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Bandhan Dosh Kya Hota Hai Tantra Mai

बंधन दोष प्रभाव और निवारण, तंत्र बंधन से मुक्ति कैसे पायें, बंधन मुक्ति के चमत्कारी उपाय पढ़िए
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Bandhan Dosh Kya Hota Hai Tantra Mai

बंधन एक तामसिक क्रिया होती है, काले जादू के अंतर्गत जिसके अंतर्गत मंत्र शक्ति से किसी भी व्यक्ति की सफलता को रोखने के लिए उसके व्यापार को बाँध दिया जा सकता है, व्यक्ति को बाँध दिया जा सकता है, किसी की कोख को बाँध दिया जा सकता है, किसी के घर को भी बाँधा जा सकता है. 
बंधन अनेक प्रकार के होते हैं जिसके अनुसार परिणाम भी अलग अलग दीखते हैं जैसे –
  • व्यापार बंध – इस बंध के कारण जातक का व्यापार धीरे धीरे नष्ट होने लगता है, ग्राहक संतुष्ट नहीं होते और धीरे धीरे जातक घोर परेशानी में चला जाता है.   
  • लक्ष्मी बंध – इसके अंतर्गत जातक के पास धन आने के सारे रास्ते बंद कर दिए जाते हैं. जातक किसी भी कम को करे हानि ही होती है. 
  • कोख बंध – इसके अंतर्गत महिलाओं को बच्चा होने में परेशानी होती है. सब ठीक होने के बावजूद भी बच्चा नहीं हो पाता है. 
  • शारीर बंध - इसके अंतर्गत जातक पूरी तरह से शक्तिशाली होते हुए भी काम करने में असमर्थ हो जाता है. उसे समझ नहीं आता की करना क्या है. 
  • कई लोगो के खेत भी बाँध दिए जाते हैं जिससे की फासले नहीं हो पाती. 
  • कई लोग बंधन दोष के कारण ऑफिस जाना छोड़ देते हैं. 

इसी प्रकार अन्य प्रकार के बंधन भी होते हैं. 
अगर रस्सी से किसी को बाँधा जाए तो पता रहता है परन्तु मंत्रो से बाँधने ने पर जातक को पता ही नहीं चलता और जीवन भर भोगता रहता है. ये अदृश्य बाधा पुरे घर को नष्ट कर देती है. 
आइये जानते हैं की बंधन प्रयोग होने पर क्या क्या हो सकता है?
  1. किसी की बहुत अच्छी चलती हुई दुकान की कमाई गिरने लगेगी और धीरे धीरे ख़त्म हो जायेगी. 
  2. ग्राहक दूकान पे आके संतुष्ट नहीं हो पायेंगे जिससे वे दुबारा नहीं आयेंगे.. 
  3. फैक्ट्री में मशीने कभी भी बिना कारण के ख़राब होने लगेंगी जिससे की उत्पादन में फर्क पड़ने लगेगा.
  4. जिस जगह पर क्रिया की जायेगी वहाँ जाने पर तनाव हो सकता है या फिर घबराहट हो सकता है.
  5. जातक काम पे जाना छोड़ सकता है.
  6. जातक का सबके साथ लड़ाई झगड़े शुरू हो सकते हैं. 
  7. शरीर में भारीपन व दर्द की शिकायत हो सकती है जिसका इलाज करवाने पर भी फर्क नहीं पड़ता है
  8. परिवार में अशांति और कलह शुरू हो जाता है.
  9. मूंह में आया हुआ कौर भी जातक खा नहीं पाता है.
  10. विवाह के बाद बच्चे नहीं हो पाते.
  11. घर में पूजा पाठ होना बंद होने लगता है. 
  12. जातक जिस काम में भी हाथ डालता है वहाँ विफलता मिलती है. 
  13. जातक को हर कदम पर अपमान का घूँट पीना पड़ता है. 

ज्योतिष के हिसाब से किन लोगो पर बंधन प्रयोग आसानी से असर कर जाता है?
अगर किसी व्यक्ति को शक है की उसके ऊपर बंधन प्रयोग हुआ है तो इसका पता कुंडली को देखके भी लगाया जा सकता है. कुंडली में अगर वर्त्तमान में शत्रु ग्रह या फिर ग्रहण योग बन रहा हो तो ऐसे व्यक्ति के ऊपर बंधन प्रयोगों का असर जल्दी होता है. इसके अलावा कुंडली में कुछ अन्य योग भी रह सकते हैं जिसके कारण जातक को तंत्र बाधा से ग्रस्त होना पड़ सकता है जैसे –
  • कुंडली में राहु तथा चंद्र साथ में बैठे हो तो जातक को उपरी बाधा से नुक्सान हो सकता है. 
  • कुंडली में मंगल शनि की युति से भी जातक को नुक्सान हो सकता है. 
  • राहू और सूर्य की युति से भी जातक को परेशानी आ सकती है. 
  • अगर चन्द्रमा कुंडली में पाप ग्रह से दृष्ट हो तो भी जातक को समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा अन्य युतियाँ भी नुक्सान पंहुचा सकती है. 

आइये अब जानते हैं कुछ घरेलु उपाय जिनके द्वारा बंधन मुक्ति की जा सकती है:

  1. चौदस और अमावस को अपने ऊपर से १ मुट्ठी अनाज को २१ बार उतार के पक्षियों को खिलाया करे. 
  2. ४० दिनों तक लगातार हनुमान कवच का पाठ करे और उनके सिन्दूर का टीका लगा के रखे. 
  3. कुल देवी और कुल देवता की विधिवत पूजा करे, नारियल और निम्बू जरुर चढ़ाए और रक्षा के लिए प्रार्थना करे. 
  4. बंधन ग्रस्त व्यक्ति या घर, दूकान, ऑफिस आदि पर ४० दिनों तक लगातार गौ मूत्र और गंगा जल का छिडकाव करे. 
  5. शमशान में मौजूद पीपल पेड़ पर लगतार जल चढाने, धुप, दीप, भोग लगाने से भी बंधन मुक्ति होती है. 
  6. शुभ महूरत में आकडे के पौधे की जड़ को निकाल के उस पर हनुमानजी का सिन्दूर लगा के उसे मुख्य द्वार पर लगा देने से उपरी बधानो से रक्षा होती है. 
  7. इसके अलावा ज्योतिष से विधिवत परामर्श लेके आप पूजा करवा सकते हैं और बंधन मुक्ति कवच भी बनवा सकते हैं जिससे रक्षा होती है और शीघ्र परिणाम मिलते हैं. 
  8. भैरव मंदिर में जाके पुजारी से झाड़ा लगवाए. 
  9. देवी के १०८ नामो का जप करे और हवन करे , हवन में काली मिर्च और सरसों के दाने मिलके प्रयोग करे. 
  10. गुग्गल की धुप नियमित दें.
  11. कुंडली भी दिख्वाये ज्योतिष को जिससे उपयुक्त पूजा पाठ और शांति पूजा बताने में मदद मिलती है. 
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