Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Budh Ka Singh Rashi Mai Gochar Ka Fal

Budh Ka Singh Rashi mai gochar Kab Hoga 2025 , सिंह राशि में बुध के गोचर का 12 राशियों पर क्या होगा असर, what will be the effect of Mercury's transit in singh rashi on 12 zodiac signs, जानिए किन राशि वालों को मिलेगा लाभ, किन लोगों के जीवन में बढ़ेगी चुनौतियां| . Budh Ka Singh Rashi mai gochar 2025: वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, ज्ञान, त्वचा, उत्तर दिशा, स्वर शक्ति आदि से संबंधित है। कुंडली में शक्तिशाली बुध व्यक्ति को बुद्धिमान, हाजिर जवाब  और सफल बनाता है। 30 August 2025 को बुध ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे शाम को लगभग 4:38 PM पर  |  यहाँ पर इस बात का भी ध्यान रखना होगा की बुध के राशि परिवर्तन करते हैं सिंह राशि में सूर्य, बुध और केतु की युति होगी जिससे बुधादित्य योग और साथ ही मतिभ्रम योग का निर्माण भी होगा.  बुध ग्रह का मंत्र है:  "ॐ  ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः" Budh Ka Singh Rashi Mai Gochar Ka Fal Watch On YouTube बुध के सिंह राशि में गोचर का 12 राशियों पर क्या होगा असर: मेष राशिफल:  30 August 2025 को सिंह राशि में बुध, सूर्...

Pitru Gayatri Mantra Ke Fayde in hindi

पितृ गायत्री मंत्र | Pitra Gayatri Mantra Benefits, आइये जानते हैं कैसे करें पितृ गायत्री मन्त्र का जप, पितृपक्ष में कैसे करें पूजन ?

पितृ पक्ष एक ऐसा समय है जब हम सब पितरो की कृपा को आकर्षित कर सकते हैं विभिन्न प्रकार की पूजाएँ करके | 

पितरो को प्रसन्न करने का एक बहुत ही अच्छा उपाय है पितृ गायत्री मंत्र का जप | 

|| ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात् ||


श्राद्ध पक्ष में इस मंत्र का जप बहुत ही शुभ माना गया है और पितृ दोष को दूर करने में भी सहायक है |

पितृ गायत्री मंत्र | Pitra Gayatri Mantra Benefits, आइये जानते हैं कैसे करें पितृ गायत्री मन्त्र का जप, पितृपक्ष में कैसे करें पूजन ?
Pitru Gayatri Mantra Ke Fayde in hindi

हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की एकम तिथि से श्राद्ध पक्ष शुरू हो जाता है जो की अमावस्या तक रहता है | 

हमारे जो भी पूर्वज है उनको पितृ पक्ष में तिथि अनुसार भोग अर्पित किया जाता है और उनसे आशीर्वाद माँगा जाता है | 

श्राद्ध पक्ष में पिंड दान भी काफी अच्छा माना जाता है जिससे की उनकी मुक्ति होती है उच्च गती होती है | 

Read in english about Benefits of PITRU GAYATRI MANTRA

पितृ गायत्री मंत्र (Pitru Gayatri Mantra) 3 प्रकार से जप सकते हैं :

  1. ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्.
  2. ॐ आद्य भूताय विद्महे सर्व सेव्याय धीमहि। शिव शक्ति स्वरूपेण पितृ देव प्रचोदयात्।
  3.  ॐ देवताभ्यरू पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च । नमरू स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमरू।

आइये जानते हैं कैसे करें पितृ गायत्री मन्त्र का जप :

  1. प्रातः काल जल्दी उठके नित्य क्रियाओं से मुक्त हो जाएँ |
  2. सफ़ेद ऊनि आसन बिछाएं | 
  3. स्वच्छ वस्त्र धारण करें सफ़ेद हो तो उत्तम है |
  4. पितरो के निमित्त एक धुप, दीप, भोग अर्पित करें |
  5. अगर केसर की धुप दे तो अति उत्तम होता है |
  6. अगर आप तर्पण करना जानते हैं तो वो करें |
  7. फिर पितृ गायत्री का अधिक से अधिक जप करें |

पितृपक्ष में कैसे करें पूजन ?

