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Surya tula rashi mai kab pravesh karenge

Surya ka tula rashi me gochar kab hoga, सूर्य तुला राशि में कब प्रवेश करेंगे, क्या असर होगा 12 राशियों पर, जानिए राशिफल हिंदी ज्योतिष में, Jyotish updates. Surya ka gochar Tula Rashi Me Kab Hoga October 2026: सूर्य हर महीने राशि परिवर्तन करते हैं जिसका असर देश और दुनिया पर दिखाई देता है साथ ही 12 राशि वालो के जीवन में भी बड़े बदलाव होते हैं | सूर्य ग्रह नेतृत्त्व क्षमता, पिता, अधिकारी वर्ग, यात्रा, नाम, यश आदि का प्रतिनिधित्त्व करता है| 2026 में 17 october को Shaam में लगभग 7:44 PM पे सूर्य कन्या राशि से निकल के तुला राशि में गोचर  करेंगे, यहाँ पर पहले से बुध और शुक्र मौजूद हैं अतः त्रिग्रही योग का निर्माण होगा | ध्यान रखने वाली बात ये है की तुला राशि में सूर्य नीच के होते हैं | परन्तु ऐसा नहीं है की इसके सिर्फ हानिकारक प्रभाव ही देखने को मिलेंगे कुछ को लाभ होगा और कुछ के जीवन में संघर्ष बढ़ जाएगा | सूर्य के तुला राशि में प्रवेश को तुला संक्रांति/tula sankranti कहते हैं | Surya tula rashi mai kab pravesh karenge आइये जानते हैं सूर्य के tula राशि में गोचर का क्या प्रभाव होगा 12 र...

Shani Amavasya aur Pitru Moksh Amavasya Ka Rashifal Aur Upay

10 अक्टूबर 2026: शनिश्चरी अमावस्या और पितृ मोक्ष अमावस्या का विशेष संयोग

10 अक्टूबर 2026, शनिवार को आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण संयोग बन रहा है। इस दिन शनिश्चरी अमावस्या और सर्वपितृ/पितृ मोक्ष अमावस्या एक साथ पड़ रही हैं। पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात 9:36 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे।

पितरों की शांति और आशीर्वाद के लिए इस दिन तर्पण, श्राद्ध, दान-पुण्य तथा जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। शनिवार और अमावस्या के इस दुर्लभ संयोग को आध्यात्मिक साधना, पितृ स्मरण और आत्ममंथन के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

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Shani Amavasya aur Pitru Moksh Amavasya Ka Rashifal Aur Upay


12 राशियों के लिए दैनिक राशिफल और पितृ मोक्ष अमावस्या के उपाय

♈ मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए 10 अक्टूबर का दिन आत्ममंथन और पुराने मामलों को सुलझाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण निर्णय को जल्दबाजी में लेने के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ें। धन के मामले में अनावश्यक खर्च से बचना आपके लिए लाभदायक रहेगा। परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों का स्मरण करके तिल मिश्रित जल से तर्पण करें और जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं। शनि देव की कृपा के लिए शाम को तिल के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।

♉ वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए दिन धैर्य और पारिवारिक सुख बढ़ाने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे दिखाई देगा। किसी रिश्तेदार से मनमुटाव है तो आज पहल करके उसे दूर करने का प्रयास करें।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर कौवे को भोजन, गाय को हरा चारा और किसी जरूरतमंद को अन्न का दान करना शुभ रहेगा। पितरों से सुख-समृद्धि और परिवार की शांति की प्रार्थना करें।

♊ मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आज बुद्धि और विवेक से काम लेने का दिन है। कन्या राशि में चंद्रमा आपकी योजनाओं को व्यवस्थित करने में मदद करेगा, लेकिन छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में आपकी बात को महत्व मिलेगा। व्यापारियों को पुराने संपर्कों से लाभ मिल सकता है।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर काले तिल और जल से पितरों का तर्पण करें तथा किसी बुजुर्ग व्यक्ति का सम्मान करें। शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाकर पूर्वजों का स्मरण करना भी शुभ माना जाता है।

♋ कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह दिन भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। पुराने पारिवारिक विषय या पूर्वजों से जुड़ी कोई स्मृति मन में आ सकती है। परिवार में शांति बनाए रखने के लिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अचानक खर्च सामने आ सकते हैं।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों के नाम से सात्विक भोजन बनाकर अर्पित करें और ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराएं। संभव हो तो दक्षिण दिशा की ओर मुख करके श्रद्धापूर्वक तर्पण करें।

♌ सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए दिन जिम्मेदारियों को पूरा करने का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपके नेतृत्व की परीक्षा हो सकती है और आपकी मेहनत की सराहना भी संभव है। किसी पुराने आर्थिक मामले को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। परिवार में पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन लें।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर अपने पूर्वजों के नाम से अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें। शनि अमावस्या के कारण शाम को शनि मंदिर में श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करना और तिल के तेल का दीपक अर्पित करना शुभ माना जाता है।

