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Latest Astrology Updates in Hindi

Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish

बुध का तुला राशि में गोचर कब होगा, वैदिक ज्योतिषी की भविष्यवाणी, Mercury transit in libra 2026 predictions, 12 राशियों पर बुध के तुला राशि में गोचर का क्या होगा प्रभाव, love rashifal, Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish. Budh Ka Gochar Tula Rashi Mai 2026: बुध ग्रह 26 September को दोपहर में लगभग 12:29 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे जो की इनकी मित्र राशि है |  तुला राशि में पहले से ही शुक्र मौजूद है जिससे बुध और शुक्र की युति होगी और बनेगा "लक्ष्मी नारायण योग"   इसके कारण हमे बाजार में और लोगो के जीवन में काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे | बुध ग्रह व्यापार, वाणिज्य, मस्तिष्क शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से संबंधित है, इसलिए देश और दुनिया में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। बाजार में अच्छे बदलाव होंगे, शेयर बाजार में भी बड़े बदलाव दिखाई देंगे, नई नीतियां बनाकर व्यवसायी आगे बढ़ेंगे, बाजार में धन का रोटेशन बढेगा|  Budh Ka Gochar Tula Rashi Mai 2026 Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish बुध ग्रह का मंत्र है: ||Om Braam breem ...

Pitru Moksh Amvasya Ko Kya Kare Totkay

पितृ मोक्ष अमावस्या को क्या करे पितरो की प्रसन्नता के लिए, जानिए कुछ आसान टोटके पितृ कृपा के लिए, कैसे दूर करे दुर्भाग्य, सर्व पितृ अमावस्या के लिए टोटके. श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन होता है सर्व पितृ अमावस्या, ये दिन बहुत महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के हिसाब से. इस दिन बहुत बड़ी पूजाए होती है अपने जीवन को सुखी करने के लिए. हिन्दुओ में पितरो को बहुत सम्मान दिया जाता है क्यूंकि उनके कारण ही हम आज इस धरती पर है. Pitru Moksh Amvasya Ko Kya Kare Totkay श्राद्ध पक्ष वो समय होता है जब हम अपने पूर्वजो के लिए पूजा, पाठ, दान आदि करते हैं ताकि उनकी उच्च गति हो और वो हमे आशीर्वाद दे सुखी जीवन के लिए. पितृ पक्ष में हर तिथि को अलग अलग श्राद्ध लोग करते हैं परन्तु अगर किसी को अपने किसी पूर्वज की तिथि का ज्ञान न हो तो वो सर्व पितृ अमावस्या को उनका श्राद्ध कर सकता है. इस अमावस्या को पितरो के निमित्त तर्पण करने से पितरो की कृपा की प्राप्ति होती है. जो लोग पितृ मोक्ष अमावस्या को अपने पूर्वजो के निमित्त भोजन, निकालते हैं, तर्पण करते हैं, दान देते हैं जरुरतमंदो को, उनके जीवन में...

Mangal Ka Kark Rashi Mai Gochar Ka Rashifal

Mangal Ka Kark Rashi Mai Gochar September 2026 , मंगल प्रवेश करेंगे कर्क राशि में, जानिए राशिफल,  Mars Transit in Cancer 2026 predictions in hindi  |  साहस, उर्जा और शक्ति का ग्रह मंगल जब अपनी राशि परिवर्तन करते हैं तो बड़े परिवर्तन नजर आते हैं मौसम में और लोगो के जीवन में |  18 September 2026 को शाम में लगभग 5:02 PM पे मंगल ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे और नीच के हो जायेंगे, ये स्थिति १२ नवम्बर तक बनी रहेगी, अतः बहुत से लोगो को बहुत ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत होगी |  खास बात यह है कि इस दौरान गुरु भी कर्क राशि में मौजूद रहेंगे और कर्क में गुरु को उच्च का माना जाता है। ऐसे में मंगल और गुरु की युति को ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरु की मजबूत स्थिति मंगल की कमजोर स्थिति को कुछ हद तक संभाल सकती है और इससे नीचभंग जैसी स्थिति बनने की संभावना मानी जाती है।  Mangal ka gochar kark rashi mai April 2026 मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी है अतः इनके ऊपर भी प्रभाव आसानी से देखा जा सकता है मंगल के गोचर का |  Mangal ...

Shraadh Se Sambandhit Kuch Tathya In Hindi

श्राद्ध से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य, तर्पण में उपयोग होने वाले वस्तुए, गोत्र का महत्तव , पितरो को प्रसन्न करने का सही समय, तर्पण के लिए 7 मुख्य स्थल. श्राद्ध अर्थात पितृ पक्ष या फिर महालया जो की 16 दिनों का विशेष समय होता है जब पितृ गण अपने परिवार को आशीर्वाद देने आते हैं. अतः इस समय कोई भी व्यक्ति बहुत आसानी से अपने जीवन को निष्कंटक कर सकता है और उन्नति के रस्ते खोल सकता है. Shraadh Se Sambandhit Kuch Tathya In Hindi भारत के ऋषि मुनियों ने अपने तपोबल से आत्माओं के अस्तित्तव को दिखाया है और पूरी दुनिया आज आत्माओं के अस्तित्व को मानती है. अतः हम पितृ पक्ष को एक अंधविश्वास नहीं मान सकते हैं. ये भी सत्य है की हम अगर है तो वो सिर्फ हमारे पितरो के कारण और हमे ये भूलना नहीं चाहिए. भारत में तो हर मुख्य कार्य से पहले पितरो को पूजने का भी नियम है. उनके आशीर्वाद के बिना कोई कार्य संभव नहीं है. श्राद्ध एक ऐसा समय है जब हम पितरो के लिए अपनी कृतज्ञता दिखा सकते हैं. ये वो समय है जब हम उनके प्रेम और कृपा के लिए उनका धन्यवाद कर सकते हैं उनके उन्नति के लिए प्रार्थना करके. ...

Pitra Dosha Karan aur Nivaran In Hindi

क्या होता है पितृ दोष, क्यों होता है पित्र दोष, कैसे मुक्ति पायें पितृ दोष से, कैसे पायें सफलता जीवन में ज्योतिष द्वारा. कुंडली में पितृ दोष एक महत्वपूर्ण दोष होता है और इसके कारण जातक को बहुत गंभीर परिणाम भुगतने होते हैं. पितर दोष के कारण जीवन में हर क्षेत्र में संघर्ष बढ़ जाता है अतः ये जरुरी है की इसके निवारण के उपाय किये जाए समय समय पर.  Pitra Dosha Karan aur Nivaran In Hindi इससे पहले ले उपाय करे , ये जरुरी है की हम समझे की पितृ दोष वास्तव में होता क्या है और कैसे इससे मुक्ति पाई जाए.  आइये जानते हैं पितर दोष क्या होता है? मृत्यु एक सच है जिसको किसी भी हालत में नकार नहीं सकते हैं और अगर कोई अपनी जिन्दगी पूर्ण रूप से जी कर, समस्त इच्छाओं को पूर्ण करके शांति से शारीर छोड़ता है तो उसकी सद्गति होती है परन्तु इसके विपरीत अगर कोई व्यक्ति अशांत रहता है, परेशान रहता है, किसी प्रकार के व्याधि से ग्रस्त रहता है, बहुत सारी अधूरी इच्छाएं रह जाती है और ऐसे समय में शारीर छोड़ता है तो उसकी मुक्ति संभव नहीं रहती है , ऐसी आत्मा भटकती रहती है और उसके कारण उनके वंसज को भी परिण...

