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Showing posts from November, 2018

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Rashifal 2019

राशिफल 2019 vedic ज्योतिष के अनुसार, क्या कहते हैं नए साल के सितारे, कैसा रहेगा नया वर्ष, जानिए नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और पारिवारिक जीवन से जुड़ी भविष्यवाणी, पढ़िए ग्रहों की चाल के बारे में ।

नया साल का मालाब है नई ख्वाहिशे, नए सपने, नई उंचाइयो को छूने के लिए नए प्रयास. आने वाला वर्ष क्या ख़ास लाने वाला है ये जानने की उत्सुकता सभी ज्योतिष प्रेमियों को होती है. हर वर्ष कुछ बड़े बदलाव जीवन में लेके आता है, कुछ लोगो के जीवन में चुनौतियाँ बढ़ जाती है, कुछ लोगो को अपार सफलता मिलती है, कुछ राशी में शनि के प्रभाव् के कारण बहुत उथल पुथल भी होता है. ये सब हम जानेगे इस लेख में.

पढ़िए २०१९ में परिवारिक सुख के बारे में, प्रेम विवाह के बारे में, व्यवसाय के बारे में, विवाह आदि के बारे में. हमे ये भी जानेंगे की 2019 को खुशहाल बनाने के लिए मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ मीन राशी वालो को क्या करना चाहिए. आइये सबसे पहले वर्ष फल को जानते हैं:इस वर्ष के राजा शनि है.मंत्री सूर्य/रवि है. शनि न्याय के देवता है साथ ही एक क्रूर ग्रह भी है जिसके कारण बहुत ही विचित्र प्रभाव देश…

Best Jyotish Services in Hindi

ज्योतिष संसार के माध्यम से आप पा सकते हैं अपने कुंडली का विश्लेषण, अपने कुंडली में मौजूद ख़राब ग्रहों के बारे में, अपने ताकतवर ग्रहों के बारे में, भाग्यशाली रत्नों के बारे में, ग्रहों के अनुसार सही कैरियर, सरकारी नौकरी, प्रेम विवाह, संतान योग, काले जादू का निवारण, ज्योतिषीय समाधान आदि के बारे में.

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कुंडली का सटीक विश्लेषण प्राप्त करने के लिए अपना जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान सही –सही भेजे साथ ही अपने प्रश्न भेजे..
जानिए अपने कुंडली में मौजूद शक्तिशाली ग्रहो के बारे में.जानिए कौन से ग्रह जीवन में समस्या उत्पन्न कर रहे हैं.किन ज्योतिष कारणों से जीवन में असफलता प्राप्त हो रही है?जानिए कौन से रत्न भाग्योदय में सहायक होंगे?कौन सी पूजा आपके लिए सही है.आपके प्रश्नों का उत्तर, कुंडली अनुसार.Pay Only 501/- INR or $11 पाइये कुंडली मिलान विवाह हेतु
कुंडली मिलान के लिए लड़के और लड़की, दोनों की जन्म …

Bhariav Ashtmi Ka Mahattw

भैरव अष्टमी का महत्त्व, उज्जैन में कैसे मानता है काल भैरव अष्टमी, भैरव पूजा से समस्या समाधान.