♍ कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि 10 अक्टूबर को चंद्रमा आपकी ही राशि में रहेंगे और अमावस्या भी इसी दिन है। मन में चल रही उलझनों को शांत करने और जीवन की प्राथमिकताओं को तय करने का अवसर मिलेगा। नौकरी या व्यवसाय में कोई महत्वपूर्ण बदलाव करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। स्वास्थ्य के लिए आराम और संतुलित दिनचर्या पर ध्यान दें।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों के नाम से तिल, जल और कुश से तर्पण करें तथा जरूरतमंद को भोजन कराएं। भगवान गणेश और पितृदेव से परिवार की उन्नति और मानसिक शांति की प्रार्थना करना आपके लिए विशेष फलदायी माना जा सकता है।

♎ तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए दिन पुराने तनाव को पीछे छोड़कर नई शुरुआत की तैयारी करने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ सहयोग बनाए रखें। किसी आर्थिक निर्णय में भावनाओं के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएं। दांपत्य जीवन में छोटी बातों को बड़ा बनाने से बचें।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों के नाम से सफेद वस्तु, चावल या आटा दान करें और घर में दीपक जलाकर पूर्वजों का स्मरण करें। यदि संभव हो तो परिवार के सभी सदस्य मिलकर पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें।

♏ वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन कर्म और जिम्मेदारी पर ध्यान देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन उसका परिणाम भविष्य में लाभ के रूप में मिल सकता है। पुराने कर्ज या आर्थिक जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने का अच्छा समय है। किसी मित्र या रिश्तेदार से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर काले तिल, उड़द या सरसों के तेल का दान करें और पितरों की शांति के लिए तर्पण करें। शनि देव का स्मरण करके गलत कर्मों से दूर रहने का संकल्प लेना भी शुभ रहेगा।

♐ धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए 10 अक्टूबर का दिन आध्यात्मिक और मानसिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। यात्रा या भविष्य की योजनाओं को लेकर नई दिशा मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बढ़ाने का दिन है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों के नाम से गुड़, चना और अन्न का दान करें तथा किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। सुबह या दोपहर में श्रद्धापूर्वक तर्पण करके पूर्वजों से मार्गदर्शन और आशीर्वाद की प्रार्थना करें।

♑ मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह दिन कर्म और अनुशासन से जुड़ा रहेगा। शनि की राशि होने के कारण शनिवार का यह विशेष संयोग आपको अपने पुराने कर्मों और जिम्मेदारियों पर विचार करने का अवसर दे सकता है। नौकरी में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। धन के मामले में स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर काले तिल, कंबल, काले वस्त्र या अन्न का सामर्थ्य के अनुसार दान करें। शाम को शनि देव के सामने तिल के तेल का दीपक जलाकर पितरों की शांति और परिवार की समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

♒ कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए दिन थोड़ा आत्मचिंतन वाला हो सकता है। अनावश्यक चिंता और नकारात्मक विचारों से बचें। साझेदारी और व्यापार में किसी भी कागज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ें। परिवार में किसी बुजुर्ग के स्वास्थ्य या जरूरत का ध्यान रखना शुभ रहेगा।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों के नाम से जल और काले तिल अर्पित करें तथा किसी बुजुर्ग या जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा करें। शनि देव का मंत्र जाप करके अपने पूर्वजों से परिवार पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करें।

♓ मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए 10 अक्टूबर आध्यात्मिक उन्नति और भावनात्मक शुद्धि का दिन रहेगा। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपकी रचनात्मक क्षमता का लाभ मिलेगा। परिवार में सुख-शांति बनाए रखने के लिए शांत रहना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें।

पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों के नाम से चावल, दूध, आटा या सात्विक भोजन का दान करें। घर में दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करें और उनसे परिवार के सभी सदस्यों के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मांगें।

🪔 10 अक्टूबर का विशेष पितृ मोक्ष अमावस्या उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों की शांति और उनके आशीर्वाद के लिए तर्पण, श्राद्ध, अन्न-वस्त्र का दान और ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। इस दिन कौवे, गाय और अन्य जीवों को भोजन कराने की भी परंपरा है।

सरल उपायों की बात करें तो सुबह स्नान के बाद पितरों का स्मरण करते हुए काले तिल और जल से श्रद्धापूर्वक तर्पण करें तथा अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें। शाम के समय घर के बाहर या मुख्य द्वार पर दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।

यदि परिवार में किसी पूर्वज की श्राद्ध तिथि ज्ञात न हो, तो सर्वपितृ अमावस्या उनके स्मरण, तर्पण और श्राद्ध के लिए विशेष महत्व रखती है।

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