Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai Kab Hoga, मंगल का मकर राशि में गोचर – 16 जनवरी, वैदिक ज्योतिष में मकर राशि में मंगल का प्रभाव, Jyotish Updates, मंगल के राशि परिवर्तन का प्रभाव।. Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai: 16 जनवरी को लगभग सुबह 3:51 बजे, अग्नि तत्व ग्रह मंगल वैदिक ज्योतिष अनुसार मकर राशि में प्रवेश करेगा। यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि मकर राशि में मंगल उच्च होता है, अर्थात इसकी ऊर्जा, अनुशासन और साहसिक गुण अपने चरम रूप में प्रकट होते हैं। Mangal Ka Gochar Makar Rashi Mai यह गोचर क्यों महत्वपूर्ण है? मंगल दर्शाता है: कर्म एवं ऊर्जा साहस एवं पहल उत्साह एवं महत्वाकांक्षा रणनीति एवं प्रतियोगिता इंजीनियरिंग, सेना एवं खेल गुस्सा, आक्रामकता एवं संघर्ष मकर राशि (शनि शासित) दर्शाती है: अनुशासन एवं संरचना कर्तव्य एवं अधिकार दृढ़ता एवं दीर्घकालिक योजना मेहनत एवं व्यवहारिकता जब मंगल इस पृथ्वी तत्व राशि में प्रवेश करता है, तो कच्ची आक्रामकता एक योजनाबद्ध और संरचित प्रयास में बदल जाती है। यह समय उपयुक्त है: रणनीतिक कार्य...
संतान प्राप्ति साधना, जानिए किस साधना से संतान प्राप्त की जा सकती है, कौन सी पूजा बच्चा पाने के लिए करे, कुंडली में संतान भाव के दोषों को कैसे दूर करे.
जो साधना संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है उसे संतान प्राप्ति साधना कहा जाता है. स्वस्थ संतान की चाहत हर दंपत्ति की होती है, माता पिता बनना हर दंपत्ति की ख्वाहिश होती है. अगर सही समय पर संतान हो जाए तो ये बहुत ही भाग्य की बात है परन्तु बहुत से लोग ऐसे है जिनको संतान सुख नहीं मिलता है पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर, सारी क़ाबलियत होने पर भी.
![]() |
| Santan Prapti Saadhna |
ऐसे लोगो के कुंडली को देखने पर बहुत से कारण सामने आये हैं जैसे कुंडली में संतान भाव का दूषित होना, इसके कारण जातक को संतान होने में बहुत समय लग जाता है या फिर संतान स्वस्थ नहीं हो पाती है. कुछ दंपत्ति तो काले जादू के कारण भी संतान बाधा से ग्रस्त रहते हैं. कुछ महिलाओं में गर्भपात होता रहता है कमजोर ग्रहों के कारण.
अगर चिकित्सा करने पर भी दंपत्ति को कोई फायदा नहीं होता है तो ऐसे में अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए.
अगर चिकित्सा करने पर भी दंपत्ति को कोई फायदा नहीं होता है तो ऐसे में अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए.
आइये अब जानते हैं संतान प्राप्ति साधना के बारे में :
- इस साधना कुंडली में मौजूद दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है जिससे दिव्य शक्तियों की कृपा मिले और अच्छी संतान हो. इस साधना के बहुत से फायदे होते हैं.
- संतान प्राप्ति साधना से संतान उत्पन्न होने में जो बाधा आती है उसका नाश होता है.
- इस साधना के द्वारा देविक शक्तियों की कृपा प्राप्त किया जा सकता है.
- इस साधना के द्वारा स्वस्थ संतान उत्पन्न करने की क्षमता प्राप्त होती है.
- इस साधना के द्वारा महिला को सही समय पर बच्चे को जन्म देने की शक्ति प्राप्त होती है.
- संतान प्राप्ति साधना के द्वारा बच्चे को शक्तिशाली शारीर और तेज दिमाग की प्राप्ति हो सकती है.
- इस साधना से भाग्योदय भी होता है.
प्राचीन काल से ही जानकार लोग संतान प्राप्ति साधना को करते आये हैं और मन की अभिलाषा को पूर्ण करते आये हैं. आज भी बहुत से दंपत्ति इस साधना को करके स्वस्थ संतान को प्राप्त करते हैं.
अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही हो, ग्रहों की स्थिति कमजोर हो, बार बार गर्भपात हो रहा हो, नकारात्मक उर्जा से परेशानी हो रही हो तो साधना द्वारा इनसे मुक्ति पाई जा सकती है.
अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही हो, ग्रहों की स्थिति कमजोर हो, बार बार गर्भपात हो रहा हो, नकारात्मक उर्जा से परेशानी हो रही हो तो साधना द्वारा इनसे मुक्ति पाई जा सकती है.
बच्चा पाने के लिए कई प्रकार से साधना किया जा सकता है जैसे :
- तांत्रिक मंत्रो की साधना
- वैदिक मंत्रो द्वारा साधना
अगर संतान नहीं हो रही हो तो उदास होने की जरुरत नहीं है, ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं है अपने ज्योतिष से संपर्क करे और संतान प्राप्ति साधना के बारे में पूछे.
संतान प्राप्ति के लिए जब भी ज्योतिष से संपर्क करे तो पति और पत्नी दोनों की कुंडलियो को दिखवाएं.
और सम्बंधित लेख पढ़े:संतान प्राप्ति के लिए जब भी ज्योतिष से संपर्क करे तो पति और पत्नी दोनों की कुंडलियो को दिखवाएं.
Santan Samasya Ka Samadhaan Prachya Vidyaao Dwara
Bachho ke vikas ke liye jyotish margdarshan
santan prapti yog kundli me
santan hone me deri ke jyotishiy karan aur samadhaan
श्रावण पुत्रदा या पवित्र एकादशी का महत्त्व
संतान प्राप्ति साधना, जानिए किस साधना से संतान प्राप्त की जा सकती है, कौन सी पूजा बच्चा पाने के लिए करे, कुंडली में संतान भाव के दोषों को कैसे दूर करे.

Comments
Post a Comment