हिन्दू पंचाग के अनुसार अगहन महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी भैरव अष्टमी के रूप में मनाया जाता है. मान्यता के अनुसार इस दिन भैरव जी का जन्म हुआ था. उज्जैन में भैरव अष्टमी बहुत ही हर्षोल्लास से मनता है. इस दिन काल भैरव मंदिर और अष्ट भैरव मंदिरों को खूब सजाया जाता है और विशेष पूजा अर्चना होती है. अर्ध रात्री को बाबा की आरती की जाती है.  साल २०१८ में ३० नवम्बर, शुक्रवार को भैरव अष्टमी मनाया जाएगा.  उज्जैन में कालभैरव अष्टमी उत्सव: स्कन्द पुराण के अवंतिका खंड में उज्जैन में मौजूद अष्ट भैरव का उल्लेख मिलता है और ये भी साफ़ साफ़ बताया गया है की अवंतिका नगरी तंत्र साधना के लिए अति विशिष्ट है. इसी कारण लोग भैरव अष्टमी को भी विशेष तंत्र साधनाएं करते हैं ईच्छा पूर्ति के लिए.  भैरव पूजा से जीवन में मौजूद बहुत सी बाधाएं नष्ट होती है और साथ ही स्वास्थ्य और सम्पन्नता प्राप्त होती है.  चूँकि उज्जैन अष्ट भैरव का स्थान है और यहाँ पर विश्व प्रसिद्द “काल भैरव” मंदिर भी है जहाँ पर बाबा आज भी मदिरा का भोग लगाते हैं. इस…

Kaal Bhairav Ujjain Ki Yatra Ka Rahasya, कालभैरव

Kaal Bhairav Ujjain Ki Yatra Ka Rahasya, कालभैरव कौन हैं, उज्जैन के कालभैरव, क्यों दर्शन करना चाहिए भैरव बाबा के.  भूत प्रेतों और शिव गणों के नियंत्रणकर्ता है बाबा भैरव जो की दयालु है, कृपालु है और भक्तो को नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. ऐसी भी मान्यता है की कलयुग में सबसे आसान भैरव पूजा होती है. कलयुग में इनको प्रसन्न करना सबसे आसान होता है.

जब व्यास ऋषि सनत्कुमारो से कालभैरव तीर्थ के बारे में प्रश्न करते हैं तो उन्होंने इस रहस्य को उन्हें बताया. सनत्कुमारो ने कहा की कालभैरव तीर्थ एक शक्तिशाली जगह है, एक पवित्र स्थल है, एक जागृत स्थल है जहा भक्तगण अपनी मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं. ये तीर्थ स्थली पवित्र शिप्रा नदी के किनारे उज्जैनी में स्थित है.

कोई भी अपने दुःख और दर्द से छुटकारा पा सकता है भगवान् कालभैरव के दर्शन करके. कालभैरव मंदिर शिप्रा नदी के उत्तर दिशा में स्थित है और भक्तो को सभी प्रकार की सांसारिक सुक देने में समर्थ है. इस जगह पूजा करके हम अपने जीवन को सफल कर सकते हैं. कालभैरव पूजा का विशेष समय: हिन्दू पंचांग के हिसाब से अषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष में इनकी पूजा का विशेष समय…

Dev Uthni Gyaras Ka Mahattw || देव उठनी एकादशी महत्तव

Dev Uthni Gyaras Ka Mahattw, देव उठनी एकादशी महत्तव,  क्या करे प्रबोधिनी एकादशी को सफलता के लिए.
एक ऐसा दिन जिसका हिन्दुओ के लिए बहुत अधिक महत्तव है और वो दिन हैं कार्तिक शुक्ल पक्ष की ग्यारस. इस दिन को प्रबोधिनी एकादशी या फिर देव उठनी ग्यारस भी कहा जाता है. भारत में इस दिन को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है.
ऐसा माना जाता है की भगवान् विष्णु आशाद शुक्ल पक्ष की ग्यारस को क्षीर सागर में विश्राम करने चले जाते हैं और 4 महीने बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की ग्यारस को उठते हैं इसी लिए इस दिन को देव उतनी ग्यारस कहा जाता है. जब विष्णुजी सोते है तो उस समय विवाह आदि शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं और देव उठनी ग्यारस से विवाह आदि के महूरत फिर से शुरू हो जाते हैं.
प्रबोधिनी एकादशी को तुलसी विवाह का भी प्रचलन है जो की विवाह के शुरू होने के संकेत है. अलग अलग प्रान्त में अलग अलग तरीके के रीती रिवाज देखने को मिलते हैं. पढ़िए तुलसी पूजा का महत्त्व . आइये जानते है किस प्रकार आसानी से देव उठनी ग्यारस को पूजन कर सकते हैं :इस दिन जल्दी उठके दैनिक कार्यो से मुक्त हो जाना चाहिए.अगर कोई पवित्र नदी के आस प…

Tulsi Pooja Ka Mahattw

तुलसी पूजा का महत्त्व, कैसे प्राप्त करे सफलता तुलसी पूजा से, Dev uthni gyaras ko tulsi viavah ka maahttw, jyotishiy salaah.