श्राद्ध पक्ष में तिथि अनुसार होता है पूजन अर्थात जिस तिथि में हमारे परिवार के सदस्य इस पृथ्वी पे देह त्यागते हैं उसी तिथि में पूजन किया जाता है उदाहरण के लिए अगर कोई ग्यारस तिथि में जाते हैं तो उनका श्राद्ध एकादशी तिथि को ही होगा | अगर किसी की तिथि ज्ञात न हो तो ऐसे में पितृ मोक्ष अमावस्या को उनका श्राद्ध कर सकते हैं |

  • जिनका भी श्राद्ध करना हो उनकी तिथि पे संकल्प लेके पिंड दान, तर्पण करना चाहिए|
  • फिर जितना हो सके पितृ गायत्री मन्त्र का जप भी करना चाहिए |
  • गाय, कुत्ते, कौवेम चींटियो के लिए भी भोजन निकलना चाहिए 
  • फिर ब्राह्मण भोजन करवाना चाहिए |

इससे पितरगण प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं जिससे पितृ दोष ख़त्म होता है, परिवार में खुशियाँ आती है, अच्छी संतान उत्पन्न होती है, रोग-शोक जाते हैं, स्वास्थ्य, सम्पन्नता आती है |

POWERFUL PITRU GAYATRI MANTRA | Pitru Paksha Shradh | पितृ गायत्री मंत्र 


ब्रह्मपुराण के अनुसार घर में किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्यो को करने से पहले पितृ पूजन करना चाहिए सभी को, इससे कार्यो में आने वाली बढायें ख़त्म होती है | 

हिन्दुओ में पितृ पक्ष का बहुत अधिक महत्त्व है, ये समय साल में सिर्फ एक बार आता है १६ दिनों के लिए | हिन्दू पंचांग अनुसार आश्विन माह  के कृष्ण पक्ष के १६ दिन पितरो के पूजा के लिए विशेष दिन होते हैं जब हम इस जन्म उनके कुल में पैदा होने के लिए उनका धन्यवाद करते हैं, उनके और स्वयं के उन्नति के लिए पूजाये करते हैं |

आइये जानते हैं पितृ गायत्री मंत्र जप के फायदे ?

  1. श्राद्ध पक्ष में pitru gayatri mantra के जप करने से पितर प्रसन्न होते हैं जिससे इस जीवन में हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है |
  2. अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो पितृ गायत्री मन्त्र के जप से दूर होता है |
  3. अगर कार्यो में बाधाएं आ रही है तो ऐसे में pitru gayatri mantra का जप फायदेमंद होता है |
  4. अगर संतान होने में परेशानी हो रही हो तो ऐसे में पितृ कृपा से स्वस्थ संतान होती है |
  5. इस मंत्र के जप से नाम और यश की प्राप्ति भी होती है |
  6. नौकरी या व्यापार में आने वाली बाधाएं नष्ट होती है |

तो इस प्रकार हम पितृ गायत्री मंत्र का जप करके जीवन को संवार सकते हैं | पुरे परिवार को मिलके pitru gayatri mantra जप करना चाहिए, श्राद्ध पक्ष में तो जरुर करना चाहिए पितृ गायत्री मन्त्र का जप |


पितृ गायत्री मंत्र | Pitra Gayatri Mantra Benefits, आइये जानते हैं कैसे करें पितृ गायत्री मन्त्र का जप, पितृपक्ष में कैसे करें पूजन ?

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम् शरणागत:।।3   त्रैलोक...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Bank Account kab khole jyotish anusar

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बैंक खाता कब खोलें, बैंक खाता खोलने के लिए सबसे अच्छा दिन चुनकर सौभाग्य कैसे बढ़ाएं,  when to open bank account as per astrology ,  ज्योतिष के अनुसार बैंक खाता खोलने का शुभ दिन, नक्षत्र और समय, ज्योतिष के अनुसार बचत कैसे बढ़ाएं? बैंक खाता खोलने का निर्णय एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है और इसलिए इसे खोलने के लिए सबसे अच्छा दिन, सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र, सर्वश्रेष्ठ महुरत चुनना अच्छा होता है । शुभ समय पर खोला गया बैंक खाता व्यक्ति को आसानी से संपन्न बना देता है |  बिना प्रयास के सफलता नहीं मिलती है अतः अगर हमे सफल होना है ,धनाढ्य बनना है, अमीर बनना है तो हमे सभी तरफ से प्रयास करना होगा, हमे स्मार्ट तरीके से काम करना होगा |  प्रत्येक व्यवसाय या कार्य में बैंक खाता आवश्यक है। चाहे आप एक कर्मचारी या उद्यमी हों चाहे आप एक व्यवसायी हों या एक गैर-कामकाजी व्यक्ति, बैंक खाता आमतौर पर हर एक के पास होता है। बैंक खाता हर एक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम इस पर अपनी बचत रखते हैं, यह इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक लेनदेन बैंक खाते के माध्यम...