Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai. 6 मार्च 2026: चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व Chaitra Mahine Ki Chauth: हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह तिथि मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai तिथि और समय चतुर्थी तिथि 6 मार्च, शुक्रवार को शाम 5:54 बजे से प्रारंभ होगी और 7 मार्च 2026 को शाम 7:18 बजे तक रहेगी। हालांकि तिथि दो दिनों तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का निर्धारण चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है। इसी कारण इस बार चतुर्थी व्रत और पूजा का मुख्य दिन 6 मार्च 2026, शुक्रवार रहेगा। चंद्रोदय का महत्व चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, दिनभर व्रत रखने के बाद रात्र...
Someshwar Mahadev ujjain का महत्त्व सोमवती अमावस्या को, क्यों होती है सोमेश्वर महादेव में पूजा अर्चना सोमवती अमावस्या को.
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| Someshwar Mahadev Ujjain Ka Mahattw Amavasya Mai |
वैसे तो हर अमावस्या का अपना महत्त्व होता है परन्तु जब ये सोमवार को आये तो बहुत विशेष महत्त्व रखता है. इस बार सोमवती अमावस्या फाल्गुन महीने मे है और साथ ही धनिष्ठा नक्षत्र भी पड़ रहा है जिसके कारण महत्त्व और बढ़ जाता है.
सोमवार को भगवान् शिव की पूजा होती है और साथ ही अमावस्या में पितृ शान्ति के लिए भगवान् शिव की आराधना को उत्तम माना जाता है.
सोमेश्वर महादेव उज्जैन का महत्त्व:
उज्जैन तो महाकाल की नगरी है और साथ ही यहाँ पर ८४ महादेव भी विराजमान है. इनमे सोमेश्वर महादेव की पूजा सोमवती अमावस्या को विशेष रूप से की जाती है. क्यूंकि सोमवार के करक देव चन्द्रमा है. चन्द्रमा मन कारक ग्रह है.
अमावस्या को सोमेश्वर महादेव की पूजा करने से अनेक लाभ होते हैं जैसे-
- कुंडली में चन्द्र ग्रहण योग हो तो इस दिन someshwar mahadev की पूजा से लाभ होता है.
- जिनके कुंडली में चन्द्रमा दूषित हो या कमजोर हो तो भी इस दिन लाभ होता है शिव पूजा से.
- अगर किसी को अत्यधिक मानसिक परेशानी हो तो भी इस दिन सोमेश्वर महादेव की पूजा करने से लाभ होता है.
- अमावस्या के अधिपति पितृ माने गए हैं अतः पितृ शान्ति हेतु भी इस दिन विशेष पूजा अर्चना होती है जिससे पितृ दोष शान्ति होती है.
- उपरी बाधा की शान्ति हेतु भी इस दिन पूजा अर्चना होती है.
- किसी पर काला जादू किया गया हो तो भी इस दिन विशेष पूजा अर्चना या फिर उतारे होते हैं बचाव के लिए.
किन लोगो को विशेष रूप से पूजन करना चाहिए सोमेश्वर महादेव का सोमवती अमावस्या को?
- अगर किसी के कुंडली में चन्द्रमा शत्रु राशि का हो और जीवन में बाधा उत्पन्न हो रही हो तो सोमवती अमावस्या को विशेष पूजा अर्चना करना चाहिए महादेव का.
- अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो पितृ शांति हेतु पूजा करना चाहिए.
- अगर कुंडली में ग्रहण दोष हो तो भी सोमवती अमावस्या को शिव पूजा से लाभ उठाना चाहिए.
- अगर किसी के ऊपर कुछ किया कराया गया हो काले जादू से तो भी इस दिन विशेष पूजा करना चाहिए या करवाना चाहिए.
- गंभीर बीमारियों से छुटकारे हेतु भी इस दिन पूजा से लाभ उठाया जा सकता है.
जानिए आसान तरीका पितृ दोष निवारण हेतु सोमवती अमावस्या को:
- इस दिन ब्राहमण भोज करवाये और उनको खीर, सफ़ेद मिष्ठान भोजन में जरुर दे. साथ ही सफ़ेद वस्त्र, दूध, शक्कर, चांदी आदि का दान करे और आशीर्वाद ले.
- अपनी क्षमता अनुसार ब्राह्मण को दान भी किया जा सकता है.
- प्यासों के लिए जल की व्यवस्था करना भी बहुत अच्छा होता है इस दिन.
अतः सोमवती अमावस्या का लाभ उठाये और बनाए अपने जीवन को खुशहाल.
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Someshwar Mahadev ujjain का महत्त्व सोमवती अमावस्या को, क्यों होती है सोमेश्वर महादेव में पूजा अर्चना सोमवती अमावस्या को.

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