तुलसी विवाह भारत में बहुत ही उत्साह से किया जाता है और ये पूजा देव उठनी एकादशी को किया जाता है कार्तिक महीने में. देव उठनी एकादशी के बाद शुभ कार्यो जैसे विवाह आदि की शुरुआत हो जाती है. ऐसी मान्यता है की देव उठनी एकादशी को भगवान् अपनी योग निद्रा से जागते ४ महीने बाद. पढ़िए देवउठनी ग्यारस का महत्त्व. ये दिन दिवाली जैसे ही मनाई जाती है. अगर कोई दिवाली पर पूजा नहीं कर पाया है तो वो देवउठनी एकादशी को भी पूजा करके सम्पन्नता को आकर्षित कर सकते हैं.

भगवान् विष्णु और तुलसी जी का सम्बन्ध दिव्य है और विचित्र भी. तुलसी का पूजन भारत में हर जगह किया जाता है. तुलसी का एक नाम “वृंदा” भी है. आइये जानते हैं तुलसी और शालिग्राम के पीछे की कहानी : ऐसा कहा जाता है की तुलसी का विवाह एक जालंधर नाम के राक्षस से हुआ था और तुलसी के तप के प्रभाव से कोई भी जालंधर को हरा नहीं पा रहा था. इसी के समाधान के लिए देवतागण भगवान् विष्णु के पास गए और प्रार्थना की. तब भगवान् विष्णु ने तुलसी के पति का रू…

Awla Navmi Ka Jyotish Mahattw

Akshay navmi ka mahttw, क्या करे अक्षय नवमी को सफलता के लिए?, आसान पूजा विधि, आंवला नवमी, आंवला वृक्ष पूजन, Amla Navami.
धन, पारिवारिक सुख, स्वास्थ्य, मुसीबतों से छुटकारे के लिए ख़ास है अक्षय नवमी. कार्तिक का महिना ज्योतिष के हिसाब से बहुत महत्त्व रखता है, धन सम्बन्धी क्रियाओं के साथ ही जीवन को सफल बनाने के लिए पूजा पाठ के लिए कार्तिक मास का बहुत महत्त्व है. कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष के नवमी तिथि को बहुत ही ख़ास पूजा होती है और ये पूजा आंवला के वृक्ष की होती है, इसीलिए इस दिन को आंवला नवमी भी कहा जाता है, यही दिन अक्षय नवमी के नाम से भी जाना जाता है.  मान्यता के अनुसार अक्षय नवमी से लेके कार्तिक पूर्णिमा तक विष्णु जी का वास आंवला के पेड़ पर होता है इसी कारण लोग इन दिनों आंवले के पेड़ के साथ विष्णु जी की पूजा करते हैं. आइये जानते हैं अक्षय नवमी से जुड़ी कुछ रोचक बातें:इस दिन आंवले के पेड़ की विशेष पूजा की जाती है.इस दिन किया हुआ दान, पुण्य अक्षय रहता है अर्थात इस दिन अगर आप कोई पूजा करते हैं , दान करते हैं तो उसका फल हमेशा प्राप्त होता रहता है.इस दिन विष्णु जी की पूजा भी आंवले के पेड़ के निच…

