Shukra Kab Ast Honge 2026, शुक्र अस्त का क्या प्रभाव होगा 12 Rashiyo Par, शुक्र कब तक अस्त रहेंगे, क्या सावधानी रखना होगी, jyotish updates. Shukra Ast: 12 अक्टूबर 2026, सोमवार, शाम 6:19 बजे से 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार, सुबह 6:00 बजे तक। शुक्र ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट होने के कारण "अस्त " स्थिति में रहेंगे जिसके कारण प्रेम, सौंदर्य, कला, वित्त और संबंधों का कारक ग्रह शुक्र अपनी पूर्ण शक्ति से फल नहीं दे पायेगा । सूर्य की प्रखरता के कारण शुक्र के कोमल और सामंजस्यकारी गुण दब जाते हैं, जिससे जीवन के भावनात्मक और भौतिक पक्षों में उथल–पुथल या पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता उत्पन्न होती है। Shukra Kab Ast Honge यह अवधि व्यक्ति को मजबूर करती है कि वह अपने संबंधों, इच्छाओं, भोग-विलास और वित्तीय व्यवहार की गहराई से जांच करे। सूर्य का प्रभाव सत्य को उजागर करता है—जहाँ दिखावा या अधूरी अपेक्षाएँ हो, वह सामने आ जाती हैं। हालांकि चुनौतियाँ बन सकती हैं, पर यह समय आत्मचिंतन, शुद्धिकरण और वास्तविकता को अपनाने का अवसर भी प्रदान करता है। आइये जानते हैं अस्त शुक्र का 12 राशियों पर क्या प्रभ...
Pitra Paksh kab se shuru honge 2026, mahalaya kab shuru hoga, पितृ पक्ष क्या है, पितरो को खुश करने के उपाय, तर्पण का महत्तव, तिथि अनुसार श्राद्ध की तारीख, shraadh paksh ki tarikh.
2026 में 26 सितम्बर शनिवार से 10 अक्टूबर तक रहेगा पितृ पक्ष/महालय/श्राद्ध पक्ष.
आइये जानते हैं कुछ पितृ पक्ष के बारे में:
Shraadh Paksh 2026: Pitru paksh ko mahalay ya fir shraadh paksh ke naam se bhi jaana jata hai | ये समय पितरो के पूजन के लिए होता है, ये वो अच्छा समय होता है जब कोई व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति हेतु पूजा पाठ कर सकता है, अनुष्ठान कर सकता है. पितृ पक्ष में पितरो की उन्नति, उच्च गति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजाए की जाती है.
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| Pitru Paksh Kya Hai In Hindi |
इस संसार में ऐसा कोई नहीं जो की बिना पितरो के आशीर्वाद के जीवन जी रहा हो , हमारे जीवन में सफलता में पितरो का आशीर्वाद भी एक बहुत महत्त्वपूर्ण कारण है. उनके कारण ही हमारा अस्तित्व हैं अतः ये हमारा कर्त्तव्य है की हम उनके लिए कुछ न कुछ करते रहे जीवन भर. शाश्त्रों में ऐसा कहा गया है की जो भी अनुष्ठान हम करते हैं उनसे उनको उच्च गति मिलती है और वो प्रसन्न होकर हमे भी आशीर्वाद प्रदान करते हैं. अतः एक सुखी और संपन्न जीवन जीने के लिए पितरो को प्रसन्न करना भी जरुरी होता है.
अगर कोई अपने जीवन में कभी भी पितरो की पूजा नहीं करते हैं तो उनको कुछ न कुछ परेशानी अवश्य बनी रहती है और कारण समझ नहीं आता है. अतः पितृ शांति हेतु प्रयोग करते रहना चाहिए. Shraadh Paksh 2026
2026 तिथि अनुसार श्राद्ध की तारीख
| तारीख | वार | तिथि |
|---|---|---|
| 26 सितम्बर 2026 | Shaniwar | पूर्णिमा श्राद्ध |
| 27 सितम्बर 2026 | Ravivar | प्रतिपदा श्राद्ध |
| 28 सितम्बर 2026 | Somwar | द्वितीया श्राद्ध |
| 29 सितम्बर 2026 | Mangalwar | तृतीया श्राद्ध |
| 30 सितम्बर 2026 | Budhwar | चतुर्थी श्राद्ध |
| 01 October 2026 | Guruwar | पंचमी श्राद्ध दोपहर १२:३० तक उसके बाद षष्ठी श्राद्ध |
| 02 October 2026 | Shukrwar | सप्तमीश्राद्ध |
| 03 October 2026 | Shaniwar | अष्टमी श्राद्ध |
| 04 October 2026 | Ravivar | नवमी श्राद्ध |
| 05 October 2026 | Somwar | दशमी श्राद्ध |
| 06 October 2026 | Mangalwar | एकादशी श्राद्ध |
| 07 October 2026 | Budhwar | द्वादशी श्राद्ध |
| 08 October 2026 | Guruwar | त्रयोदशी श्राद्ध |
| 09 October 2026 | Shukrwar | चतुर्दशी श्राद्ध |
| 10 October 2026 | Shaniwar | सर्वपितृ अमावस्या (अंतिम श्राद्ध) |
आइये अब जानते हैं एक विशेष प्रयोग “तर्पण” के बारे में:
हमारे शाश्त्रो में तर्पण को सबसे अच्छा तरीका माना जाता है पितरो को प्रसन्न करने के लिए और ये देखा गया है की जो लोग पितृ पक्ष में तर्पण जरुर करते हैं उनके लिए सफलता के द्वार खुल जाते हैं.
एक बात ध्यान में रखना चाहिए की सफलता के लिए सही समय पर सही क्रिया को अंजाम देना जरुरी है अतः अगर तर्पण को पितृ पक्ष या महालय में किया जाये तो परिणाम शीघ्र ही दृष्टिगोचर होते हैं. Shraadh Paksh 2026
पितृ पक्ष का महत्तव:
महालया वो समय है जब हम न की सिर्फ अपने उन्नति के लिए पूजाए कर सकते हैं बल्कि पितरो की उन्नति और मुक्ति के लिए भी अनुष्ठान कर सकते है.
हमारे द्वारा किये गए पूजाओ और प्रयोगों से पितृ गण खुश होते हैं और हमारे जीवन को भी निष्कंटक करते हैं.
दो विशेष लाभ पितृ पक्ष में हम उठा सकते हैं –
- अगर हमारे पितृ गण किसी समस्या से ग्रस्त हैं तो पूजाओ द्वारा उनको बल दिया जा सकता है.
- अगर हम किसी समस्या से ग्रस्त हैं पितृ दोष के कारण तो उससे भी हम निजात पा सकते हैं.
अतः इस महत्त्वपूर्ण समय को बिलकुल भी नहीं गंवाना चाहिए. Shraadh Paksh 2026
आइये जानते हैं की कितने प्रकार की पूजाए महालय के समय होती हैं:
- कालसर्प शांति पूजा पितृ पक्ष में हो सकती है.
- पितृ दोष शांति पूजा पितृ पक्ष में हो सकती है.
- प्रेत दोष शांति पूजा पितृ पक्ष में हो सकती है.
- अगर कोई बुरी नजर के कारण परेशान है तो भी महालय में प्रयोग कर सकते हैं सुरक्षा हेतु. Shraadh Paksh 2026
- काले जादू से बचने के लिए भी प्रयोग होते हैं.
- रोग मुक्ति हेतु भी अनुष्ठान होते हैं. आदि
आइये अब जानते हैं की क्या करना चाहिए पित्र पक्ष में उन्नति हेतु :
Jyotishsansar.com पर आपको बताने जा रहे हैं कुछ ख़ास तरीके जिनसे की आप अपने व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन को सफल बना सकते हैं.
श्राद्ध या फिर पितरों के लिए पूजा पाठ करने का सबसे उत्तम समय दोपहर का माना जाता है अतः दोपहर में लगभग 12 बजे के आस पास पितरो के निमित्त पूजन करें तो बहुत लाभ मिलेगा |
- पितृ पक्ष में अपने दैनिक भोजन में से एक भाग निकाले और गाय, कुत्ते, कौए या फिर किसी जरूरतमंद को जरुर रोज दिया करे.
- अपनी क्षमता अनुसार किसी जरुरत मंद को कपडे भी अपने पितरो के नाम से दान करे, इससे भी जीवन में शुभता आएगी.
- अगर आप तर्पण करना जानते हैं तो जरुर करना चाहिए. Shraadh Paksh 2026
- घर के बड़े बुजुर्गों को उनके पसंद की वस्तुएं भेंट करें.
- पितृ पक्ष में रोज भगवद गीता का पाठ भी बहुत कारगर होता है.
- रोज पितरो का आवाहन करके उन्हें धूप दीप दिखाना चाहिए और उनसे आशीर्वाद मांगना चाहिए.
- केसर की धूप रोज अगर पितरो के नाम से दिया जाते तो अति शुभ होता है.
- रोज अपने घर के बड़ो का आशीर्वाद लेने से भी पितृ गण खुश होते हैं.
आइये अब जानते हैं की क्या नहीं करना चाहिए पितृ पक्ष में?
- महालय के समय काम वासना से दूर रहकर शुद्धता बना कर रखना चाहिए.
- किसी को भी पितृ पक्ष में धोखा नहीं देना चाहिए.
- अपने से बड़ो का अपमान नहीं करना चाहिए.
- मांस –मदिरा, बीडी, सिगरेट, आदि नशीले पदार्थो का सेवन भी नहीं करना चाहिए. Shraadh Paksh 2026
तो हम दूर कर सकते हैं पितर दोष को , हम दूर कर सकते हैं कालसर्प दोष को, हम दूर कर सकते हैं विवाह में आने वाले बाधाओं को, हम दूर कर सकते हैं काम काज में आने वाले बाधाओं को, हम दूर कर सकते हैं व्यक्तिगत जीवन के बाधाओं को, हम दूर कर सकते हैं पढ़ाई की बाधाओं को.
अतः जागरूक हो और अपने उन्नति , सम्पन्नता के लिए पितृ पक्ष main prayaas kare.
ॐ पितृभ्यो नमः
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