गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं ।

रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥४॥


करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं रमणं मधुरं ।

वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥५॥


गुञ्जा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा ।

सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥६॥


गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरं।

दृष्टं मधुरं सृष्टं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥७॥


गोपा मधुरा गावो मधुरा यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा ।

दलितं मधुरं फलितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥८॥

Read about Shree Krishn Ashtkam

Meaning of Madhurashtkam In Hindi:

  1.  उनके होंठ मधुर है, चेहरा मधुर है, आँखें मधुर है, मुस्कान मधुर है,  हृदय मधुर है, चाल मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है|
  2. उनके शब्द मधुर हैं, चरित्र मधुर है, वस्त्र मधुर हैं, बाल मधुर हैं,चाल मधुर है, भ्रमण मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है|
  3. उनका वेणु मधुर है, चरण की धूल मधुर है, करकमल मधुर है, चरण मधुर है| नृत्य मधुर है, सख्य भी अति मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है|
  4. उनका गान मधुर है, पान मधुर है, भोजन मधुर है, शयन मधुर है| रूप मधुर है, तिलक भी अति मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है |
  5. उनका कार्य मधुर है, तैरना मधुर है, हरण मधुर है, रमण मधुर है, उद्धार मधुर है और शांति भी अति मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है|
  6. उनकी गुंजा मधुर है, माला मधुर है, यमुना मधुर है, उसकी तरंगें मधुर हैं, उसका जल मधुर है और कमल भी मधुर है,श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है |
  7. गोपियां मधुर हैं, उनकी लीला मधुर है, उनका संयोग मधुर है, वियोग मधुर है, निरीक्षण मधुर है और शिष्टाचार मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है|
  8. गोप मधुर हैं, गौएं मधुर हैं, लकुटी मधुर है, रचना मधुर है, दलन मधुर है और उसका फल भी अति मधुर है, श्रीमधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है. |

Read meaning of Madhurasthkam in English

मधुराष्टकम के बोल, Meaning of madhurashtakam in hindi, Lyrics in Sanskrit.

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