Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai. 6 मार्च 2026: चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व Chaitra Mahine Ki Chauth: हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह तिथि मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai तिथि और समय चतुर्थी तिथि 6 मार्च, शुक्रवार को शाम 5:54 बजे से प्रारंभ होगी और 7 मार्च 2026 को शाम 7:18 बजे तक रहेगी। हालांकि तिथि दो दिनों तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का निर्धारण चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है। इसी कारण इस बार चतुर्थी व्रत और पूजा का मुख्य दिन 6 मार्च 2026, शुक्रवार रहेगा। चंद्रोदय का महत्व चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, दिनभर व्रत रखने के बाद रात्र...
व्यवसाय को प्रभावित करने वाले कारक, व्यापार विफलता के कारण, ज्योतिष से कैसे करे समस्याओं का समाधान.
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| Vyaparik Samasyaao Ka Jyotish Samadhan |
व्यापार की सफलता अनेको कारणों पर निर्भर करती है, इसके सिर्फ एक ही कारण नहीं होता है. जब सारी मेहनत के बावजूद सफलता हाथ ना लगे तो प्रश्न उपजता है की –
- क्यों व्यवसाय बढ़ नहीं रहा हैं?
- क्यों हमारी सारी मेहनत विफल हो रही हैं?
- क्यों कर्जा बढ़ता जा रहा है? आदि.
क्या आपने ये महसूस किया है की –
- आपका व्यापार लगातार निचे की और जा रहा हैं?
- व्यवसाय स्थल पर पहुंचने पर चिंता शुरू हो जाती है।
- व्यपारिक जगह पर कर्मचारियों में बहुत मन-मुटाव रहता है.
- कर्मचारी ईमानदारी से काम नहीं करते और टिकते भी नहीं हैं.
- ग्राहक संतुष्ट नहीं होते हैं और ऐसे ही अन्य कारण भी परेशान करते हैं.
आइये अब जानते हैं की व्यापारिक विफलता के कुछ ज्योतिषीय कारण :
- ऐसा हो सकता हो की आपके व्यापार को या फिर व्यवसाय चलाने वाले को बहुत बुरी नजर लगी हो.
- ये भी हो सकता है की आप कोई गलत पूजा कर रहे हो या की हो जिसके परिणाम स्वरुप आपके साथ बुरा हो रहा हो.
- कुंडली मे मौजूद पितृ दोष भी आपको परेशान कर सकता है.
- ये भी हो सकता है की आपके व्यापारिक स्थान में वास्तु दोष हो.
- कई बार किसी बुरे ग्रह की दशा चलने पर भी व्यापार पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है.
- किसी के द्वारा काले जादू का प्रयोग किये जाने पर भी व्यापार अचानक से बंद हो जाता है.
- कुंडली में मौजूद ख़राब ग्रह भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं.
अतः कोई एक कारण नहीं होता है किसी समस्या का, सही तरीके से जांचने के बाद ही कुछ पता चल पाता है और फिर किया गया समाधान पूरा प्रभाव देता है.
अब जानते हैं की व्यापारिक समस्या को दूर करने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं?
- इसके लिये सिद्ध किया हुआ बीसा यन्त्र का प्रयोग भी एक तरीका है.
- लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए शबर मंत्रो का प्रयोग भी एक तरीका है.
- सिद्ध किया हुआ व्यापार वृद्धि यन्त्र भी प्रयोग कर सकते हैं.
- कुंडली दिखा के सही रत्न भी धारण किया जा सकता है.
- ख़राब ग्रहों का असर होने पर ग्रह से सम्बंधित शान्ति पूजा करवानी चाहिए.
- अगर काले जादू का असर हो तो सही उतारे, पूजा और कवच का स्तेमाल करना चाहिए, ज्योतिष के मार्गदर्शन में.
अगर आप भी परेशन हैं व्यापारिक समस्या से और जानना चाहते हैं कारण और समाधान तो संपर्क करे ज्योतिष से यहाँ.
व्यवसाय को प्रभावित करने वाले कारक, व्यापार विफलता के कारण, ज्योतिष से कैसे करे समस्याओं का समाधान.

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