Tarpan Kya Hota Hai

Tarpan kya hota hai, जानिए हिंदी में तर्पण के बारे में, कैसे मुक्ति पायें पितृ दोष से, कैसे पायें सफलता जीवन में, कैसे पायें पितरो से आशीर्वाद. ऐसा देखा जाता है की कुंडली में पितृ दोष होने के कारण लोग बहुत परेशान रहते हैं, जीवन में हर कदम पर परेशानी आती रहती है. व्यक्तिगत जीवन और काम-काजी जीवन में हद से जयादा परेशानी आती है. और कितनी भी कोशिश करे , परेशानी ख़त्म नहीं हो पाती है. पितृ दोष को अगर सही तरीके से समझ जाएँ तो इससे मुक्ति पाई जा सकती है, इस लेख में पितृ दोष से मुक्ति के लिए एक विशेष प्रयोग की जानकारी दी जा रही है जिसे तर्पण कहते हैं. Tarpan Kya Hota Hai जब भी कोई व्यक्ति शारीर का त्याग करता है तो उसकी मुक्ति के लिए कुछ विशेष पूजाओ का जिक्र हमारे ग्रंथो में किया गया है , इन क्रियाओं को करने से आत्मा क्षण भंगुर संसार के मोह को त्याग कर मुक्ति हो जाती है और इसका पुण्य क्रिया करने वाले को मिलता है. ऐसी मान्यता है की अगर मृत्यु के पश्चात कर्मो को ठीक ढंग से नहीं किया जाता है तो आत्मा मुक्त नहीं होती है और इधर उधर भटकती रहती है. इससे पितृ दोष, प्रेत दोष आदि की उत्...

Janm Kundli Mai Pitru Dosh Ka Pata Kaise Lagayen

कुंडली में पितृ दोष की पहचान कैसे करें, पितरों के कष्टों के उपाय क्या हैं, पितरों को कैसे प्रसन्न करे, Pitru Dosh Ka Pata Kaise Lagayen | झूठ को सफल बनाने के लिए पितरों का आशीर्वाद बहुत जरूरी है। शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य या उत्सव से पहले पितरों की पूजा करना अच्छा होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितरों का श्राप बहुत खतरनाक होता है और जीवन में कई गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। इसलिए समय-समय पर अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए कुछ अनुष्ठान करना बहुत जरूरी है। हम दिवंगत आत्मा के लिए जो भी प्रार्थना या अनुष्ठान करते हैं, वह उन्हें उच्च लोक में प्रवेश करने में मदद करता है जो हमें एक सफल और बाधा मुक्त जीवन जीने में मदद करता है। Janm Kundli Mai Pitru Dosh Ka Pata Kaise Lagayen Read in English  How to identify pitru dosha in horoscope पितृ दोष के प्रभाव क्या हैं? पितृ दोष के कारण जातक स्वस्थ जीवन नहीं जी पाता है। लगातार बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्याएं व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन को प्रभावित करती हैं। आर्थिक समस्याएँ जीवन को नर्क बना देती हैं। जीवनसाथी मिलने में दे...

GarbhRakshaAmbika Strotram Lyrics

गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्रम् माता श्री गर्भरक्षाम्बिका की स्तुति और प्रार्थना का एक श्रद्धापूर्ण स्तोत्र है। इसमें देवी को गर्भस्थ शिशु की रक्षिका, मातृस्वरूपा, कल्याणदायिनी और जगन्माता के रूप में स्मरण किया गया है। परंपरा में इस स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से गर्भवती माताओं और उनके परिवारों द्वारा माता की कृपा, संरक्षण और मंगल की भावना से किया जाता है। इस स्तोत्र में भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वे गर्भस्थ शिशु की रक्षा करें, माता को शक्ति एवं शांति प्रदान करें और परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। स्तोत्र में देवी के करुणामयी, सुंदर और मंगलकारी स्वरूप का वर्णन करते हुए उनके चरणों में श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया गया है। GarbhRakshaAmbika Strotram Lyrics ॐ श्री गर्भरक्षाम्बिकायै नमः। गर्भरक्षाम्बिकास्तोत्रम् श्रीमाधवी-काननस्थे गर्भरक्षाम्बिके पाहि भक्तं स्तुवन्तम् ॥ वापीतटे वामभागे वामदेवस्य देवस्य देवी स्थिता त्वम् । मान्या वरेण्या वदान्या पाहि गर्भस्थजन्तून् तथा भक्तलोकान् । श्रीमाधवी-काननस्थ...