Akasmik Dhan Prapti Yoga Jyotish Mai

Akasmik Dhan Prapti Yoga Jyotish Mai, कुंडली में कुछ योग जो बनाते हैं धनवान, जानिए कौन से ग्रह बनायेंगे करोड़पति.  धन की आवश्यकता सभी को होती है और इसके लिए हम सभी मेहनत करते रहते हैं, परन्तु भाग्य से भी कभी कभी आकस्मिक धन प्राप्ति संभव है जिसे ज्योतिष के माध्यम से जाना जा सकता है. हमने ऐसा बहुत सुना है और देखा भी होगा की किसी को चलते चलते सोना मिला, किसी को लाटरी खुल गई, किसी को किसी ने उपहार स्वरुप संपत्ति दे दी या किसी को खुदाई करते हुए गड़ा धन प्राप्त हुआ, आदि | ये तभी होता है जब कुंडली में आकस्मिक धन प्राप्ति योग हो.  कुंडली या जन्म पत्रिका में ग्रह विभिन्न भावो में बैठते हैं अलग अलग राशियों के साथ और विभिन्न प्रकार के योगो का निर्माण करते हैं. कुछ योग आकस्मिक धन प्राप्ति करवाने में सहायता करते हैं. आइये जानते हैं की आकस्मिक धन प्राप्ति में क्या क्या आ सकता है? अगर भाग्य में अचानक से धन लाभ या संपत्ति लाभ हो तो जातक को गुप्त धन की प्राप्ति हो सकती है, लोटरी लग सकती है, स्कालरशिप मिल सकती है, कोई वसीयत नाम कर सकता है, कोई भेंट में संपत्ति या धन दे सकता है आदि. आइये जानते हैं की अचान…

Chat Puja Ka Mahattwa In Hindi

छट पूजा का महत्त्व हिंदी में, कैसे करे छट पूजा आसानी से, सफलता के लिए क्या करे, आइये जाने छट पूजा के पीछे की कहानी. छट पूजा को सूर्य षष्ठी , छटी पूजा , डाला छट  के नाम से भी जाना जाता है. ये पूजा भगवान् सूर्य के प्रति अपना आभार दर्शाने के लिए किया जाता है क्यूंकि वो प्रत्यक्ष रूप से हमे बहुत कुछ प्रदान कर रहे हैं. ऐसी भी मान्यता है की छट पूजा के दिन छटी माता भी भक्तो को आशीर्वाद प्रदान करती है. ये पूजा भी एक उत्सव के रूप में भारत में मनाया जाता है और एक महत्त्वपूर्ण पूजा है. ये पूजा विशेषकर उत्तर भारत में बहुत मान्य है. उत्तर प्रदेश, बिहार में तो ये उत्सव बहुत ज्यादा महत्त्व रखता है और पूरा परिवार बड़े हर्षोल्लास से इस उत्सव को मनाता है. इस पूजा को सूर्योदय और सूर्यास्त के समय किया जाता है. लोग पवित्र नदी, जल आदि में स्नान करके व्रत रखते हैं और पूजा के बाद प्रसाद वितरण करते हैं.

छट पूजा से सम्बंधित बहुत सी कहानियाँ है. एक महाभारत काल की है. ऐसा कहा जाता है की पांडवो की माता कुंती ने षष्ठी तिथि के दिन मंत्रो से सूर्य देव का आवाहन किया था और भगवान् सूर्य ने उन्हें पुत्र कर्ण आशीर्वाद के …

Kartik Mahine Ka Mahattwa

Kartik mahina importance in hindi, kya kare safal jeene ke liye kartik mahine main, jivan ko sukhi banaane ke liye salaah, kartik poornima ka mahatwa, kiski puja kare kartik mai, dhan prapti upaay. अगर आप वित्तीय समस्या से ग्रस्त है, अगर आप महालाक्स्मीजी को प्रसन्न करना चाहते है, अगर आप धन प्राप्ति साधना करना चाहते है तो कार्तिक महीने से ज्यादा शक्तिशाली कोई और महिना नहीं है.

वैदिक ज्योतिष के हिसाब से कार्तिक महिना धन प्राप्ति साधना हेतु उत्तम है और जो भी साधक पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से इस महीने में पूजा करता है उसे निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है.

जिन लोगो को कार्तिक महीने की महत्ता मालूम है वो एक दिन भी व्यर्थ नहीं गवाते हैं.

कार्तिक महीने का महत्तव इसीलिए भी बढ़ जाता है की इसी महीने में धन तेरस, करवा चोट, दिवाली और अन्य मुख्या त्यौहार आते हैं. अतः हमे उचित माहोल और समय मिलता है जब हम विशेष साधनाओ द्वारा अपने जीवन को धन और धान्य से पूर्ण कर सकते हैं.  आइये जानते हैं कार्तिक स्नान का महत्व :Kartik mahina importance in hindi, kya kare safal jeene ke liye kartik mahine main, jivan ko …

Chitra Gupt Pooja Ka Mahatwa,चित्रगुप्त पूजा का महत्तव

Chitra Gupt Pooja Ka Mahatwa, चित्रगुप्त पूजा का महत्तव, चित्रगुप्तजी का परिवार क्यों करते है कायस्थ इनकी पूजा, क्या फायदे हो सकते हैं चित्रगुप्तजी को पूजने के, जानिए चित्रगुप्त जी का मंत्र.

हर साल कार्तिक महीने में दिवाली के बाद चित्रगुप्त की पूजा का दिन आता है और कायस्थ लोग तो इनकी पूजा जरुर करते हैं. इस दिन कलम दवात के साथ कॉपी की पूजा का महत्तव है.
अब ये एक प्रश्न जहन में आता है की कौन है चित्रगुप्त जी और इनकी पूजा क्यों करे. आइये जानते हैं कुछ इनके बारे में , हालांकि दुसरे लेख में इस विषय पर प्रकाश डाला गया है, उसे भी जरुर पढ़े. भारतीय शाश्त्रो के अनुसार चित्रगुप्तजी हिन्दुओ के देवता है जो की हर व्यक्ति के कर्मो का हिसाब किताब रखते हैं. जब जीवात्मा शारीर छोडती हैं तो यही ये निर्णय करते हैं की जीवात्मा को कहा भेजना है स्वर्ग में या नरक में. इनको “धर्म राज ” के नाम से भी जाना जाता है. यमराज जी को की मृत्यु के देवता है , वो भी इन्ही के अग्याओ का पालन करते हैं.  हम ये देखते हैं की कायस्थ लोग चित्रगुप्त जी की पूजा अवश्य करते हैं वो इसीलिए की कायस्थ लोग इन्ही की संतान है ऐसी मान्यता है.…

Kartik Mahine Mai Kya kare Safalta Ke liye

Kartik Mahine Mai Kya kare Safalta Ke liye, laxmi prapti ke liye totke in hindi, dhan prapti ke liye prayog, kartik mahine ke liye pujaaye jo dilayengi safaltaa.

जैसा की आपको पहले के लेख में बताया की धन प्राप्ति और लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त करने के लिए कार्तिक महिना सर्वोत्तम है. साधकगण विशेष पूजाओ द्वारा अपनी इच्छाओं की पूर्ति करते हैं. इस लेख में आप जान पायेंगे कुछ ऐसे टोटके जिनके द्वारा आप जीवन को सफल बना सकते हैं.  कार्तिक महीने में सफलता के लिए टोटके: अगर आप महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करना चाहते है तो श्रीं बीज का जप सुबह और शाम को करना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. रोज प्रातः और शाम को दीपक में लौंग डालके जालाये और फिर श्री सूक्त का पाठ करे, इससे भी धन प्राप्ति के रास्ते खुलते हैं.एक तुलसी का पौधा लगाए और भक्ति से उनकी सेवा करे, इससे सुख, समृद्धि आती है परिवार में. आप तुलसी का पौधा दूसरों को उपहार में भी दे सकते हैं. एक विशेष मंत्र है “ॐ क्लिं कृष्णाय नमः ”. इस मंत्र की सतत साधना से सम्मोहन शक्ति की प्राप्ति होती है जिससे व्यक्ति इच्छित फल को प्राप्त कर सकता है. इसके लिए जरु…

