] } Skip to main content

Posts

Latest Astrology Updates in Hindi

Guru Poornima Importance In Hindi

Guru purnima kab hai 2026,  Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को. Guru Purnima 2026:  गुरु पूर्णिमा एक हिंदू त्योहार है  और इस दिन हम शिक्षक और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करते हैं |  यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़  महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। "गुरु" शब्द संस्कृत के शब्द "गु" से आया है जिसका अर्थ है "अंधकार" और "रु" का अर्थ है "दूर करना।" इसलिए गुरु वह होता है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करते है और हमें सत्य का प्रकाश देखने में मदद करते है। हिंदू धर्म में, गुरु पूर्णिमा हमारे सभी जीवित और ब्र्हम्लीन गुरुओं का सम्मान करने का समय है। हम उनके मार्गदर्शन और शिक्षाओं के लिए अपना आभार व्यक्त करते हैं, और उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर, लोग आमतौर पर अपने गुरुओं से मिलते हैं, उनका पूजन करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं |  यह उन लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने हमें बढ़ने और सीखने में मदद की...

Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi

Dev Shayani Ekadashi kab hai 2026 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति . Devshayani Ekadashi 2026: अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि.   Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष  2026  मे हरी शयनी एकादशी 25 जुलाई को है|  एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:14 बजे एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच  मान्यता के अनुसार पद्मा एकादश...

July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

जुलाई पूर्णिमा कब है, जुलाई 2026 पूर्णिमा का 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, ज्योतिष भविष्यवाणियां, July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, गुरु पूर्णिमा 2026. **जुलाई 2026 में पूर्णिमा** 29 जुलाई को है जो भावनात्मक स्पष्टता, अनुशासन और कर्म संबंधी रहस्योद्घाटन के शक्तिशाली कंपन लेकर आएगा। वैदिक परंपरा में **गुरु पूर्णिमा** के रूप में जानी जाने वाली इस पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह गुरुओं के ज्ञान का सम्मान करती है। चाहे आप वैदिक या पश्चिमी ज्योतिष का पालन करें, यह पूर्णिमा हमारे जीवन के उन क्षेत्रों को रोशन करेगा, जिनमें परिपक्वता, संरचना और आधार की आवश्यकता होती है। July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav आइए जानें 🌕 जुलाई 2026 पूर्णिमा का 12 राशियों पर प्रभाव : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे । शनि की राशि में स्थित चंद्रमा कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी और व्यावहारिक सोच को बढ़ावा देगा। वहीं गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक प्रभाव गुरु कृपा, ज्ञान, आत्मचिंतन और धर्म-कर्म के लिए अत्यंत शुभ ...

Surya Dakshinayan Kab Honge

वर्ष 2026 में सूर्य दक्षिणायन 16 जुलाई 2026, गुरुवार की रात को होगा। सूर्य का दक्षिणायन (कर्क संक्रांति): धार्मिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व भारतीय संस्कृति में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे जीवन, ऊर्जा, प्रकाश और चेतना के स्रोत हैं। वैदिक काल से ही सूर्य की गति के आधार पर ऋतुओं, कृषि, पर्व-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों का निर्धारण किया जाता रहा है। जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करता है, तब इस घटना को कर्क संक्रांति कहा जाता है और इसी के साथ दक्षिणायन का प्रारंभ माना जाता है। वर्ष 2026 में सूर्य का दक्षिणायन 16 जुलाई 2026, गुरुवार की रात को होगा। यह दिन केवल ज्योतिषीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। Surya Dakshinayan Kab Honge दक्षिणायन क्या है? दक्षिणायन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— दक्षिण + अयन । 'अयन' का अर्थ है 'गमन' या 'यात्रा'। जब सूर्य की आभासी गति उत्तर से दक्षिण की ओर मानी जाती है, तब उस अवधि को दक्षिणायन कहा जाता है। यह लगभग छह महीने तक चलता है और इस...

Surya Ka kark Rashi Mai Gochar Ka Fal

Surya ka kark rashi mai gochar kab hoga 2026, सूर्य का गोचर कर्क राशि में, क्या असर होगा 12 राशियों पर, Rashifal in Hindi Jyotish. Surya Ka kark Rashi Mai Gochar:  वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि इसके राशि परिवर्तन से मौसम में, लोगों के जीवन में, राजनीति में बड़े बदलाव होने लगते हैं। सूर्य हर महीने राशि बदलता है और उसके अनुसार हमारे जीवन में भी बदलाव होते रहते हैं। सूर्य 16 जुलाई, 2026 को भारतीय समय के अनुसार  रात्री में  लगभग  11:25 बजे कर्क राशि में गोचर करेंगे । यहाँ ये  बुध और गुरु के साथ युति करेंगे. कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर महत्वपूर्ण है। इस समय के दौरान, कर्क राशि के लोग अधिक भावुक और सहज महसूस कर सकते हैं, और वे अपने  आप के साथ अधिक संपर्क में रह सकते हैं। वे दूसरों का अधिक पोषण करने वाले और देखभाल करने वाले भी हो सकते हैं। यह गोचर अन्य राशियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि सूर्य एक शक्तिशाली ग्रह है जो सकारात्मक ऊर्जा और अवसर लाने में मदद करता है।  Surya Ka kark Rashi Mai Gochar Surya Ka kark R...

