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Latest Astrology Updates in Hindi

Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi

Dev Shayani Ekadashi kab hai 2026 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति . Devshayani Ekadashi 2026: अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि.   Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष  2026  मे हरी शयनी एकादशी 25 जुलाई को है|  एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:14 बजे एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच  मान्यता के अनुसार पद्मा एकादश...

Sachhe Sambandho Ka Sach

Sachhe sambanndho ka sach, jhuthe sambandho ke nuksaan, kaise jaane ki sambandh wakai mai sachha hai, sambandho ko sudharne ke upay, सच्चे संबंधो का सच जानिए.

jyotish tips for true love in hindi
sachhe sambandho ka sach

प्रेम संबंधो के बारे में कुछ समय बाद अलग अलग बातें सुनने में आती है, अक्सर जब संबंधो में किसी एक के न चाहते हुए जब खटास आती है तब बहुत दुःख होता है और व्यक्ति कई प्रकार के सवाल पूछता है जिले की-
  1. “मैं उसके बिना रह नहीं सकता/सकती , क्या करू ”
  2. हमारे बीच कुछ साले से बहुत अच्छे सम्बन्ध थे , अचानक टूट गया , क्या करे.
  3. कोई तीसरा व्यक्ति हमारे बीच आ गया, क्या करे.
  4. उसने मुझे धोखा दिया, मुझे उसको सबक सिखाना है आदि अदि
ऐसे अनेक प्रकार के प्रश्न चोट खाए हुए व्यक्ति के मन में उठते हैं और जो की वाजिब भी हैं परन्तु सवाल ये उठता है की ऐसा होता क्यों है की प्रेम संबंधो में अचानक परेशानी आती है. 
इसके लिए ये जरुरी है की हम सबसे पहले अच्छे संबंधों के बारे जाने, हमे पता होना चाहिए की वास्तविक प्रेम का मतलब क्या होता है, हमे पता होना चाहिए की सच्चा प्रेम सम्बन्ध कैसे प्राप्त किया जाता है या कैसे किया जाता है.

अपने आप से कुछ सवाल पूछ कर हम बहुत कुछ जान सकते हैं:

  1. किस कारण से हमारे अन्दर किसी के प्रति आकर्षण पैदा हो रहा है, क्या इसके पीछे काम-वासना है, क्या उसका व्यवहार हमे प्रभावित कर रहा है, क्या हमारे जीवन का खालीपन हमे मजबूर कर रहा है की हम किसी के पास जाए, कहीं हम किसी भ्रम जाल में तो नहीं फंस रहे हैं आज पास के माहोल के कारण.
  2. क्या हमारे अन्दर की भावना सच्ची है. अक्सर कौमार्य अवस्था में हम प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर करने में चूक जाते हैं. अतः ये जरुरी है की अपनी भावनाओं को काबू में रखे और जल्दी किसी निर्णय पर ना पहुचे, अन्यथा किसी न किसी समस्या का सामना जल्दी ही करना पड़ सकता है.
  3. क्या कहीं किसी के प्रति हमारी भावना एकतरफा तो नहीं है. ऐसे में बाद में कई बार पता चलता है की जिसे हम चाहते है वो किसी और को चाहता है और उससे फिर ठेस पहुचती है, फिर अवसाद उत्पन्न होता है. अतः अपने जीवन में कुछ भी निर्णय बहुत सोच समझ कर लेना चाहिए. 
  4. क्या जिससे हम सम्बन्ध बनाने जा रहे हैं वो समझदार है, क्या वो आपके भावनाओं को समझ सकता है.
  5. क्या कहीं हम सिर्फ समय व्यतीत करने के लिए तो सम्बन्ध नहीं बनाना चाहते हैं. 
अगर इन सब प्रश्नों पर विचार किया जाए तो निश्चित ही बहुत से समस्याओं से बचा जा सकता है, सच्चाई से किनारा करने के बजाये उसका सामना करना चाहिए, इससे कार्य आसान हो जाता है. पढ़िए कैसे करे शुक्र को मजबूत?

प्यार होने के बाद क्या होता है, सच्चा प्यार क्या होता है, कैसे पता करें प्यार सच्चा है या टाइमपास, सच्चा प्यार कैसे पता चलता है

आइये जानते हैं की झूठे संबंधो के कारण क्या नुक्सान हो सकते हैं :

  • एक व्यक्ति को धोखा खाना पड़ सकता है.
  • किसी एक को अवसादग्रस्त होना पड़ सकता है सम्बन्ध विच्छेद होने के कारण.
  • ये भी हो सकता है की किसी एक का शारीरिक शोषण, आर्थिक शोषण या फिर समय का शोषण किया जाए.
  • इससे पढाई , कार्य, स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है.
  • जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है.

आइये अब जानते हैं की कैसे जाने की कोई वास्तविक सम्बन्ध में हैं :

  1. जब निकटता बड़ते बड़ते जिम्मेदारी में बदलने लगे तो समझिये की अब सम्बन्ध अच्छा होता जा रहा है. ऐसे में दोनों एक दुसरे के प्रति जवाबदार होने लगते हैं.
  2. जब बिना कुछ बोले दोनों एक दुसरे के बारे में और एक दुसरे की भावनाओं को समझने लगते हैं तो भी जान ले की दोनों में अच्छे सम्बन्ध हैं.
  3. जब दोनों के बीच शक की कोई गुंजाइश न हो.
  4. जब एक दुसरे के बिना भी एक अच्छा जीवन जीने के लिए तत्पर हो सकारात्मक रवैया रखते हुए. 
जब ऐसे होने लगे तो फिर कोई भी व्यक्ति बीच में बाधा खड़ा नहीं कर सकता है और जीवन मधुर हो जाता है. परन्तु अगर किसी विशेष कारणों से अगर संबंधो में खटास आ रही हो तो इसका उपाय जरुर जल्द से जल्द करना चाहिए. 

कैसे मधुर करे प्रेम संबंधो को ?

  • ये एक सच्चाई है की एक दुसरे से जब भी संचार में कमी आती है अर्थात जैसे ही बातचीत या विचारों का आदान प्रदान बंद होने लगता है तो कोई न कोई समस्या उत्पन्न होने लगती है. अतः एक बात हमेशा याद रखना चाहिए की अपने बीच बातचीत बंद न होने पाए. अगर कोई बात किसी को परेशान कर रही है तो तुरंत बात करके उसका समाधान करे. 
  • जीवन आपका है और आपको ही उसे सुधारना होगा. किसी मध्यस्थ का इस्तेमाल न करे , कई बार इससे दूरियां और बढ़ जाती है. 
  • इसके अलावा आपको ज्योतिष का सहारा लेना चाहिए जहा ये पता चलता है की किस ग्रह के कारण प्रेम संबंधो मई खटास आ रही है और उसके लिए क्या करना चाहिए. सही रत्न, सही पूजा आदि द्वारा समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलती है. ऐसा देखा गया है की ख़राब ग्रहों के कारण भी व्यक्तिगत जीवन में हम समस्या ग्रस्त हो जाते हैं. 


अतः स्वस्थ संबंधो के लिए, वास्तविक संबंधो के लिए ज्योतिष से सलाह ले.  जानिए अपनी कुडली का विवेचन, जानिये अपने समस्याओं का कारण और समाधान.

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