Ek Tarfa Prem Kahi Rog To Nahi

क्या है इरोटोमनिया?, जानिए क्या समस्या हो सकती १ तरफ़ा प्यार का, क्या समाधान हो सकता है इरोटोमनिया को ज्योतिष में.

क्या आप एक तरफ़ा प्रेम में फंसे हुए हैं, क्या इसके कारण आप अवसादग्रस्त है, क्या आप एक तरफ़ा प्रेम के कारण दिन भर परेशान रहते हैं तो सावधान हो जाएँ, ये इरोटोमनिया नाम की बिमारी भी हो सकती है.ये एक विशेष प्रकार की बिमारी होती है जिसमे व्यक्ति सपनो की दुनिया में रहने लगता है. और इसके कारण बहुत सी समस्याओं का सामना वो करने लगता है.

prem ki bimaari ka naam
Ek Tarfa Prem Kahi Rog To Nahi

व्यक्ति ऐसा सोचने लगता है की जिसको वो चाहता है वो भी उसे चाहता है या चाहती है. इसी स्थिति में रहने कारण व्यक्ति कई बार पब्लिक जगहों पर भी अजीबोगरीब व्यवहार कर बैठता है. कुछ गंभीर स्थितियों में ऐसे व्यक्ति गलत भी कर जाते हैं.
अतः ये जरुरी है की हम इस १ तरफ़ा प्रेम के बारे में गंभीरता से सोचे और अपने को किसी प्रकार के भी भ्रान्ति से बचाए.
अगर कोई इरोटोमनिया से ग्रस्त हो तो उसे ज्योतिष, प्राकृतिक चिकित्सक, या मानसिक चिकित्सक से मिलके जल्द से जल्द इलाज करवाना चाहिए.

आइये जानते हैं इरोटोमनिया के कुछ कारण :

ऐसा देखा गया है की इस प्रकार के बीमारियों से लड़कियां ज्यादा ग्रस्त हो जाती है और इसके कुछ कारण निम्न है जो की शोध में पाए गए हैं –
  • जीवन में कुछ कड़वे अनुभव के कारण व्यक्ति इस बिमारी से ग्रस्त हो जाता है.
  • शारीर में हारमोंस का बैलेंस बिगड़ने से भी व्यक्ति इरोटोमनिया से ग्रस्त हो सकता है.
  • दोस्तों की कमी, सामाजिक संबंधो में कमी के कारण भी इरोटोमनिया हो सकता है.
  • अंतर्मुखी लोग भी इस बिमारी से जल्दी ग्रस्त हो सकते हैं. पढ़िए Love life ki 9 preshaniyan aur jyotish samadhan.

आइये जानते हैं इरोटोमनिया के कुछ ज्योतिषीय कारण :

  1. ग्रहों का प्रभाव तो हमारे जीवन में होता ही है, आइये जानते हैं की कैसे कोई अच्छे संबंधों से वंचित रह जाता है.
  2. अगर कुंडली में सातवां और चोथा भाव दूषित है या फिर बुरे ग्रहों से प्रभावित है तो व्यक्ति को अच्छे सम्बन्ध बनाने में समस्या आ सकती है.
  3. अगर शनि लग्न में बैठा है तो व्यक्ति को कठोर ह्रदय बना देता है और अंतर्मुखी भी बना देता है. ऐसे लोग भी अच्छे सम्बन्ध बनाने में विफल हो जाते हैं.
  4. शुभ बुध ग्रह के अभाव में और अशुभ शुक्र के कारण भी अच्छे संबंधो के लिए तरसता है.
  5. कभी कभी किसी ख़राब ग्रह की दशा में भी जातक किसी मानसिक बिमारी से ग्रस्त हो जाता है.
किसी भी समस्या को छोटा न समझे जानकार से मिलके सही निर्णय लेना चाहिए. पढ़िए Prem vivah samasya ka jyotish samadhan.

कैसे निजात पाया जा सकता है इरोटोमनिया से ?

इस बिमारी से निजात पाने के लिए सही सोच रखना जरुरी है. अपने आपको गलत दिशा में नहीं जाने देना चाहिए.
  •  किसी के भी मुस्कराहट को उसकी चाहत नहीं समझना चाहिए.
  • अगर कोई खुश होक आपसे मिलता है तो उसे गलत न समझे प्रेम न समझ ले.
  • अगर किसी के साथ संबंधो में आपको संदेह हो रहा हो तो सीधे सीधे बात करके उसे दूर कर ले.
  • एकांत में ज्यादा न रहे, दोस्त बनाए, सगे संबंधियों से मिले, अपनी बातो को साझा करे.
  • कभी की ग़लतफ़हमी में न फंसे, जितनी जल्दी हो सके गलतफहमियो से निकल जाए.
  • रोज ध्यान जरुर करे.
  • अच्छे चिकित्सक से सलाह ले.
  • अच्छे ज्योतिष को कुंडली दिखा के अपने बारे में जाने.
याद रखिये एक तरफ़ा प्रेम हमेशा ही बिमारी नहीं होती है परन्तु ये जीवन को खराब कर देती है. इससे जितनी जल्दी बाहर आ जाए उतना अच्छा होता है.
ये ध्यान रखना चाहिए की वर्तमान के पल कभी वापस नहीं आयेंगे, इसे भ्रम में रहके बर्बाद न करे.


क्या है इरोटोमनिया?, जानिए क्या समस्या हो सकती १ तरफ़ा प्यार का, क्या समाधान हो सकता है इरोटोमनिया को ज्योतिष में.

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