Skip to main content

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Kaise Kare Bimariyo Se Bachaaw

Kaise Kare Bimariyo Se Bachaaw, Bimari ka mukhya karan, kya ho saktaa hai khane main asaawdhani se, kaise kare bimari se bachaao, janiye kuch khaas upaay sharir ko chust aur furtila rakhne ke. 
janiye kuch khaas upaay swasth jivan jeene ke liye
bimaariyo se bachaaw ke karan aur samadhan

शारीर को स्वस्थ रखना हमारी बुनियादी जिम्मेदारी बनती है क्यूंकि एक स्वस्थ शारीर की जरुरत सबसे ज्यादा होती है एक अच्छे जीवन जीने के लिए. 
क्या आप जानते हैं की खाना का हमारे जीवन से सबसे गहरा नाता है, एक कहावत है की “जैसा अन्न वैसा मन और जैसा मन वैसा तन ” अर्थात हमारे भोजन का हमारे शारीर पर पूरा प्रभाव पड़ता है इसी कारण योग और आयुर्वेद में भोजन शुद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाता है. 
आज के इस तेज रफ़्तार जिन्दगी में हम जिस चीज से सबसे ज्यादा दूर हुए हैं वो है शुद्ध और पौष्टिक भोजन. इसका कारण है सब काम जल्दी करना और इसी से फ़ास्ट फ़ूड का प्रचलन बड़ा है जो की हमे सबसे ज्यादा नुक्सान पहुंचा रहा है. 
टीवी , पेपर, मग्ज़िनो में सब तरफ ये बताया जा रहा है की फ़ास्ट फ़ूड घातक है परन्तु फिर भी इसका प्रचलन और तेज होता जा रहा है. ये एक नशे की तरह लोगो के साथ चिपका हुआ है. 
इस लेख आपको यही जानकारी देगा की किस प्रकार हम अपने सेहत पर ध्यान रख सकते हैं भोजन पर ध्यान केन्द्रित करके. 

आइये देखते हैं की हम किस प्रकार अपने सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं:

1. प्यास लगने पर कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना –
एक कहावत है की “जल ही जीवन है” परन्तु आज की पीढ़ी ये भूलती जा रही है आज हम जल की जगह सोडा को जगह देते जा रहे है जो की हमारे पेट के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है. इसके अन्दर carbondioxide की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिससे धीरे धीरे व्यक्ति के अन्दर अलास्यता, जड़ता, मंद्बुद्धिता बदती जाती है. परन्तु हम इससे बेखबर इनका इस्तेमाल करते रहते हैं और बच्चों को भी निर्भीक होक इसे पीने देते हैं. जिससे उनका भी पूर्ण विकास सही समय पर नहीं हो पाता है. 

2. चाय और कॉफ़ी का अत्यधिक इस्तेमाल करना –
ये बात सही है की चाय या कॉफ़ी जैसे पैय हमे ऊर्जा का अहसास देते हैं परन्तु ये एक अप्राकृतिक तरीका है तरोताजा महसूस करने का. जिससे लम्बे समय में शारीर कमजोर और बलहीन होता है. इन सब के इस्तेमाल का एक नकारात्मक पहलु ये है की अगर व्यक्ति को समय पर चाय या कॉफ़ी न मिले तो वो चिडचिडा हो जाता है, काम में मन नहीं लगता है, घबराहट होती है आदि. 

3. Fast Food का जमके इस्तेमाल –
जितने भी फ़ास्ट फ़ूड हैं इनमे preservatives डाले जाते हैं और अन्य प्रकार के chemicals भी डाले जाते हैं इन्हें स्वादिस्ट बनाने के लिए जो की शारीर के लिए अत्यंत हानिकारक है. इनके लगातार सेवन से भी व्यक्ति इनके आदत का शिकार हो जाता है और फिर धीरे धीरे समस्याए बदती जाती है. 

4. व्यायाम के लिए समय न निकलना –
व्यायाम हमारे दिमाग और शारीर दोनों के लिए जरुरी है परन्तु आज के भाग्दोड़ की जिन्दगी में हम इसे पूरी तरह से भूल चुके हैं. हमे इनकी याद तब आती है जब डॉक्टर बोलता है की ये जरुरी है आपके लिए, या पेट बड़ा हो जाता है, ह्रदय की क्षमता कम होने लगती है आदि. 
अतः जितनी जल्दी हम ये समाज जायेंगे उतनी जल्दी हम अपने जीवन को अच्छा बना पायेंगे. 

