] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

October Grah Gochar in Hindi Jyotish

October 2026 Grah Gochar  , कौन से ग्रह बदलेंगे राशि अक्टूबर महीने में, किन राशियों को मिलेगा फायदा, October Prediction, October 2026 Ka Masik Rashifal. अक्टूबर ज्योतिष: संतुलन और परिवर्तन का महीना अक्टूबर, वर्ष का दसवाँ महीना, संतुलन और परिवर्तन का समय है। यह एक ऐसा महीना है जो स्थिरता और आधार की भावना लाता है, साथ ही व्यक्तिगत विकास को भी प्रोत्साहित करता है। अक्टूबर 2026 में कई ग्रहों का गोचर जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। अक्टूबर माह में 6 बड़े बदलाव होंगे गोचर कुंडली में  जिससे लोगो के जीवन में, मौसम में, व्यापार जगत में बड़े बदलाव नजर आयेंगे | Grah Gochar October 2026:   गोचर कुंडली में होने वाले बदलाव बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं क्यूंकि इनके कारण जन जीवन भी प्रभावित होता है| हमारी व्यक्तिगत कुंडली  और गोचर कुंडली को जब साथ में देखा जाता है तो हमे वर्तमान में होने वाले ग्रहों के प्रभाव के बारे में ठीक ठीक जानकारी प्राप्त होती है |  October Grah Gochar in Hindi Jyotish आइए जानते हैं अक्टूबर 2026 में कौन-कौन से ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे? शुक...

Shree Krishna Ashtkam Hindi arth sahit

श्री कृष्ण अष्टकम क्या है, श्रीकृष्णाष्टकम् पाठ करने के लाभ, अद्भुत जीवन के लिए पाठ कैसे करें?, meaning in hindi.

श्री कृष्ण सभी के प्रिय देवता हैं, वे चतुर, बुद्धिमान, मायावी, सबसे शक्तिशाली, सभी दिव्य शक्तियों वाले हैं और इसलिए पूरी दुनिया में हम भगवान कृष्ण के भक्तो को पा सकते हैं।

श्री कृष्ण अष्टकम का पाठ कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण के आशीर्वाद को आकर्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है।

इस अष्टकम में 8 श्लोक हैं इसलिए इसे कृष्ण अष्टकम कहा जाता है।

यह कृष्ण मंदिरों में नियमित रूप से पढ़ा जाता है। यह जगत गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा लिखा गया है। इसमें भगवान कृष्ण की शक्तियों का वर्णन है।

श्री कृष्ण अष्टकम क्या है, श्रीकृष्णाष्टकम् पाठ करने के लाभ, अद्भुत जीवन के लिए पाठ कैसे करें?, meaning in hindi.
Shree Krishna Ashtkam Hindi arth sahit

Read in english about Shri Krishna Ashtkam

कृष्ण अष्टकम का पाठ करने के लाभ:

  1. यदि किसी को आकर्षक व्यक्तित्व चाहिए तो इन दिव्य श्लोकों के साथ भगवान कृष्ण की पूजा करना अच्छा है।
  2. यदि जीवन समस्याओं में उलझा हुआ है तो इस कृष्ण अष्टकम का पाठ अवश्य करें।
  3. यदि किसी को दिव्य सुख की अनुभूति की चाहत हो तो इस कृष्ण अष्टकम का पाठ करें।
  4. अगर कोई सच्चे प्यार की तलाश में है तो इससे भगवान कृष्ण की पूजा करें और आशीर्वाद मांगें।
  5. इस कृष्ण जन्माष्टमी अवसर के दौरान, इसे ध्यान से सुनें और पढ़ें।
  6. इससे जपकर्ता में दिव्यता आती है इसलिए इस श्रीकृष्ण अष्टकम का पाठ करके जीवन को सफल बनाएं।
  7. इस जन्माष्टमी में भगवान के आशीर्वाद से सकारात्मक आभा, आकर्षक व्यक्तित्व प्राप्त करें।

कैसे करें श्री कृष्ण अष्टकम का पाठ?

  • भगवान की तस्वीर या मूर्ति को पवित्र स्थान में स्थापित करें |
  • दीपक, धूप, भोग (मक्खन और मिश्री), पंचामृत अर्पित करें।
  • अब संकल्प लें कि आप इस अष्टकम का जाप क्यों कर रहे हैं।
  • अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करें।
  • अब श्री कृष्ण अष्टकम के साथ कृष्णजी का आह्वान करें।

॥ अथ श्री कृष्णाष्टकम् ॥

वसुदेव सुतं देवंकंस चाणूर मर्दनम्।

देवकी परमानन्दंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥१॥


अतसी पुष्प सङ्काशम्हार नूपुर शोभितम्।

रत्न कङ्कण केयूरंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥२॥


कुटिलालक संयुक्तंपूर्णचन्द्र निभाननम्।

विलसत् कुण्डलधरंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥३॥


मन्दार गन्ध संयुक्तंचारुहासं चतुर्भुजम्।

बर्हि पिञ्छाव चूडाङ्गंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥४॥


उत्फुल्ल पद्मपत्राक्षंनील जीमूत सन्निभम्।

यादवानां शिरोरत्नंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥५॥


रुक्मिणी केलि संयुक्तंपीताम्बर सुशोभितम्।

अवाप्त तुलसी गन्धंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥६॥


गोपिकानां कुचद्वन्द्वकुङ्कुमाङ्कित वक्षसम्।

श्रीनिकेतं महेष्वासंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥७॥


श्रीवत्साङ्कं महोरस्कंवनमाला विराजितम्।

शङ्खचक्रधरं देवंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥८॥


कृष्णाष्टक मिदं पुण्यंप्रातरुत्थाय यः पठेत्।

कोटिजन्म कृतं पापंस्मरणेन विनश्यति॥


॥ इति श्री कृष्णाष्टकम् सम्पूर्णम् ॥

उपरोक्त प्रार्थना का अर्थ:

मैं भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जो वासुदेव के पुत्र हैं, जिन्होंने कंस और चारुण दानव का वध किया है, जो देवकी के आनंद हैं और जो ब्रह्मांड के स्वामी हैं। ||1||

मैं भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जो फूलों से घिरे हुए हैं, जो माला और पायल से सुशोभित हैं, और जिनके पास रत्न जड़ित हार और बांह-कंगन है, जो इस ब्रह्मांड के स्वामी हैं।

मैं इस ब्रह्मांड के स्वामी भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जिनके पास पूर्णिमा की तरह चमक है। जो घुँघराले लटों से सुशोभित है, और जिसके पास चमचमाती बालियाँ हैं।||3||

मैं इस ब्रह्मांड के स्वामी भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जिनके पास मंदार फूल की दिव्य गंध है, जिनकी मुस्कान सुंदर है, जिनके चार हाथ हैं और जिनके माथे पर मोर का पंख है।||4||

मैं इस ब्रह्मांड के स्वामी भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जिनकी आंखें खिले हुए कमल के फूल की तरह हैं, जो एक नए नीले बादल के समान हैं, और जो यादव वंश में सर्वश्रेष्ठ हैं।||5||

मैं भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जो ब्रह्मांड के स्वामी हैं, जो रुक्मिणी (देवी लक्ष्मी का अवतार) के साथ खेलते हैं, जो पीले वस्त्रों से सुशोभित हैं, और जिन्होंने तुलसी इत्र प्राप्त किया है।

मैं भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जो ब्रह्मांड के स्वामी हैं, जिनके स्तनों में कुमकुम के निशान हैं। जिनमे देवी लक्ष्मी (श्री) का निवास है, और जिनके पास शक्तिशाली बाण हैं।||7||

मैं भगवान कृष्ण की पूजा करता हूं, जो ब्रह्मांड के स्वामी हैं, जिनकी चौड़ी छाती पर "श्रीवत्स" का चिन्ह है, जिनके पास एक शंख, चक्र है।||8||

जो लोग सुबह इस कृष्णष्टकम का पाठ करते हैं, वे अपने लाखों जन्मों के पापों को नष्ट करने में सक्षम होंगे।


श्री कृष्ण सभी के प्रिय देवता हैं, वे चतुर, बुद्धिमान, मायावी, सबसे शक्तिशाली, सभी दिव्य शक्तियों वाले हैं और इसलिए पूरी दुनिया में हम भगवान कृष्ण के भक्त पा सकते हैं।

श्री कृष्ण अष्टकम का पाठ कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण के आशीर्वाद को आकर्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है।

इस अष्टकम में 8 श्लोक हैं इसलिए इसे कृष्ण अष्टकम कहा जाता है।

यह कृष्ण मंदिरों में नियमित रूप से पढ़ा जाता है। यह आध्यात्मिक गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा लिखा गया है। यह भगवान कृष्ण की शक्ति का वर्णन करता है।


कृष्ण अष्टकम का पाठ करने के लाभ:

  • यदि किसी को गतिशील व्यक्तित्व चाहिए तो इन दिव्य श्लोकों के साथ भगवान कृष्ण की पूजा करना अच्छा है।
  • यदि जीवन समस्याओं में उलझा हुआ है तो इस कृष्ण अष्टकम का पाठ अवश्य करें।
  • यदि किसी को दिव्य सुख की अनुभूति हो तो इस कृष्ण अष्टकम का पाठ करें।
  • अगर कोई सच्चे प्यार की तलाश में है तो इससे भगवान कृष्ण की पूजा करें और आशीर्वाद मांगें।
  • इस कृष्ण जन्माष्टमी अवसर के दौरान, इसे ध्यान से सुनें और पढ़ें।
  • इससे जपकर्ता में दिव्यता आती है इसलिए इस श्रीकृष्ण अष्टकम का पाठ करके जीवन को सफल बनाएं।
  • इस जन्माष्टमी में भगवान के आशीर्वाद से सकारात्मक आभा, आकर्षक व्यक्तित्व प्राप्त करें।

If you want to know about your horoscope, marriage life predictions, love life predictions, lucky gems stones, best prayers for you as per your birth chart then do consult vedic jyotish.

श्री कृष्ण अष्टकम क्या है, श्रीकृष्णाष्टकम् पाठ करने के लाभ, अद्भुत जीवन के लिए पाठ कैसे करें?, krishnashtakam meaning in hindi.

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...