Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai. 6 मार्च 2026: चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व Chaitra Mahine Ki Chauth: हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह तिथि मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai तिथि और समय चतुर्थी तिथि 6 मार्च, शुक्रवार को शाम 5:54 बजे से प्रारंभ होगी और 7 मार्च 2026 को शाम 7:18 बजे तक रहेगी। हालांकि तिथि दो दिनों तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का निर्धारण चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है। इसी कारण इस बार चतुर्थी व्रत और पूजा का मुख्य दिन 6 मार्च 2026, शुक्रवार रहेगा। चंद्रोदय का महत्व चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, दिनभर व्रत रखने के बाद रात्र...
संतान प्राप्ति साधना, जानिए किस साधना से संतान प्राप्त की जा सकती है, कौन सी पूजा बच्चा पाने के लिए करे, कुंडली में संतान भाव के दोषों को कैसे दूर करे.
जो साधना संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है उसे संतान प्राप्ति साधना कहा जाता है. स्वस्थ संतान की चाहत हर दंपत्ति की होती है, माता पिता बनना हर दंपत्ति की ख्वाहिश होती है. अगर सही समय पर संतान हो जाए तो ये बहुत ही भाग्य की बात है परन्तु बहुत से लोग ऐसे है जिनको संतान सुख नहीं मिलता है पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर, सारी क़ाबलियत होने पर भी.
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| Santan Prapti Saadhna |
ऐसे लोगो के कुंडली को देखने पर बहुत से कारण सामने आये हैं जैसे कुंडली में संतान भाव का दूषित होना, इसके कारण जातक को संतान होने में बहुत समय लग जाता है या फिर संतान स्वस्थ नहीं हो पाती है. कुछ दंपत्ति तो काले जादू के कारण भी संतान बाधा से ग्रस्त रहते हैं. कुछ महिलाओं में गर्भपात होता रहता है कमजोर ग्रहों के कारण.
अगर चिकित्सा करने पर भी दंपत्ति को कोई फायदा नहीं होता है तो ऐसे में अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए.
अगर चिकित्सा करने पर भी दंपत्ति को कोई फायदा नहीं होता है तो ऐसे में अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए.
आइये अब जानते हैं संतान प्राप्ति साधना के बारे में :
- इस साधना कुंडली में मौजूद दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है जिससे दिव्य शक्तियों की कृपा मिले और अच्छी संतान हो. इस साधना के बहुत से फायदे होते हैं.
- संतान प्राप्ति साधना से संतान उत्पन्न होने में जो बाधा आती है उसका नाश होता है.
- इस साधना के द्वारा देविक शक्तियों की कृपा प्राप्त किया जा सकता है.
- इस साधना के द्वारा स्वस्थ संतान उत्पन्न करने की क्षमता प्राप्त होती है.
- इस साधना के द्वारा महिला को सही समय पर बच्चे को जन्म देने की शक्ति प्राप्त होती है.
- संतान प्राप्ति साधना के द्वारा बच्चे को शक्तिशाली शारीर और तेज दिमाग की प्राप्ति हो सकती है.
- इस साधना से भाग्योदय भी होता है.
प्राचीन काल से ही जानकार लोग संतान प्राप्ति साधना को करते आये हैं और मन की अभिलाषा को पूर्ण करते आये हैं. आज भी बहुत से दंपत्ति इस साधना को करके स्वस्थ संतान को प्राप्त करते हैं.
अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही हो, ग्रहों की स्थिति कमजोर हो, बार बार गर्भपात हो रहा हो, नकारात्मक उर्जा से परेशानी हो रही हो तो साधना द्वारा इनसे मुक्ति पाई जा सकती है.
अगर किसी को संतान होने में समस्या आ रही हो, ग्रहों की स्थिति कमजोर हो, बार बार गर्भपात हो रहा हो, नकारात्मक उर्जा से परेशानी हो रही हो तो साधना द्वारा इनसे मुक्ति पाई जा सकती है.
बच्चा पाने के लिए कई प्रकार से साधना किया जा सकता है जैसे :
- तांत्रिक मंत्रो की साधना
- वैदिक मंत्रो द्वारा साधना
अगर संतान नहीं हो रही हो तो उदास होने की जरुरत नहीं है, ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं है अपने ज्योतिष से संपर्क करे और संतान प्राप्ति साधना के बारे में पूछे.
संतान प्राप्ति के लिए जब भी ज्योतिष से संपर्क करे तो पति और पत्नी दोनों की कुंडलियो को दिखवाएं.
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