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Simha Sankranti Ka Mahattw

सिंह संक्रांति का महत्त्व , क्या होता है सिंह संक्रांति, क्या बदलाव होता है ज्योतिष के हिसाब से ग्रहों में. 
सिंह संक्रांति का महत्त्व , क्या होता है सिंह संक्रांति, क्या बदलाव होता है ज्योतिष के हिसाब से ग्रहों में.
Simha Sankranti Ka Mahattw

सिंह संक्रांति का महत्त्व:

१७ अगुस्त 2018 शुक्रवार को है सिंह संक्रांति 
जब सूर्य कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करता है तो वो समय सिंह संक्रांति कहलाता है. वैदिक ज्योतिष के हिसाब से सिंह संक्रांति सकरात्मक उर्जा को बढ़ाता है क्यूंकि सूर्य सिंह राशि में ताकतवर हो जाता है. जिनके कुंडली में सूर्य सिंह राशि को हो उनके लिए अच्छा समय शुरू हो जाता है. 
अलग अलग जगहों में सिंह संक्रांति से विशेष महिना शुरू होता है जैसे –
  • मलयालम केलिन्डर के हिसाब से चिंगा महिना शुरू हो जाता है. 
  • तमिल केलिन्डर के हिसाब से अवनि महिना शुरू हो जाता है. 
  • बंगाली केलिन्डर के हिसाब से भद्रा महिना शुरू हो जाता है. 

सिंह संक्रांति का महत्त्व :

  • दक्षिण भारत में मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु के अवतार नरसिंह भगवान् की पूजा होती है विष्णु जी के साथ. 
  • नारियल पानी से विशेष अभिषेक होता है जिसे पवित्र माना जाता है. 
  • मंगलौर शहर के कुलई में लोग विष्णु मंदिर में दर्शन और पूजन करते हैं. 
  • विष्णु पूजा से पहले भगवान् गणेश की पूजा करते हैं जिसे अप्पादा पूजा कहते हैं.
एक मुख्य बात ये है की सिंह संक्रांति से लेके कन्या संक्रांति तक लोग रोज भगवान् विष्णु की पूजा करते हैं, हवन करते हैं , प्रसाद चढ़ाते हैं, प्रार्थना करते हैं भगवान् को प्रसन्न करने के लिए. 

सिंह संक्रांति हर्ष और उल्लास के साथ विभिन्न जगहों में मनाया जाता है:

  • केरला
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश
  • उत्तराखंड के कुमाऊ में.
लोग एक दुसरे को उपहार और मिठाइयां भी देते हैं.

सिंह संक्रांति का महत्त्व , क्या होता है सिंह संक्रांति, क्या बदलाव होता है ज्योतिष के हिसाब से ग्रहों में. 

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