Govardhan Pooja Ka Mahattw In Hindi

गोवर्धन पूजा का महत्त्व, जानिए क्या कहानी है गोवर्धन पूजा से सम्बंधित, कैसे गांवो में गोवर्धन पूजा मनाया जाता है. दिवाली का दूसरा दिन बहुत ही महत्त्वपूर्ण है क्यूंकि इस दिन गोवर्धन पूजा होती है विशेषकर गांवो में तो बहुत ही उत्साह का वातावरण रहता है. इस पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है. आइये जानते है कौन सी कहानी छुपी है गोवर्धन पूजा के पीछे: वास्तव में गोवर्धन पूजा भगवान् कृष्ण की प्रकृति की देखभाल करने को लेकर शिक्षा के याद में मनाया जाता है. एक बार की बात है स्वर्ग के राजा इंद्रा को घमंड हो गया था तो भगवान् कृष्ण ने उनके घमंड को तोड़ने का सोचा. उन्होने लोगो से कहा की हमे गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्यूंकि यही हमे प्राकृतिक आपदा के समय बचाता है. लोगो ने ऐसा ही करना शुरू कर दिया.
इसे देखकर इंद्रा को गुस्सा आ गया और उन्होंने भरी तूफ़ान और बारिश शुरू करवा दी लोगो को सजा देने के लिए. लोगो को और पशुओ को बचाने के लिए भगवान् कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका ऊँगली में उठा लिया. इंद्र के सारे प्रयास विफल हो गए और उनका घमंड भी टूट गया. उस दिन से लोग इस दिन को बड़े उत्…

Deepawali Ki Pooja Kab Kare?

दीपावली पूजा का समय, कब करे महालक्ष्मी की पूजा, जानिए अच्छे चोघडिये और स्थिर लग्न का समय ज्योतिष के हिसाब से दिवाली पूजन के लिए.
दीपोत्सव बहुत ही ख़ास होता है हर हिन्दू के लिए क्यूंकि इस दिन विशेष रूप से धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा होती है जो की अपने भक्तो को प्रसन्न होने पर धन, वैभव प्रदान करती है जिससे व्यक्ति इस भौतिक संसार में ऐशो आराम से जीता है. 
दिवाली प्रकाश का उत्सव है और ये कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाता है. भारतीय लोग इस उत्सव को बहुत ही हर्ष और उल्लास से मनाते हैं पूरी दुनिया में. 
हर व्यक्ति के लिए धन बहुत महत्त्व रखता है और इसी कारण रोज हर कोई धन पाने के लिए संघर्ष करता रहता है. दिवाली पर पूजन करने से माता की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति के आय के स्त्रोत खुलते हैं.

कब करे दीपावली की पूजा ? सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न ये है की वैदिक ज्योतिष के हिसाबस इ कब करना चाहिए लाक्स्मीजी का पूजन जिससे शुभ परिणाम प्राप्त हो और मनोकामना की पूर्ति हो.
अलग अलग लोगो की ईच्छा अलग अलग होती है और उसी के अनुसार अलग अलग महूरत भी होते हैं, जिनको जो चाहिए उस हिसाब से महूरत में पूजन करन…