5. ध्यान न करना –
ध्यान हमारे अंतर बल को बदता है और मन के कचरे को भी साफ़ करने का एक सशक्त साधन है. परन्तु ये भी एक फैशन शो जैसा हो गया है . हम ध्यान केंद्र तो जाते हैं पर वहां भी दुनियादारी को नहीं छोड़ते हैं. कुछ तो जाते ही इसीलिए है की और परिचाल बढाया जाए और स्वार्थ साधा जाए. 

6. नशे को न छोड़ना –
नशा न छोड़ना भी एक खतरनाक आदत है हमारे जीवन का. सिगरेट, दारु, तम्बाखू आदि का नशा कुछ लोग छोड़ना ही नहीं चाहते हैं. ये भी दिमाग को और शारीर को धीरे धीरे ख़त्म करता जाता है. अतः इसको जितनी जल्दी छोड़ेंगे उतनी जल्दी अच्छे जीवन की राह पकड़ पाएंगे. 

7. खाने में रेशा न खाना भी एक बहुत गलत बात है –
रेशा युक्त भोजन हमारे पाचन क्रिया के लिए अत्यधिक जरुरी हैं , ये विषाक्त तत्त्व को शारीर से निकालने में सबसे ज्यादा सहायक होते हैं परन्तु हम इन्ही को नहीं लेते हैं. 
जिससे पाचन सम्बंधित समस्याओं से हम ग्रस्त हो जाते हैं. आज के युग में कब्ज , एसिडिटी तो एक आम समस्या बन चुकी है. 
ऊपर कुछ ऐसे कारणों का उल्लेख किया है जिससे हमारा जीवन रोग ग्रस्त होता जा रहा है अगर हम इनपे ध्यान नहीं देंगे तो निश्चित ही हमे हमारे धन का एक हिस्सा सिर्फ डॉक्टर को देने के लिए ही रखना होगा. 
अतः हमे आज ही सही उपाय करके अपने जीवन को स्वस्थ और उर्जावान बनाना चाहिए. 

एक अच्छी दिनचर्या हमे बहुत लाभ दे सकती है जैसे –
  • प्रातः काल जल्दी उठ के प्राणायाम करना, ध्यान करना जिससे मन और नसे मजबूत हो सके. 
  • चाय और कॉफ़ी आदि को सिमित मात्र में ही लेना.
  • खाने में रेशा युक्त भोजन करना.
  • रोज कसरत के लिए समय निकलना जिससे की शारीर स्वस्थ हो सके. 
  • फ़ास्ट फ़ूड को भी सिमित मात्रा में ही खाए जिससे की शारीर स्वस्थ रह सके.
  • इसी के साथ घर में गूगल या लोबान या फिर जड़ीबूटियों की धुप देना भी बहुत जरुरी है जिससे की बिमारी के कितानुओ को जगह न मिले. इसी कारण हमारे शास्त्रों में में घर में समय समय पर हवन करने का प्रावधान है. 
Read More Articles On:
Kaise Kare Bimariyo Se Bachaaw, Bimari ka mukhya karan, kya ho saktaa hai khane main asaawdhani se, kaise kare bimari se bachaao, janiye kuch khaas upaay sharir ko chust aur furtila rakhne ke. 

Comments

Popular posts from this blog

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए.
ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को पूज के अपना गलत स्वार्थ सिद्ध किया जाता है. करने …

Santan Prapti Yoga Kundli Mai In Hindi

कुंडली में संतान प्राप्ति योग, कुंडली में कैसे जाने संतान सुख के बारे में, क्या करे स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए ज्योतिष के अनुसार, संतान प्राप्ति में बाधा और समाधान ज्योतिष द्वारा. Santan yoga in kundli, hindi jyotish to know about santan problems remedies. जीवन में विवाह उपरान्त संतान का होना एक महात्वपूर्ण घटना होती है, ये पति और पत्नी को एक नई दृष्टि प्रदान करती है और जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है. ऐसे बहुत से लोग है जो संतान सुख से वंचित है और संतान प्राप्ति के लिए खूब जातन करते हैं परन्तु सफल नहीं हो पा रहे हैं.

इसका कारण ज्योतिष द्वारा पता लगाया जा सकता है. कुंडली हमारे जीवन का आइना है अतः इसके द्वारा हम बहुत कुछ जान सकते हैं. कुंडली में 12 भाव होते हैं और सभी अलग अलग विषय से जुड़े है जिनका अध्यन कई रहस्यों से पर्दा उठा देता है जो की उन्सुल्झे है. संतान नहीं होने के कारण भी ज्योतिष द्वारा जाना जा सकता है.  इस लेख में संतान समस्या के कारण और समाधान पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्यों आती है है समस्याए संतान प्राप्ति में, क्यों होता है गर्भपात , कैसे प्राप्त करे स्वस्थ संतान.

जीवन…

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है. 

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है. सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है. किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे. वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है. इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए. कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनत…