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March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

मार्च 2026 का मीन राशि में अमावस्या: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों पर प्रभाव मार्च 2026 में मीन राशि में होने वाली अमावस्या वैदिक ज्योतिष के अनुसार अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा लेकर आती है। मीन राशि जल तत्व की राशि है और यह अंतर्ज्ञान, करुणा, कल्पना तथा आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़ी होती है। जब अमावस्या इस रहस्यमयी राशि में होती है, तो यह एक नए चक्र की शुरुआत का संकेत देती है जो आत्मचिंतन, भावनात्मक उपचार और नए संकल्पों के लिए अनुकूल समय बनाती है। यह चंद्र चरण हमें अपने भीतर झांकने, पुरानी भावनाओं को छोड़ने और रचनात्मकता तथा आध्यात्मिक विकास को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अमावस्या का प्रभाव प्रत्येक राशि पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav अमावस्या का 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह अमावस्या बारहवें भाव को सक्रिय करती है, जो आध्यात्मिकता, अवचेतन मन और पुराने अध्यायों के समापन से जुड़ा होता है। इस समय आप अपने जीवन की गति को थोड़ा धीमा करना चाहेंगे और एकांत में समय बिताने की इ...

Vishnurashtavinshatinam Strotram विष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम्

विष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम् , Vishnu Stotra १ करोड़ गौ दान, १०० अश्वमेध यज्ञ, १००० कन्यादान का फल, Vishnu ji ke 28 Names.

अर्जुन ने महामयावी श्री कृष्ण से पूछा की मनुष्य आपके १००० नामों का जप  कब तक करेंगे । आप मुझे अपने दिव्य नाम बताएं जिसके जाप से मनुष्य को असंख्य फल प्राप्त हो सके। 

तब  श्री कृष्ण ने अर्जुन को अपने 28 दिव्य नाम बताये जिसके जाप से कोई भी पापों से मुक्त हो सकता है, इन 28 नामो का जप रोज करने से व्यक्ति को एक करोड़ गौ दान, सौ अश्वमेध यज्ञ और एक हजार कन्यादान का फल प्राप्त  होता है। 

अतः रोज इस स्त्रोत का पाठ करना चाहिए और जो रोज नहीं कर सकते हैं वे एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या को तो कर ही सकते हैं | 

विष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम् , Vishnu Stotra १ करोड़ गौ दान, १०० अश्वमेध यज्ञ, १००० कन्यादान का फल, Vishnu ji ke 28 Names.
Vishnurashtavinshatinam Strotram विष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम्

आइये पाठ करते हैं दिव्य और भक्तिप्रदान करने वाले विष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम् का :

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अर्जुन उवाच

किं नु नाम सहस्राणि जपते च पुनः पुनः

यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव

श्रीभगवानुवाच

मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं च जनार्दनम्

गोविन्दं पुण्डरीकाक्षं माधवं मधुसूदनम् ।।

पद्मनाभं सहस्राक्षं वनमालिं हलायुधम्

गोवर्धनं हृषीकेशं वैकुण्ठं पुरुषोत्तमम् ।।

विश्‍वरूपं वासुदेवं रामं नारायणं हरिम्

दामोदरं श्रीधरं च वेदांगं गरुड़ध्वजम् ।।

अनन्तं कृष्‍णगोपालं जपतो नास्ति पातकम्

गवां कोटिप्रदानस्य अश्‍वमेधशतस्य च ।।

कन्यादानसहस्राणां फलं प्राप्नोति मानवः

अमायां वा पौर्णमास्यामेकादश्‍यां तथैव च ।।

सन्ध्याकाले स्मरेन्नित्यं प्रातःकाले तथैव च

मध्याह्ने च जपन्नित्यं सर्वपापैः प्रमुच्यते ।।

|| इति श्रीकृष्‍णार्जुनसंवादे श्रीविष्‍णोरष्‍टाविंशतिनामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ||

विष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम् , Vishnu Stotra १ करोड़ गौ दान, १०० अश्वमेध यज्ञ, १००० कन्यादान का फल, Vishnu ji ke 28 Names.

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