Siddha Mantro Dwara Dur Kare Durbhagya

सिद्ध मंत्रो द्वारा दूर करे दुर्भाग्य, जानिए जीवन के समस्याओ को दूर करने के मंत्र और विधि, नवरात्री मे दूर करे दूर करे दुर्भाग्य. सुरक्षा के लिए मंत्र प्रयोग बहुत ही शक्तिशाली साधन हैं. नवरात्री सबसे अच्छे दिन होते हैं जब हम मंत्रो को चैतन्य कर सकते हैं और सफलता के लिए साधना कर सकते हैं. बहुत से लोगो ने सुरक्षा से सम्बंधित प्रयोगों के लिए लिखा है अतः इस लेख में मैं आपके सामने उन शक्ति शाली मंत्रो का उल्लेख कर रहा हूँ जिनके प्रयोग से सुरक्षा की जाती है और जीवन को सफल बनाया जाता है.  जानिए कुछ अच्छे मंत्रो को सुरक्षा और सफलता के लिए: १.
नकारात्मक शक्तियों से घर को बचाने के लिए मंत्र:  “ॐ शं शं शिं शिं शुं शूं शें शैं शों शौं शं शः स्वः सं स्वाहा |”  विधि : इस प्रयोग को करने से पहले पलाश की ४ लकड़ी के टुकड़े ले और उन्हें पूजा मे रख दे साफ़ करके. फिर मंत्र को १००० बार जपे और लकडियो पर जप करके उन्हें घर के ४ कोनो में गाड़ दे. इससे घर में कोई नकारात्मक उर्जा नहीं घुस पायेगा. नवरात्री मे ये प्रयोग जरुर सफल होगा.  २.
क्रोध कम करने का मंत्र साथ ही सम्पन्नता लाने का मंत्र: “ॐ नमः शांते प्रशांते ॐ ह्…

Kala Jadu Se Surksha Ke liye Diwali ki Raatri

क्या दिवाली में अपने आपको बचाया जा सकता है काले जादू से, क्यों दिवाली की रात्री बहुत शक्तिशाली मानी जाती है, कैसे बचाए अपने आपको नकारात्मक उर्जाओं से दिवाली की रात्री को. भारत में दिवाली का अपना उल्लास रहता है, बच्चे, बुजुर्ग, जवान सभी इस त्यौहार का आनंद लेते हैं मिलके. ये वो समय होता है जब समृद्धि हेतु कई शक्तिशाली प्रयोग किये जाते हैं, लोग नए वस्त्र, आभूषण खरीदते हैं, बच्चे आतिशबाजी का आनंद लेते है. ये त्यौहार सभी के लिए कुछ न कुछ ख़ुशी लेके आता है.  इसके अलावा दिवाली तंत्र, मंत्र यन्त्र सिद्धी के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है इसी वजह से साधक इस रात्री को साधना में रत रहते हैं. हर विद्या का सही और गलत दोनों पक्ष होते हैं और यही कारण है की जहा दिवाली में शुभता, सम्पन्नता के लिए पूजाए की जाती है वही नकारात्मक विचारों से ग्रस्त लोग नुक्सान पहुचाने के लिए भी कई प्रकार के प्रयोग को अंजाम देते हैं. 
पढ़िए क्या है काला जादू ?

अतः ये जरुरी है की हम सावधान रहे और सुरक्षित रूप से इस त्यौहार को मनाये. दिवाली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है जब चन्द्रमा पूर्ण रूप से क्षीण रहता है. शाश्त्रो के हि…

Diwali Pooja Kaise Kare दिवाली पूजा

Diwali Pooja Kaise Kare,  दिवाली पूजा कैसे करे आसानी से, लक्ष्मी जी को कैसे प्रसन्न करे पूजा से.
दिवाली प्रकाश का त्यौहार होता है, दीपावली माँ लक्ष्मी की पूजा का दिन होता है, इस दिन लोग संपन्न जीवन जीने की कामना से पूजा करते हैं. दिवाली पूजन के बहुत से तरीके प्रसिद्द है , अलग अलग प्रान्त में अलग अलग तरीके मौजूद हैं माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए. जाती के हिसाब से भी दिवाली पूजन के तरीको में बदलाव दिखाई पड़ता है. 
दीपावली भारत देश का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण त्यौहार है, हर भारतीय को इस त्यौहार का इन्तेजार पुरे साल होता है. बच्चे तो खास तौर पर इस त्यौहार का इन्तेजार करते हैं क्यूंकि उनको पठाके चलाने को मिलते हैं. ऐसी भी मान्यता है की दिवाली की रात्रि को माँ लक्ष्मी भक्तो के घर आकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं. 
आगे कुछ और जानने से पहले आइये कुछ और खास बाते जानते हैं दिवाली के बारे में –
दिवाली अमावस्या को मनाई जाती है.हिन्दू पंचांग के अनुसार इस रात्रि को अमावस्या होती है अतः चन्द्रमा उदित नहीं होता है.ये रात्रि साल की सबसे गहरी रात्रि होती है.तंत्र के अन्दर अमावस्या का बहुत महत्तव होता है स…

