] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Budh ka kanya rashi me pravesh rashifal in hindi jyotish

Budh ka kanya rashi mai pravesh kab hoga, बुध के कन्याराशि में गोचर का राशिफल | september 2026 में बुध के राशी परिवर्तन का क्या असर होगा 12 राशियों पर, जानिए लव राशिफल | वैदिक ज्योतिष के हिसाब से बुध 7 September को दिन में लगभग 1:21 पे सिंह राशि से निकल के अपने उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे |  इस गोचर के कारण काफी अच्छे बदलाव हमे देखने को मिलेंगे सभी तरफ | बुध ग्रह का सम्बन्ध व्यापार, वाणिज्य, दिमागी शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से होता है अतः देश और दुनिया में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं | अन्तराष्ट्रीय स्तर पर नए समझौते हो सकते हैं, बाजार में तेजी मंदी देखने को मिलेगी, शेयर मार्केट भी काफी ऊपर –निचे होगा, व्यापारी वर्ग नई नीतियाँ बना के आगे बढ़ेंगे, हरी सब्जियों की पैदावार बढ़ेगी | Budh ka kanya rashi me pravesh rashifal in hindi jyotish बुध ग्रह का मन्त्र है : || ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम: || आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या असर होगा बुध के कन्या राशि में प्रवेश का : 1. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए बुध का गोचर आपके छठे भाव में होगा। यह भाव नौकरी, प...

Budh ka kanya rashi me pravesh rashifal in hindi jyotish

Budh ka kanya rashi mai pravesh kab hoga, बुध के कन्याराशि में गोचर का राशिफल | september 2026 में बुध के राशी परिवर्तन का क्या असर होगा 12 राशियों पर, जानिए लव राशिफल |

वैदिक ज्योतिष के हिसाब से बुध 7 September को दिन में लगभग 1:21 पे सिंह राशि से निकल के अपने उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे | 

इस गोचर के कारण काफी अच्छे बदलाव हमे देखने को मिलेंगे सभी तरफ |

बुध ग्रह का सम्बन्ध व्यापार, वाणिज्य, दिमागी शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से होता है अतः देश और दुनिया में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं |

अन्तराष्ट्रीय स्तर पर नए समझौते हो सकते हैं, बाजार में तेजी मंदी देखने को मिलेगी, शेयर मार्केट भी काफी ऊपर –निचे होगा, व्यापारी वर्ग नई नीतियाँ बना के आगे बढ़ेंगे, हरी सब्जियों की पैदावार बढ़ेगी |

Budh ka kanya rashi mai pravesh kab hoga,  बुध के कन्या  राशि में गोचर का राशिफल | budh gochar september 2026, jyotish updates
Budh ka kanya rashi me pravesh rashifal in hindi jyotish


बुध ग्रह का मन्त्र है :

|| ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम: ||

आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या असर होगा बुध के कन्या राशि में प्रवेश का :

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुध का गोचर आपके छठे भाव में होगा। यह भाव नौकरी, प्रतियोगिता, कर्ज, रोग और विरोधियों से संबंधित माना जाता है। इस दौरान आपकी बुद्धि और तर्कशक्ति मजबूत हो सकती है, जिससे कार्यक्षेत्र में जटिल समस्याओं को सुलझाने की क्षमता बढ़ेगी। नौकरी करने वाले जातकों को अपनी कार्यक्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। यदि कोई पुराना कर्ज या आर्थिक दायित्व चल रहा है तो उसे व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा। विरोधियों पर आपकी रणनीति भारी पड़ सकती है। हालांकि छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव लेने से बचें। स्वास्थ्य की दृष्टि से पाचन तंत्र और मानसिक तनाव पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बुध का गोचर पंचम भाव में होगा। पंचम भाव शिक्षा, बुद्धि, संतान, प्रेम, रचनात्मकता और निवेश से संबंधित है। बुध के उच्च राशि में आने से विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रह सकता है। पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी और कठिन विषयों को समझने की क्षमता मजबूत होगी।

संतान से संबंधित कोई अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में बातचीत के माध्यम से गलतफहमियां दूर करने का अवसर मिलेगा। व्यापार और निवेश से जुड़े लोगों के लिए अपनी बुद्धि और गणना के आधार पर निर्णय लेना लाभकारी रहेगा। लेखन, शिक्षा, मीडिया, अकाउंटिंग और संचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं और आपके लिए बुध का गोचर चतुर्थ भाव में होगा। यह भाव घर-परिवार, माता, संपत्ति, वाहन, सुख-सुविधाओं और मानसिक शांति से संबंधित है। इस दौरान संपत्ति से संबंधित मामलों में समझदारी से निर्णय लेने की क्षमता बढ़ सकती है।

घर में कोई महत्वपूर्ण खरीदारी, वाहन लेने या घर को व्यवस्थित करने की योजना बन सकती है। माता के स्वास्थ्य और सुख-सुविधाओं पर ध्यान देना अच्छा रहेगा। परिवार में बातचीत के माध्यम से पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए घर का वातावरण पढ़ाई के लिए अनुकूल रह सकता है।

4. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए बुध का गोचर तृतीय भाव में होगा। तृतीय भाव साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहन, संचार, लेखन, यात्रा और प्रयासों से संबंधित है। इस दौरान आपकी communication skills मजबूत हो सकती हैं और आप अपने विचार दूसरों तक प्रभावशाली तरीके से पहुंचाने में सफल हो सकते हैं।

नौकरी या व्यापार में नए संपर्क बनेंगे और आपके प्रयासों को गति मिल सकती है। यदि आप नया व्यवसाय, ऑनलाइन कार्य, मार्केटिंग, सोशल मीडिया, लेखन या सेल्स से जुड़ा काम शुरू करना चाहते हैं तो यह समय प्रयास करने के लिए अच्छा हो सकता है। भाई-बहनों से सहयोग मिल सकता है। छोटी यात्राओं के योग भी बन सकते हैं।

5. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध का गोचर द्वितीय भाव में होगा। यह भाव धन, परिवार, वाणी, भोजन और बचत से संबंधित है। इसलिए यह गोचर आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। आय को व्यवस्थित करने, बचत बढ़ाने और भविष्य के लिए वित्तीय योजना बनाने का अच्छा अवसर मिलेगा।

आपकी वाणी प्रभावशाली होगी और बातचीत के माध्यम से कार्यों को पूरा कराने में सफलता मिल सकती है। व्यापार करने वाले जातकों को ग्राहकों और व्यावसायिक संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हैं। हालांकि धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी या अत्यधिक जोखिम लेने से बचें। कटु शब्दों के प्रयोग से भी बचना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

6. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि बुध आपकी अपनी राशि यानी प्रथम भाव में उच्च अवस्था में प्रवेश करेंगे। इससे आपकी बुद्धि, निर्णय क्षमता, व्यक्तित्व, संवाद शैली और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है।

आप परिस्थितियों का विश्लेषण करके सही निर्णय लेने में अधिक सक्षम रहेंगे। नौकरी और व्यापार दोनों में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। इंटरव्यू, मीटिंग, बातचीत, समझौते और व्यावसायिक निर्णयों में सफलता के अवसर बन सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह समय ज्ञान प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी हो सकता है।

स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी और आप अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। हालांकि अत्यधिक विश्लेषण और हर छोटी बात को लेकर चिंता करने से बचना चाहिए। अपने ज्ञान और कौशल का सही दिशा में उपयोग करें।

7. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध का गोचर द्वादश भाव में होगा। यह भाव खर्च, विदेश, अस्पताल, एकांत, आध्यात्मिकता और दूरस्थ स्थानों से संबंधित माना जाता है। इस दौरान खर्चों में वृद्धि हो सकती है, लेकिन उनमें से कुछ खर्च भविष्य के लिए उपयोगी भी साबित हो सकते हैं।

विदेश जाने, विदेश से जुड़े काम या किसी दूरस्थ स्थान से अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। जो लोग विदेश में शिक्षा या नौकरी की योजना बना रहे हैं, वे अपने प्रयास तेज कर सकते हैं। हालांकि बिना योजना के खर्च करने से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। नींद और आराम की कमी से बचना भी जरूरी रहेगा।

8. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध का गोचर एकादश भाव में होगा। एकादश भाव आय, लाभ, मित्रों, बड़े भाई-बहनों और इच्छाओं की पूर्ति से संबंधित है। इसलिए यह गोचर आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

आय के नए स्रोत बनने की संभावना रहेगी और पुराने संपर्कों से भी लाभ मिल सकता है। नौकरी करने वालों को अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ आर्थिक लाभ या प्रोत्साहन मिलने की संभावना हो सकती है। व्यापार में नए ग्राहक और नए नेटवर्क बन सकते हैं। मित्रों और परिचितों से महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो सकता है।

सोशल नेटवर्किंग और communication से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। हालांकि लाभ की संभावना देखकर बहुत अधिक जोखिमपूर्ण निवेश करने से बचें।

9. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बुध का गोचर दशम भाव में होगा। दशम भाव कर्म, नौकरी, व्यवसाय, प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति का प्रमुख भाव है। इसलिए करियर के लिहाज से यह समय महत्वपूर्ण रह सकता है।

नौकरी में आपकी बुद्धि, विश्लेषण क्षमता और काम करने का तरीका वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर सकता है। व्यापारियों के लिए रणनीति बनाकर काम करने और व्यवसाय को व्यवस्थित करने का समय है। किसी नई जिम्मेदारी या पद की संभावना बन सकती है।

जो लोग नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, उन्हें अच्छे अवसरों की तलाश जारी रखनी चाहिए। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में documentation पर विशेष ध्यान देना लाभकारी रहेगा। आपकी professional communication आपकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

10. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बुध का गोचर नवम भाव में होगा। नवम भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, गुरु, पिता, लंबी यात्रा और जीवन-दर्शन से संबंधित है। इस दौरान भाग्य का सहयोग बढ़ सकता है, विशेषकर तब जब आप अपने प्रयासों को सही दिशा में लगाते हैं।

उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा या किसी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण से संबंधित योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। पिता या गुरु समान व्यक्ति से महत्वपूर्ण सलाह और सहयोग मिल सकता है।

धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ सकती है। लंबी यात्रा के दौरान नए संपर्क बन सकते हैं जो भविष्य में उपयोगी साबित होंगे। केवल भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय अपने कर्म और प्रयास पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।

11. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए बुध का गोचर अष्टम भाव में होगा। अष्टम भाव अचानक परिवर्तन, शोध, गुप्त विषय, पैतृक संपत्ति, बीमा, टैक्स और साझा धन से संबंधित है। इसलिए इस दौरान आर्थिक और व्यक्तिगत मामलों में सावधानीपूर्वक planning करना आवश्यक होगा।

यदि आपका काम research, investigation, taxation, insurance, finance या ज्योतिष जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है तो आपकी analytical क्षमता काफी उपयोगी साबित हो सकती है। पैतृक संपत्ति या परिवार की साझा संपत्ति से जुड़ा कोई विषय सामने आ सकता है।

कागजी दस्तावेजों, टैक्स और कानूनी प्रक्रियाओं में लापरवाही न करें। स्वास्थ्य की दृष्टि से दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना अच्छा रहेगा। यह गोचर आपको अंदर से अधिक समझदार और मजबूत बनने का अवसर भी दे सकता है।

12. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए बुध का गोचर सप्तम भाव में होगा। सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार और public dealing से संबंधित है। इसलिए इस गोचर का प्रभाव व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंधों पर विशेष रूप से पड़ सकता है।

अविवाहित जातकों के लिए विवाह या रिश्ते से संबंधित बातचीत आगे बढ़ सकती है। विवाहित लोगों के लिए जीवनसाथी के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत होगी और एक-दूसरे की योजनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

व्यापार में partnership करने वाले लोगों के लिए agreements और financial terms को समझदारी से तय करना लाभकारी रहेगा। ग्राहक, business partners और public dealing से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। आपकी communication skills संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

समग्र फलादेश

कुल मिलाकर बुध का कन्या राशि में उच्च होकर प्रवेश बुद्धि, तर्क, व्यापार, शिक्षा, communication, गणना और practical decision-making से जुड़े मामलों को मजबूत करने वाला गोचर माना जा सकता है।

विशेष रूप से कन्या, वृश्चिक, धनु, वृषभ और मकर राशि वालों के लिए यह गोचर महत्वपूर्ण परिणाम देने वाला रह सकता है। हालांकि किसी व्यक्ति के लिए बुध का वास्तविक फल जानने के लिए जन्मकुंडली में बुध की स्थिति, लग्न, चंद्र राशि, दशा-अंतर्दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति का अध्ययन करना आवश्यक होता है।

नोट: यह राशिफल सामान्य वैदिक ज्योतिषीय गणना पर आधारित है। व्यक्तिगत फलादेश के लिए जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान के आधार पर पूरी जन्मकुंडली का विश्लेषण आवश्यक है।

अगर आप अपनी कुंडली के अनुसार जानना चाहते हैं की आपके जीवन में क्या हो सकता है, वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा, करियर कैसा रहेगा, प्रेम जीवन कैसा रहेगा, बीमारियों से कैसे बचे, भाग्यशाली रत्न कौन से हैं, कौन सी पूजा करनी चाहिए आदि तो आप ज्योतिष से संपर्क करें |

Budh ka kanya rashi mai pravesh kab hoga,  बुध के कन्या  राशि में गोचर का राशिफल | september 2025 में बुध के राशी परिवर्तन का क्या असर होगा 12 राशियों पर, Mercury Transit In Virgo, जानिए लव राशिफल | 

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...