Skip to main content

Shivling Pooja Dwara Manorath Siddhi

Shivling Pooja Dwara Manorath Siddhi, कौन से शिवलिंग की पूजा से सफलता प्राप्त करे, कैसे दूर करे समस्याओं को शिव पूजा द्वारा, शिव लिंगों का रहस्य hindi में.

एक अमर दिव्य शक्ति जो पुरे विश्व को चला रही है वो है शिव, जो सर्वशक्तिमान है वो है भगवान् शिव, जो सर्वज्ञ है, वो है भगवान् शिव और जो सभी जगह विद्यमान है वो है शिव. इसी कारण दशको से लोग शिव पूजा में लगे हुए है और संसार सागर को पार कर रहे हैं. शिव से जुड़े ग्रंथों में भी शिवलिंग पूजा का विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है, शिवलिंग शिव का ही प्रतिक है. शिवलिंग अनादी और अनंत का प्रतिक है.

shivling dwara manokamna poorti
shivling dwara manorath siddhi

जीवन के परेशानियों से छुटकारे का सबसे सरल रास्ता है शिव पूजा, सफलता प्राप्त करने का सबसे अच्छा माध्यम है शिव पूजा. कोई भी व्यक्ति विशेष प्रकार के शिवलिंग की पूजा करके अपने समस्याओं से निजात पा सकता है. ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं शिवलिंग के रहस्य को.

क्या आप जानते हैं ?

Watch video here: 

 
  1. शिवलिंग अलग अलग वस्तुओं से बनाया जा सकता है.
  2. शिवलिंग के अभिषेक किये हुए जल को पीने से व्यक्ति उसी क्षण कई पापों से मुक्त हो जाता है.
  3. अगर कोई व्यक्ति किसी शिवलिंग के सामने बैठकर निरंतर साधना करे तो कई शक्तियां प्राप्त की जा सकती है.
  4. पितृ दोष, कल सर्प दोष, प्रेत दोष, मंगल दोष , ग्रहण दोष और अन्य कुंडली में मौजूद दोषों के निवारण हेतु शिव पूजा सबसे सरल तरीका होता है.
  5. शिव पूरण में शिवलिंग पूजा के बारे में बहुत जानकारी मौजूद है.
  6. भगवान् शिव सभी गुरुओं के गुरु है, वे आदिगुरू है.
  7. भगवान् शिव अनंत है, अनादी है.
  8. ध्यान द्वारा संत-महात्मा शिव की स्थिति को प्राप्त करते हैं.
  9. जब कोई रास्ता नजर न आये तो किसी शिव मंदिर में बैठकर शिव मंत्र का जप करना चाहिए और प्रार्थना करना चाहिए मुसीबत से छुटकारे के लिए.
आइये अब बताते हैं की हम किस प्रकार से अलग अलग प्रकार के शिवलिंग की पूजा करके अपनी अलग अलग प्रकार की इच्छाओं को पूर्ण कर सकते हैं.

Mahashivratri kab hai aur kya kare ?

शिवलिंग के प्रकार और उनका प्रयोग मनोरथ सिद्धी के लिए:

  1. अगर कोई भक्त पारद के शिवलिंग की पूजा करता है तो उसे भव्य ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.
  2. अगर किसी को सभी तरफ से सफलता की चाह हो तो अष्टधातु से बने शिवलिंग की पूजा करना श्रेष्ठ होता है.
  3. किसी भी प्रकार के बंधन से छुटकारे के लिए स्वर्ण से बने शिवलिंग की पूजा फलदाई होती है.
  4. सुख और भाग्योदय हेतु नमक से बने शिवलिंग की पूजा बहुत उपयोगी होती है.
  5. शत्रुओं से जो लोग परेशान है उन्हें सीसा से शिवलिंग बना के उसका पूजन करना चाहिए.
  6. सभी प्रकार की कार्य की सिद्धी हेतु मिटटी से बने शिवलिंग की पूजा श्रेष्ठ मानी जाती है.
  7. मान-सम्मान की चाह अगर बहुत हो तो गाय के गोबर से बने शिवलिंग की पूजा लाभदायक होती है.
  8. पत्नी सुख और संतान सुख के लिए धान से बने शिवलिंग की पूजा अच्छी मानी जाती है.
  9. अगर किसी मृत व्यक्ति के हड्डी से शिवलिंग बना के उसकी पूजा की जाए तो आत्मा की मुक्ति होती है.
  10. जो लोग अपने अन्दर आकर्षण शक्ति पैदा करना चाहते हैं उनको गुड से शिवलिंग बना के उसकी पूजा विधिवत करना चाहिए.
अतः हर इच्छा की पूर्ति हेतु शिवपूजा श्रेष्ठ है, अपने जीवन के परेशानियों को हटाने के लिए शिव पूजा लाभदायक है, अतः जीवन में निराश न हो , दुखी न हो , शिव पूजन करे और सुख और शांति प्राप्त करें. अगर आप किसी समस्या से ग्रस्त है और ज्योतिषीय समाधान चाहते हैं तो आप संपर्क कर सकते हैं.
विश्वसनीय ज्योतिषीय सेवा हेतु यहाँ क्लिक करे



और सम्बंधित लेख पढ़े :
Different types of Shivling Pooja for Fulfilling Wishes

Shivling Pooja Dwara Manorath Siddhi, कौन से शिवलिंग की पूजा से सफलता प्राप्त करे, कैसे दूर करे समस्याओं को शिव पूजा द्वारा, शिव लिंगों का रहस्य hindi में.

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog , pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है. सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है. Suar Ke Daant Ke Totke सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए : इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है. किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे. वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है. इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए. कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो

om kleem krishnaay namah mantra ka mahattw

om kleem krishnaya namah benefits in hindi, ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र के लाभ और अर्थ, ॐ क्लीं नमः का जाप कैसे करे, क्लीं बीज का रहस्य वशीकरण मंत्र ॐ क्लीं कृष्णाय नमः का रहस्य.  क्लीं बीज मंत्र काली देवी से संबंधित है और बहुत शक्तिशाली है। इस मंत्र के जाप से एक दिव्य आभा और आकर्षण शक्ति विकसित होती है जो दैवीय ऊर्जाओं के साथ-साथ भौतिक सुखों को आकर्षित करने में मदद करती है।  श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं और महान व्यक्तित्व, प्रेम, ज्ञान और बुद्धि के प्रतीक हैं। om kleem krishnaay namah mantra ka mahattw " ॐ क्लीं कृष्णाय नमः " एक अद्भुत मंत्र है जो जप करने वाले को सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है और इसलिए भक्तों द्वारा दशकों से इसका उपयोग किया जाता रहा है। यह मंत्र देवी दुर्गा के साथ-साथ कृष्ण की भी शक्ति रखता है और इसलिए यह उन सभी के लिए एक दिव्य मंत्र है जो जीवन में जल्द ही सफलता चाहते हैं। "ॐ क्लीं कृष्णाय नमः" एक शक्तिशाली मंत्र है जो आंतरिक आध्यात्मिक ऊर्जा का आह्वान करता है जिसका लगातार जप किया जाता है इसलिए जो लोग आध्यात्मिक विकास चाहते हैं उनके लिए

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है.  84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे. श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास. श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पास श्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर. श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास. श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर. श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया