Dev Shayani Ekadashi kab hai 2026 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति . Devshayani Ekadashi 2026: अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि. Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष 2026 मे हरी शयनी एकादशी 25 जुलाई को है| एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:14 बजे एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच मान्यता के अनुसार पद्मा एकादश...
कुंडली का गहराई से विश्लेषण, जानिए क्या फायदे होंगे कुंडली दिखवाने के, ज्योतिषीय मार्गदर्शन से भाग्योदय, कुंडली अनुसार जानिए सटीक उपाय जीवन को सँवारने के. Hindi Jyotish For Kundli Reading +91 989 369 5155 ज्योतिष में हम मानव जीवन पर सितारों, ग्रहों और खगोलीय पिंडो के प्रभावों का अध्ययन करते हैं. ९ ग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू और केतु हमारे कुंडली में विभिन्न भावों में बैठकर जीवन के रहस्यों को बताते हैं जिसे ज्योतिष ही समझ सकता है. इनकी स्थिति, शक्ति का अध्ययन करके जीवन के बारे में अनुमान लगाया जाता है. इन्ही के कारण हर व्यक्ति का अचार-विचार, रहन सहन भी अलग होता है. पढ़िए hindi jyotish me raaj yog . पृथ्वी भी घूम रहा है, सूर्य भी घूम रहा है, हर ग्रह घूम रहे हैं. और इनके भ्रमण का असर मानव जीवन पर पड़ता है. इसी कारण जब ग्रह अपनी जगह बदलते हैं तो उसका सीधा असर हमे नजर आता है. इस बदलाव को ज्योतिष पहले से ही पता कर लेते हैं ग्रहों के अध्ययन से. ज्योतिष कुंडली अध्ययन के दौरान 5 बातो का विशेष ध्यान रखते है : कुंडली में ग्रह किस जगह बैठे हैं....