Diwali Tantra दिवाली तंत्र

Diwali Tantra | दिवाली तंत्र, दिवाली टोटके , जीवन में सफलता के लिए दिवाली तंत्र, छोटे – छोटे उपाय जो बदल सकती है जिन्दगी . पिछले कुछ लेखो में देवाली के महत्तव पर प्रकाश डाला गया था , ये भी बताया गया था की कैसे करे दीपावली पूजा आसानी से, ये भी बताया गया है की दिवाली की रात्री तंत्र क्रियाओं के लिए भी बहुत उपयुक्त है. परन्तु तांत्रिक पूजाए साधारण लोग के लिए नहीं है.  इसके बावजूद ऐसे बहुत से तरीके हैं जिनसे आसानी से स्वस्थ्य और सम्पन्नता को आकर्षित कर सकते हैं जीवन में, ऐसे उपायों को टोटके बोलते हैं.

दिवाली के दिन बहुत से कार्यो के लिए टोटके किये जा सकते हैं जैसे –दिवाली को हम स्वास्थ्य, सम्पन्नता के लिए टोटके कर सकते हैं.दीपावली को हम काले जादू से छुटकारे के लिए टोटके कर सकते हैं.दिवाली को हम बुरी नजर से बचाव के उपाय कर सकते हैं.जीवन में प्रेम के लिए भी पूजाए कर सकते हैं.व्यापार वृद्धि के लिए भी टोटके किये जा सकते हैं.विवाह में आने वाले अडचनों को हटाने के लिए भी टोटके किये जा सकते हैं.वास्तु दोषों को हटाने के लिए भी पूजाए की जा सकती हैं.ग्रह दोषों की शांति के लिए भी प्रयोग हो सकते हैं. …

Dhanteras Ki Pooja Ka Asan Tarika, धनतेरस पूजा

Dhanteras Ki Pooja Ka Asan Tarika, धनतेरस पूजा, धनतेरस पूजा आसान विधि, धन तेरस की पूजा से लाभ. कार्तिक का महिना वैदिक ज्योतिष के हिसाब से बहुत महत्तव रखता है, इस महीने में बहुत से महत्त्वपूर्ण त्यौहार आते हैं और साधना के लिए भी ये उपयुक्त समय होता है. कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष के तेरहवे दिन धन तेरस नाम का त्यौहार भारत में मनाया जाता है. ये पूजा दिवाली के २ दिन पहले होती है.

धन तेरस के दिन महत्त्वपूर्ण चीजे खरीदने का रिवाज है, सोना- चंडी के जेवर आदि खरीदने का रिवाज है. वास्तव में धन तेरस के दिन से आने वाले पांच दिन बहुत ही महत्त्वपूर्ण होते हैं. इसके ठीक दुसरे दिन नरक चतुर्दशी मनाई जाती है जिस दिन लोग विशेष तौर पर सफाई करके माँ लक्ष्मी को आमंत्रित करते हैं. नरक चतुर्दशी के बाद दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है, उसके बाद गोवेर्धन पूजा होती है और उसके बाद भाई दोज मनाया जाता है. अतः धन तेरस के दिन से लोग व्यस्त हो जाते हैं विभिन्न प्रकार के कर्म कांडो में.

धन तेरस के दिन साधारणतः लोग घर में उपयोग में आने वाले बर्तन, सोना चांदी के जेवर, आदि खरीदते हैं. एक और परंपरा के अनुसार इस दिन धन के र…