Guru Kab Ast Honge | 12 Rashiyo Par Prabhav

गुरु कब अस्त होंगे? 15 जुलाई 2026 से शुरू होगा प्रभाव, जानें 12 राशियों पर क्या असर पड़ेगा और क्यों वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को देवताओं का गुरु, ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, शिक्षा, विवाह, धन, आध्यात्मिकता और शुभ फलों का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु सूर्य के अत्यधिक निकट आ जाते हैं, तब उनकी किरणें सूर्य के तेज में विलीन हो जाती हैं। इस अवस्था को गुरु अस्त (Combust Jupiter) कहा जाता है। 15 जुलाई 2026 को गुरु अस्त होने जा रहे हैं। इस अवधि में गुरु की शुभता सामान्य रूप से कमजोर मानी जाती है। विशेष रूप से विवाह, शिक्षा, धार्मिक कार्य, निवेश, संतान से जुड़े निर्णय और बड़े शुभ कार्यों में सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में गुरु की वास्तविक स्थिति, दृष्टि और दशा के अनुसार इसके परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। Guru Kab Ast Honge गुरु अस्त क्यों होते हैं? वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत निकट पहुंच जाता है, तब सूर्य का तेज उस ग्रह के प्रभाव को कम कर देता है। इसी स्थिति को ग्रह का अस्त होना कहा जाता है। गुरु ग्रह ज्ञान, ...

Shani Vakri Kab Honge

Shani vakri kab honge 2026, वक्री शनि 2026 की तारीख और समय, Shani Vakri 2026 Date and Time, 12 राशियों पर वक्री शनि का क्या असर होगा ? Vakri Shani : वैदिक ज्योतिष के अनुसार कर्मो के फल को देने वाले ग्रह हैं शनिदेव, मेहनत और इमानदारी देने वाले ग्रह है शनि देव | इस समय shani अपनी सम राशि मीन में मौजूद है | Shani Vakri 2026 in July: शनि ग्रह 27 जुलाई को वक्री हो जायेंगे गोचर कुंडली में | वक्री अवस्था में शनि अत्यंत शक्तिशाली हो जाते हैं और इसका असर हमे लोगो के जीवन, राजनीती, मौसम में साफ़ साफ़ दिखने लगता है |  शनि ग्रह 11 December 2026 तक वक्री अवस्था में रहेंगे अतः 5 महीनो में हमे लोगो के जीवन में बहुत अधिक बदलाव देखने को मिलेंगे, कुछ लोग तो बहुत लाभान्वित होंगे तो कुछ लोगो के जीवन में पेशानियाँ बढ़ जायेंगी | शनि देव कर्म फल के दाता है, न्याय के देवता है अतः वक्री अवस्था में ये लोगो को जीवन को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं |  शनि हमारे जीवन का आत्मनिरीक्षण करने और हमारे वर्तमान और भविष्य के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कुछ अच्छे निर्णय लेने में मदद करता है।  यह वह ग्रह है ...

Yogini Ekadashi Ka Mahattw In Hindi

Yogini Ekadashi Kab hai, योगिनी एकादशी 2026, क्या फायदा होगा योगिनी एकादशी व्रत से, क्या करे सफलता के लिए, yogini ekadashi ki katha. हिन्दू पंचांग के हिसाब से जब अषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष का ग्यारहवां दिन आता है तब एक महत्त्वपूर्ण उपवास लोग करते हैं जिसको की योगिनी एकादशी के उपवास के नाम से जाना जाता है. इस उपवास को करने से लोग पापों और बीमारियों से मुक्ति पाते हैं. 2026 में 11 July को Yogini Ekadashi का व्रत रखना शुभ रहेगा    और व्रत का पारण 12 तारीख को प्रातः 5:32 से 8:18 के बीच करना शुभ रहेगा  Yogini Ekadashi Ka Mahattw In Hindi एकादशी को ग्यारस के नाम से भी जानते हैं और ये दिन भगवान् विष्णु के पूजा को समर्पित होता है. इस दिन पीपल पूजा भी विशेष फलदाई होती है.  जब हम बात करते हैं योगिनी एकादशी की तो बताना चाहेंगे की ये दिन बहुत ही पुण्यशाली, पवित्र और शक्तिशाली है, हिन्दू पौराणिक कथाओं से पता चलता है की योगिनी एकादशी के व्रत को करके एक यक्ष को कोढ़ रोग से मुक्ति मिली थी फिर वो पूरी जिन्दगी अच्छी तरह से रहा. इसी कारण योगिनी एकादशी का महत्तव बहुत माना जात...